क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर भारत सहित बहुत से देशों में रेगुलेटर्स की ओर से चेतावनी भी दी जा चुकी है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से भी क्रिप्टो सेगमेंट को लेकर आशंका जताई जा चुकी है
भारत में क्रिप्टो से जुड़ी ट्रांजैक्शंस पर भारी टैक्स लगाया जाता है
पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टो का सेगमेंट तेजी से बढ़ा है। हालांकि, क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर भारत सहित बहुत से देशों में रेगुलेटर्स की ओर से चेतावनी भी दी जा चुकी है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से भी क्रिप्टो सेगमेंट को लेकर आशंका जताई जा चुकी है। RBI के डिप्टी गवर्नर, T Rabi Sankar ने कहा है कि क्रिप्टोकरेंसी वास्तव में एक करेंसी नहीं है क्योंकि इसमें इससे जुड़े फीचर्स नहीं हैं।
भारत में क्रिप्टोकरेंसीज के लिए रेगुलेशंस नहीं हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, Rabi Sankar ने शुक्रवार को एक इवेंट में कहा कि क्रिप्टोकरेंसी सिर्फ कोड का एक पीस है। यह एक फाइनेंशियल एसेट या किसी प्रकार का एसेट नहीं है। उन्होंने बताया कि मनी के मापदंड के तौर पर क्रिप्टो टोकन्स की कोई पात्रता नहीं है। Rabi Sankar ने कहा, "क्रिप्टोकरेंसीज से कोई वैल्यू नहीं जुड़ी है। इनके साथ भुगतान का कोई वादा नहीं होता और इन्हें कोई इश्यू नहीं करता। इनकी वैल्यू पूरी तरह से काल्पनिक है।"
क्रिप्टोकरेंसीज डीसेंट्रलाइज्ड ब्लॉकचेन नेटवर्क पर चलने वाली डिजिटल या वर्चुअल करेंसीज होती हैं। भारत में यह सेगमेंट रेगुलेटेड नहीं है। हालांकि, इसमें ट्रेडिंग या ट्रांजैक्शंस पर बैन नहीं लगाया गया है और न ही यह गैर कानूनी है। हालांकि, क्रिप्टो से जुड़ी ट्रांजैक्शंस पर भारी टैक्स लगाया जाता है। हाल ही में कॉमर्स मिनिस्टर Piyush Goyal ने कहा था कि प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसीज को सरकार की ओर से सपोर्ट नहीं किया जाता क्योंकि इनके साथ एसेट की कोई वैल्यू नहीं जुड़ी होती। उन्होंने बताया था कि क्रिप्टोकरेंसीज पर बैन नहीं लगाया गया है लेकिन अधिक टैक्स लगाकर इनके इस्तेमाल को सीमित करने की कोशिश हो रही है। गोयल ने बताया कि सरकार की योजना RBI की गारंटी वाली एक डिजिटल करेंसी को लॉन्च करने की है। इससे पेमेंट्स को तेज किया जा सकेगा। कुछ देशों में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को पेश किया गया है। RBI ने तीन वर्ष पहले डिजिटल करेंसी का ट्रायल शुरू किया था।
इससे पहले RBI की ओर से भी क्रिप्टोकरेंसीज पर बैन लगाने की जा चुकी है। पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टो सेगमेंट से जुड़े स्कैम के मामले भी बढ़े हैं। हालांकि, क्रिप्टोकरेंसीज के बड़े मार्केट अमेरिका में इस सेगमेंट के पक्ष में कुछ फैसले किए गए हैं। अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump ने सबसे अधिक वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin का रिजर्व बनाने के एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर साइन भी किए थे।
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