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Technology - ख़बरें

  • आपकी फोटो सेफ नहीं? App Store में खुलेआम मौजूद हैं AI से कपड़े ‘हटाने’ वाले ऐप्स!
    एक नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि Apple App Store और Google Play Store पर दर्जनों AI आधारित nudify ऐप्स उपलब्ध हैं, जो बिना सहमति के फोटो को न्यूड या कम कपड़ों वाली इमेज में बदल सकते हैं। Tech Transparency Project के मुताबिक, इन ऐप्स को सैकड़ों मिलियन बार डाउनलोड किया गया है और इनसे करोड़ों डॉलर की कमाई हुई है। यह तब है जब दोनों प्लेटफॉर्म्स की पॉलिसी इस तरह के यौन और अपमानजनक कंटेंट की अनुमति नहीं देती। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये ऐप्स प्राइवेसी और डिजिटल सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।
  • मोबाइल टावर की जरूरत हो जाती खत्म, लेकिन Elon Musk के सपने पर भारत ने लगाया ब्रेक!
    Starlink को भारत में अपनी एडवांस सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, खासकर Direct-to-Device यानी D2D कनेक्टिविटी के लिए दोबारा रेगुलेटरी अप्रूवल लेना पड़ सकता है। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को IN-SPACe के पास नए फीचर्स के लिए अलग से आवेदन करना होगा। फिलहाल Starlink को सिर्फ Gen 1 कंस्टीलेशन के तहत पारंपरिक सैटेलाइट ब्रॉडबैंड की मंजूरी मिली है। Gen 2 कंस्टीलेशन में शामिल D2D जैसे फीचर्स को भारत में अभी अनुमति नहीं है, क्योंकि इसके लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार नहीं किया गया है।
  • Google का स्टूडेंट्स को तोहफा! Gemini फ्री में कराएगा इस बड़े एग्जाम की प्रैक्टिस
    Google ने अपने AI चैटबॉट Gemini में स्टूडेंट्स के लिए नया SAT प्रैक्टिस टेस्ट फीचर जोड़ा है। इसके जरिए यूजर्स बिना किसी फीस के पूरा SAT मॉक टेस्ट दे सकते हैं, जिसमें स्कोरिंग, ग्राफ्स और परफॉर्मेंस एनालिसिस भी मिलता है। Google के मुताबिक, SAT का पैटर्न तय होने की वजह से Gemini रियल एग्जाम जैसा एक्सपीरियंस देने में सक्षम है। कंपनी ने एजुकेशन फर्म्स के साथ मिलकर इस फीचर पर काम किया है ताकि सवाल और फॉर्मेट असली टेस्ट के करीब रहें। यह फीचर आने वाले समय में महंगी SAT कोचिंग और ट्यूटरिंग इंडस्ट्री पर असर डाल सकता है।
  • धूप-धूल में नहीं खड़ा होगा इंसान, चीन का ट्रैफिक संभालेगी रोबोट पुलिस
    AiMOGA Robotics ने चीन के वुहू शहर में Intelligent Police Unit R001 नाम का ह्यूमनॉइड ट्रैफिक रोबोट तैनात किया है। यह रोबोट ट्रैफिक सिग्नल्स, रोड मॉनिटरिंग और बिहेवियरल रिमाइंडर्स जैसे कामों में पुलिस की मदद करेगा। R001 को ट्रैफिक आइलैंड पर लगाया गया है, जहां यह स्टैंडर्ड हैंड सिग्नल्स देकर ट्रैफिक फ्लो बनाए रखने में सहयोग करता है। कंपनी के मुताबिक, इसका मकसद ऑन-ग्राउंड पुलिसकर्मियों का बोझ कम करना और ह्यूमन-रोबोट कोलैबोरेशन को रियल कंडीशंस में टेस्ट करना है।
  • ईरान में भारी हिंसा के बीच Elon Musk ने दी मुफ्त इंटरनेट सर्विस की पेशकश
    ईरान में SpaceX ने स्टारलिंक की सब्सक्रिप्शन फीस को हटा दिया है। हालांकि, इस सर्विस का इस्तेमाल वही लोग कर सकेंगे जिनके पास इसके लिए रिसीवर मौजूद हैं। ईरान और विवादों का सामना कर रहे अन्य रीजंस में स्टारलिंक की सर्विस उपलब्ध कराने से दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति मस्क और अमेरिकी सरकार की ताकत का संकेत मिल रहा है।
  • UPI के यूजर्स की संख्या हो सकती है दोगुनीः RBI
    UPI को ऑपरेट करने वाली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के प्रमोटर्स में RBI शामिल है। भारत में कुल डिजिटल ट्रांजैक्शंस में UPI की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत स अधिक की है। दुनिया में भारत डिजिटल तरीके से सबसे तेज पेमेंट्स करने वाला देश है। विदेश में भी कुछ देशों में इस पेमेंट सर्विस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • OnePlus के CEO के लिए ताइवान ने जारी किया अरेस्ट वॉरंट, जानें क्या है मामला....
    चीन की टेक कंपनियों में ताइवान के वर्कर्स की काफी डिमांड है। इसका कारण इन वर्कर्स के पास बेहतर टेक्निकल स्किल्स और एक्सपीरिएंस होना है। हालांकि, चाइनीज कंपनियों की ओर से हायरिंग को लेकर ताइवान का सख्त रवैया है। इस ऑटोनॉमस टेरिटरी का मानना है कि सेमीकंडक्टर और अन्य टेक सेगमेंट्स में हायरिंग से उसकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
  • स्मार्ट गैजेट्स के बाद अब स्मार्ट दवा! चिप वाली गोली पेट में जाके भेजेगी सिग्नल, जानें किस काम आएगी
    MIT की नई रिसर्च में एक स्मार्ट पिल पेश की गई है, जो मरीज के पेट में पहुंचते ही रेडियो सिग्नल भेजकर यह कन्फर्म कर देती है कि दवा निगली जा चुकी है। इस पिल में बायोडिग्रेडेबल RF एंटीना का इस्तेमाल किया गया है, जो कुछ दिनों में शरीर के अंदर घुल जाता है। रिसर्चर्स का कहना है कि यह तकनीक उन मरीजों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकती है, जिन्हें ट्रांसप्लांट, टीबी या HIV जैसी बीमारियों में नियमित दवा लेना जरूरी होता है। इससे डॉक्टर मरीज की दवा लेने की आदत पर बेहतर नजर रख सकेंगे।
  • CES 2026: ग्लोबल मंच में भारतीय EV ब्रांड का दमखम! अब बिना रेयर अर्थ चलेगी इलेक्ट्रिक बाइक
    भारत की EV इंडस्ट्री में एक अहम टेक्नोलॉजी साझेदारी सामने आई है। Niron Magnetics और MATTER ने CES 2026 में रेयर-अर्थ-फ्री इलेक्ट्रिक मोटर टेक्नोलॉजी का प्रोटोटाइप पेश किया है। इस कोलैबोरेशन के तहत Iron Nitride मैग्नेट और Variable Flux Motor डिजाइन को इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल्स के लिए एक्सप्लोर किया जा रहा है। कंपनियों के मुताबिक, यह टेक्नोलॉजी बेहतर टॉर्क डिलीवरी, एफिशिएंसी और राइडिंग रेंज देने में मदद कर सकती है। इसका मकसद रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर निर्भरता कम करना और भारत की EV टेक्नोलॉजी को ज्यादा आत्मनिर्भर बनाना है।
  • CES 2026: Wi-Fi 7 लिया नहीं और आ गया Wi-Fi 8, बिजली की रफ्तार से इंटरनेट और स्ट्रॉन्ग स्टेबिलिटी का वादा!
    CES 2026 में Wi-Fi 8 टेक्नोलॉजी सामने आने के बाद राउटर अपग्रेड को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। Wi-Fi 8 अभी ऑफिशियल स्टैंडर्ड नहीं है, लेकिन शुरुआती डेमो में बेहतर कनेक्टिविटी और पावर एफिशिएंसी का दावा किया गया है। यह Wi-Fi 7 जैसी ही स्पीड देगा, लेकिन रेंज और स्टेबिलिटी में सुधार देखने को मिलेगा। Wi-Fi 8 के स्टैंडर्ड को 2028 तक फाइनल किए जाने की उम्मीद है, हालांकि कुछ कंपनियां इस साल के अंत तक शुरुआती राउटर्स लाने की तैयारी में हैं।
  • CES 2026: Dreame Technology लाई स्मार्ट ईकोसिस्टम, उतारे नए वैक्यूम क्लीनर, AC, रेफ्रिजिरेटर, स्टाइलिंग डिवाइसेज
    CES 2026 में चाइनीज स्मार्ट अप्लायंसेज मेकर Dreame Technology अपने प्रोडक्ट्स की नई रेंज पेश करने जा रही है। कंपनी ने इसके लिए All Dreams in One Dreame थीम की घोषणा की है जिसका अर्थ है कि एक ही कंपनी के विभिन्न प्रोडक्ट्स आपकी हर जरूरत को पूरा कर सकेंगे।
  • भारतीय इंजीनियर का AI हेलमेट हुआ वायरल, नियम तोड़ते ही ट्रैफिक पुलिस को जाएगी डिटेल
    बेंगलुरु की ट्रैफिक समस्याओं से परेशान एक भारतीय टेकी ने अनोखा AI जुगाड़ तैयार किया है। इस इंजीनियर ने अपने हेलमेट को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस ट्रैफिक मॉनिटरिंग डिवाइस में बदल दिया, जो रियल टाइम में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन पकड़ता है। यह सिस्टम बिना हेलमेट ड्राइविंग जैसे मामलों को लोकेशन और सबूत के साथ रिकॉर्ड कर सीधे पुलिस को रिपोर्ट भेज देता है। सोशल मीडिया पर यह इनोवेशन तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे “पीक बेंगलुरु इनोवेशन” बता रहे हैं।
  • WiFi राउटर बनेगा CCTV! आ रही दीवार के पार देखने वाली तकनीक, जानें कैसे करेगी काम
    WiFi सिग्नल की मदद से वैज्ञानिक जल्द ही ऐसी तकनीकी पेश करने वाले हैं जिससे बिना कैमरा दीवार के पार भी देखा जा सकेगा। कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी की रिसर्च में दावा किया गया है कि होम सिक्योरिटी में एक क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है। इस तकनीक के आ जाने से WiFi ही कैमरा और सर्विलांस सिस्टम बन जाएगा। रेस्क्यू मिशन, बड़े-बुजुर्गों की देखभाल, घर की सुरक्षा आदि में इसका बड़ा रोल होगा।
  • CES 2026: सैटेलाइट से कॉल और मैसेज करेंगे Infinix के Note 60 सीरीज स्मार्टफोन्स, CES में लगाया तकनीक का तड़का!
    Infinix ने CES 2026 के दौरान अपनी आने वाली Note 60 Series के जरिए कई नई टेक्नोलॉजीज की झलक दिखाई है। कंपनी ने इस सीरीज में Satellite Calling और Messaging सपोर्ट, HydroFlow Liquid Cooling Architecture और Active Visual Backplate जैसी इनोवेशन्स को शोकेस किया। Infinix का दावा है कि Note 60 Series में दी जाने वाली सैटेलाइट कनेक्टिविटी रिमोट एरिया और नेटवर्क डेड जोन में काम आ सकती है। इसके अलावा AI ModuVerse मॉड्यूलर सिस्टम और गेमिंग फोकस्ड एक्सेसरीज़ भी इस सीरीज का हिस्सा हो सकती हैं। फिलहाल कंपनी ने लॉन्च डेट और कीमत का खुलासा नहीं किया है।
  • सरकारी अस्पतालों में AI की एंट्री, आम से गंभीर बिमारियों का पता लगाएगा देश का पहला AI क्लिनिक
    भारत के सरकारी हेल्थकेयर सिस्टम में एक अहम कदम उठाते हुए ग्रेटर नोएडा स्थित GIMS में देश का पहला सरकारी अस्पताल आधारित AI क्लिनिक शुरू किया गया है। यह क्लिनिक GIMS Centre for Medical Innovation के तहत स्थापित किया गया है, जहां डॉक्टरों और मरीजों को AI आधारित हेल्थकेयर सॉल्यूशन्स का बेनिफिट मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को रियल-वर्ल्ड क्लिनिकल एनवायरनमेंट में अपने सॉल्यूशन्स को टेस्ट और वैलिडेट करने का मौका देना है। इससे इलाज को ज्यादा सटीक, तेज और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन बनाने में मदद मिलेगी।

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