ट्रंप की ओर से दाखिल की गई फाइनेंशियल रिपोर्ट में बकाया गया है कि Celebration Coins कही जाने वाली एक एंटिटी से उन्हें रॉयल्टी के तौर पर लगभग 63.5 करोड़ डॉलर मिले हैं। ट्रंप ने प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी संभालने से पहले $TRUMP मीम कॉइन लॉन्च किया था। ऐसा बताया गया है कि इस मीम कॉइन को Celebration Coins के जरिए मार्केट में लाया गया था।
बिटकॉइन में जून में 20 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट हुई है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स का फोकस फेडरल रिजर्व के चेयरमैन, Kevin Warsh के संबोधन पर है जिससे आगामी मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर कोई संकेत मिल सकता है। फेडरल रिजर्व की ओर से पॉजिटिव स्टेटमेंट आने पर बिटकॉइन के दोबारा 60,000 डॉलर के लेवल को पार करने की संभावना है।
ब्लॉकचेन रिसर्सर्स ने एक जांच में पाया है कि ईरान के सेंट्रल बैंक के कंट्रोल वाले दो क्रिप्टो वॉलेट्स में क्रिप्टो एक्सचेंज Bybit से चुराया गया फंड मौजूद था। Bybit में हैंकिंग के जरिए 1.5 अरब डॉलर का फंड चुराया गया था। इस मामले में नॉर्थ कोरिया के हैकर्स पर आरोप लगा था। ईरान से जुड़े क्रिप्टो वॉलेट्स से फंड को कई ट्रांजैक्शंस में विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर भेजा गया था।
बिटकॉइन का प्राइस लगभग 20 महीनों में पहली बार 60,000 डॉलर के लेवल से नीचे गिया है। इस वर्ष बिटकॉइन का प्राइस लगभग 32 प्रतिशत टूटा है। इसके अलावा Solana में लगभग 47 प्रतिशत की गिरावट हुई है। पिछले साइकल्स के विपरीत, क्रिप्टोकरेंसीज में स्टॉक मार्केट में रिकवरी के साथ तेजी नहीं आ रही। इससे क्रिप्टो मार्केट का शेयर मार्केट के मूवमेंट के साथ लिंक कमजोर होता लग रहा है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI और टेक्नोलॉजी शेयर्स में बिकवाली की वजह से रिस्क वाल एसेट्स से इनवेस्टर्स ने दूरी बनाई है। अमेरिका में फेडरल रिजर्व के सतर्क रवैये और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) से विड्रॉल का भी मार्केट के सेंटीमेंट पर असर पड़ा है। बिटकॉइन के लिए रेजिस्टेंस लगभग 64,200 डॉलर पर है। इस महीने के हाई लेवल से बिटकॉइन लगभग 13 प्रतिशत तक गिरा है।
देश में यूजर्स को रुपये को USDT जैसे स्टेबलकॉइन्स सहित क्रिप्टोकरेंसीज में कन्वर्ट करने और क्रिप्टोकरेंसीज को रुपये में कन्वर्ट करने की सर्विस ये फर्में उपलब्ध करा रही थी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से जरूरी अनुमतियां हासिल किए बिना ये फर्में विदेश में ट्रांजैक्शंस को प्रोसेस कर रही थी। ED का आरोप है कि इन फर्मों ने RBI की ओर से अनिवार्य नियमों का पालन नहीं किया है।
अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने से मार्केट के सेंटीमेंट में सुधार हुआ है। क्रिप्टो मार्केट में व्हेल्स की एक्टिविटी भी बढ़ी है। व्हेल्स ने एक्सचेंजों से 11,000 से ज्यादा बिटकॉइन को विड्रॉ किया है। इससे बिकवाली का दबाव घटने और बड़े क्रिप्टो होल्डर्स के बीच भरोसा बढ़ने का संकेत मिल रहा है। इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स ने बिटकॉइन में इनवेस्टमेंट को बढ़ाया है।
सबसे अधिक वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन का प्राइस दो सप्ताह के हाई लेवल पर था। अमेरिका और ईरान ने कहा है कि उनके बीच हमलों को बंद करने और होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने को लेकर सहमति बन गई है। इन दोनों देशों के बीच जल्द समझौता हो सकता है। अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump ने कहा है कि ईरान के साथ डील हो गई है और होर्मुज की नाकाबंदी को समाप्त किया जाएगा।
पिछले सप्ताह इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी में भारी गिरावट हुई थी और इसका प्राइस 60,000 डॉलर से नीचे चला गया था। अमेरिका के प्रेसिडेंट के तौर पर Donald Trump के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में क्रिप्टो मार्केट को बढ़ाने के लिए फैसले लिए जाने की संभावना से बिटकॉइन में काफी तेजी आई थी और बिटकॉइन ने एक लाख डॉलर का लेवल पार किया था। हालांकि, इसके बाद से क्रिप्टो मार्केट में सेंटीमेंट काफी बदला है।
Strategy ने बताया है कि उसने 1 जून से 7 जून के बीच 1,550 बिटकॉइन लगभग 10.13 करोड़ डॉलर में खरीदे हैं। इसके लिए प्रति बिटकॉइन लगभग 65,332 डॉलर का औसत प्राइस दिया गया है। इस अमेरिकी कंपनी के पास कुल 8,45,256 बिटकॉइन हैं। Strategy की बिटकॉइन होल्डिंग की वैल्यू लगभग 53.5 अरब डॉलर की है। बिटकॉइन की लगभग 2.1 करोड़ टोकन की कुल सप्लाई में से Strategy के पास चार प्रतिशत से अधिक है।
एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर मेकर Strategy (पहले MicroStrategy) के चेयरमैन, Michael Saylor ने बताया है कि कंपनी जल्द ही बिटकॉइन की खरीदारी कर सकती है। इससे क्रिप्टो मार्केट में सेंटीमेंट मजबूत हुआ है। हाल ही में Strategy ने कुछ बिटकॉइन की बिकवाली की थी। इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी की यह सबसे बड़ी कॉरपोरेट होल्डर है।
हाल ही में Reuters की जांच में बताया गया था कि Nobitex के ईरान के सेंट्रल बैंक और इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के लिए लाखों डॉलर की ट्रांजैक्शंस को प्रोसेस करने में मदद की थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान में सरकार की ओर से इंटरनेट को बंद करने के बाद भी Nobitex का कामकाज चल रहा था।
Bitcoin का प्राइस लगभग 67,340 डॉलर पर था। यह पिछले दो महीने में इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी का सबसे कम लेवल है। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum में भी नुकसान था। Ethereum का प्राइस लगभग 1,920 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। गिरावट वाली अन्य क्रिप्टोकरेंसीज में Solana, BNB, Tether और XRP शामिल थे।
मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि क्रिप्टो मार्केट को स्पॉट बिटकॉइन ETFs से पिछले 10 दिनों में दो अरब डॉलर से ज्यादा का आउटफ्लो होने से झटका लगा है। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर कोई समाधान नहीं निकलने से भी मार्केट पर प्रेशर है। अमेरिकी स्टॉक मार्केट में तेजी जारी रहने से यह संकेत मिल रहा है कि क्रिप्टो मार्केट को बड़े मार्केट्स से फायदा नहीं मिल रहा है।
अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ईरान की पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिका का आरोप है कि ईरान जहाजों से वसूली कर रहा है। पिछले वर्ष अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से अधिक का हाई लेवल बनाया था। इसके बाद से इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी का प्राइस लगभग 40 प्रतिशत घटा है।