Artificial Intelligence

Artificial Intelligence - ख़बरें

  • सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट करते हैं तो सावधान! GPS के बिना भी AI खोज सकता है आपकी लोकेशन
    सोशल मीडिया पर ट्रैवल फोटो शेयर करने वाले यूजर्स के लिए एक पुरानी लेकिन अहम रिसर्च फिर चर्चा में है। McAfee ने जुलाई 2026 में 21,236 ट्रैवल तस्वीरों पर AI की क्षमता को टेस्ट किया था। रिसर्च में Qwen 3 VL 30B ने 91 प्रतिशत और Gemma 3 27B ने 87 प्रतिशत मामलों में तस्वीर से शहर और देश की पहचान की। इसके लिए फोटो में GPS टैग होना जरूरी नहीं था। AI तस्वीर में मौजूद लैंडमार्क, साइनबोर्ड, सड़क, भाषा, इमारत और दूसरे विजुअल संकेतों का इस्तेमाल कर सकता है। McAfee ने 102 निजी तस्वीरों पर भी ChatGPT, Claude और Copilot के साथ टेस्ट किया।
  • अब दिवालिया एयरलाइन के डेटा से अपना AI ट्रेन करेगा Google, खर्च किए 95 करोड़ रुपये
    Google ने अमेरिका की दिवालिया एयरलाइन Spirit Airlines के आंतरिक कारोबारी डेटा और सॉफ्टवेयर के लिए 1 करोड़ डॉलर यानी करीब 95 करोड़ रुपये की बोली जीती है। अमेरिकी बैंकरप्सी कोर्ट में दाखिल दस्तावेजों के मुताबिक इस पैकेज में करीब 10 करोड़ ईमेल, 50 करोड़ Microsoft Teams चैट, दस्तावेज, स्प्रेडशीट, कैलेंडर और सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी शामिल है। Google इस डेटा का इस्तेमाल प्रोडक्ट डेवलपमेंट और AI मॉडल की ट्रेनिंग के लिए कर सकता है। हालांकि, सौदे में ग्राहक डेटा और क्रेडिट कार्ड की जानकारी शामिल नहीं है। डील को अभी अमेरिकी बैंकरप्सी कोर्ट की मंजूरी मिलना बाकी है।
  • AI से लिखा है टेक्स्ट या नहीं? अब आसानी से पकड़ा जा सकेगा, Anthropic डालेगा Claude के कंटेंट में खास वाटरमार्क
    यूरोप ने 2 अगस्त से अपने बाजार में सर्विस प्रदान करने वाले AI प्रोवाइडर्स के लिए AI से तैयार हुए कंटेंट को मार्क करना जरूरी कर दिया है। अब एआई कंटेंट की खास पहचान के लिए भी एक तरीका आ रहा है। हालांकि, यह कोई आम वाटरमार्क नहीं होगा, बल्कि एआई द्वारा जनरेट कंटेंट का एक खास फॉर्मेट होगा, जिसे मशीनों द्वारा देखा जा सकेगा। इसमें वॉटरमार्किंग का एक ऐसा तरीका इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे Claude के आउटपुट की क्वालिटी या कंटेंट पर कोई असर नहीं पड़ता है।
  • AI Detect Pothole on Road: सड़क पर दिखा गड्ढा तो सीधे होगी कॉन्ट्रैक्टर की पहचान, AI करेगा सारा काम, बेंगलुरु के इंजीनियर ने बनाया सिस्टम
    सड़क पर नजर आने वाले गड्ढे अक्सर सफर को परेशानी भरा बनाने के साथ आराम में भी खलल डालते हैं और वाहन की लाइफ पर भी असर पड़ता है। अब बेंगलुरु के एक इंजीनियर ने इसके लिए एक संभावित समाधान निकाला है। दरअसल इंजीनियर ने डैशकैम, आर्टिफिशियल और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स के डेटाबेस की मदद से एक सिस्टम तैयार किया है जो कि सड़क पर गड्ढों की पहचान करता है और उसके लिए जिम्मेदार कॉन्ट्रैक्टर की पहचान करता है।
  • Google Pixel Watch 5 हुई भारत में लॉन्च, Health Guardian फीचर्स, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
    इस स्मार्टवॉच में इसके पिछले वर्जन की तरह राउंडेड डिजाइन को बरकरार रखा गया है। हालांकि, इसमें हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के लिहाज से कई अपग्रेड किए गए हैं। इस स्मार्टवॉच में डोम्ड Actua 360 AMOLED LTPO डिस्प्ले 60 Hz तक के एडैप्टिव रिफ्रेश रेट, 3,000 निट्स के पीक ब्राइटनेस लेवल और 320 ppi की पिक्सल डेंसिटी के साथ है।
  • Google के AI पर खुद DeepMind को नहीं भरोसा? नौकरी के लिए जारी किया खास अलर्ट
    Google DeepMind की AGI Safety and Alignment Team ने नौकरी के उम्मीदवारों के लिए एक असामान्य चेतावनी जारी की है। Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक, टीम ने उम्मीदवारों से सामान्य जॉब एप्लिकेशन के अलावा एक अलग फॉर्म भरने को कहा है, ताकि उनका CV सीधे संबंधित टीम तक पहुंच सके। डॉक्यूमेंट में बताया गया है कि सामान्य इंटरनल हायरिंग सिस्टम के दौरान कुछ CV गलती से स्क्रीन आउट हो सकते हैं या आवेदन टीम तक पहुंचने में समय लग सकता है। हालांकि, Google DeepMind ने स्पष्ट किया है कि इसका मतलब AI उम्मीदवारों को गलत तरीके से रिजेक्ट कर रहा है, ऐसा नहीं है।
  • AI की चपेट में Visa! 2,600 कर्मचारियों की गई नौकरी, भारत पर भी पड़ा असर
    ग्लोबल पेमेंट्स कंपनी Visa ने अपने कुल वर्कफोर्स का करीब 7% यानी 2,600 कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में भी कई कर्मचारियों को इसका सामना करना पड़ा। कंपनी का कहना है कि यह कदम खराब कारोबार की वजह से नहीं, बल्कि AI और Agentic AI जैसी नई तकनीकों पर ज्यादा निवेश करने की रणनीति का हिस्सा है। Visa के भारत में बेंगलुरु, मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद में बड़े टेक सेंटर हैं। इससे पहले Mastercard और Block जैसी कंपनियां भी कर्मचारियों की संख्या घटाने का ऐलान कर चुकी हैं।
  • अब कैब ड्राइवरों की नौकरियां भी खतरे में? बिना ड्राइवर के दौड़ेंगी 1.2 लाख Uber टैक्सियां!
    Uber ने दुनिया का सबसे बड़ा Robotaxi नेटवर्क बनाने की योजना का ऐलान किया है। Financial Times के मुताबिक, कंपनी अगले कुछ वर्षों में 10 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश कर 1.2 लाख Driverless Cars तैनात करेगी। 2026 में कम से कम 15 शहरों में ऑटोनॉमस टैक्सी सर्विस शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। Robotaxi में LiDAR, Radar, कैमरे, GPS और AI सिस्टम मिलकर वाहन को बिना ड्राइवर चलाने में मदद करते हैं। Uber इस तकनीक के लिए Waymo, Zoox, Lucid और Rivian जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी कर रही है। शुरुआती दौर में यह सेवा सीमित शहरों और तय रूट्स पर उपलब्ध होगी।
  • देश में FASTag यूजर्स की संख्या 6.20 करोड़ से ज्यादा, बैरियर-फ्री टोलिंग के लॉन्च की तैयारी
    देश भर में FASTag का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इस सिस्टम में RFID टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से ऑटोमैटिक टोल पेमेंट्स की जाती हैं। भारत में अधिकतर व्हीकल मालिकों के लिए यह हाइवे पर यात्रा करने का एक सामान्य हिस्सा बन चुका है। फास्टैग यूजर्स की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी के पीछे इसके लिए एनुअल पास लॉन्च होने का बड़ा योगदान है।
  • AI से इंटरव्यू क्रैक किया और लग गई ₹1.5 करोड़ की नौकरी! शख्स ने शेयर किए टिप्स
    Reddit पर एक यूजर ने अपनी नौकरी तलाशने की कहानी शेयर की है, जिसमें उसने बताया कि कंपनी से निकाले जाने के बाद उसे करीब पांच महीने तक नई नौकरी नहीं मिली। इस दौरान उसने इंटरव्यू की तैयारी के लिए AI टूल्स का इस्तेमाल किया। AI ने संभावित सवाल तैयार करने, इंटरव्यूअर्स की जानकारी जुटाने और STAR फॉर्मेट में जवाब तैयार करने में उसकी मदद की। आखिरकार उसे 1,55,000 डॉलर (करीब 1.5 करोड़ रुपये) सालाना सैलरी, 15 प्रतिशत बोनस और अन्य सुविधाओं के साथ नई नौकरी मिल गई। यूजर ने इस अनुभव को धैर्य और लगातार प्रयास का परिणाम बताया।
  • दुनिया की सबसे ज्यादा वैल्यू वाली कंपनी बनी Apple, चिपमेकर NVIDIA को दी मात
    Nvidia के शेयर प्राइस में सोमवार को लगभग पांच प्रतिशत की गिरावट हुई है। इससे Nvidia की मार्केट वैल्यू घटकर लगभग 4.77 लाख करोड़ डॉलर हो गई। अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी एपल के शेयर में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इससे इस अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी का वैल्यूएशन बढ़कर लगभग 4.95 लाख करोड़ डॉलर पर पहुंच गया है।
  • चश्मे में कैमरा, AI ट्रांसलेशन और म्यूजिक सपोर्ट! Pebble ने भारत में लॉन्च किए Smart Glasses
    Pebble ने भारतीय बाजार में SEEQ AI Smart Glasses लॉन्च कर दिए हैं। कंपनी के मुताबिक, यह डिवाइस AI Assistant, 8MP कैमरा, 4K फोटो कैप्चर, Full HD वीडियो रिकॉर्डिंग और Smart Image Recognition जैसे फीचर्स के साथ आता है। इसमें 75 भारतीय और विदेशी भाषाओं का रियल-टाइम AI Translation भी मिलता है। OpenWaveX Open-Ear Audio, टच जेस्चर कंट्रोल और 50 ग्राम से कम वजन वाले फ्रेम इसे रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त बनाते हैं। Pebble SEEQ AI Smart Glasses की शुरुआती कीमत 9,999 रुपये है, जबकि इसकी MRP 12,999 रुपये रखी गई है।
  • अब इंसानों से ज्यादा बुद्धिमान AI? ChatGPT बनाने वाले सैम ऑल्टमैन ने बोली चौंकाने वाली बात
    OpenAI के CEO Sam Altman ने AI के भविष्य को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि दुनिया अब Singularity के दौर में पहुंच चुकी है। उनके अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से उस स्तर की ओर बढ़ रहा है, जहां उसकी क्षमताएं इंसानों के बराबर या उनसे आगे हो सकती हैं। Altman ने दोहराया कि भविष्य में AI इंसानों द्वारा किए जाने वाले 30 से 40 प्रतिशत काम संभाल सकता है, जिससे नौकरी बाजार में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। उनका कहना है कि सरकारों और कंपनियों को इस बदलाव के लिए अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
  • बैंक, UPI और सोशल मीडिया... कुछ भी नहीं रहेगा सुरक्षित? एक्सपर्ट बोले - सेकंडों में तोड़ दूंगा Password
    इजरायल के साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट प्रोफेसर आइजैक बेन-इजरायल का कहना है कि भविष्य के Quantum Computer मौजूदा Encryption तकनीक और Password सुरक्षा को बेहद कम समय में तोड़ सकते हैं। उनके अनुसार, बैंकिंग, सरकारी सिस्टम और ऑनलाइन सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले मौजूदा सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स को Quantum Computing चुनौती दे सकती है। इससे निपटने के लिए Post-Quantum Cryptography और Quantum Communication जैसी नई तकनीकों पर काम किया जा रहा है। एक्सपर्ट का अनुमान है कि इस टेक्नोलॉजी को व्यावहारिक रूप से डेवलप होने में अभी लगभग 10 साल लग सकते हैं, जबकि आम लोगों तक इसका एक्सेस बनने में इससे भी अधिक समय लग सकता है।
  • ट्रेन की गंदी चादरों पर AI का पहरा, IRCTC का सिस्टम सेकेंडों में ढूंढ़ेगा दाग
    भारतीय रेलवे ने चुनिंदा डिवीजनों में AI आधारित स्टेन डिटेक्शन तकनीक का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस सिस्टम में AI कैमरे धुलाई के बाद बेडशीट और अन्य लिनेन पर बचे दाग-धब्बों की पहचान करेंगे, ताकि यात्रियों को अधिक साफ और बेहतर क्वालिटी वाला लिनेन मिल सके। फिलहाल यह तकनीक पुणे, जयपुर और जोधपुर की मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में इस्तेमाल की जा रही है। इसके अलावा रेलवे ने लॉन्ड्री ऑपरेशन की मॉनिटरिंग के लिए CCTV कैमरे भी लगाए हैं और सफाई की क्वालिटी जांचने के लिए Whito-Meter का यूज जारी रखा है।

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