Artificial Intelligence

Artificial Intelligence - ख़बरें

  • Lenovo IdeaPad Slim 3 Gen 11 भारत में हुआ लॉन्च, जानें प्राइस, फीचर्स
    इस लैपटॉप के लिए 14 इंच और 15 इ के डिस्प्ले साइज के विकल्प हैं। इनके दोनों डिस्प्ले 16:10 की आस्पेक्ट रेशो और 400 निट्स के पीक ब्राइटनेस लेवल को सपोर्ट करते हैं। Lenovo का दावा है कि स्लिम बेजेल्स की वजह से इस लैपटॉप का डिस्प्ले 90 प्रतिशत की एक्टिव एरिया रेशो की पेशकश करता है। इसे लो ब्लू लाइट इमिशन के लिए TUV सर्टिफिकेशन मिला है।
  • Meta का भारत में बड़ा दांव! Reliance के साथ मिलकर बनाएगा पहला AI-इनेबल्ड डेटा सेंटर
    Meta ने Reliance Industries के साथ साझेदारी में भारत का अपना पहला AI-इनेबल्ड डेटा सेंटर बनाने का ऐलान किया है। गुजरात के जामनगर में बनने वाली इस फैसेलिटी की शुरुआती क्षमता 168 मेगावाट होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाया जा सकेगा। कंपनी के मुताबिक यह डेटा सेंटर Facebook, Instagram और WhatsApp समेत Meta के AI सिस्टम्स को सपोर्ट करेगा। Meta का कहना है कि प्रोजेक्ट पूरी तरह रिन्यूएबल एनर्जी से ऑपरेटेड होगा और कूलिंग के लिए डीसैलिनेटेड समुद्री पानी का इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी ने इसके लिए 900 मेगावाट से ज्यादा क्लीन एनर्जी कैपेसिटी भी सुरक्षित की है।
  • TCS में 3 वर्षों में वर्कर्स के बराबर हो सकती है AI एजेंट्स की संख्या
    TCS के चेयरमैन, N Chandrasekaran ने कहा कि IT इंडस्ट्री के लिए AI एक बहुत महत्वपूर्ण मौका है। यह टेक्नोलॉजी में पिछले बड़े बदलावों से आगे निकल गया है। उन्होंने कहा कि भू-राजनितिक अस्थिरता और इकोनॉमिक उतार-चढ़ाव के बीच कंपनियां एफिशिएंसी, प्रोडक्टिविटी और मजबूती को प्रायरिटी दे रही हैं। इन कोशिशों में AI का महत्व बढ़ा है।
  • इस स्टार्टअप का AI आपके काम नहीं आया तो मिलेंगे 95 करोड़ रुपये!
    AI स्टार्टअप Cognition ने अपने AI एजेंट Devin के लिए नई "AI Productivity Guarantee" पेश की है। कंपनी का कहना है कि अगर Devin ग्राहकों को उनके खर्च के बराबर इंजीनियरिंग वैल्यू नहीं दे पाता है तो वह 10 मिलियन डॉलर (करीब 95.36 करोड़ रुपये) तक के क्रेडिट दे सकती है। इसके लिए कंपनी ने एक AI Estimator सिस्टम तैयार किया है, जो यह आकलन करता है कि Devin द्वारा पूरा किए गए कार्यों को किसी मानव इंजीनियर को करने में कितना समय लगता। Cognition का कहना है कि उसका फोकस टोकन उपयोग की बजाय वास्तविक उत्पादकता पर है। हालांकि उत्पादकता के मूल्यांकन की प्रक्रिया को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
  • जो चीज दिख रही है, वही खरीदना चाहते हैं? Amazon का AI करेगा काम आसान, नए टूल्स हुए रिलीज
    Amazon ने अपने शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर कई नए AI-आधारित विजुअल सर्च फीचर्स पेश किए हैं। कंपनी के मुताबिक, इनकी मदद से यूजर्स टेक्स्ट, तस्वीर और स्मार्टफोन कैमरे का उपयोग करके प्रोडक्ट्स को ज्यादा आसानी से खोज सकेंगे। नए फीचर्स में रियल-टाइम AI इमेज जनरेशन, Shop by Style, Amazon Lens Live, Circle to Search और More Like This शामिल हैं। Amazon Lens के जरिए यूजर्स तस्वीर अपलोड कर टेक्स्ट निर्देश भी जोड़ सकते हैं। कंपनी का कहना है कि इन टूल्स का उद्देश्य खरीदारी के दौरान सही प्रोडक्ट ढूंढने की प्रक्रिया को अधिक आसान और विजुअल बनाना है।
  • ChatGPT बना 1 अरब मंथली एक्टिव यूजर्स तक पहुंचने वाला सबसे तेज ऐप  
    मार्केट रिसर्च फर्म Sensor Tower के डेटा के अनुसार, OpenAI के ChatGPT के मंथली एक्टिव यूजर्स एक अरब से अधिक हो गए हैं। इसने यूजर्स की इस संख्या को YouTube, Google Maps, Instagram और TikTok जैसे लोकप्रिय ऐप्स की तुलना में कम अवधि में हासिल किया है। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में ChatGPT के लिए कॉम्पिटिशन तेजी से बढ़ा है।
  • अमेरिका ने AI चिप के एक्सपोर्ट पर पाबंदी का बढ़ाया दायरा, चीन को लगेगा झटका
    चीन को पाबंदी का दायरा बढ़ाने के अमेरिका के फैसले से बड़ा झटका लग सकता है। इससे चीन के बाहर बिजनेस के जरिए AI से जुड़े हार्डवेयर को हासिल करना चाइनीज कंपनियों के लिए मुश्किल हो जाएगा। अमेरिका में आशंका थी कि एक्सपोर्ट पर नियंत्रण के बावजूद चाइनीज कंपनियां अपनी विदेशी सब्सिडियरीज के जरिए एडवांस्ड AI प्रोसेसर्स खरीद सकती हैं।
  • आपका पालतू जानवर क्या कहना चाहता है? ये नया AI डिवाइस करेगा ट्रांसलेट
    चीन की टेक स्टार्टअप Meng Xiaoyi ने AI आधारित Pet Collar पेश किया है, जो पालतू जानवरों की आवाज, मूवमेंट और व्यवहार को रियल टाइम में एनालाइज करने का दावा करता है। कंपनी के मुताबिक यह डिवाइस 95 प्रतिशत तक सटीकता के साथ जानवरों की भावनाओं और वोकल पैटर्न को समझ सकता है। यह डिवाइस Alibaba Cloud के Qwen Large Language Model पर आधारित है और कई सालों के Animal Voiceprint डेटा पर ट्रेन किया गया है। हालांकि कंपनी के दावों को लेकर वैज्ञानिक समुदाय में सवाल भी उठ रहे हैं क्योंकि अभी तक कोई स्वतंत्र Peer-Reviewed स्टडी सार्वजनिक नहीं की गई है।
  • कब रुकेगा Layoffs का सिलसिला? Meta में 10% कर्मचारियों की छंटनी, AI पर बड़ा दांव!
    Meta इस हफ्ते बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी करने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी करीब 10 प्रतिशत कर्मचारियों को निकाल सकती है। इसके साथ Meta अपने AI आधारित वर्कफ्लो और इंटरनल सिस्टम्स को मजबूत करने के लिए बड़े ऑर्गनाइजेशन बदलाव भी कर रही है। कंपनी करीब 7 हजार कर्मचारियों को नए AI प्रोजेक्ट्स में ट्रांसफर करेगी, जबकि कई मैनेजरियल रोल्स खत्म किए जाएंगे। Meta का फोकस अब AI एजेंट्स और ऑटोमेशन सिस्टम्स पर बढ़ रहा है। इन बदलावों को लेकर कर्मचारियों के बीच नाराजगी भी सामने आई है और कई लोगों ने प्राइवेसी से जुड़े टूल्स का विरोध किया है।
  • भारत में AI फोटो का क्रेज बेकाबू! ChatGPT Images 2.0 ने पार किया 1 अरब का आंकड़ा
    OpenAI के सीईओ Sam Altman ने खुलासा किया है कि भारत में यूजर्स ChatGPT Images 2.0 के जरिए 1 अरब से ज्यादा AI इमेज बना चुके हैं। कंपनी ने हाल ही में भारत को ChatGPT Images 2.0 का सबसे बड़ा ग्लोबल मार्केट भी बताया था। OpenAI के मुताबिक भारतीय यूजर्स इस टूल का इस्तेमाल एनीमे स्टाइल फोटो, सिनेमैटिक एडिट्स, फेक न्यूजपेपर डिजाइन और फैशन मूड बोर्ड जैसे क्रिएटिव कंटेंट बनाने के लिए कर रहे हैं। कंपनी का कहना है कि नया मॉडल पहले के मुकाबले ज्यादा सटीक इमेज जनरेट कर सकता है और हिंदी व बंगाली जैसी भाषाओं को भी बेहतर सपोर्ट करता है।
  • Amazon पर AI बनाएगा शॉपिंग आसान, सुझाव से तुलना तक बोलकर होगा सबकुछ!
    Amazon ने “Alexa for Shopping” नाम का नया AI शॉपिंग असिस्टेंट पेश किया है, जो यूजर्स को ज्यादा पर्सनल और बातचीत जैसी शॉपिंग सुविधा देगा। कंपनी के मुताबिक यह फीचर यूजर्स की शॉपिंग हिस्ट्री, पसंद और खरीदारी की आदतों को समझकर प्रोडक्ट सुझाव देगा। यूजर्स नेचुरल भाषा में सवाल पूछ सकेंगे, प्रोडक्ट तुलना कर सकेंगे और कीमत कम होने पर नोटिफिकेशन भी पा सकेंगे। इसके अलावा AI ऑटोमैटिक ग्रॉसरी री-ऑर्डर, कार्ट मैनेजमेंट और दूसरे रिटेलर्स से खरीदारी जैसे काम भी कर सकेगा। फिलहाल यह फीचर अमेरिका में रोलआउट किया जा रहा है।
  • WhatsApp पर प्राइवेट चैट, कंपनी भी नहीं पढ़ेगी आपकी बातें! जानें क्या है Incognito Chat फीचर
    WhatsApp ने Meta AI के लिए नया “Incognito Chat” फीचर पेश किया है। कंपनी के मुताबिक यह फीचर Private Processing टेक्नोलॉजी पर आधारित है और इसमें होने वाली बातचीत पूरी तरह प्राइवेट रहेगी। WhatsApp का दावा है कि Meta भी इन चैट्स को नहीं पढ़ पाएगा। Incognito Chat में मैसेज सुरक्षित वातावरण में प्रोसेस होंगे और डिफॉल्ट रूप से गायब भी हो जाएंगे। कंपनी का कहना है कि यह फीचर उन यूजर्स के लिए उपयोगी होगा जो AI से हेल्थ, फाइनेंस या दूसरी निजी चीजों से जुड़े सवाल पूछते हैं। यह फीचर आने वाले महीनों में WhatsApp और Meta AI ऐप पर रोलआउट होगा।
  • Android को पर्सनल AI एजेंट बनाने की तैयारी में Google, आपकी पूरी डिजिटल लाइफ संभालेगा!
    Google कथित तौर पर Gemini AI को एक नए AI एजेंट सिस्टम में बदलने पर काम कर रहा है, जिसका इंटरनल नाम “Remy” बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह AI यूजर्स की तरफ से कई काम खुद पूरा कर सकेगा। इसमें ऑनलाइन खरीदारी, डॉक्युमेंट भेजना, दूसरे लोगों से बातचीत और scheduled tasks संभालना शामिल हो सकता है। Gemini के Personal Intelligence फीचर्स पहले से Gmail और Google Photos जैसी सेवाओं से जानकारी लेकर जवाब तैयार करते हैं। माना जा रहा है कि नया सिस्टम इन्हीं personal context डेटा का इस्तेमाल करके यूजर की लाइफ को ज्यादा ऑटोमेटेड बनाने की कोशिश करेगा।
  • सैमसंग ने पहली तिमाही में बनाया रेवेन्यू का रिकॉर्ड, मेमोरी चिप की जोरदार डिमांड 
    मौजूदा वर्ष की पहली तिमाही में Samsung का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू KRW 133.9 लाख करोड़ और ऑपरेटिंग प्रॉफिट KRW 57.2 लाख करोड़ (लगभग 3,00,000 करोड़ रुपये) का रहा है। कंपनी की ग्रोथ में डिवाइस सॉल्यूशंस (DS) डिविजन, विशेषतौर पर मेमोरी कंपोनेंट्स के बिजनेस का बड़ा योगदान है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी डिमांड के बढ़ने और तकनीकी विशेषज्ञता का कंपनी को फायदा मिल रहा है।
  • Apple के iPhone हो सकते हैं महंगे, मेमोरी कंपोनेंट्स की कॉस्ट बढ़ने का असर!
    AI इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में मेमोरी कंपोनेंट्स की डिमांड बढ़ रही। इससे इन कंपोनेंट्स के प्राइसेज में भी बढ़ोतरी हुई है। आमतौर पर, एक स्मार्टफोन की कॉस्ट में मेमोरी कंपोनेंट की हिस्सेदारी 10-15 प्रतिशत की होती है। एनालिस्ट्स ने चेतावनी दी है कि यह आंकड़ा तेजी से बढ़ सकता है। एपल के लिए इस कॉस्ट का पूरा भार उठाना मुश्किल होगा। इस वजह से कंपनी के आईफोन्स के प्राइसेज बढ़ सकते हैं।

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