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Technology - ख़बरें

  • Vivo Ignite 2026 में रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन, ₹35 लाख तक की स्कॉलरशिप मिलने का मौका
    Vivo India ने अपने नेशनल इनोवेशन प्रोग्राम Vivo Ignite 2026 में अब तक की सबसे ज्यादा भागीदारी दर्ज होने की घोषणा की है। कंपनी के अनुसार, इस साल 38,000 से अधिक छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया और 12,000 से ज्यादा स्कूलों, 705 जिलों तथा 4,500 से अधिक शहरों से एंट्री मिलीं। छात्रों ने 6,100 से ज्यादा यूनिक प्रोजेक्ट आइडिया जमा किए, जिनमें Technology, Agriculture & Climate Change सबसे लोकप्रिय थीम रही। अब चयनित प्रतिभागियों को एक्सपर्ट मेंटरशिप मिलेगी और अक्टूबर 2026 में नई दिल्ली में नेशनल फिनाले आयोजित किया जाएगा।
  • भारत ने 6G की रेस में बढ़ाया कदम! 7,700 से ज्यादा पेटेंट फाइल, 2030 मिशन पर बड़ा अपडेट
    भारत सरकार ने 6G तकनीक को लेकर चल रही तैयारियों की समीक्षा की है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारत 6G एलायंस की बैठक में 6G से जुड़े सात वर्किंग ग्रुप्स की प्रगति का आकलन किया। संचार मंत्रालय के अनुसार, एलायंस से जुड़े संगठनों ने अब तक 5G और 6G तकनीकों से संबंधित 7,700 से अधिक पेटेंट दाखिल किए हैं, जिनमें 4,400 से ज्यादा विदेशी पेटेंट आवेदन शामिल हैं। वहीं, वैश्विक टेलीकॉम स्टैंडर्ड्स संस्था 3GPP में भारत की भागीदारी और तकनीकी योगदान भी पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। बैठक में 2030 तक 6G इकोसिस्टम को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
  • अब बिना खरीदे चलाइए iPhone! Apple ने लॉन्च किया नया अपग्रेड प्रोग्राम, ऐसे करता है काम
    Apple ने अमेरिका में Apple Upgrade प्रोग्राम लॉन्च किया है, जिसके जरिए ग्राहक iPhone, Apple Watch, Mac और iPad को एकमुश्त खरीदने की बजाय मासिक भुगतान पर लीज पर ले सकेंगे। यह सर्विस Klarna के साथ शुरू की गई है और लीज पूरी होने पर ग्राहक नया मॉडल चुन सकते हैं, मौजूदा डिवाइस खरीद सकते हैं या उसे वापस कर सकते हैं। Apple Trade In से मासिक भुगतान कम किया जा सकता है, जबकि Apple Card यूजर्स को 3% Daily Cash मिलेगा। फिलहाल यह सेवा केवल अमेरिका में उपलब्ध है और इसके साथ Apple ने पुराने iPhone Upgrade Program को बंद करने का फैसला किया है।
  • SpaceX को बड़ा झटका, वैल्यू में करोड़ों डॉलर की गिरावट
    SpaceX ने 135 डॉलर प्रति शेयर के प्राइस पर IPO को पेश किया था। पिछले कुछ वर्षों में कुछ बड़े स्पेस एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट्स में शामिल रही इस कंपनी का शेयर IPO के प्राइस से लगभग 20 प्रतिशत गिर चुका है। इसके साथ ही लिस्टिंग के बाद के पीक प्राइस से इसकी मार्केट वैल्यू में लगभग 1.2 लाख करोड़ डॉलर की गिरावट हुई है।
  • Apple के टचस्क्रीन MacBook Pro में होगा Samsung का OLED डिस्प्ले!
    एपल के आगामी MacBook Pro मॉडल्स के OLED टच पैनल्स के लिए Samsung Display एकमात्र सप्लायर हो सकती है। हालांकि, सैमसंग ने इसके लिए एग्रीमेंट को साइन नहीं किया है। ऐसा बताया गया है कि एपल ने इस लैपटॉप के डिवेलपमेंट की शुरुआत से सैमसंग को शामिल किया है। MacBook Pro के लिए पैनल्स बनाने में ऑक्साइड थिन-फिल्म (TFT) टेक्नोलॉजी, RGB OLED स्ट्रक्चर और टच सॉल्यूशन का इस्तेमाल होगा।
  • Bank of Baroda ग्राहकों का डेटा लीक, बैंक ने जारी किया बयान; क्या आपका पैसा सुरक्षित?
    Bank of Baroda ने हाल ही में सामने आए कथित डेटा लीक मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि यह घटना एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट के हैक होने से जुड़ी थी। बैंक के अनुसार, उसके कोर बैंकिंग सिस्टम तक किसी तरह की अनधिकृत पहुंच नहीं बनाई गई और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। सोशल मीडिया पर 1TB डेटा और ग्राहकों के Aadhaar विवरण लीक होने के दावों के बाद बैंक ने फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंक ने अपनी साइबर इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत भी क्लेम दर्ज कराया है।
  • चश्मे में कैमरा, AI ट्रांसलेशन और म्यूजिक सपोर्ट! Pebble ने भारत में लॉन्च किए Smart Glasses
    Pebble ने भारतीय बाजार में SEEQ AI Smart Glasses लॉन्च कर दिए हैं। कंपनी के मुताबिक, यह डिवाइस AI Assistant, 8MP कैमरा, 4K फोटो कैप्चर, Full HD वीडियो रिकॉर्डिंग और Smart Image Recognition जैसे फीचर्स के साथ आता है। इसमें 75 भारतीय और विदेशी भाषाओं का रियल-टाइम AI Translation भी मिलता है। OpenWaveX Open-Ear Audio, टच जेस्चर कंट्रोल और 50 ग्राम से कम वजन वाले फ्रेम इसे रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त बनाते हैं। Pebble SEEQ AI Smart Glasses की शुरुआती कीमत 9,999 रुपये है, जबकि इसकी MRP 12,999 रुपये रखी गई है।
  • अब इंसानों से ज्यादा बुद्धिमान AI? ChatGPT बनाने वाले सैम ऑल्टमैन ने बोली चौंकाने वाली बात
    OpenAI के CEO Sam Altman ने AI के भविष्य को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि दुनिया अब Singularity के दौर में पहुंच चुकी है। उनके अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से उस स्तर की ओर बढ़ रहा है, जहां उसकी क्षमताएं इंसानों के बराबर या उनसे आगे हो सकती हैं। Altman ने दोहराया कि भविष्य में AI इंसानों द्वारा किए जाने वाले 30 से 40 प्रतिशत काम संभाल सकता है, जिससे नौकरी बाजार में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। उनका कहना है कि सरकारों और कंपनियों को इस बदलाव के लिए अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
  • बैंक, UPI और सोशल मीडिया... कुछ भी नहीं रहेगा सुरक्षित? एक्सपर्ट बोले - सेकंडों में तोड़ दूंगा Password
    इजरायल के साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट प्रोफेसर आइजैक बेन-इजरायल का कहना है कि भविष्य के Quantum Computer मौजूदा Encryption तकनीक और Password सुरक्षा को बेहद कम समय में तोड़ सकते हैं। उनके अनुसार, बैंकिंग, सरकारी सिस्टम और ऑनलाइन सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले मौजूदा सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स को Quantum Computing चुनौती दे सकती है। इससे निपटने के लिए Post-Quantum Cryptography और Quantum Communication जैसी नई तकनीकों पर काम किया जा रहा है। एक्सपर्ट का अनुमान है कि इस टेक्नोलॉजी को व्यावहारिक रूप से डेवलप होने में अभी लगभग 10 साल लग सकते हैं, जबकि आम लोगों तक इसका एक्सेस बनने में इससे भी अधिक समय लग सकता है।
  • Paper Leak को क्या Fix कर पाएंगे Infosys और Aadhaar प्रोजेक्ट से जुड़े नंदन नीलेकणी? Exam Task Force की कमान संंभालेंगे
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पब्लिक एग्जामिनेशन सिस्टम को लीक-प्रूफ और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। इस टास्क फोर्स का नेतृत्व Infosys के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी करेंगे, जिन्होंने Aadhaar और भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट में अहम भूमिका निभाई है। सरकार का उद्देश्य AI और अन्य आधुनिक तकनीकों की मदद से एग्जामिनेशन सिस्टम को सुरक्षित बनाना और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना है।
  • ट्रेन की गंदी चादरों पर AI का पहरा, IRCTC का सिस्टम सेकेंडों में ढूंढ़ेगा दाग
    भारतीय रेलवे ने चुनिंदा डिवीजनों में AI आधारित स्टेन डिटेक्शन तकनीक का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस सिस्टम में AI कैमरे धुलाई के बाद बेडशीट और अन्य लिनेन पर बचे दाग-धब्बों की पहचान करेंगे, ताकि यात्रियों को अधिक साफ और बेहतर क्वालिटी वाला लिनेन मिल सके। फिलहाल यह तकनीक पुणे, जयपुर और जोधपुर की मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में इस्तेमाल की जा रही है। इसके अलावा रेलवे ने लॉन्ड्री ऑपरेशन की मॉनिटरिंग के लिए CCTV कैमरे भी लगाए हैं और सफाई की क्वालिटी जांचने के लिए Whito-Meter का यूज जारी रखा है।
  • 100W पावर वाला अल्ट्रा स्लिम चार्जर Ugreen ने किया लॉन्च, लैपटॉप भी कर सकता है चार्ज
    Ugreen ने अपना नया अल्ट्रा स्लिम पावरबैंक मार्केट में पेश किया है। यह 100W आउटपुट के साथ आता है। कंपनी ने कहा है कि यह अन्य पावरबैंक से ज्यादा यूजर फ्रेंडली है। यह फ्लैट है और पोर्टेबल भी है। इसे Ugreen 100W Mini Ice GaN Charger नाम दिया गया है।
  • 50 OTT प्लेटफॉर्म्स पर भारत सरकार का एक्शन, अश्लील कंटेंट के चलते बैन
    केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों में भारत में 50 OTT प्लेटफॉर्म्स की सार्वजनिक पहुंच पर रोक लगा दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि इन प्लेटफॉर्म्स पर IT Act की धारा 67 और 67A, BNS की धारा 294 और महिलाओं के अशोभनीय प्रतिनिधित्व (प्रतिषेध) अधिनियम का उल्लंघन करने वाला कंटेंट पाया गया था। सरकार ने कहा कि IT Rules के तहत इंटरमीडियरी को गैरकानूनी कंटेंट हटाने के निर्देश दिए जा सकते हैं। हालिया संशोधनों के बाद कोर्ट या सरकार के आदेश मिलने पर सोशल मीडिया और अन्य इंटरमीडियरी को तीन घंटे के भीतर ऐसा कंटेंट हटाना या उसकी पहुंच रोकना अनिवार्य होगा।
  • देश में जल्द शुरू हो सकता है बिना इंटरनेट के UPI पेमेंट का फीचर
    कस्टमर्स के स्मार्टफोन या मर्चेंट के PoS टर्मिनल पर इंटरनेट कनेक्शन के बिना पेमेंट्स की सुविधा जल्द शुरू हो सकती है। NPCI इसके लिए कम्पैटिबल PoS टर्मिनल्स को सर्टिफाइ करना शुरू करेगी। UPI ट्रांजैक्शंस के लिए ऑफलाइन फीचर NFC टेक्नोलॉजी पर बेस्ड होगा। इससे यूजर्स अपने NFC-एनेबल्ड स्मार्टफोन को इस फीचर के लिए सपोर्ट वाले टर्मिनल्स पर टैप कर ऑफलाइन UPI पेमेंट्स कर सकेंगे।
  • किचन में पड़ी इस छोटी सी चीज से बढ़ जाती है Wi-Fi स्पीड? जानें कैसे काम करती है ये वायरल ट्रिक
    इंटरनेट पर अक्सर दावा किया जाता है कि Wi-Fi राउटर के पीछे एल्युमिनियम फॉयल लगाने से नेटवर्क की स्पीड और सिग्नल बेहतर हो जाते हैं। कई लोग इसे आसान और मुफ्त जुगाड़ मानते हैं, लेकिन असलियत इससे थोड़ी अलग है। अमेरिका के डार्टमाउथ कॉलेज की WiPrint रिसर्च में साधारण फॉयल नहीं, बल्कि खास डिजाइन वाले 3D-प्रिंटेड रिफ्लेक्टर का इस्तेमाल किया गया था। ऐसे में सिर्फ किचन वाली एल्युमिनियम फॉयल लगाने से वही नतीजे मिलने की गारंटी नहीं है। इस रिपोर्ट में जानिए वायरल दावे के पीछे का पूरा सच और रिसर्च क्या कहती है।

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