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America - ख़बरें

  • अमेरिका ने ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से TCS और Infosys सहित कई IT कंपनियों को किया बाहर
    इस फैसले का असर भारत की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के अलावा इंफोसिस और HCL पर भी पड़ेगा। पिछले कुछ वर्षों में बहुत सी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर अमेरिका में वीजा से जुड़े प्रोसेस का गलत इस्तेमाल और फ्रॉड के आरोप लगे हैं। अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट, J D Vance और लेबर सेक्रेटरी, Keith Sonderling ने इस फैसले की जानकारी दी है।
  • भारत में सर्विस शुरू करने के लिए Starlink तैयार, सरकार की हरी झंडी का इंतजार
    स्टारलिंक की वाइस प्रेसिडेंट, Lauren Dreyer ने बताया कि भारत में उनकी कंपनी पिछले पांच वर्षों से सर्विस शुरू करने की तैयारी कर रही है। स्टारलिंक ने अपने कामकाज को स्थापित करने के लिए दश की सुरक्षा से जुड़ी जरूरतों का ध्यान रखा है। Dreyer ने कहा कि देश में कस्टमर्स तक सर्विस पहुंचाने के लिए स्टारलिंक ने Reliance Jio और Bharti Airtel के साथ एग्रीमेंट किए हैं।
  • दुनिया के सबसे रईस शख्स Elon Musk दोबारा बने ट्रिलिनेयर, Tesla, SpaceX के शेयर्स में तेजी का असर
    Bloomberg Billionaires Index के अनुसार, पांच अक्टूबर को मस्क की नेटवर्थ बढ़कर 1.04 लाख करोड़ डॉलर पर पहुंच गई। अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump के मंत्रिमंडल में शामिल रह चुके मस्क की Tesla और रॉकेट कंपनी SpaceX में हिस्सेदारी की वैल्यू बढ़ने से उनकी संपत्ति में बढ़ोतरी हुई है। इस महीने की शुरुआत से SpaceX के शेयर में लगभग 13 प्रतिशत और Tesla के शेयर में छह प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
  • भारत में Tesla के मॉडल Y की बढ़ी डिमांड, 1,000 यूनिट्स से ज्यादा हुई सेल्स
    टेस्ला को बड़े शहरों से अधिक डिमांड मिल रही है। इन शहरों में बेंगलुरु और हैदराबाद शामिल हैं। भारत में टेस्ला ने पिछले वर्ष जुलाई में अपना बिजनेस शुरू किया था। हालांकि, कंपनी की सेल्स अनुमान से काफी कम रही है। इसके पीछे बड़ा कारण इम्पोर्ट ड्यूटी अधिक होने से इसके EVs के महंगे प्राइसेज हैं। देश में पिछले वर्ष कंपनी ने 226 यूनिट्स की बिक्री की थी।
  • क्रिप्टो एक्सचेंज BitBank पर अमेरिका ने लगाया बैन, ईरान से है लिंक
    BitBank के मालिक ईरान के बिलिनेयर Babak Zanjani हैं। जंजानी को 2016 में ईरान सरकार के मालिकाना हक वाली नेशनल ईरान ऑयल कंपनी से लाखों डॉलर से गबन की वजह से फांसी की सजा दी गई थी। हालांकि, पिछले वर्ष जंजानी की इस सजा को माफ कर दिया गया था। इसके बाद से जंजानी ने ईरान सरकार से जुड़े प्रोजेक्ट्स का लगातार समर्थन किया है।
  • Ultraviolette की अमेरिकी मार्केट में बिजनेस शुरू करने की योजना, 8 करोड़ डॉलर की मिली फंडिंग
    हाल ही में Ultraviolette ने तमिलनाडु के होसुर में नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की घोषणा की थी। इससे कंपनी की वार्षिक मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़कर लगभग पांच लाख यूनिट्स की हो जाएगी। Ultraviolette का बिजनेस भारत और कुछ विदेशी मार्केट्स में भी है। Ultraviolette के Tesseract इलेक्ट्रिक स्कूटर को कस्टमर्स से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।
  • स्पेस में भी शुरू हुई सैन्य ताकत बढ़ाने की रेस, अमेरिका ने तैनात किया 'ऑन-ऑर्बिट' वेपन
    US एयर फोर्स के सेक्रेटरी, Troy Meink ने कहा है कि दुश्मनों के खिलाफ अमेरिकी सैन्य बलों की सुरक्षा के लिए 'ऑन-ऑर्बिट' वेपन जरूरी है। इसे रूस और चीन के लिए एक चेतावनी माना जा रहा है। हालांकि, Meink ने यह नहीं बताया है कि स्पेस में अमेरिका ने किस प्रकार का वेपन तैनात किया है। उन्होंने संकेत दिया कि इस वेपन का इस्तेमाल बढ़ते हुए खतरों के खिलाफ किया जाएगा।
  • क्रिप्टो मार्केट को मिला कमजोर डॉलर का फायदा, Bitcoin का प्राइस 81,000 डॉलर से ज्यादा
    क्रिप्टो मार्केट में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) के जरिए इंस्टीट्यूशनल डिमांड भी बढ़ी है। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से भी इस मार्केट को फायदा मिला है। पिछले सप्ताह अमेरिकी ट्रेजरी ने लॉन्ग-टर्म यील्ड में प्रॉफिट को सीमित करने में मदद के लिए बॉन्ड्स के बायबैक की योजना की जानकारी दी थी। इससे अमेरिकी डॉलर को नुकसान हआ है।
  • क्रिप्टो मार्केट में जोरदार तेजी, बिटकॉइन का प्राइस 71,000 डॉलर से ज्यादा 
    मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रिप्टो मार्केट में तेजी के पीछे इंटरनेशनल मार्केट में लिक्विडिटी की स्थिति में सुधार होना एक प्रमुख कारण है। इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के कम होने और कमजोर डॉलर के साथ ही इंस्टीट्यूशनल डिमांड में बढ़ोतरी का भी मार्केट को फायदा मिला है। अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump ने पार्लियामेंट से Crypto CLARITY Act को पास करने का निवेदन किया है।
  • Google के Pixel स्मार्टफोन्स की भारत में बढ़ सकती है मैन्युफैक्चरिंग, चीन को लगेगा झटका
    गूगल ने अपने सप्लायर्स को सूचना दी है कि वह अगले वर्ष की शुरुआत से Pixel स्मार्टफोन्स और स्मार्टवॉचेज की चीन में मैन्युफैक्चरिंग को बंद करने की योजना बना रही है। इसका कारण अमेरिका और चीन के बीच बढ़ता तनाव हो सकता है। इस तनाव का असर दोनों देशों की कंपनियों पर पड़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत और वियतनाम में गूगल ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग की कैपेसिटी को बढ़ाया है।
  • Elon Musk की नेटवर्थ 600 अरब डॉलर घटी, Tesla और SpaceX  के शेयर्स में गिरावट का असर
    SpaceX की स्टॉक मार्केट पर लिस्टिंग के बाद जून में मस्क की नेटवर्थ तेजी से बढ़कर लगभग 1.33 लाख करोड़ डॉलर पर पहुंच गई थी। हालांकि, पिछले कुछ सप्ताह में SpaceX के शेयर में बड़ी गिरावट से मस्क की नेटवर्थ घटकर लगभग 684 अरब डॉलर की है। हालांकि, इसके बावजूद दुनिया के सबसे रईस शख्स का उनका खिताब बरकरार है।
  • SpaceX को बड़ा झटका, वैल्यू में करोड़ों डॉलर की गिरावट
    SpaceX ने 135 डॉलर प्रति शेयर के प्राइस पर IPO को पेश किया था। पिछले कुछ वर्षों में कुछ बड़े स्पेस एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट्स में शामिल रही इस कंपनी का शेयर IPO के प्राइस से लगभग 20 प्रतिशत गिर चुका है। इसके साथ ही लिस्टिंग के बाद के पीक प्राइस से इसकी मार्केट वैल्यू में लगभग 1.2 लाख करोड़ डॉलर की गिरावट हुई है।
  • Apple के टचस्क्रीन MacBook Pro में होगा Samsung का OLED डिस्प्ले!
    एपल के आगामी MacBook Pro मॉडल्स के OLED टच पैनल्स के लिए Samsung Display एकमात्र सप्लायर हो सकती है। हालांकि, सैमसंग ने इसके लिए एग्रीमेंट को साइन नहीं किया है। ऐसा बताया गया है कि एपल ने इस लैपटॉप के डिवेलपमेंट की शुरुआत से सैमसंग को शामिल किया है। MacBook Pro के लिए पैनल्स बनाने में ऑक्साइड थिन-फिल्म (TFT) टेक्नोलॉजी, RGB OLED स्ट्रक्चर और टच सॉल्यूशन का इस्तेमाल होगा।
  • दुनिया की सबसे ज्यादा वैल्यू वाली कंपनी बनी Apple, चिपमेकर NVIDIA को दी मात
    Nvidia के शेयर प्राइस में सोमवार को लगभग पांच प्रतिशत की गिरावट हुई है। इससे Nvidia की मार्केट वैल्यू घटकर लगभग 4.77 लाख करोड़ डॉलर हो गई। अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी एपल के शेयर में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इससे इस अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी का वैल्यूएशन बढ़कर लगभग 4.95 लाख करोड़ डॉलर पर पहुंच गया है।
  • क्रिप्टो मार्केट में फेडरल रिजर्व की मीटिंग से पहले तेजी, बिटकॉइन का प्राइस 65,200 डॉलर से ज्यादा
    अमेरिका में फेडरल रिजर्व की मंगलवार से शुरू होने वाली मीटिंग में इंटरेस्ट रेट्स में बदलाव नहीं किए जाने का अनुमान है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स को अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी से संकेत मिलने का इंतजार है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बावजूद बिटकॉइन ने 65,000 डॉलर से ज्यादा का लेवल बरकरार रखा है।

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