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Profit - ख़बरें

  • सैमसंग ने पहली तिमाही में बनाया रेवेन्यू का रिकॉर्ड, मेमोरी चिप की जोरदार डिमांड 
    मौजूदा वर्ष की पहली तिमाही में Samsung का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू KRW 133.9 लाख करोड़ और ऑपरेटिंग प्रॉफिट KRW 57.2 लाख करोड़ (लगभग 3,00,000 करोड़ रुपये) का रहा है। कंपनी की ग्रोथ में डिवाइस सॉल्यूशंस (DS) डिविजन, विशेषतौर पर मेमोरी कंपोनेंट्स के बिजनेस का बड़ा योगदान है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी डिमांड के बढ़ने और तकनीकी विशेषज्ञता का कंपनी को फायदा मिल रहा है।
  • Bitcoin का प्राइस चढ़ा, ईरान के साथ डील की संभावना का असर 
    पिछले कुछ सप्ताह से बिटकॉइन एक रेंज में ट्रेड कर रहा है। इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी के लिए 72,000 डॉलर पर महत्वपूर्ण सपोर्ट और लगभग 79,000 डॉलर पर रेजिस्टेंस है। बिटकॉइन के 80,000 डॉलर का लेवल पार करने पर इसमें काफी तेजी आ सकती है। पिछले वर्ष अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से अधिक का हाई लेवल बनाया था। इसके बाद से इसमें लगभग 40 प्रतिशत की गिरावट हुई है।
  • Infosys में बंपर हायरिंग, 20,000 फ्रेशर्स का होगा रिक्रूटमेंट
    इंफोसिस के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, Jayesh Sanghrajka ने बताया कि पिछले फाइनेंशियल ईयर में 20,000 फ्रेशर्स की हायरिंग की गई थी। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में भी कंपनी की समान संख्या में रिक्रूटमेंट करने की योजना है। पिछले फाइनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही में तीसरी तिमाही की तुलना में इंफोसिस की वर्कफोर्स में 8,440 की कमी हुई है। मार्च के अंत में कंपनी के पास 3,28,594 कुल वर्कर्स थे।
  • TCS का नेट प्रॉफिट बढ़कर 13,718 करोड़ रुपये, कंपनी देगी 31 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड
    पिछले फाइनेंशियल ईयर में TCS का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट वर्ष-दर-वर्ष आधार पर लगभग 1.35 प्रतिशत बढ़कर लगभग 49,210 करोड़ रुपये का रहा है। चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 9.64 प्रतिशत बढ़कर लगभग 70,698 करोड़ रुपये का है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में TCS का रेवेन्यू वर्ष-दर-वर्ष आधार पर लगभग 4.58 प्रतिशत बढ़कर लगभग 2,67,021 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
  • Bitcoin में इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के दम पर तेजी, 73,000 डॉलर से ज्यादा हुआ प्राइस
    मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि बिटकॉइन एक रेंज में ट्रेड कर रहा है। इसके पीछे ईरान पर हो रहे हमले, मैक्रोइकोनॉमिक डिवेलपमेंट्स और क्रूड ऑयल के प्राइसेज में उतार-चढ़ाव जैसे कारण हैं। हालांकि, इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की ओर से फंड लगाने और मार्केट सेंटीमेंट में कुछ सुधार होने से बिटकॉइन में मजबूती आई है।
  • बजट में क्रिप्टो पर टैक्स में कोई राहत नहीं, ट्रांजैक्शंस की रिपोर्ट नहीं देने पर लगेगा जुर्माना
    क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस पर एक प्रतिशत के टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स (TDS) को बरकरार रखा गया है। इसके अलावा क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस से मिलने वाले प्रॉफिट पर 30 प्रतिशत के टैक्स और सेस में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। क्रिप्टो सेगमेंट को लेकर केंद्र सरकार का सख्त रवैया बरकरार है। पिछले वित्त वर्ष में सरकार को क्रिप्टो एक्सचेंजों से VDA पर मिलने वाले TDS में 41 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
  • Bitcoin में भारी गिरावट, 75,000 डॉलर से कम हुआ प्राइस
    बिटकॉइन का प्राइस शुरुआती कारोबार में गिरकर 74,683 डॉलर तक गया था। यह पिछले वर्ष अप्रैल के बाद से इसका सबसे निचला लेवल है। जनवरी में बिटकॉइन में लगभग 11 प्रतिशत की गिरावट हुई थी। पिछले चार महीनों से इसमें नुकसान है। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum का प्राइस भी काफी टूटा है। यह 2,200 डॉलर से कम हो गया था।
  • सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने बढ़ाया क्रिप्टो का रिजर्व, 26 करोड़ डॉलर में खरीदे 2,932 बिटकॉइन 
    कंपनी ने बताया है कि उसने 20 जनवरी से 25 जनवरी के बीच 2,932 बिटकॉइन लगभग 26.41 करोड़ डॉलर में खरीदे हैं। इसके लिए 90,061 डॉलर प्रति Bitcoin का औसत प्राइस चुकाया गया है। पिछले वर्ष की शुरुआत में अमेरिका के प्रेसिडेंट के तौर पर Donald Trump के कार्यभार संभालने के बाद इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी का प्राइस तेजी से बढ़ा था। हालांकि, इसके बाद से इसमें काफी गिरावट हुई है।
  • Infosys ने वर्क-फ्रॉम-होम वाले वर्कर्स से मांगी इलेक्ट्रिसिटी बिल की जानकारी, ये है कारण....
    इंफोसिस के इंटरनेशनल लेवल पर लगभग तीन लाख वर्कर्स हैं और इनमें हाइब्रिड मोड पर कार्य करने वालों की बड़ी संख्या है। कंपनी एनवायरमेंट से जुड़े अपने लक्ष्यों को पूरा करना चाहती है और यह 15 वर्षों के लिए अपना सस्टेनेबिलिटी फ्रेमवर्क बना रही है। इस सर्वे में वर्कर्स को इलेक्ट्रिसिटी की खपत के अलावा उन अप्लायंसेज की भी जानकारी देनी है जिनका वर्क-फ्रॉम-होम के दौरान वे इस्तेमाल करते हैं।
  • Infosys के प्रॉफिट में गिरावट, नए लेबर कोड का पड़ा बड़ा असर
    इंफोसिस का तीसरी तिमाही में रेवेन्यू 8.89 प्रतिशत बढ़कर 45,479 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले फाइनेंशियल ईयर की समान अवधि में लगभग 41,764 करोड़ रुपये का था। कंपनी ने बताया है कि पिछली तिमाही में नए लेबर कोड के लागू होने उसे 1,289 करोड़ रुपये के असाधारण चार्ज के लिए प्रोविजन करना पड़ा है। हालांकि, कंपनी के लिए डील की पाइपलाइन मजबूत रही है।
  • TCS को लगा झटका, प्रॉफिट में हुई बड़ी गिरावट
    तीसरी तिमाही में TCS की ऑपरेटिंग इनकम बढ़कर लगभग 16,889 करोड़ रुपये की रही है। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह इनकम 15,657 करोड़ रुपये की थी। TCS का ऑपरेशंस से रेवेन्यू वर्ष-दर-वर्ष आधार पर लगभग पांच प्रतिशत बढ़कर 67,087 करोड़ रुपये का रहा हैTCS ने शेयरहोल्डर्स के लिए 11 रुपये के तीसरे इंटरिम डिविडेंड और 46 रुपये प्रति शेयर के स्पेशल डिविडेंड की भी घोषणा की है।
  • TCS ने वर्क-फ्रॉम-ऑफिस का रूल नहीं मानने वर्कर्स की सैलरी में बढ़ोतरी पर लगाई रोक  
    बहुत सी IT कंपनियों में वर्कर्स को एक सप्ताह में दो या तीन दिन ऑफिस से कार्य करने के नियम का पालन करना होता है। TCS ने वेरिएबल पे को भी अटेंडेंस के रूल का पालन करने से जोड़ा है। हालांकि, इस पॉलिसी में प्रति तिमाही व्यक्तिगत इमरजेंसी के लिए इस रूल में छह दिन की छूट दी गई है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 5.4 प्रतिशत घटा है।
  • TCS को लगा झटका, ट्रेड सीक्रेट से जुड़े मामले में देना होगा 19 करोड़ डॉलर से ज्यादा का हर्जाना
    पिछले वर्ष अमेरिका के एक डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने TCS को ट्रेड सीक्रेट्स के गलत इस्तेमाल के लिए दोषी पाया था। इसके लिए कंपनी को 19.4 करोड़ डॉलर का हर्जाना चुकाने का ऑर्डर दिया गया था। TCS ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया है कि यूनाइडेड स्टेट्स कोर्ट ऑफ अपील्स ने इस मामले में एक प्रतिकूल फैसला दिया है और हर्जाने पर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के आदेश की पुष्टि की है।
  • TCS में हजारों वर्कर्स की छंटनी पर बढ़ा विरोध, IT वर्कर्स यूनियन ने किया प्रदर्शन
    इस छंटनी के खिलाफ IT & ITES Democratic Employees Association (IIDEA) ने मंगलवार को बेंगलुरु में कंपनी के व्हाइटफील्ड कैम्पस के सामने विरोध प्रदर्शन किया है। इससे पहले Union of IT and ITES Employees ने कहा था कि वर्कर्स को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हालांकि, TCS ने इन आरोपों को गलत बताया है।
  • TCS को लगा झटका, प्रॉफिट में 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट
    TCS ने दूसरी तिमाही में लगभग 1,135 करोड़ रुपये का असाधारण खर्च किया है। यह खर्च रिस्ट्रक्चरिंग से जुड़ा है। जुलाई से सितंबर की अवधि में कंपनी का रेवेन्यू लगभग 3.7 प्रतिशत बढ़कर 65,799 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पिछली तिमाही में यह 63,437 करोड़ रुपये का था। दूसरी तिमाही में TCS की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू लगभग 10 अरब डॉलर की है।

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