भारत में Telegram को लगा झटका, कोर्ट ने बैन हटाने से किया इनकार

दुबई में हेडक्वार्टर रखने वाली इस कंपनी ने कोर्ट को बताया कि उसने लीक की गई परीक्षा की सामग्री से जुड़े 900 से अधिक लिंक्स को हटा दिया है

भारत में Telegram को लगा झटका, कोर्ट ने बैन हटाने से किया इनकार

Photo Credit: Unsplash/ Eyetetix Studio

सरकार ने NEET की 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा से पहले यह रोक लगाई है

ख़ास बातें
  • दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम की बैन हटाने की याचिका को खारिज किया है
  • केंद्र सरकार ने NEET की दोबारा परीक्षा से पहले यह बैन लगाया है
  • टेलीग्राम पर गैर कानूनी कंटेंट के सर्कुलेशन का आरोप है
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भारत में मैसेजिंग ऐप Telegram को केंद्र सरकार की ओर से लगाए गए अस्थायी बैन से राहत नहीं मिलेगी। दिल्ली हाई कोर्ट ने NEET की दोबारा परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी बैन लगाने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया। 

टेलीग्राम की ओर से से इस ऐप का एक्सेस ब्लॉक करने के ऑर्डर को दी गई चुनौती को खारिज करते हुए जस्टिस Tejas Karia ने इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के सेक्शन 69A के तहत सरकार की ओर से अपनाई गई प्रक्रिया पर सहमति जताई। टेलीग्राम की दलील थी कि सरकार ने इस रोक के लिए पर्याप्त कारण नहीं बताए हैं। हालांकि, इस दलील को भी कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। NEET की 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा से पहले परीक्षा से जुड़ी लीक की गई सामग्री के सर्कुलेशन पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने इस मैसेजिंग ऐप पर यह अस्थायी रोक लगाई है। 

हालांकि, टेलीग्राम का कहना था कि उसने  NEET से जुड़े गैर कानूनी कंटेंट के सर्कुलेशन को रोकने के लिए पर्याप्त उपाय किए हैं। दुबई में हेडक्वार्टर रखने वाली इस कंपनी ने कोर्ट को बताया कि उसने लीक की गई परीक्षा की सामग्री से जुड़े 900 से अधिक लिंक्स को हटा दिया है। इसके अलावा इस तरह के कंटेंट की पहचान करने और उसे हटाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग सिस्टम्स का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। इस पर कोर्ट का कहना था कि केंद्र सरकार के पास जरूरत पड़ने पर सेक्शन 69A के तहत किसी प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने का अधिकार है। 

इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि अस्थायी रोक लगाना न्यूनतम प्रतिबंध है। केंद्र सरकार ने टेलीग्राम पर यह रोक 22 जून को NEET की परीक्षा के एक दिन बाद तक के लिए लगाई है। इससे पहले हुई सुनवाई मे्ं सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने कोर्ट को बताया था कि टेलीग्राम के बॉट वाले सिस्टम से बड़े स्तर पर मैसेजेज को डिस्ट्रीब्यूट किया जा सकता है और इसकी निगरानी करना मुश्किल है। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने 16 जून को टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाई थी। मिनिस्ट्री का दावा था कि इस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का लीक कि गए परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्रों को डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। 
 

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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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