सबसे अधिक वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin का प्राइस गिरकर 86,000 डॉलर से लेवल से नीचे चला गया था। हालांकि, इसमें बाद में कुछ रिकवरी हुई है
इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की ओर से की जा रही बिकवाली से बिटकॉइन के प्राइस पर प्रेशर बढ़ा है
मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में मंगलवार को काफी गिरावट हुई है। Bitcoin का प्राइस गिरकर 86,000 डॉलर से लेवल से नीचे चला गया था। हालांकि, इसमें बाद में कुछ रिकवरी हुई है। इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी के प्राइस में गिरावट से क्रिप्टो मार्केट में मंदी की आशंका दोबारा बन गई है।
इस रिपोर्ट को पब्लिश करने पर क्रिप्टो एक्सचेंज Coinmarketcap पर बिटकॉइन का प्राइस 87,200 डॉलर से कुछ अधिक पर ट्रेड कर रहा था। इसमें गिरावट का बड़ा कारण बड़ी संख्या में हो रही बिकवाली है। मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर बिकवाली का प्रेशर बढ़ता है तो इसका प्राइस 80,000 डॉलर तक जा सकता है। इसके प्राइस में इंट्राडे में तीन-चार प्रतिशत का उतार-चढ़ाव हो रहा है। बिटकॉइन के लिए बड़ा सपोर्ट 80,000 डॉलर से कुछ अधिक पर है। इसका प्राइस 80,000 डॉलर से नीचे गिरने पर 75,000 डॉलर तक जा सकता है।
अक्टूबर की शुरुआत में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद से यह लगभग 30 प्रतिशत गिरा है। इसका असर अन्य क्रिप्टोकरेंसीज पर भी पड़ा है। हाल ही में इंटरनेशनल बैंकिंग फर्म Standard Chartered ने बिटकॉइन के लिए प्राइस टारगेट को घटाया था। Standard Chartered ने इस वर्ष के अंत तक बिटकॉइन के लिए दो लाख डॉलर के पिछले पूर्वानुमान को आधा घटाकर एक लाख डॉलर किया गया है। हालांकि, बिटकॉइन के लिए लॉन्ग-टर्म के पांच लाख डॉलर के पूर्वानुमान को बरकरार रखा है लेकिन इसकी समयसीमा को बढ़ाकर 2028 से 2030 किया गया है।
इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की ओर से की जा रही बिकवाली से बिटकॉइन के प्राइस पर प्रेशर बढ़ा है। अमेरिकी सॉफ्टवेयर मेकर MicroStrategy जैसे बड़े इनवेस्टर्स ने बिटकॉइन की खरीदारी रोक दी है। इसके अलावा एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) की ओर से इनवेस्टमेंट भी घट रहा है। भारत में क्रिप्टो सेगमेंट को लेकर हाल ही में RBI की ओर से भी क्रिप्टो सेगमेंट आशंका जताई गई थी। RBI के डिप्टी गवर्नर, T Rabi Sankar ने कहा था कि क्रिप्टोकरेंसी वास्तव में एक करेंसी नहीं है क्योंकि इसमें इससे जुड़े फीचर्स नहीं हैं। उनका कहना था कि क्रिप्टोकरेंसी सिर्फ कोड का एक पीस है। यह एक फाइनेंशियल एसेट या किसी प्रकार का एसेट नहीं है। उन्होंने बताया कि मनी के मापदंड के तौर पर क्रिप्टो टोकन्स की कोई पात्रता नहीं है।
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