• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • इजरायल गाजा युद्ध: 76 लाख पेट्रोल कारों के बराबर निकला कार्बन! रिपोर्ट में खुलासा

इजरायल-गाजा युद्ध: 76 लाख पेट्रोल कारों के बराबर निकला कार्बन! रिपोर्ट में खुलासा

रिपोर्ट के मुताबिक यह उत्सर्जन 2024 में जॉर्डन के कुल कार्बन उत्सर्जन के बराबर था।

इजरायल-गाजा युद्ध: 76 लाख पेट्रोल कारों के बराबर निकला कार्बन! रिपोर्ट में खुलासा

Photo Credit: The Guardian

इजराइल और गाजा के युद्ध में 3.3 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन हुआ था।

ख़ास बातें
  • युद्ध में 3.3 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन हुआ था।
  • यह उत्सर्जन 2024 में जॉर्डन के कुल कार्बन उत्सर्जन के बराबर था।
  • 76 लाख पेट्रोल कारों के वार्षिक उत्सर्जन के बराबर निकली कार्बन!
विज्ञापन

इजरायल और गाजा के युद्ध में 3.3 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन हुआ था। यह खुलासा एक स्टडी में किया गया है जो बताता है कि युद्ध के कारण पर्यावरण को कितना भारी नुकसान झेलना पड़ा। रिसर्च चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखती है। इसमें बताया गया है कि मिलिट्री ऑपरेशन, निर्माण गतिविधियों और युद्धोत्तर पुनर्निर्माण की गतिविधियों के कारण किस कदर उत्सर्जन पर्यावरण देखने को मिला। 

इजरायल-गाजा युद्ध के बाद के परिणामों को बयां करती यह रिसर्च हाल ही में One Earth जर्नल में प्रकाशित हुई। यह रिसर्च लंदन के क्वीन मैरी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में की गई थी और इसमें लैंकेस्टर विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ भी शामिल थे। युद्ध के दौरान यह सैन्य अभियानों, निर्माण गतिविधियों और युद्धोत्तर पुनर्निर्माण के कारण होने वाले उत्सर्जन का विस्तृत आकलन इस शोध में दिया गया है। 

कार्बन उत्सर्जन कितना बड़ा था इसे समझने के लिए एक उदाहरण यहां पर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक यह उत्सर्जन 2024 में जॉर्डन के कुल कार्बन उत्सर्जन के बराबर था। यह 76 लाख पेट्रोल कारों के वार्षिक उत्सर्जन या एक वर्ष में 3.3 करोड़ एकड़ से अधिक जंगलों द्वारा अवशोषित कार्बन की मात्रा के बराबर बताया गया है। स्टडी में पाया गया कि सक्रिय युद्ध से ही 13 लाख टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन हुआ। इसमें तोपखाने, रॉकेट और अन्य मिलिट्री उपकरणों से होने वाला उत्सर्जन शामिल है। इसके अलावा रक्षात्मक संरचनाओं के निर्माण और क्षतिग्रस्त सड़कों, घरों और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण से भी कार्बन फुटप्रिंट में काफी बढ़ोत्तरी हुई।

इस स्टडी के प्रमुख शोधकर्ता बेंजामिन नीमार्क के अनुसार, युद्ध में मानवीय और आर्थिक नुकसान सबको दिखाई देता है लेकिन युद्ध का पर्यावरणीय पर प्रभाव शायद ही कभी मापा जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लड़ाईयों से ग्रीनहाउस गैसों की बड़ी मात्रा उत्पन्न हो सकती है, चाहे वह लड़ाई के दौरान हो या फिर लड़ाई खत्म होने के बाद। शोधकर्ताओं का कहना है कि ग्लोबल क्लाइमेट रिपोर्ट अक्सर सैन्य उत्सर्जन को शामिल नहीं करती हैं। इसका सीधा सा मतलब यह है कि युद्ध के वास्तविक जलवायु प्रभाव का पूरी तरह से आकलन नहीं किया जाता है। इस दृष्टि से देखें तो युद्ध कहीं ज्यादा घातक साबित होते हैं। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Nepal Floods: नेपाल जैसी बाढ़ आ जाए तो क्या करें? ये 7 गैजेट्स बचा सकते हैं आपकी जान
  2. NASA के रोवर को मंगल पर दिखा जैली फिश जैसा जीव! फोटो ने खींचा ध्यान
  3. Poco X8 Power 5G आ रहा 10,000mAh बैटरी के साथ, 4 सितंबर को है भारत में लॉन्च, IP69 रेटिंग!
  4. Upcoming Smartphones: Poco F9 Ultra, Vivo V80 Lite 5G, Redmi 17, Poco X8 Power जैसे स्मार्टफोन्स की मचेगी धूम! 10,000mAh बैटरी
  5. Ather Konarc इलेक्ट्रिक स्कूटर हुआ लॉन्च, 161km तक रेंज, कीमत 99,999 रुपये से शुरू
  6. ₹8,549 में खरीदें 13 हजार एमआरपी वाला Oppo फोन! 6000mAh बैटरी, IP65 रेटिंग
  7. Xiaomi ला रही प्रीमियम टैबलेट, 11000mAh बैटरी, 67W चार्जिंग के साथ हुआ लीक!
  8. भारत का 5G बदलने वाला है! अब नहीं रहेगी स्पीड की समस्या, EMF लिमिट पर सरकार का बड़ा कदम
  9. 100W पावर वाला 25000mAh पावरबैंक लाई Cuktech, iPhone 17 Pro Max को तीन से ज्यादा बार करता है चार्ज!
  10. Latest OTT Release This Week: बंदर, बबीता सिंह रिपोर्टिंग, एल्फा जैसी फिल्में OTT पर रिलीज, देखें यहां
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »