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Profit - ख़बरें

  • Bitcoin में भारी गिरावट, 75,000 डॉलर से कम हुआ प्राइस
    बिटकॉइन का प्राइस शुरुआती कारोबार में गिरकर 74,683 डॉलर तक गया था। यह पिछले वर्ष अप्रैल के बाद से इसका सबसे निचला लेवल है। जनवरी में बिटकॉइन में लगभग 11 प्रतिशत की गिरावट हुई थी। पिछले चार महीनों से इसमें नुकसान है। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum का प्राइस भी काफी टूटा है। यह 2,200 डॉलर से कम हो गया था।
  • सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने बढ़ाया क्रिप्टो का रिजर्व, 26 करोड़ डॉलर में खरीदे 2,932 बिटकॉइन 
    कंपनी ने बताया है कि उसने 20 जनवरी से 25 जनवरी के बीच 2,932 बिटकॉइन लगभग 26.41 करोड़ डॉलर में खरीदे हैं। इसके लिए 90,061 डॉलर प्रति Bitcoin का औसत प्राइस चुकाया गया है। पिछले वर्ष की शुरुआत में अमेरिका के प्रेसिडेंट के तौर पर Donald Trump के कार्यभार संभालने के बाद इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी का प्राइस तेजी से बढ़ा था। हालांकि, इसके बाद से इसमें काफी गिरावट हुई है।
  • Infosys ने वर्क-फ्रॉम-होम वाले वर्कर्स से मांगी इलेक्ट्रिसिटी बिल की जानकारी, ये है कारण....
    इंफोसिस के इंटरनेशनल लेवल पर लगभग तीन लाख वर्कर्स हैं और इनमें हाइब्रिड मोड पर कार्य करने वालों की बड़ी संख्या है। कंपनी एनवायरमेंट से जुड़े अपने लक्ष्यों को पूरा करना चाहती है और यह 15 वर्षों के लिए अपना सस्टेनेबिलिटी फ्रेमवर्क बना रही है। इस सर्वे में वर्कर्स को इलेक्ट्रिसिटी की खपत के अलावा उन अप्लायंसेज की भी जानकारी देनी है जिनका वर्क-फ्रॉम-होम के दौरान वे इस्तेमाल करते हैं।
  • Infosys के प्रॉफिट में गिरावट, नए लेबर कोड का पड़ा बड़ा असर
    इंफोसिस का तीसरी तिमाही में रेवेन्यू 8.89 प्रतिशत बढ़कर 45,479 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले फाइनेंशियल ईयर की समान अवधि में लगभग 41,764 करोड़ रुपये का था। कंपनी ने बताया है कि पिछली तिमाही में नए लेबर कोड के लागू होने उसे 1,289 करोड़ रुपये के असाधारण चार्ज के लिए प्रोविजन करना पड़ा है। हालांकि, कंपनी के लिए डील की पाइपलाइन मजबूत रही है।
  • TCS को लगा झटका, प्रॉफिट में हुई बड़ी गिरावट
    तीसरी तिमाही में TCS की ऑपरेटिंग इनकम बढ़कर लगभग 16,889 करोड़ रुपये की रही है। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह इनकम 15,657 करोड़ रुपये की थी। TCS का ऑपरेशंस से रेवेन्यू वर्ष-दर-वर्ष आधार पर लगभग पांच प्रतिशत बढ़कर 67,087 करोड़ रुपये का रहा हैTCS ने शेयरहोल्डर्स के लिए 11 रुपये के तीसरे इंटरिम डिविडेंड और 46 रुपये प्रति शेयर के स्पेशल डिविडेंड की भी घोषणा की है।
  • TCS ने वर्क-फ्रॉम-ऑफिस का रूल नहीं मानने वर्कर्स की सैलरी में बढ़ोतरी पर लगाई रोक  
    बहुत सी IT कंपनियों में वर्कर्स को एक सप्ताह में दो या तीन दिन ऑफिस से कार्य करने के नियम का पालन करना होता है। TCS ने वेरिएबल पे को भी अटेंडेंस के रूल का पालन करने से जोड़ा है। हालांकि, इस पॉलिसी में प्रति तिमाही व्यक्तिगत इमरजेंसी के लिए इस रूल में छह दिन की छूट दी गई है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 5.4 प्रतिशत घटा है।
  • TCS को लगा झटका, ट्रेड सीक्रेट से जुड़े मामले में देना होगा 19 करोड़ डॉलर से ज्यादा का हर्जाना
    पिछले वर्ष अमेरिका के एक डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने TCS को ट्रेड सीक्रेट्स के गलत इस्तेमाल के लिए दोषी पाया था। इसके लिए कंपनी को 19.4 करोड़ डॉलर का हर्जाना चुकाने का ऑर्डर दिया गया था। TCS ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया है कि यूनाइडेड स्टेट्स कोर्ट ऑफ अपील्स ने इस मामले में एक प्रतिकूल फैसला दिया है और हर्जाने पर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के आदेश की पुष्टि की है।
  • TCS में हजारों वर्कर्स की छंटनी पर बढ़ा विरोध, IT वर्कर्स यूनियन ने किया प्रदर्शन
    इस छंटनी के खिलाफ IT & ITES Democratic Employees Association (IIDEA) ने मंगलवार को बेंगलुरु में कंपनी के व्हाइटफील्ड कैम्पस के सामने विरोध प्रदर्शन किया है। इससे पहले Union of IT and ITES Employees ने कहा था कि वर्कर्स को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हालांकि, TCS ने इन आरोपों को गलत बताया है।
  • TCS को लगा झटका, प्रॉफिट में 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट
    TCS ने दूसरी तिमाही में लगभग 1,135 करोड़ रुपये का असाधारण खर्च किया है। यह खर्च रिस्ट्रक्चरिंग से जुड़ा है। जुलाई से सितंबर की अवधि में कंपनी का रेवेन्यू लगभग 3.7 प्रतिशत बढ़कर 65,799 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पिछली तिमाही में यह 63,437 करोड़ रुपये का था। दूसरी तिमाही में TCS की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू लगभग 10 अरब डॉलर की है।
  • हनी ट्रैप में फंसाकर कोलकाता के कारोबारी से 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का क्रिप्टो स्कैम
    इस महिला ने फेसबुक पर खुद को Aadhya Gupta बताया था। दोनों के बीच कई दिनों तक बातचीत होने के बाद, इस महिला ने झावर को अधिक रिटर्न की पेशकश करने वाले एक क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म में रकम लगाने की सलाह दी थी। इस पर झावर ने जुलाई में इस क्रिप्टो प्लेटफॉर्म में रकम लगाना शुरू कर दिया था। हालांकि, इसमें प्रॉफिट को विड्रॉ नहीं कर पाने पर उन्हें पता चला कि यह एक स्कैम था।
  • Swiggy और Zomato से ऑर्डर करने पर चुकाना होगा ज्यादा प्राइस, फेस्टिवल डिमांड के कारण बढ़ी प्लेटफॉर्म फीस
    पिछले कुछ वर्षों में फूड डिलीवरी से जुड़े ऐप्स चलाने वाली कंपनियों का बिजनेस तेजी से बढ़ा है। जोमाटो ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस को दो रुपये बढ़ाया है और इस ऐप से फूड ऑर्डर्स करने पर 12 रुपये का चार्ज लगेगा। इस मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली स्विगी की प्लेटफॉर्म फीस 12 रुपये से बढ़कर 15 रुपये हो गई है।
  • प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों को टक्कर देगी BSNL, सरकार से मिलेंगे 47,000 करोड़ रुपये
    पिछले कुछ महीनों में BSNL ने नई सर्विसेज शुरू की हैं। इन सर्विसेज में SIM कार्ड की डोरस्टेप पर डिलीवरी शामिल है। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस पोर्टल के जरिए कस्टमर्स उनके घर पर SIM कार्ड मिल जाएगा। इसमें प्रीपेड और पोस्टपेड SIM के विकल्प मिलेंगे। हालांकि, SIM की डिलीवरी से पहले कस्टमर्स को सेल्फ KYC (नो युअर कस्टमर) वेरिफिकेशन करना होगा।
  • BSNL की 4G नेटवर्क के लिए अतिरिक्त 1 लाख टावर्स लगाने की योजना, 5G सर्विस की तैयारी
    पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में BSNL ने लगभग 280 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह 18 वर्ष बाद पहली बार है कि जब BSNL ने लगातार दो तिमाहियों में प्रॉफिट हासिल किया है। कंपनी को 4G सर्विस से मोबाइल सेगमेंट में रेवेन्यू बढ़ाने में सहायता मिली है। हालांकि, पिछले वित्त वर्ष में इस सरकारी टेलीकॉम कंपनी को लगभग 2,247 करोड़ रुपये का लॉस हुआ है।
  • राज्य सरकारों को DoT से मिली BSNL की सर्विस का इस्तेमाल करने की सलाह
    Dot की ओर से लिखे गए पत्र में राज्य सरकारों को BSNL के साथ ही महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) की टेलीकॉम सर्विस का भी इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। हालांकि, Reliance Jio और Bharti Airtel जैसी प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों के विपरीत BSNL का 4G नेटवर्क पूरे देश में मौजूद नहीं है। बड़ी प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों का 5G नेटवर्क भी देश के बड़े हिस्से में शुरू हो चुका है।
  • इंफोसिस को बड़ी राहत, नहीं चुकाना होगा 32,400 करोड़ रुपये का GST 
    डायरेक्टर जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस (DGGI) ने वित्त वर्ष 2018-19 से 2021-22 के लिए कंपनी को दिए इस नोटिस पर कार्यवाही बंद कर दी है। इंफोसिस ने स्टॉक एक्सचेंज को एक फाइलिंग में बताया है कि DGGI से जानकारी मिलने के बाद यह मामला समाप्त हो गया है। कंपनी ने बताया, "इस अवधि के लिए प्री-शो कॉज नोटिस के अनुसार, GST की रकम 32,403 करोड़ रुपये की थी।

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