हाल ही में BSNL के वर्कर्स ने प्रधानमंत्री Narendra Modi से कंपनी की मदद करने का निवेदन किया था। BSNL की एंप्लॉयी यूनियंस ने प्रधानमंत्री मोदी से सभी सरकारी कार्यालयों और सरकारी कंपनियों को कंपनी की 4G सर्विसेज का अनिवार्य तौर पर इस्तेमाल करने का निर्देश देने की गुहार लगाई थी। इन एंप्लॉयी यूनियंस का कहना है कि इस तरह के निर्देश से राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी और कंपनी को वित्तीय मदद मिल सकेगी।
पिछले सप्ताह दो भारतीय जहाजों पर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पार करने की कोशिश में ईरान के सुरक्षा बलों ने फायरिंग की थी। इसके बाद इन जहाजों को वापस लौटना पड़ा था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि पिछले सप्ताह हुई यह घटना क्रिप्टो स्कैम से जुड़ी है। इन रिपोर्ट्स में बताया गया था कि होर्मुज से निकलने के लिए स्कैमर्स ने जहाजों के मालिकों को क्रिप्टो में भुगतान करने को कहा था।
केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन में आधार ऐप को पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य बनाने की योजना को रद्द कर दिया है। UIDAI के मुताबिक, इस प्रस्ताव की समीक्षा आईटी मंत्रालय ने की और इसे लागू न करने का फैसला लिया गया। इस योजना के तहत हर स्मार्टफोन में आधार ऐप पहले से मौजूद होता, लेकिन मोबाइल कंपनियों ने लागत, सुरक्षा और ग्लोबल कम्पैटिबिलिटी को लेकर चिंता जताई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple और Samsung जैसी कंपनियों ने इसका विरोध किया था। अब यूजर्स को जरूरत पड़ने पर आधार ऐप खुद डाउनलोड करना होगा और यह अनिवार्य नहीं रहेगा।
दिल्ली सरकार ने Electric Vehicle Policy 2026-2030 का ड्राफ्ट जारी किया है, जिसमें EV अपनाने को बढ़ावा देने के लिए कई प्रस्ताव शामिल हैं। इस पॉलिसी में पेट्रोल-डीजल वाहनों को धीरे-धीरे कम करने, EV खरीद पर सब्सिडी देने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की योजना है। 2026 से कुछ सेगमेंट्स में ICE वाहनों पर रोक लगाने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा रोड टैक्स छूट और स्क्रैपेज इंसेंटिव जैसे फायदे भी दिए जा सकते हैं।
भूटान के पास इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी का रिजर्व घटकर 3,774 बिटकॉइन का रह गया है। इस बिटकॉइन रिजर्व की वैल्यू लगभग 27 करोड़ डॉलर की है। पिछले कुछ दिनों में ही भूटान ने 1.2 करोड़ डॉलर के बिटकॉइन की बिक्री की है। इसके अलावा बिटकॉइन माइनिंग से मिलने वाले रेवेन्यू में भी कमी हुई है। पिछले वर्ष भूटान ने क्रिप्टो पेमेंट सिस्टम को लॉन्च करने की घोषणा की थी।
BSNL की एंप्लॉयी यूनियंस का कहना है कि इस तरह के निर्देश से राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी और कंपनी को वित्तीय मदद मिल सकेगी। इसके साथ ही यह कदम सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। देश के कई क्षेत्रों में कंपनी ने 4G नेटवर्क को शुरू किया है। BSNL के 4G नेटवर्क का डिजाइन क्लाउड-बेस्ड है, जिसे 5G नेटवर्क पर भी अपग्रेड किया जा सकता है।
Census 2027 को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं और पहले फेज में पूछे जाने वाले 33 सवालों की लिस्ट सामने आ गई है। इस चरण में घर, सुविधाओं और परिवार से जुड़ी बेसिक जानकारी ली जाएगी। साथ ही इस बार self-enumeration की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे लोग खुद ऑनलाइन जानकारी भर सकेंगे। हालांकि, जनगणना के दौरान फ्रॉड का खतरा भी बढ़ सकता है, जहां ठग फर्जी कॉल या लिंक के जरिए जानकारी निकालने की कोशिश करते हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग असली प्रक्रिया को समझें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि से सतर्क रहें।
भारत की Census 2027 पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें self-enumeration का नया फीचर जोड़ा गया है। इसके जरिए नागरिक खुद ऑनलाइन अपनी फैमिली और पर्सनल डिटेल्स भर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया तेज और सटीक बनती है। यह सुविधा अप्रैल 2026 से Phase I के तहत अलग-अलग राज्यों में शुरू होगी। जनगणना दो चरणों में होगी, जिसमें पहले घर और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी और दूसरे चरण में व्यक्ति से जुड़ी डिटेल्स ली जाएंगी। सरकार के मुताबिक सभी डेटा सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड रहेगा।
केंद्र सरकार ने अपने आधिकारिक ईमेल सिस्टम को अपग्रेड करते हुए करीब 16.68 लाख ईमेल अकाउंट्स को Zoho के क्लाउड-बेस्ड प्लेटफॉर्म पर माइग्रेट कर दिया है। MeitY के मुताबिक इस प्रक्रिया पर अब तक 180.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह माइग्रेशन NIC के जरिए किया गया और इसका उद्देश्य एक सुरक्षित और sovereign ईमेल सिस्टम तैयार करना है, जिसमें डेटा का पूरा नियंत्रण सरकार के पास रहे। प्रति यूजर ईमेल अकाउंट की लागत 170 से 300 रुपये प्रति माह के बीच है, जो स्टोरेज कैपेसिटी पर निर्भर करती है।
पश्चिम एशिया में संकट का असर भारत से स्मार्टफोन्स के एक्सपोर्ट पर हो सकता है। देश से स्मार्टफोन्स के एक्सपोर्ट में लगभग 25 प्रतिशत की कमी होने का अनुमान है। कुछ देशों के वायु क्षेत्र में विमानों की उड़ान पर रोक और अन्य पाबंदियों से एक्सपोर्ट में कमी हो रही है। भारत में असेंबल होने वाले स्मार्टफोन्स के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) एक बड़ा मार्केट है।
इंडोनेशिया में YouTube, TikTok, Instagram, Facebook, X और गेमिंग प्लेटफॉर्म Roblox सहित बहुत से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के एकाउंट्स पर रोक लगाई गई है। इन प्लेटफॉर्म्स को 16 वर्ष से कम आयु के यूजर्स का एक्सेस बंद करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, कुछ कम रिस्क वाले प्लेटफॉर्म्स को इस बैन से बाहर रखा गया है।
पिछले वर्ष 1 अक्टूबर से प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट को लागू किया गया था। इसके बाद Dream11 और MPL जैसी बहुत सी ऑनलाइन गेमिंग फर्मों को अपना बिजनेस समेटना पड़ा था। ऑनलाइन गेमिंग पर बैन लगने के बाद गैर कानूनी फैंटेसी और बेटिंग ऐप्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। IPL पर सट्टा लगाने वालों को विदेश से ऑपरेट होने वाली गैर कानूनी फैंटेसी और बेटिंग ऐप्स के जरिए दांव लगाने का मौका मिल रहा है।
केंद्र सरकार ने मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर के लिए तीन नए इनिशिएटिव लॉन्च किए हैं, जिनमें AI स्किलिंग प्रोग्राम, MyWAVES प्लेटफॉर्म और DD Free Dish के लिए बिना सेट-टॉप बॉक्स एक्सेस शामिल है। Google और YouTube के साथ मिलकर शुरू किया गया AI प्रोग्राम लोगों को नई तकनीक सिखाने पर फोकस करेगा। वहीं MyWAVES एक यूजर जनरेटेड कंटेंट प्लेटफॉर्म है, जहां क्रिएटर्स अपने वीडियो अपलोड कर सकेंगे। इसके अलावा DD Free Dish के नए फीचर से ज्यादा लोगों को टीवी सेवाओं तक पहुंच मिल सकेगी, खासकर दूरदराज के इलाकों में।
यह अभियान रियल मनी कार्ड और कैसिनो गेमिंग ऐप्स के साथ ही सट्टा और मटका नेटवर्क्स से जुड़े प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ चलाया गया है। इस वर्ष की शुरुआत में सरकार ने 242 गैर कानूनी गैंबलिंग और बेटिंग वेबसाइट्स को ब्लॉक किया था। इससे पहले गेमिंग की आड़ में सट्टे को चलाने वाली बहुत सी वेबसाइट्स को भी बंद किया गया था।
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार ने Apple, Samsung और Google जैसी कंपनियों से Aadhaar ऐप को स्मार्टफोन्स में पहले से इंस्टॉल करने का प्रस्ताव दिया था। सरकार का मानना था कि इससे यूजर्स को बेहतर एक्सेस मिलेगा, लेकिन इंडस्ट्री बॉडी MAIT और कई कंपनियों ने इसका विरोध किया। उनका कहना है कि इससे प्रोडक्शन लागत बढ़ेगी और यूजर एक्सपीरियंस पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कंपनियों ने सिक्योरिटी और प्राइवेसी को लेकर भी चिंता जताई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रस्ताव आगे बढ़ेगा या नहीं।