Telegram Ban

Telegram Ban - ख़बरें

  • भारत में Telegram को लगा झटका, कोर्ट ने बैन हटाने से किया इनकार
    टेलीग्राम की दलील थी कि सरकार ने इस रोक के लिए पर्याप्त कारण नहीं बताए हैं। हालांकि, इस दलील को भी कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। NEET की 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा से पहले परीक्षा से जुड़ी लीक की गई सामग्री के सर्कुलेशन पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने इस मैसेजिंग ऐप पर यह अस्थायी रोक लगाई है।
  • Telegram में ऐसा क्या था, जो भारत में ऐप को करना पड़ा ब्लॉक? यहां जानें पूरा मामला
    भारत में Telegram पर लगाए गए अस्थायी बैन के पीछे ऐप का Edit Feature चर्चा में है। NTA के मुताबिक, कुछ लोग Telegram पर पुराने मैसेज को एडिट करके उसमें नई PDF फाइल जोड़ देते थे और बाद में दावा करते थे कि परीक्षा का पेपर पहले ही लीक हो गया था। एजेंसी का कहना है कि इस तरीके का इस्तेमाल फर्जी पेपर लीक स्कैम में किया गया। वहीं Telegram CEO Pavel Durov ने बैन की आलोचना करते हुए कहा कि कंपनी "edited" लेबल को और ज्यादा स्पष्ट बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि Telegram ने ऐसे कई चैनलों पर कार्रवाई की है।
  • Telegram Ban पर भड़के उसके मालिक, बोले- 15 करोड़ यूजर्स को सजा देकर नहीं रुकेगा पेपर लीक!
    NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले भारत सरकार ने Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह रोक 22 जून तक लागू रहेगी। NTA का कहना है कि यह कदम पेपर लीक से जुड़ी अफवाहों और फर्जी संदेशों को रोकने के लिए उठाया गया है। इस बीच Telegram के संस्थापक और CEO Pavel Durov ने फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि 15 करोड़ से ज्यादा भारतीय यूजर्स इस बैन से प्रभावित हुए हैं, जबकि असली दोषी दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर चले गए हैं। Durov ने यह भी दावा किया कि Telegram पहले ही ऐसे सैकड़ों चैनल्स पर कार्रवाई कर चुका है जो फर्जी सामग्री फैला रहे थे।
  • Telegram Blocked in India: NEET Exam को लेकर सरकार का एक्शन! Message Editing फीचर भी बंद
    केंद्र सरकार ने NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। NTA के अनुसार कुछ Telegram चैनलों पर कथित पेपर लीक के फर्जी दावे और छात्रों से ठगी के मामले सामने आए थे। इसी को देखते हुए MeitY ने 22 जून तक Telegram की पहुंच सीमित करने और 30 जून तक Message Editing फीचर बंद करने के निर्देश दिए हैं। एजेंसी का दावा है कि कुछ लोग पुराने मैसेज एडिट कर उन्हें पेपर लीक का सबूत बताकर वायरल कर रहे थे। NTA ने छात्रों को केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी है।
  • WhatsApp, Telegram के बाद VPN पर वार, यूजर्स के लिए बढ़ी मुश्किलें!
    रूस में इंटरनेट कंट्रोल को और सख्त करने की तैयारी हो रही है, जहां सरकार अब VPN के इस्तेमाल को कम करने पर फोकस कर रही है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल मंत्री Maksut Shadayev ने कहा है कि VPN यूसेज को सीमित करने की योजना बनाई जा रही है। हाल के महीनों में रूस ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया और मोबाइल इंटरनेट पर भी कई बार रोक लगाई है। सरकार का कहना है कि ये कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी प्लेटफॉर्म्स पर नियंत्रण के लिए जरूरी हैं। हालांकि यूजर्स लगातार नए VPN का इस्तेमाल कर इन प्रतिबंधों को बायपास करने की कोशिश कर रहे हैं।
  • Telegram हो रहा इस देश में बैन, जानें क्या है वजह
    रूस नागरिकों की सुरक्षा के लिए Telegram को बैन कर रहा है। ऐप पर आरोप लगा है कि वह उन कंटेंट को ब्लॉक करने से इनकार कर रहा है जिन्हें आपराधिक और आतंकवादी गतिविधियों वाला माना जाता है। रूस के टेलीकम्युनिकेशन रेगुलटर रोस्कोम्नाडजोर ने कहा कि वह टेलीग्राम मैसेंजर के उपयोग को तब तक बैन रखेगा जब तक यह रूस के कानून का उल्लंघन करना बंद नहीं करेगा।
  • रूस ने Telegram और WhatsApp कॉल्स को किया बैन, जानें वजह
    रूस ने Telegram और WhatsApp पर वॉइस और वीडियो कॉल्स को आंशिक रूप से प्रतिबंधित कर दिया है। देश के टेलीकम्युनिकेशन रेगुलेटर रोसकोमनाडजोर (Roskomnadzor) ने दावा किया कि इन ऐप्स का इस्तेमाल धोखाधड़ी, वसूली और आतंकी एक्टिविटीज में बढ़ रहा है। यह कदम रूस की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत पश्चिमी मैसेंजर सर्विसेज को हटाकर घरेलू ऑप्शन अपनाए जा रहे हैं। हाल ही में सरकार ने मैक्स नाम का स्टेट-डेवलप्ड मैसेंजर लॉन्च किया है, जिसे सरकारी सर्विसेज के साथ इंटीग्रेट किया गया है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि यह प्लेटफॉर्म नागरिकों पर मॉनिटरिंग बढ़ाने का जरिया बन सकता है।

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