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Ethereum - ख़बरें

  • क्रिप्टो को लेकर RBI की वॉर्निंग, वित्तीय स्थिरता के लिए हो सकता है बड़ा खतरा
    फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट में RBI ने कहा है कि स्टेबलकॉइन्स से जुड़ी कुछ कमजोरियों की वजह से वित्तीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। क्रिप्टो के इकोसिस्टम में स्टेबलकॉइन्स एक महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर उभरे हैं। RBI ने बताया कि विदेशी करेंसी में डिनॉमिनेशन वाले स्टेबलकॉइन्स का इस्तेमाल बढ़ने से वित्तीय नियंत्रण कमजोर हो सकता है।
  • क्रिप्टो एक्सचेंज Coinbase पर सायबर अटैक का आरोपी भारत से हुआ गिरफ्तार
    बड़े इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंजों में शामिल Coinbase ने बताया था कि हैकर्स ने अमेरिका के बाहर उसके कॉन्ट्रैक्टर्स और वर्कर्स को रिश्वत देकर कस्टमर्स के संवेदनशील डेटा को चुराया था। इस मामले में हैकर्स ने दो करोड़ डॉलर की फिरौती की भी मांग की थी। Coinbase ने बताया था कि सायबर अटैक से उसे 40 करोड़ डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है।
  • क्रिप्टो से सरकार को मिलने वाला TDS 41 प्रतिशत बढ़ा, महाराष्ट्र की सबसे अधिक हिस्सेदारी
    महाराष्ट्र में हेडक्वार्टर रखने वाले क्रिप्टो एक्सचेंजों से सबसे अधिक 293.40 करोड़ रुपये का TDS प्राप्त हुआ है। इसके बाद दूसरे स्थान पर कर्नाटक (133.94 करोड़ रुपये) और तीसरे स्थान पर गुजरात (28.63 करोड़ रुपये) है। राजधानी दिल्ली से यह टैक्स 28.33 करोड़ रुपये का है। TDS का यह डेटा उन लोकेशंस से जुड़ा है जहां क्रिप्टो एक्सचेंज मौजूद हैं। यह वास्तविक ट्रेड्स की लोकेशन पर बेस्ड नहीं है।
  • क्रिप्टो माइनिंग से रूस की करेंसी रूबल में आ रही मजबूती
    हाल ही में रूस के प्रेसिडेंट Vladimir Putin के प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि क्रिप्टो माइनिंग से जुड़े फंड का अनुमान लगाना मुश्किल है। इस वजह से रूबल के लिए सही पूर्वानुमान नहीं दिया जा सकता है। उनका कहना था कि रूस के लिए क्रिप्टो माइनिंग एक छिपा हुआ एक्सपोर्ट बन गया है और इससे देश के फॉरेन एक्सचेंज मार्केट पर असर पड़ रहा है।
  • Bitcoin में आ सकती है तेजी, Citigroup ने दिया 1,43,000 डॉलर का टारगेट
    अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump की चीन पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा और भारी बिकवाली से इसका प्राइस 30 प्रतिशत से ज्यादा गिरा है। Citigroup ने दूसरी सबसे अधिक वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी Ethereum के लिए इसी अवधि में 4,304 डॉलर का पूर्वानुमान दिया है।
  • Bitcoin में भारी गिरावट, 86,000 डॉलर से नीचे गया प्राइस
    अक्टूबर की शुरुआत में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद से यह लगभग 30 प्रतिशत गिरा है। इसका असर अन्य क्रिप्टोकरेंसीज पर भी पड़ा है। हाल ही में इंटरनेशनल बैंकिंग फर्म Standard Chartered ने बिटकॉइन के लिए प्राइस टारगेट को घटाया था। Standard Chartered ने इस वर्ष के अंत तक बिटकॉइन के लिए दो लाख डॉलर के पिछले पूर्वानुमान को आधा घटाकर एक लाख डॉलर किया गया है।
  • भारत में क्रिप्टो इनवेस्टमेंट में उत्तर प्रदेश का टॉप रैंक
    उत्तर प्रदेश में इनवेस्टर्स की डिजिटल एसेट्स में दिलचस्पी बढ़ी है। उत्तर प्रदेश में क्रिप्टोकरेंसीज में इनवेस्टमेंट और ट्रेडिंग के लिए बिटकॉइन सबसे अधिक लोकप्रिय है। हालांकि, राज्य में इनवेस्टर्स ने स्मॉल-कैप, मिड-कैप और लार्ज-कैप क्रिप्टो टोकन्स में भी इनवेस्टमेंट किया है। देश में क्रिप्टो सेगमेंट में नॉन-मेट्रो शहरों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है।
  • क्रिप्टोकरेंसी कोई फाइनेंशियल एसेट नहीं, सिर्फ कोड का एक पीस हैः RBI ने दी चेतावनी
    RBI के डिप्टी गवर्नर, T Rabi Sankar ने कहा है कि क्रिप्टोकरेंसी वास्तव में एक करेंसी नहीं है क्योंकि इसमें इससे जुड़े फीचर्स नहीं हैं। भारत में क्रिप्टोकरेंसीज के लिए रेगुलेशंस नहीं हैं। Rabi Sankar ने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी सिर्फ कोड का एक पीस है। यह एक फाइनेंशियल एसेट या किसी प्रकार का एसेट नहीं है। उन्होंने बताया कि मनी के मापदंड के तौर पर क्रिप्टो टोकन्स की कोई पात्रता नहीं है।
  • क्रिप्टो से जुड़े अपराध के मामलों में ED ने अटैच किए 4,190 करोड़ रुपये
    सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस की स्क्रूटनी को बढ़ाया है। CBDT ने संदिग्ध क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस को पकड़ने के लिए मारे गए छापों में लगभग 889 करोड़ रुपये की रकम का खुलासा किया है। डिजिटल एसेट्स में ट्रेडिंग या इनवेस्टमेंट करने वाले टैक्सपेयर्स को CBDT ने 44,057 कम्युनिकेशंस भेजे हैं। इन लोगों ने अपने इनकम टैक्स रिटर्न में इन ट्रांजैक्शंस की जानकारी नहीं दी थी।
  • Bitcoin की गैर कानूनी माइनिंग करने वालों ने मलेशिया में चुराई 1 अरब डॉलर की इलेक्ट्रिसिटी
    पिछले पांच वर्षों में मलेशिया में अथॉरिटीज ने लगभग 14,000 गैर कानूनी माइनिंग साइट्स की पहचान की है। इससे मलेशिया की सरकारी एनर्जी कंपनी को लगभग 1.1 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। इस सबसे अधिक वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग एक बड़ा कारोबार है। इसकी माइनिंग में अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 75 प्रतिशत की है।
  • Bitcoin का प्राइस 86,000 डॉलर से नीचे, बिकवाली का बड़ा असर
    बिटकॉइन ने अक्टूबर में लगभग 1,26,251 डॉलर का हाई बनाया था। इसके बाद से बिटकॉइन की वैल्यू 30 प्रतिशत से ज्यादा घटी है। इसका असर अन्य क्रिप्टोकरेंसीज पर भी पड़ा है। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum का प्राइस पांच प्रतिशत से अधिक गिरकर लगभग 2,838 डॉलर पर था। इसके अलावा Solana, Cardano, Tron और BNB के प्राइस भी टूटे हैं।
  • क्रिप्टो मार्केट के लिए भारी पड़ा नवंबर, Bitcoin में 20 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट
    बिटकॉइन के प्राइस में कमी का बड़ा असर इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स पर भी पड़ा है। इससे एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर कंपनी MicroStrategy जैसे इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स पर मार्जिन का प्रेशर बढ़ सकता है। माइक्रोस्ट्रैटेजी का बिटकॉइन में बड़ा इनवेस्टमेंट है और इस गिरावट से कंपनी की मार्केट वैल्यू भी घटी है। अक्टूबर में क्रिप्टो मार्केट की वैल्यू लगभग 4.28 लाख करोड़ डॉलर के हाई से घटकर 3.01 लाख करोड़ डॉलर की है।
  • Bitcoin में भारी गिरावट, प्राइस 83,000 डॉलर से नीचे 
    क्रिप्टो का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 2.8 लाख करोड़ डॉलर का है। पिछले महीने की शुरुआत यह लगभग 4.4 लाख करोड़ डॉलर पर था। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि बिटकॉइन में भारी बिकवाली से डेटा लेकर इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी खरीदने वाले MicroStrategy जैसे इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स पर मार्जिन का प्रेशर बढ़ सकता है।
  • Bitcoin में भारी गिरावट से क्रिप्टो मार्केट को झटका, कुछ सप्ताह में 1.2 लाख करोड़ डॉलर का नुकसान
    पिछले छह सप्ताह में इंटरनेशनल क्रिप्टोकरेंसी मार्केट की वैल्यू लगभग एक-चौथाई घटी है। पिछले महीने की शुरुआत में यह लगभग 4.4 लाख करोड़ डॉलर से लगभग 1.2 लाख करोड़ डॉलर घट गई है। क्रिप्टो मार्केट का कैपिटलाइजेशन लगभग 3.15 लाख करोड़ डॉलर रह गया है। इसका बड़ा कारण बिटकॉइन में भारी गिरावट है। कुछ अन्य क्रिप्टोकरेंसीज में भी बड़ी गिरावट हुई है।
  • बिटकॉइन पर बिकवाली की मार, 90,000 डॉलर से नीचे गिरा प्राइस
    बिटकॉइन का प्राइस घटकर 90,000 डॉलर से कम हो गया। यह सात महीनों का इसका सबसे कम प्राइस है। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि अमेरिका में इंटरेस्ट रेट में कटौती की कम संभावना और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) की ओर से बिकवाली इस गिरावट के पीछे बड़े कारण हैं। Ethereum और XRP जैसी कुछ अन्य क्रिप्टोकरेंसीज के प्राइस भी काफी घटे हैं।

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