Regulations

Regulations - ख़बरें

  • AI कंपनियों के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, “Stop the AI Race” प्रोटेस्ट तेज, जानें क्या है मांग
    San Francisco में “Stop the AI Race” नाम के ग्रुप ने AI कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने Anthropic, OpenAI और xAI के दफ्तरों के बाहर इकट्ठा होकर एडवांस्ड AI डेवलपमेंट पर अस्थायी रोक लगाने की मांग की। उनका कहना है कि फ्रंटियर AI सिस्टम्स भविष्य में गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं। यह प्रदर्शन ऐसे समय पर हुआ है जब अमेरिका में AI रेगुलेशन को लेकर बहस तेज है और व्हाइट हाउस ने हाल ही में AI पॉलिसी के लिए एक फ्रेमवर्क पेश किया है। इस मुद्दे पर टेक एक्सपर्ट्स और नेताओं के बीच भी अलग-अलग राय सामने आ रही है।
  • 16 साल से कम बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन की मांग, इस टेक दिग्गज ने बताया ये क्यों है जरूरी
    Pinterest के CEO Bill Ready ने 16 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए सोशल मीडिया बैन की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चे बिना किसी फिल्टर के सोशल मीडिया एक्सेस कर रहे हैं, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। उन्होंने रिसर्च का हवाला देते हुए बताया कि युवाओं में डिप्रेशन और एंग्जायटी बढ़ रही है। Ready ने ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के कदम की सराहना की और अन्य सरकारों से भी इसी दिशा में कार्रवाई करने की अपील की। इस मुद्दे पर अब वैश्विक स्तर पर बहस तेज हो गई है।
  • SIM बदली तो WhatsApp एक्सेस हो जाएगा बंद? नए फीचर को टेस्ट कर रहा है प्लेटफॉर्म
    WhatsApp भारत में SIM बाइंडिंग फीचर जोड़ने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह बदलाव DoT के नवंबर 2025 के निर्देश के तहत किया जा रहा है, जिसमें मैसेजिंग ऐप्स के लिए SIM आधारित लॉगइन वेरिफिकेशन अनिवार्य करने की बात कही गई है। बीटा वर्जन में दिखे संकेतों के अनुसार WhatsApp समय समय पर यह जांच करेगा कि अकाउंट से जुड़ा SIM फोन में मौजूद है या नहीं। वेरिफिकेशन फेल होने पर ऐप एक्सेस सीमित हो सकता है, हालांकि चैट सुरक्षित रहेंगी।
  • AI से कंटेंट बनाने वाले सावधान! डीपफेक और AI वीडियो पर भारत सरकार की लगाम, यहां पढ़ें नए नियम
    सरकार ने Information Technology Rules में संशोधन कर AI-जनरेटेड कंटेंट को औपचारिक रूप से रेगुलेट किया है। 20 फरवरी से लागू होने वाले IT Rules 2026 के तहत “synthetically generated information” की परिभाषा तय की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अब AI से बने कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना होगा और यूजर्स से इसकी घोषणा भी लेनी होगी। टेकेडाउन और शिकायत निपटान की समयसीमा को काफी कम कर दिया गया है, जिसमें कुछ मामलों में कंटेंट हटाने का समय 2 घंटे तक सीमित किया गया है।
  • बच्चों की ऑनलाइन सेफ्टी के लिए सोशल मीडिया बैन? इस देश ने किया एलान
    स्पेन में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सरकार ने बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए यह प्रस्ताव सामने रखा है, लेकिन फिलहाल इसे कानून के तौर पर लागू नहीं किया गया है। प्रस्ताव के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को सख्त एज-वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस कदम को बच्चों की मानसिक सेहत और डिजिटल सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
  • मोबाइल टावर की जरूरत हो जाती खत्म, लेकिन Elon Musk के सपने पर भारत ने लगाया ब्रेक!
    Starlink को भारत में अपनी एडवांस सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, खासकर Direct-to-Device यानी D2D कनेक्टिविटी के लिए दोबारा रेगुलेटरी अप्रूवल लेना पड़ सकता है। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को IN-SPACe के पास नए फीचर्स के लिए अलग से आवेदन करना होगा। फिलहाल Starlink को सिर्फ Gen 1 कंस्टीलेशन के तहत पारंपरिक सैटेलाइट ब्रॉडबैंड की मंजूरी मिली है। Gen 2 कंस्टीलेशन में शामिल D2D जैसे फीचर्स को भारत में अभी अनुमति नहीं है, क्योंकि इसके लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार नहीं किया गया है।
  • क्रिप्टोकरेंसी कोई फाइनेंशियल एसेट नहीं, सिर्फ कोड का एक पीस हैः RBI ने दी चेतावनी
    RBI के डिप्टी गवर्नर, T Rabi Sankar ने कहा है कि क्रिप्टोकरेंसी वास्तव में एक करेंसी नहीं है क्योंकि इसमें इससे जुड़े फीचर्स नहीं हैं। भारत में क्रिप्टोकरेंसीज के लिए रेगुलेशंस नहीं हैं। Rabi Sankar ने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी सिर्फ कोड का एक पीस है। यह एक फाइनेंशियल एसेट या किसी प्रकार का एसेट नहीं है। उन्होंने बताया कि मनी के मापदंड के तौर पर क्रिप्टो टोकन्स की कोई पात्रता नहीं है।
  • SIM बदला तो WhatsApp बंद, सरकार के इस नियम से जनता नाखुश! जानें सर्वे में क्या पता चला
    WhatsApp और Telegram जैसे मैसेजिंग ऐप्स के लिए प्रस्तावित SIM-बाइंडिंग नियम को लेकर यूजर्स में असहमति बढ़ रही है। LocalCircles के सर्वे में 60% लोगों ने कहा कि यह बदलाव उनकी रोजमर्रा की चैटिंग को मुश्किल बना देगा, खासकर मल्टी-डिवाइस यूजर्स के लिए।
  • बिटकॉइन पर बिकवाली की मार, 90,000 डॉलर से नीचे गिरा प्राइस
    बिटकॉइन का प्राइस घटकर 90,000 डॉलर से कम हो गया। यह सात महीनों का इसका सबसे कम प्राइस है। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि अमेरिका में इंटरेस्ट रेट में कटौती की कम संभावना और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) की ओर से बिकवाली इस गिरावट के पीछे बड़े कारण हैं। Ethereum और XRP जैसी कुछ अन्य क्रिप्टोकरेंसीज के प्राइस भी काफी घटे हैं।
  • Bitcoin में भारी गिरावट, 96,000 डॉलर से कम हुआ प्राइस
    बिटकॉइन ने लगभग 96,000 डॉलर पर छह महीने का निचला लेवल छुआ है। इस वर्ष की पहली छमाही में क्रिप्टो मार्केट में काफी तेजी आई थी। इसके पीछे अमेरिका जैसे देशों में इस सेगमेंट के लिए रेगुलेशंस बनना और इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की ओर से खरीदारी प्रमुख कारण थे। पिछले एक महीने में इनवेस्टर्स ने लगभग 8,15,000 बिटकॉइन बेचे हैं। इसका बड़ा असर क्रिप्टो मार्केट पर पड़ा है।
  • मोबाइल पर दिखेगा कॉल करने वाले का नाम, TrueCaller जैसे ऐप्स की नहीं होगी जरूरत
    देश में CNAP सर्विस को सभी टेलीकॉम सब्सक्राइबर्स के लिए डिफॉल्ट तौर पर लागू किया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति इस सर्विस का इस्तेमाल नहीं करना चाहता तो इसके लिए टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर को निवेदन दिया जा सकता है। इस फीचर के लागू होने के बाद किसी व्यक्ति को कॉल किए जाने पर उसके मोबाइल पर कॉलर का नाम दिखाई देगा।
  • क्रिप्टो ट्रेडिंग में लगातार तीसरे वर्ष भारत को मिली टॉप पोजिशन
    इंटरनेशनल लेवल पर भारत ने क्रिप्टो के इस्तेमाल के लिहाज से लगातार तीसरे वर्ष पहला स्थान हासिल किया है। हालांकि, क्रिप्टो से जुड़ी ट्रेडिंग को लेकर RBI सहित रेगुलेटर्स की ओर से आशंकाएं जताई गई हैं। ब्लॉकचेन डेटा फर्म Chainalysis के इस वर्ष के ग्लोबल क्रिप्टो एडॉप्शन इंडेक्स में भारत को पहला स्थान मिला है। इस रिपोर्ट में 151 देशों में क्रिप्टो के इस्तेमाल का विश्लेषण किया गया है।
  • टीम इंडिया की टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए बिड नहीं दे सकेंगी क्रिप्टो, रियल मनी गेमिंग फर्में, BCCI ने दी जानकारी
    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मंगलवार को बताया है कि टीम इंडिया के लीड स्पॉन्सरशिप राइट्स के लिए क्रिप्टो और रियल मनी गेमिंग से जुड़ी कंपनियों को बिड करने की अनुमति नहीं होगी।पिछले महीने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल को संसद में पारित किया गया था। इस कानून के लागू होने के बाद देश में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर रोक लग जाएगी।
  • Real Money Games क्या हैं? आखिर सरकार ने क्यों लगाया बैन?
    ऑनलाइन गेमिंग में सट्टेबाजी और फाइनेंशियल फ्रॉड से लेकर लत को रोकने के लिए भारत सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा में प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 पास कर दिया है। बिल में रियल मनी गेम्स को बढ़ावा देने या उनका विज्ञापन देने पर 1 करोड़ का जुर्माना या 3 साल की सजा का प्रावधान किया है।
  • क्रिप्टो मार्केट पर इजरायल-ईरान युद्ध की मार, बिटकॉइन का प्राइस 1 प्रतिशत गिरा
    मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin में एक प्रतिशत से अधिक का नुकसान था। इसके अलावा बहुत सी अन्य क्रिप्टोकरेंसीज के प्राइस घटे हैं। इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंज Binance पर लगभग 1,01,200 डॉलर पर था। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ether में एक प्रतिशत की गिरावट थी। Ether का प्राइस लगभग 2,240 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। इसके अलावा Solana, BNB, Cardano और XRP के प्राइस घटे हैं।

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