कंपनी ने हाइब्रिड मोड पर कार्य करने वाले अपने वर्कर्स के इलेक्ट्रिसिटी के इस्तेमाल को जानने के लिए यह जानकारी मांगी है
इंटरनेशनल लेवल पर कंपनी के लगभग तीन लाख वर्कर्स हैं
देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस ने अपने वर्क-फ्रॉम-होम वाले वर्कर्स से उनकी इलेक्ट्रिसिटी की खपत के बारे में जानकारी मांगी है। कंपनी ने हाइब्रिड मोड पर कार्य करने वाले अपने वर्कर्स के इलेक्ट्रिसिटी के इस्तेमाल को जानने के लिए यह जानकारी मांगी है। कंपनी के हाइब्रिड मॉडल वाले वर्कर्स के लिए एक महीने में न्यूनतम 10 दिनों की ऑफिस में मौजूदगी जरूरी है।
एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि इंफोसिस के वर्क-फ्रॉम-होम वाले वर्कर्स को कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, Jayesh Sanghrajka की ओर से एक इंटरनल ईमेल मिला है जिसमें इलेक्ट्रिसिटी की खपत से जुड़े सर्वे की जानकारी दी गई है। इस ईमेल में बताया है कि यह सर्वे सिर्फ कंपनी के हाइब्रिड मोड पर कार्य करने वाले वर्कर्स पर लागू है। यह वर्क-फ्रॉम-होम वाले वर्कर्स के इस्तेमाल किए जाने वाले डिवाइसेज से एनवारयरमेंट पर होने वाले प्रभाव का आकलन करने के लिए है। इस ईमेल में कहा गया है, "हमारे कामकाज में हाइब्रिड वर्क एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहा है। इस वजह से हमारे वर्क का एनवायरमेंट पर प्रभाव का दायरा हमारे कैम्पस से आगे जाकर हमारे घरों तक हो गया है। वर्क-फ्रॉम-होम के दौरान इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिसिटी भी इंफोसिस के ग्रीनहाउस गैस इमिशन में योगदान देती है। हमारे रिपोरेटिंग के तरीके को बढ़ाने और अपडेट करने की कोशिश हो रही है और इस वजह से वर्क-फ्रॉम-होम से होने वाले एनर्जी के इस्तेमाल का सटीक डेटा हासिल करना जरूरी है।"
इंफोसिस के इंटरनेशनल लेवल पर लगभग तीन लाख वर्कर्स हैं और इनमें हाइब्रिड मोड पर कार्य करने वालों की बड़ी संख्या है। कंपनी एनवायरमेंट से जुड़े अपने लक्ष्यों को पूरा करना चाहती है और यह 15 वर्षों के लिए अपना सस्टेनेबिलिटी फ्रेमवर्क बना रही है। इस सर्वे में वर्कर्स को इलेक्ट्रिसिटी की खपत के अलावा उन अप्लायंसेज की भी जानकारी देनी है जिनका वर्क-फ्रॉम-होम के दौरान वे इस्तेमाल करते हैं। इनमें कंप्यूटर, एयर-कंडीशनर और लाइटिंग जैसे डिवाइसेज और अप्लायंसेज शामिल हैं।
इस सर्वे में वर्कर्स से लाइट्स के वॉटेज के अलावा यह बताने को भी कहा गया है कि वे घर पर सोलर पावर का इस्तेमाल करते हैं या नहीं। इंफोसिस ने अपने वर्कर्स को उनके घरों में एनर्जी के एफिशिएंसी से जुड़े उपायों का इस्तेमाल करने का भी प्रोत्साहन दिया है। हालांकि, बहुत सी IT कंपनियों ने अपने वर्कर्स के लिए वर्क-फ्रॉम-होम के विकल्प को समाप्त कर दिया है। देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी TCS भी इन कंपनियों में शामिल है।
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