AI की मदद से Google के सब्सक्राइबर्स हुए 15 करोड़ से ज्यादा 

पिछले वर्ष Alphabet के लगभग 350 अरब डॉलर के रेवेन्यू में ऐडवर्टाइजिंग की हिस्सेदारी तीन-चौथाई से अधिक की थी। AI चैटबॉट्स से गूगल जैसे इंटरनेट सर्च इंजंस के लिए मुश्किल बढ़ गई है

AI की मदद से Google के सब्सक्राइबर्स हुए 15 करोड़ से ज्यादा 

पिछले कुछ वर्षों में Alphabet को ChatGPT जैसे AI चैटबॉट्स से कड़ी टक्कर मिल रही है

ख़ास बातें
  • Google One के फ्री यूजर्स के लिए AI फीचर्स का एक्सेस उपलब्ध नहीं है
  • इस सर्विस के फाइल स्टोरेज जैसे फीचर्स के लिए कम प्राइस वाला प्लान है
  • AI चैटबॉट्स से गूगल जैसे इंटरनेट सर्च इंजंस के लिए मुश्किल बढ़ गई है
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अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी Alphabet की Google One सब्सक्रिप्शन सर्विस के 15 करोड़ सब्सक्राइबर्स से ज्यादा हो गए हैं। इस सर्विस में सब्सक्राइबर्स को क्लाउड स्टोरेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( AI) फीचर्स के लिए भुगतान करना होता है। Google One की सर्विस शुरू होने के लगभग छह वर्ष बाद पिछले वर्ष फरवरी में इसके सब्सक्राइबर्स की संख्या 10 करोड़ से अधिक हुई थी। इसके साथ ही गूगल ने AI फीचर्स के एक्सेस वाला पेड प्लान पेश किया था। इस प्लान का प्राइस 19.99 डॉलर प्रति माह का था। 

हालांकि, Google One के फ्री यूजर्स के लिए AI फीचर्स का एक्सेस उपलब्ध नहीं है। इस सर्विस के फाइल स्टोरेज जैसे फीचर्स के लिए कम प्राइस वाला प्लान है। गूगल की वाइस प्रेसिडेंट, Shimrit Ben-Yair ने बताया है कि AI फीचर्स वाले प्लान के लाखों सब्सक्राइबर्स हो गए हैं। पिछले कुछ वर्षों में Alphabet को OpenAI के ChatGPT जैसे AI चैटबॉट्स से कड़ी टक्कर मिल रही है। Alphabet को Google One सर्विस के सब्सक्रिप्शंस बढ़ने से लॉन्ग-टर्म में वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में सहायता मिल सकती है। यह सर्विस ऐडवर्टाइजिंग के अलावा रेवेन्यू के सोर्सेज को बढ़ाने से जुड़ी Alphabet की एक बड़ी कोशिश है। 

पिछले वर्ष Alphabet के लगभग 350 अरब डॉलर के रेवेन्यू में ऐडवर्टाइजिंग की हिस्सेदारी तीन-चौथाई से अधिक की थी। AI चैटबॉट्स से गूगल जैसे इंटरनेट सर्च इंजंस के लिए मुश्किल बढ़ गई है। हालांकि, गूगल के पास Gemini के तौर पर अपना AI चैटबॉट भी मौजूद है। इन चैटबॉट्स की वजह से Apple के Safari ब्राउजर पर सर्च में पहली बार कमी हुई है। आईफोन बनाने वाली इस अमेरिकी कंपनी ने भी AI सपोर्ट वाले सर्च के विकल्प पेश करने की तैयारी की है। इससे Alphabet को बड़ा झटका लग सकता है। इस आशंका के कारण Alphabet के शेयर प्राइस में भी भारी गिरावट हुई थी। 

सर्च इंजंस के विपरित, AI इंटरफेस के पास ऐडवर्टाइजमेंट्स को शामिल करने का कोई आसान तरीका नहीं है। इस वजह से यह सर्विस उपलब्ध कराने वाली कुछ कंपनियां इसके लिए यूजर्स से सब्सक्रिप्शन या प्रोडक्ट के इस्तेमाल के आधार पर भुगतान लेती हैं। हाल ही में गूगल के CEO, Sundar Pichai ने बताया था कि Gemini के लिए YouTube की तरह विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे। 

 
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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