इस मामले में जालसाजों ने जाली क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए इस कारोबारी को ज्यादा रिटर्न का लालच देकर फंसाया था
इस मामले में पीड़ित ने फेसबुक पर जाली क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स का विज्ञापन देखा था
पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े स्कैम के मामले तेजी से बढ़े हैं। आंध्र प्रदेश के एक कारोबारी के साथ इसी तरह के एक फ्रॉड में 1.56 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। इस मामले में जालसाजों ने जाली क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए इस कारोबारी को ज्यादा रिटर्न का लालच देकर फंसाया था।
एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि आंध्र प्रदेश में मल्काजगिरि सायबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कारोबारी ने पुलिस को बताया कि पिछले वर्ष फेसबुक पर उन्होंने दो क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स को देखा था। ज्यादा रिटर्न और एक्सपर्ट की गाइडेंस के वादे के बाद उन्होंने finaltofiscal.com पर रजिस्ट्रेशन किया था। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत और बैंकिंग डिटेल्स शेयर करने के बाद क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग के लिए रकम को ट्रांसफर करना शुरू किया था। उन्होंने कहा, "शुरुआत में 50,000 रुपये के डिपॉजिट पर मुझे 10,000 रुपये का प्रॉफिट दिख रहा था। इसके बाद मैंने बड़ी रकम ट्रांसफर करना जारी रखा।"
इसके बाद खुद को Amulya Reddy बताने वाले एक जालसाज ने उनसे WhatsApp के जरिए संपर्क कर ज्यादा रिटर्न के स्क्रीनशॉट दिखाए और सभी ट्रांजैक्शंस को गोपनीय रखने का निर्देश दिया। जब उनका बैलेंस 50,000 USDT (लगभग 45.3 लाख रुपये) से ज्यादा हो गया, तो जालसाजों ने उनसे विड्रॉल के लिए लगभग 23 लाख रुपये का टैक्स मांगा। इस टैक्स का भुगतान करने के बाद भी उनका फंड जारी नहीं किया गया। इसके बाद एक अन्य एजेंट ने उन्हें m.pfpgoldfx.vip पर रकम लगाने का झांसा दिया और पीड़ित ने इस जाली क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर भी बड़ी रकम को ट्रांसफर कर दिया।
इस पीड़ित से जालसाजों ने टैक्स और कुछ अन्य मांगों के जरिए लाखों रुपये वसूले थे। इन दोनों जाली क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर रकम के विड्रॉल में नाकाम रहने पर पीड़ित को ठगी होने का पता चला और उन्होंने सायबर क्राइम पुलिस स्टेशन से संपर्क किया। इस पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष 11 अगस्त से इस वर्ष 9 जनवरी के बीच कई ट्रांजैक्शंस में 1.57 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे। उनकी शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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