भारत सरकार ने बाजार में तेजी से बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग को लेकर राज्यसभा में बिल पास कर दिया है।
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ऑनलाइन गेमिंग पिछले कुर्छ वर्षों से बहुत बढ़ गई है।
भारत सरकार ने बाजार में तेजी से बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग को लेकर राज्यसभा में बिल पास कर दिया है। इसमें रियल मनी गेम्स पर गाज गिरने वाली है, जिसको लेकर जोरों से चर्चा हो रही है। रियल मनी गेम्स वो हैं, जिनमें किसी भी प्रकार का जुआ या सट्टेबाजी के लिए पैसों का उपयोग होता है या फाइनेंशियल स्तर पर लोगों को नुकसान होता है। लोकसभा में आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ऑनलाइन मनी गेम्स पर बैन लगाते हुए कहा कि ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ाने के लिए मेकर्स को सहायता दी जाएगी, नई स्कीम लाई जाएंगी और अथॉरिटी बनाई जाएगी। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं कि अब बिल से ऑनलाइन गेमिंग में क्या बदल जाएगा।
राज्यसभा में मानसून सत्र के आखिरी दिन प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 पास कर दिया। आपको बता दें कि इससे 1 दिन पहले यह बिल लोकसभा में भी पास हो चुका है। इस बिल का उद्देश्य ऐसे गेमिंग ऐप्स के जरिए लगने वाली लत, पैसों के नुकसान और फाइनेंशियल फ्रॉड पर रोक लगाना है।
Real Money Games में वो गेम्स आते हैं जो कि यूजर्स को सट्टेबाजी या जुआ के जरिए यूजर्स को पैसा लगाकर ज्यादा पैसा कमाने का मौका देते हैं। इन गेम्स पोकर और रमी जैसे गेम्स आते हैं और कई स्पोर्ट्स गेम्स भी इनमें आते हैं, जिनमें प्लेयर्स को पैसे का नुकसान होने का खतरा रहता है। हालांकि, BGMI, GTA, Call of Duty या Free Fire जैसे गेम्स रियल मनी में नहीं आते हैं। हालांकि, इन गेम्स में भी स्किन या अन्य टूल खरीदने के लिए पैसों का भुगतान होता है।
बिल में ऑनलाइन मनी गेमिंग (Real Money Games) या उसके एडवरटाइजमेंट पर बैन लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा इन्हें दिखाने या ऐड देने वालों को कैद या जुर्माना या दोनों हो सकता है। इस बिल में सभी प्रकार के ऑनलाइन जुआ या सट्टेबाजी की एक्टिविटी पर बैन लगाया गया है, जिसमें पोकर और रमी जैसे गेम शामिल हैं। बिल में ऑनलाइन मनी गेमिंग प्रदान करने वालों पर 3 साल तक की सजा या 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। वहीं मनी गेम का ऐड देने पर 2 साल तक की सजा या 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं मनी गेम वाली फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने पर 3 साल तक की सजा या 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। अगर अपराध बार-बार किया जाता है तो 3-5 साल तक की सजा और 2 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
Shaadi.com के फाउंडर और सीईओ अनुपम मित्तल ने भारत में रियल मनी गेम्स पर बैन की आलोचना की है। लिंक्डइन पर शेयर की गई एक पोस्ट में मित्तल ने कहा कि हमने गुटखा पर बैन लगाया, लेकिन क्या लोगों ने इसे खाना बंद कर दिया है? भारत ने अभी-अभी रियल मनी गेमिंग पर भी बैन लगा दिया है। हमने एक ही झटके में उस सेक्टर को खत्म कर दिया जिसने, सालाना 27,000 करोड़ का जीएसटी अर्जित हुआ। 10,000 करोड़ से ज्यादा का एडवरटाइजमेंट रेवेन्यू मिला और स्किल के गेम्स में हजारों लोगों को नौकरी मिली। अधिकतर बैन का नतीजा आमतौर पर एक जैसा ही होता है, इससे सरकार को रेवेन्यू का नुकसान होगा। यूजर्स की सिक्योरिटी कम हो जाती है। इससे ब्लैक मार्केट का बढ़ावा मिलता है।
प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 रियल मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाता है और उन गेम्स को प्रतिबंध करता है, जिनसे लत लगती है।
प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 राज्य सभा और लोकसभा में पास हुआ है।
Real Money Games में वो गेम्स आते हैं, जिनमें पैस लगाकर पैसा कमाने का मौका मिलता है। इनमें सट्टेबाजी और जुआ आदी खेला जाता है।
Real Money Games पर प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के जरिए प्रतिबंध लगाया गया है।
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