अनुपशहर में साइबर ठगों ने ‘Doctor Appointment’ ऐप डाउनलोड कराने के बहाने एक दंपति से 18.61 लाख रुपये ठग लिए। मामला साइबर क्राइम थाने में दर्ज हुआ है।
Photo Credit: Pexels/ Tima Miroshnichenko
ऑनलाइन डॉक्टर का नंबर खोजने की कोशिश उत्तर प्रदेश के अनुपशहर में एक परिवार के लिए भारी पड़ गई। साइबर ठगों ने कथित तौर पर एक बीमार व्यक्ति और उसकी पत्नी से कुल 18,61,970 रुपये ठग लिए। आरोप है कि आरोपियों ने ‘Doctor Appointment' नाम का मोबाइल ऐप डाउनलोड कराने के बहाने फोन में एक्सेस हासिल कर लिया और बाद में बैंक अकाउंट्स से कई ट्रांजेक्शन कर पैसे निकाल लिए। मामले में साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है और पुलिस जांच में जुटी है।
The420 के मुताबिक, पीड़ित की शिकायत के अनुसार, वह अनुपशहर के मोहल्ला केदार सहाय का रहने वाला है। 1 दिसंबर 2025 को तबीयत खराब होने पर उसने Google पर डॉक्टर का फोन नंबर खोजा और सर्च रिजल्ट में दिख रहे नंबर पर कॉल कर दिया। दूसरी तरफ मौजूद व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर से जुड़ा बताया और तुरंत अपॉइंटमेंट कराने का भरोसा दिया। इसके बाद उसने ‘Doctor Appointment' नाम का ऐप डाउनलोड करने को कहा, ताकि बुकिंग की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
बीमारी के कारण जल्द सलाह लेने की जरूरत समझकर पीड़ित ने ऐप इंस्टॉल कर लिया। ऐप इंस्टॉल करते समय उससे फोन की कुछ परमिशन मांगी गईं, जिन्हें उसने बिना शक किए मंजूर कर दिया। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन्हीं परमिशन के जरिए साइबर ठगों ने मोबाइल फोन तक रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया। इससे उन्हें स्क्रीन एक्टिविटी देखने, ओटीपी पकड़ने और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी हासिल करने का मौका मिल सकता है।
बताया गया है कि पीड़ित उस समय बीमार था और कई दिनों तक फोन के नोटिफिकेशन या बैंक मैसेज नियमित रूप से चेक नहीं कर पाया। इसी दौरान ठगों ने उसके बैंक खाते से कई ट्रांजेक्शन किए। 19 फरवरी से 25 फरवरी 2026 के बीच करीब 20 अलग अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उसके खाते से कुल 10,07,561 रुपये निकाल लिए गए। शक है कि रकम को छोटे हिस्सों में ट्रांसफर किया गया ताकि तुरंत शक न हो।
ठगों ने पीड़ित की पत्नी के बैंक खाते को भी निशाना बनाया। 20 फरवरी से 26 फरवरी के बीच उसके खाते से 8,54,409 रुपये अलग अलग ट्रांजेक्शन के जरिए निकाल लिए गए। परिवार को इस धोखाधड़ी का पता 26 फरवरी को चला, जब उन्होंने फोन में जमा हुए कई डेबिट मैसेज देखे। इसके बाद तुरंत बैंक से संपर्क कर खातों को ब्लॉक कराया गया।
फिलहाल पुलिस ट्रांजेक्शन डिटेल, बेनिफिशियरी अकाउंट और ऐप से जुड़े डिजिटल सुरागों की जांच कर रही है। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंटरनेट सर्च में मिलने वाले अनजान नंबरों पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि डॉक्टर या किसी सेवा का नंबर केवल आधिकारिक वेबसाइट या भरोसेमंद सोर्स से ही लें और अनजान कॉलर के कहने पर किसी ऐप को डाउनलोड कर अनावश्यक परमिशन देने से बचें।
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