स्पैम कॉल्स पर सख्त हुआ TRAI, टेलीकॉम कंपनियों को दिया इस पर रोक का निर्देश

स्पैम कॉल्स की समस्या को रोकने के लिए TRAI ने ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल शुरू किया है

स्पैम कॉल्स पर सख्त हुआ TRAI, टेलीकॉम कंपनियों को दिया इस पर रोक का निर्देश

टेलीकॉम कंपनियों ने स्पैम कॉल्स से निपटने के लिए कॉलर ID सर्विस का ट्रायल शुरू किया है

ख़ास बातें
  • टेलीकॉम कंपनियों को स्पैम कॉलर्स को ब्लैकलिस्ट करने के लिए कहा गया है
  • स्पैम कॉल्स पर रोक के लिए ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है
  • TRAI के नियम का उल्लंघन करने वालों के फोन कनेक्शन काट दिए जाएंगे
विज्ञापन
पिछले कुछ वर्षों में स्पैम कॉल्स की समस्या बढ़ी है। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की ओर से स्पैम कॉल्स की समस्या पर लगाम लगाने के लिए उपाय किए जा रहे हैं। TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों को अनरजिस्टर्ड कॉलर्स से प्रमोशनल कॉल्स को रोकने का निर्देश दिया है। 

इसके साथ ही TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों को स्पैम कॉल्स को ब्लैकलिस्ट करने के लिए कहा है। TRAI के निर्देश के अनुसार, देश में सभी टेलीकॉम कंपनियों को अनरजिस्टर्ड टेलीमार्केटर्स या अनरजिस्टर्ड सेंडर्स से प्री-रिकॉर्डेड, कंप्यूटर से जेनरेटेड या अन्य प्रकार की स्पैम कॉल्स को रोकने की जरूरत है। टेलीकॉम रेगुलेटर की ओर से जारी स्टेटमेंट में कहा गया है, "इस निर्देश से स्पैम कॉल्स में काफी कमी होने और कस्टमर्स को राहत मिलने की उम्मीद है।" इस रूल को तोड़ने वालों के लिए परिणाम का भी फैसला किया गया है। TRAI के निर्देश में बताया गया है कि अगर किसी अनरजिस्टर्ड टेलीमार्केटर को स्पैम कॉल्स से जुड़ा पाया जाता है तो उसे फोन कनेक्शन गंवाने पड़ सकते हैं। 

स्पैम कॉल्स की समस्या को रोकने के लिए TRAI ने ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल शुरू किया है। TRAI ने बताया है कि स्पैम कॉल्स के सेंडर की ब्लैकलिस्टिंग से जुड़ी जानकारी ओरिजिनेटिंग एक्सेस प्रोवाइडर (OAP) से सभी अन्य एक्सेस प्रोवाइडर्स को 24 घंटे के अंदर मिलेगी। इसके बाद स्पैम कॉल्स करने वाले सेंडर के सभी टेलीकॉम कनेक्शन काट दिए जाएंगे। इसके अलावा कमर्शियल वॉयस कॉल्स करने वाले अनरजिस्टर्ड टेलीमार्केटर्स को TRAI के ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्म पर इस नोटिस के जारी होने के 30 दिनों के अंदर शिफ्ट किया जाएगा। 

टेलीकॉम कंपनियों ने स्पैम कॉल्स से निपटने के लिए कुछ रीजंस में कॉलर ID सर्विस का ट्रायल शुरू किया है। TRAI और टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) ने इन कंपनियों पर कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) फीचर को लागू करने का दबाव बनाया है। इससे जाली और स्पैम कॉल्स पर रोक लगाने में आसानी हो सकती है। देश में अगर इस फीचर को पूरी तरह लागू किया जाता है तो कस्टमर्स को थर्ड-पार्टी कॉलर आइडेंटिफिकेशन ऐप्स की जरूरत नहीं रहेगी। टेलीकॉम कंपनियों ने CNAP कॉलर ID डिस्प्ले सर्विस का ट्रायल शुरू कर दिया है। इससे पहले TRAI ने देश में सभी मोबाइल फोन्स के लिए CNAP को लागू करने के लिए कहा था। हालांकि, इसका टेलीकॉम कंपनियों की ओर से कुछ विरोध भी हुआ था। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Kingbull Ranger इलेक्ट्रिक बाइक हुई लॉन्च, 750W मोटर, 130Km है रेंज, जानें कीमत
  2. MWC 2026: Honor MagicPad 4 दुनिया का सबसे पतला टैबलेट पेश, 10100mAh है बैटरी
  3. Redmi A7 Pro लॉन्च, सस्ता स्मार्टफोन 6000mAh बैटरी के साथ, जानें कीमत
  4. Xiaomi 17 Ultra लॉन्च हुआ ग्लोबल मार्केट में, मिलता है 200MP कैमरा, 6000mAh बैटरी, जानें कीमत
  5. OnePlus Nord 5 सबसे सस्ते में खरीदने का मौका, 4 हजार रुपये तक का डिस्काउंट ऑफर! 6800mAh बैटरी
  6. SL vs PAK T20 Live Streaming: आज T20 वर्ल्डकप में श्रीलंका-पाकिस्तान का मैच, यहां देखें फ्री!
  7. HMD Luma लॉन्च हुआ 4GB रैम, 50MP कैमरा, 5000mAh बैटरी के साथ, जानें सबकुछ
  8. Honor 600 में 9000mAh बैटरी का खुलासा, मिल सकता है 200MP कैमरा!
  9. Xiaomi को फिर मिला नं. 1 स्मार्ट वियरेबल ब्रांड का ताज! Apple, Huawei, Samsung को पछाड़ा
  10. 200MP कैमरा के साथ 2026 के बेस्ट मिडरेंज स्मार्टफोन! Realme 16 Pro+, Vivo V60e समेत जानें पूरी लिस्ट
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »