तुर्कमेनिस्तान ने प्रेसिडेंट, Serdar Berdimuhamedov ने वर्चुअल एसेट्स को रेगुलेट करने और क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए लाइसेंस से जुड़े कानून पर साइन किए हैं। हालांकि, इस कानून में क्रिप्टोकरेंसीज को पेमेंट के जरिए या सिक्योरिटी के तौर पर मान्यता नहीं दी गई है। तुर्कमेनिस्तान की इकोनॉमी नेचुरल गैस के एक्सपोर्ट पर निर्भर है। इस नेचुरल गैस का चीन सबसे बड़ा इम्पोर्टर है।
ED ने चार्जशीट में आरोप लगाया था कि कुंद्रा को Gain Bitcoin पॉन्जी स्कीम के मास्टरमाइंड और प्रमोटर अमित भारद्वाज से यूक्रेन में बिटकॉइन माइनिंग फार्म लगाने के लिए 285 बिटकॉइन मिले थे। हालांकि, यह डील पूरी नहीं हो सकी थी लेकिन कुंद्रा का 285 बिटकॉइन पर कब्जा है। इन बिटकॉइन की मौजूदा वैल्यू 150 करोड़ रुपये से अधिक की है।
इस टोकन से कंपनी के शेयरहोल्डर्स को Trump Media & Technology Group के प्रोडक्ट्स पर डिस्काउंट या बेनेफिट मिल सकते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social को भी Trump Media & Technology Group ऑपरेट करती है। इस रिपोर्ट के बाद कंपनी के शेयर में भी तेजी आई है। पिछले वर्ष की शुरुआत में ट्रंप ने अमेरिका के प्रेसिजेंट के तौर पर कार्यभाल संभालने के बाद क्रिप्टो सेगमेंट के पक्ष में कुछ फैसले किए थे।
फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट में RBI ने कहा है कि स्टेबलकॉइन्स से जुड़ी कुछ कमजोरियों की वजह से वित्तीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। क्रिप्टो के इकोसिस्टम में स्टेबलकॉइन्स एक महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर उभरे हैं। RBI ने बताया कि विदेशी करेंसी में डिनॉमिनेशन वाले स्टेबलकॉइन्स का इस्तेमाल बढ़ने से वित्तीय नियंत्रण कमजोर हो सकता है।
बड़े इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंजों में शामिल Coinbase ने बताया था कि हैकर्स ने अमेरिका के बाहर उसके कॉन्ट्रैक्टर्स और वर्कर्स को रिश्वत देकर कस्टमर्स के संवेदनशील डेटा को चुराया था। इस मामले में हैकर्स ने दो करोड़ डॉलर की फिरौती की भी मांग की थी। Coinbase ने बताया था कि सायबर अटैक से उसे 40 करोड़ डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है।
महाराष्ट्र में हेडक्वार्टर रखने वाले क्रिप्टो एक्सचेंजों से सबसे अधिक 293.40 करोड़ रुपये का TDS प्राप्त हुआ है। इसके बाद दूसरे स्थान पर कर्नाटक (133.94 करोड़ रुपये) और तीसरे स्थान पर गुजरात (28.63 करोड़ रुपये) है। राजधानी दिल्ली से यह टैक्स 28.33 करोड़ रुपये का है। TDS का यह डेटा उन लोकेशंस से जुड़ा है जहां क्रिप्टो एक्सचेंज मौजूद हैं। यह वास्तविक ट्रेड्स की लोकेशन पर बेस्ड नहीं है।
हाल ही में रूस के प्रेसिडेंट Vladimir Putin के प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि क्रिप्टो माइनिंग से जुड़े फंड का अनुमान लगाना मुश्किल है। इस वजह से रूबल के लिए सही पूर्वानुमान नहीं दिया जा सकता है। उनका कहना था कि रूस के लिए क्रिप्टो माइनिंग एक छिपा हुआ एक्सपोर्ट बन गया है और इससे देश के फॉरेन एक्सचेंज मार्केट पर असर पड़ रहा है।
अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump की चीन पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा और भारी बिकवाली से इसका प्राइस 30 प्रतिशत से ज्यादा गिरा है। Citigroup ने दूसरी सबसे अधिक वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी Ethereum के लिए इसी अवधि में 4,304 डॉलर का पूर्वानुमान दिया है।
अक्टूबर की शुरुआत में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद से यह लगभग 30 प्रतिशत गिरा है। इसका असर अन्य क्रिप्टोकरेंसीज पर भी पड़ा है। हाल ही में इंटरनेशनल बैंकिंग फर्म Standard Chartered ने बिटकॉइन के लिए प्राइस टारगेट को घटाया था। Standard Chartered ने इस वर्ष के अंत तक बिटकॉइन के लिए दो लाख डॉलर के पिछले पूर्वानुमान को आधा घटाकर एक लाख डॉलर किया गया है।
उत्तर प्रदेश में इनवेस्टर्स की डिजिटल एसेट्स में दिलचस्पी बढ़ी है। उत्तर प्रदेश में क्रिप्टोकरेंसीज में इनवेस्टमेंट और ट्रेडिंग के लिए बिटकॉइन सबसे अधिक लोकप्रिय है। हालांकि, राज्य में इनवेस्टर्स ने स्मॉल-कैप, मिड-कैप और लार्ज-कैप क्रिप्टो टोकन्स में भी इनवेस्टमेंट किया है। देश में क्रिप्टो सेगमेंट में नॉन-मेट्रो शहरों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है।
एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश में कई स्थानों पर छापे मारे हैं। इसमें कथित तौर पर जाली क्रिप्टोकरेंसी पॉन्जी स्कीम और मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) स्कैम से कई इनवेस्टर्स के साथ लगभग 2,300 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया गया है। ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत इस मामले की जांच शुरू की है।
RBI के डिप्टी गवर्नर, T Rabi Sankar ने कहा है कि क्रिप्टोकरेंसी वास्तव में एक करेंसी नहीं है क्योंकि इसमें इससे जुड़े फीचर्स नहीं हैं। भारत में क्रिप्टोकरेंसीज के लिए रेगुलेशंस नहीं हैं। Rabi Sankar ने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी सिर्फ कोड का एक पीस है। यह एक फाइनेंशियल एसेट या किसी प्रकार का एसेट नहीं है। उन्होंने बताया कि मनी के मापदंड के तौर पर क्रिप्टो टोकन्स की कोई पात्रता नहीं है।
Standard Chartered ने इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी के लिए अपने प्राइस टारगेट में कमी की है। इस वर्ष के अंत तक बिटकॉइन के लिए दो लाख डॉलर के पिछले पूर्वानुमान को आधा घटाकर एक लाख डॉलर किया गया है। हालांकि, Standard Chartered ने बिटकॉइन के लिए लॉन्ग-टर्म के पांच लाख डॉलर के पूर्वानुमान को बरकरार रखा है।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस की स्क्रूटनी को बढ़ाया है। CBDT ने संदिग्ध क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस को पकड़ने के लिए मारे गए छापों में लगभग 889 करोड़ रुपये की रकम का खुलासा किया है। डिजिटल एसेट्स में ट्रेडिंग या इनवेस्टमेंट करने वाले टैक्सपेयर्स को CBDT ने 44,057 कम्युनिकेशंस भेजे हैं। इन लोगों ने अपने इनकम टैक्स रिटर्न में इन ट्रांजैक्शंस की जानकारी नहीं दी थी।
पिछले पांच वर्षों में मलेशिया में अथॉरिटीज ने लगभग 14,000 गैर कानूनी माइनिंग साइट्स की पहचान की है। इससे मलेशिया की सरकारी एनर्जी कंपनी को लगभग 1.1 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। इस सबसे अधिक वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग एक बड़ा कारोबार है। इसकी माइनिंग में अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 75 प्रतिशत की है।