बजट में क्रिप्टो पर टैक्स में कोई राहत नहीं, ट्रांजैक्शंस की रिपोर्ट नहीं देने पर लगेगा जुर्माना

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए गए बजट में क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस की गलत रिपोर्टिंग पर 200 रुपये प्रति दिन का जुर्माना लगाने का प्रोविजन है

बजट में क्रिप्टो पर टैक्स में कोई राहत नहीं, ट्रांजैक्शंस की रिपोर्ट नहीं देने पर लगेगा जुर्माना

क्रिप्टो सेगमेंट को लेकर केंद्र सरकार का सख्त रवैया बरकरार है

ख़ास बातें
  • बजट में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) पर कम्प्लायंस को सख्त बनाया गया है
  • क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस पर एक प्रतिशत के TDS को बरकरार रखा गया है
  • इस सेगमेंट को लेकर केंद्र सरकार का सख्त रवैया बरकरार है
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देश में पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टो का सेगमेंट तेजी से बढ़ा है। इस वर्ष के बजट में क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस पर टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई है। बजट में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) पर कम्प्लायंस को सख्त बनाया गया है। क्रिप्टो एक्सचेंज जैसी रिपोर्टिंग देने वाली एंटिटीज पर गलत जानकारी देने पर जुर्माना लग सकता है। 

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए गए बजट में क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस की गलत रिपोर्टिंग पर 200 रुपये प्रति दिन का जुर्माना लगाने का प्रोविजन है। क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस पर एक प्रतिशत के टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स (TDS) को बरकरार रखा गया है। इसके अलावा क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस से मिलने वाले प्रॉफिट पर 30 प्रतिशत के टैक्स और सेस में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। क्रिप्टो सेगमेंट को लेकर केंद्र सरकार का सख्त रवैया बरकरार है। 

पिछले वित्त वर्ष में सरकार को क्रिप्टो एक्सचेंजों से VDA पर मिलने वाले TDS में 41 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। क्रिप्टोकरेंसीज से जुड़ी ट्रांजैक्शंस पर सरकार को 511.83 करोड़ रुपये का TDS मिला है। महाराष्ट्र में हेडक्वार्टर रखने वाले क्रिप्टो एक्सचेंजों से सबसे अधिक 293.40 करोड़ रुपये का TDS प्राप्त हुआ है। इसके बाद दूसरे स्थान पर कर्नाटक (133.94 करोड़ रुपये) और तीसरे स्थान पर गुजरात (28.63 करोड़ रुपये) है। राजधानी दिल्ली से यह टैक्स 28.33 करोड़ रुपये का है। 

हालांकि, TDS का यह डेटा उन लोकेशंस से जुड़ा है जहां क्रिप्टो एक्सचेंज मौजूद हैं। यह वास्तविक ट्रेड्स की लोकेशन पर बेस्ड नहीं है। महाराष्ट्र में क्रिप्टो से मिलने वाले TDS में 30.63 प्रतिशत और कर्नाटक में 63.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पिछले वर्ष के अंत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कहा था कि स्टेबलकॉइन्स का इस्तेमाल बढ़ने से देश की वित्तीय स्थिरता को बड़ा जोखिम हो सकता है। देश में क्रिप्टो का सेगमेंट रेगुलेटेड नहीं है। RBI ने अपनी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट में कहा था कि स्टेबलकॉइन्स से जुड़ी कुछ कमजोरियों की वजह से वित्तीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। क्रिप्टो के इकोसिस्टम में स्टेबलकॉइन्स एक महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर उभरे हैं। RBI का कहना था कि विदेशी करेंसी में डिनॉमिनेशन वाले स्टेबलकॉइन्स का इस्तेमाल बढ़ने से वित्तीय नियंत्रण कमजोर हो सकता है। धन के विकल्प के तौर पर स्टेबलकॉइन्स को पेश करने से पहले यह जानना महत्वपूर्ण है कि ये एक मजबूत वित्तीय व्यवस्था की आधारभूत जरूरतों को पूरा नहीं करते हैं। 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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