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Rbi - ख़बरें

  • Bitcoin में जोरदार तेजी, 65,000 डॉलर से ज्यादा हुआ प्राइस
    मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin ने कुछ सप्ताह के बाद 65,000 डॉलर से ज्यादा के लेवल को पार किया है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने का इस मार्केट पर असर पड़ सकता है। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum में भी तेजी थी और इसका प्राइस लगभग 1,880 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। Tether, BNB, Solana और XRP में भी प्रॉफिट था।
  • क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बढ़ी RBI की चिंता, बैन लगाने पर जोर
    RBI का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसीज को रेगुलेटेड फाइनेंशियल सिस्टम के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। देश में बैंकों को क्रिप्टोकरेंसीज में डील करने से रोकने वाला कोई रूल नहीं है लेकिन RBI की ओर से दी गई चेतावनियों की वजह से अधिकतर बैंकों ने इस सेगमेंट से दूरी बनाई हुई है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी क्रिप्टोकरेंसीज में ट्रेडिंग को लेकर आशंका जताई है।
  • क्रिप्टो फर्मों पर ED के छापे, 2,500 करोड़ रुपये के गैर कानूनी मनी ट्रांसफर का है आरोप
    देश में यूजर्स को रुपये को USDT जैसे स्टेबलकॉइन्स सहित क्रिप्टोकरेंसीज में कन्वर्ट करने और क्रिप्टोकरेंसीज को रुपये में कन्वर्ट करने की सर्विस ये फर्में उपलब्ध करा रही थी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से जरूरी अनुमतियां हासिल किए बिना ये फर्में विदेश में ट्रांजैक्शंस को प्रोसेस कर रही थी। ED का आरोप है कि इन फर्मों ने RBI की ओर से अनिवार्य नियमों का पालन नहीं किया है।
  • RBI ला सकता है प्लास्टिक के नोट? जानें क्या होते हैं पॉलीमर नोट और कैसे काम करती है यह टेक्नोलॉजी
    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पॉलीमर यानी प्लास्टिक आधारित करेंसी नोटों पर विचार करने की खबरों के बाद यह तकनीक एक बार फिर चर्चा में आ गई है। हालांकि केंद्रीय बैंक की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक बढ़ती नकदी मांग, नोटों की लाइफ और प्रिंटिंग लागत जैसे पहलुओं को देखते हुए इस विकल्प का मूल्यांकन किया जा रहा है। पॉलीमर नोट पारंपरिक कागजी नोटों से अलग होते हैं और इन्हें ज्यादा टिकाऊ तथा सुरक्षित माना जाता है। आइए जानते हैं कि यह तकनीक क्या है और दुनिया के कई देश इसे क्यों अपना चुके हैं।
  • OTP का जमाना गया? बैंक और टेलीकॉम ला रहे हैं नया साइलेंट सिस्टम, फ्रॉड पर लगेगा ब्रेक!
    भारत में बैंक और टेलीकॉम कंपनियां OTP आधारित ऑथेंटिकेशन को बदलने की दिशा में काम कर रही हैं। नए “silent authentication” सिस्टम में यूजर के बिना किसी एक्शन के बैकग्राउंड में SIM और मोबाइल नंबर का मिलान किया जाएगा। अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो ट्रांजैक्शन को तुरंत ब्लॉक किया जा सकता है। यह तकनीक खास तौर पर SIM क्लोनिंग और eSIM स्वैप जैसे फ्रॉड को रोकने के लिए लाई जा रही है। RBI के 2FA नियमों के तहत बैंक अब फेस ऑथेंटिकेशन, ऐप टोकन और बायोमेट्रिक जैसे सुरक्षित विकल्प भी अपना रहे हैं।
  • UPI के यूजर्स की संख्या हो सकती है दोगुनीः RBI
    UPI को ऑपरेट करने वाली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के प्रमोटर्स में RBI शामिल है। भारत में कुल डिजिटल ट्रांजैक्शंस में UPI की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत स अधिक की है। दुनिया में भारत डिजिटल तरीके से सबसे तेज पेमेंट्स करने वाला देश है। विदेश में भी कुछ देशों में इस पेमेंट सर्विस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • Crypto को लेकर फिर सख्त हुई सरकार, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बताई बड़ी परेशानी
    भारत में क्रिप्टोकरेंसी और अन्य वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) को लेकर सरकार का रुख अब और सख्त नजर आ रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के बाद अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी संसद की एक समिति के सामने क्रिप्टो से जुड़े बड़े जोखिमों को गिनाया है। टैक्स विभाग का मानना है कि VDA की नेचर ऐसी है, जिसमें पैसा आसानी से गुमनाम तरीके से और सीमा पार ट्रांसफर किया जा सकता है। इससे न सिर्फ टैक्स चोरी का खतरा बढ़ता है, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध फंडिंग जैसे मामलों पर भी लगाम लगाना मुश्किल हो जाता है।
  • क्रिप्टो को लेकर RBI की वॉर्निंग, वित्तीय स्थिरता के लिए हो सकता है बड़ा खतरा
    फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट में RBI ने कहा है कि स्टेबलकॉइन्स से जुड़ी कुछ कमजोरियों की वजह से वित्तीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। क्रिप्टो के इकोसिस्टम में स्टेबलकॉइन्स एक महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर उभरे हैं। RBI ने बताया कि विदेशी करेंसी में डिनॉमिनेशन वाले स्टेबलकॉइन्स का इस्तेमाल बढ़ने से वित्तीय नियंत्रण कमजोर हो सकता है।
  • Digtal Arrest Case: पुलिस इंस्पेक्टर बनकर 85 वर्ष के बुजुर्ग से ठगे 9 करोड़, इस तरह के स्कैम से सावधान!
    मुंबई से सामने आए एक चौंकाने वाले साइबर फ्रॉड मामले में 85 वर्षीय बुजुर्ग को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर करीब 9 करोड़ रुपये की ठगी की गई। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए। WhatsApp वीडियो कॉल, फर्जी कोर्ट और RBI दस्तावेजों के जरिए पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाया गया। डर के चलते बुजुर्ग ने अपनी सेविंग्स, म्यूचुअल फंड और FD तोड़कर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। बैंक कर्मचारी की सतर्कता से मामला उजागर हुआ।
  • Bitcoin में आ सकती है तेजी, Citigroup ने दिया 1,43,000 डॉलर का टारगेट
    अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump की चीन पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा और भारी बिकवाली से इसका प्राइस 30 प्रतिशत से ज्यादा गिरा है। Citigroup ने दूसरी सबसे अधिक वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी Ethereum के लिए इसी अवधि में 4,304 डॉलर का पूर्वानुमान दिया है।
  • इंश्योरेंस से जुड़े स्कैम को रोकने के लिए TRAI ने लागू किया नया रूल
    इस रूल के तहत, इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) की ओर से रेगुलेटेड सभी एंटिटीज को सर्विस और ट्रांजैक्शन से जुड़ी कॉल्स के लिए '1600' सीरीज के नंबर्स का इस्तेमाल करना होगा। इसका उद्देश्य वैध सर्विस और ट्रांजैक्शंस से जुड़ी कॉल्स की पहचान करना है। लगभग 570 एंटिटीज ने नई नंबरिंग सीरीज का इस्तेमाल शुरू किया है।
  • Bitcoin में भारी गिरावट, 86,000 डॉलर से नीचे गया प्राइस
    अक्टूबर की शुरुआत में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद से यह लगभग 30 प्रतिशत गिरा है। इसका असर अन्य क्रिप्टोकरेंसीज पर भी पड़ा है। हाल ही में इंटरनेशनल बैंकिंग फर्म Standard Chartered ने बिटकॉइन के लिए प्राइस टारगेट को घटाया था। Standard Chartered ने इस वर्ष के अंत तक बिटकॉइन के लिए दो लाख डॉलर के पिछले पूर्वानुमान को आधा घटाकर एक लाख डॉलर किया गया है।
  • क्रिप्टोकरेंसी कोई फाइनेंशियल एसेट नहीं, सिर्फ कोड का एक पीस हैः RBI ने दी चेतावनी
    RBI के डिप्टी गवर्नर, T Rabi Sankar ने कहा है कि क्रिप्टोकरेंसी वास्तव में एक करेंसी नहीं है क्योंकि इसमें इससे जुड़े फीचर्स नहीं हैं। भारत में क्रिप्टोकरेंसीज के लिए रेगुलेशंस नहीं हैं। Rabi Sankar ने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी सिर्फ कोड का एक पीस है। यह एक फाइनेंशियल एसेट या किसी प्रकार का एसेट नहीं है। उन्होंने बताया कि मनी के मापदंड के तौर पर क्रिप्टो टोकन्स की कोई पात्रता नहीं है।
  • “घर से मत निकलना... हम देख रहे हैं” - महिला को 6 महीने तक रखा डिजिटल अरेस्ट में, ठग लिए 32 करोड़!
    बेंगलुरु में सामने आई यह घटना भारत में अब तक के सबसे बड़े डिजिटल अरेस्ट स्कैम्स में से एक है। 57-साल की महिला को ठगों ने DHL, साइबरक्राइम विभाग, CBI और RBI के नाम पर डराया और उसके फोन, लोकेशन और कैमरा को लगातार मॉनिटर करते हुए उसे वर्चुअल हाउस-अरेस्ट जैसा माहौल बना दिया। महिला से 187 ट्रांजैक्शन कराए गए, जिनकी कुल राशि 31.83 करोड़ रुपये रही। उसे बताया गया कि उसकी पहचान अपराधियों ने मिसयूज की और खुद को ‘क्लियर’ करने के लिए अपनी सारी संपत्ति FIU जांच के लिए जमा करनी होगी। पीड़ित महिला ने बेटे की शादी के बाद जून 2025 में जाकर शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
  • अब नहीं डालना पड़ेगा UPI PIN! फिंगरप्रिंट और फेस अनलॉक से ऐसे होगा होगा पेमेंट, जानें स्टेप्स
    NPCI और RBI ने मिलकर डिजिटल पेमेंट्स को एक नए लेवल पर ले जाने की तैयारी कर ली है। अब UPI ट्रांजेक्शंस के लिए हर बार PIN डालने की झंझट खत्म होने वाली है। इसके बजाय यूजर्स अपने स्मार्टफोन के फिंगरप्रिंट स्कैनर या फेस अनलॉक का इस्तेमाल करके पेमेंट कर सकेंगे। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद रहेगा जो बार-बार PIN टाइप करने में दिक्कत महसूस करते हैं या मोबाइल पेमेंट में नए हैं। NPCI के मुताबिक, यह फीचर वैकल्पिक (optional) रहेगा यानी अगर कोई यूजर चाहे तो पुराना PIN सिस्टम भी इस्तेमाल कर सकता है। लेकिन बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से पेमेंट करने पर पूरी प्रोसेस तेज और आसान हो जाएगी। चलिए पूरा प्रोसेस जानते हैं।

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