भारत में WhatsApp को मिली राहत, डेटा शेयरिंग पर बैन हटा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook को ऑपरेट करने वाली इस कंपनी के लिए भारत सबसे बड़ा मार्केट है

भारत में WhatsApp को मिली राहत, डेटा शेयरिंग पर बैन हटा

CCI की ओर से वॉट्सऐप और Meta की अन्य फर्मों के बीच डेटा की शेयरिंग पर बैन लगाया गया था

ख़ास बातें
  • CCI की ओर से वॉट्सऐप के डेटा की शेयरिंग पर बैन लगाया गया था
  • वॉट्सऐप का मालिकाना हक अमेरिकी कंपनी Meta के पास है
  • देश में वॉट्सऐप का 50 करोड़ से अधिक लोग इस्तेमाल करते हैं
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इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप को एक बड़ी राहत मिली है। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) ने WhatsApp का मालिकाना हक रखने वाली अमेरिकी कंपनी Meta पर डेटा शेयरिंग पर लगा बैन निलंबित कर दिया है। Meta ने दलील दी थी कि वॉट्सऐप के डेटा की शेयरिंग पर बैन से उसके ऐडवर्टाइजिंग बिजनेस को नुकसान होगा। 

कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) की ओर से वॉट्सऐप और Meta की अन्य फर्मों के बीच डेटा की शेयरिंग पर बैन लगाया गया था। Meta ने इस ऑर्डर के प्रभावों को समझने में की 'तकनीकी विशेज्ञता' नहीं होने के कारण CCI की निंदा भी की है। NCLAT ने गुरुवार को डेटा की शेयरिंग पर लगे इस बैन को निलंबित करने का ऑर्डर दिया। Meta की ओर से CCI के फैसले को दी गई चुनौती पर सुनवाई जारी रहेगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook को ऑपरेट करने वाली इस कंपनी के लिए भारत सबसे बड़ा मार्केट है। इस कंपनी के पास देश में 35 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। इसके अलावा वॉट्सऐप का 50 करोड़ से अधिक लोग इस्तेमाल करते हैं। 

Meta के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी इस फैसले का स्वागत करती है और इसे लेकर अगले कदमों का आकलन किया जाएगा। CCI ने इस फैसले पर टिप्पणी के लिए भेजे गए निवेदन का उत्तर नहीं दिया। इससे पहले Meta ने कहा था कि CCI के ऑर्डर से यूजर्स के अधिकारों के साथ ही उसके अधिकारों में भी कटौती की जा रही है। इस पर CCI ने बताया था कि उसने ऑर्डर देने से पहले इसके प्रभाव का विश्लेषण किया है और यह ऑर्डर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले के खिलाफ नहीं जा रहा। CCI ने बताया था कि सुप्रीम कोर्ट संविधान के आर्टिकल 21 के नजरिए से इस मामले की सुनवई कर रहा है, जबकि CCI ने कॉम्पिटिशन के लिहाज से इसकी जांच की है। 

यूरोप में मेटा ने यूजर्स को प्राइवेसी पॉलिसी से जुड़ी शर्तों को मानने या नहीं मानने का विकल्प दिया है। हालांकि, भारत में यूजर्स के पास इस पॉलिसी के लिए सहमति देने के बाद उसे वापस लेने का विकल्प नहीं है। पिछले वर्ष नवंबर में CCI ने मेटा पर अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल करने के लिए 213.14 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई थी। यह मामला वॉट्सऐप की लगभग चार वर्ष पहले लागू की गई प्राइवेसी पॉलिसी से जुड़ा है। 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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