आर्टफिशियल इंटेलीजेंस (AI) अब धीरे-धीरे दुनिया समेत भारत में भी अपने पैर पसार रहा है।
Photo Credit: Unsplash/Swastik Arora
AI लर्निंग का नया तरीका बन रहा है।
आर्टफिशियल इंटेलीजेंस (AI) अब धीरे-धीरे दुनिया समेत भारत में भी अपने पैर पसार रहा है। इसी के साथ भारत में पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाली आंगनवाड़ी चल रही है जो कि महाराष्ट्र के नागपुर जिले से करीब 18 किमी दूर स्थित है। यह आंगनवाड़ी पिछले तीन महीने से चल रही है और यह AI की दुनिया में एक बड़ा क्रान्तिकारी कदम है। सबसे खास बात यह है कि यहां पर 2-6 वर्ष की उम्र के बच्चे सीख रहे हैं। वधमना गांव की आंगनवाड़ी में AI के बाद रोजाना आने वाले बच्चों की संख्या 10 से 25 हो गई है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
जुलाई से इस आंगनवाड़ी में छोटे-छोटे बच्चे चॉक या स्लेट तक सीमित रहने के बजाय मेटा के वर्चुअल रिएलिटी (VR) हेडसेट, एआई सपोर्टेड इंटरैक्टिव स्मार्ट बोर्ड, टैबलेट और अन्य इंटरैक्टिव डिजिटल कॉन्टेंट की मदद से कविताएं, गीत और शुरुआती कॉन्सेप्ट सीख रहे हैं। बच्चों की शुरुआती शिक्षा को नया रूप प्रदान करने का यह कदम नागपुर जिला परिषद द्वारा अपने अग्रणी मिशन बाल भरारी पहल के तहत उठाया गया था। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को शहरों के समान डिजिटल शिक्षा प्रदान करना है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 27 जुलाई को इस परियोजना का उद्घाटन किया। जिला परिषद के सेस फंड से करीब 9.5 लाख रुपये की लागत से इसे तैयार किया गया।
गांव की 5 आंगनवाड़ियों समेत जिले की 2,202 आंगनवाड़ियों में वधमना की आंगनवाड़ी का चयन पायलट मॉडल के तौर पर हुआ था, जिसका 14 वर्षों से संचालन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सरोज कुकड़े कर रही हैं। 2021 बैच के आईएएस ऑफिसर और नागपुर जिला परिषद के सीईओ विनायक महामुनि ने कहा कि "हमने खासतौर पर इस आंगनवाड़ी का चयन इसलिए किया, क्योंकि यह बच्चों के करीब है, आंगनवाड़ी सेविका का उत्साह और ट्रेनिंग दौरों के लिए अन्य सेंटर के करीब है। इसके अलावा यह इक्विपमेंट की सुरक्षा के लिए एक सुरक्षित वातावरण भी प्रदान करता है।"
पारदर्शिता और सिक्योरिटी सुनिश्चित करने के लिए आंगनवाड़ी में वाई-फाई वाले सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं, जिनका एक्सेस महामुनी, उनके डिप्टी और चाइल्ड डेवलेपमेंट प्रोटेजेक्ट ऑफिसर (CDPO) समेत प्रमुख कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा सकता है। हालांकि, जिला परिषद को शुरुआत में इस मिशन के लिए सही टेक पार्टनर चुनने में बहुत कठिनाइओं का सामना करना पड़ा था, महामुनि का कहना है कि आखिर में उन्होंने सेंटर के इंडियाएआई प्रोग्राम के तहत काम करने वाली एक फर्म, कोलाबा का चयन किया।
भारत में पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाली आंगनवाड़ी महाराष्ट्र के नागपुर जिले से करीब 18 किमी दूर स्थित वधमना गांव में है।
AI आंगनवाड़ी में छोटे-छोटे बच्चे चॉक या स्लेट तक सीमित रहने के बजाय मेटा के वर्चुअल रिएलिटी (VR) हेडसेट, एआई सपोर्टेड इंटरैक्टिव स्मार्ट बोर्ड, टैबलेट और अन्य इंटरैक्टिव डिजिटल कॉन्टेंट की मदद से कविताएं, गीत और शुरुआती कॉन्सेप्ट सीख रहे हैं।
भारत में पहली AI आंगनवाड़ी 27 जुलाई से चल रही है।
AI आंगनवाड़ी मेटा के वर्चुअल रिएलिटी (VR) हेडसेट, एआई सपोर्टेड इंटरैक्टिव स्मार्ट बोर्ड, टैबलेट और अन्य इंटरैक्टिव डिजिटल कॉन्टेंट शामिल हैं।
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