अमेरिका में इलेक्ट्रिसिटी की कॉस्ट बढ़ने से बिटकॉइन माइनिंग में हुई गिरावट

बिटकॉइन की माइनिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली कंप्यूटिंग पावर को मापने के लिए इस्तेमाल होने वाले हैश रेट में अमेरिका में काफी कमी हुई है

अमेरिका में इलेक्ट्रिसिटी की कॉस्ट बढ़ने से बिटकॉइन माइनिंग में हुई गिरावट

बिटकॉइन माइनिंग के लिए स्पेशलाइज्ड कंप्यूटर्स खरीदने और डेटा सेंटर बनाने में भारी इनवेस्टमेंट किया जाता है

ख़ास बातें
  • अमेरिका के कई राज्यों में मौसम खराब होने का पावर ग्रिड्स पर असर पड़ है
  • बिटकॉइन की माइनिंग में अमेरिका की बड़ी हिस्सेदारी है
  • इलेक्ट्रिसिटी की कॉस्ट बढ़ने से कुछ माइनिंग फर्मों ने कामकाज रोक दिया है
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बिटकॉइन माइनिंग के हब अमेरिका में विंटर स्टॉर्म की वजह से इलेक्ट्रिक की कॉस्ट बढ़ने का बड़ा असर क्रिप्टो माइनिंग के सेगमेंट पर पड़ा है। बिटकॉइन माइनिंग में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाले अमेरिका के टेक्सस और जॉर्जिया जैसे राज्यों में मौसम की स्थितियां खराब होने से पावर ग्रिड्स पर प्रेशर है। 

Bloomberg की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इलेक्ट्रिसिटी की कॉस्ट बढ़ने के बाद अमेरिका की कुछ बड़ी बिटकॉइन माइनिंग फर्मों ने अपने कामकाज के बड़े हिस्से को बंद कर दिया है। क्रिप्टो माइनिंग में अधिक पावर वाले कंप्यूटिंग डिवाइसेज का इस्तेमाल होता है जो इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत करते हैं।  Mining Pool Stats के डेटा के अनुसार, बिटकॉइन की माइनिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली कंप्यूटिंग पावर को मापने के लिए इस्तेमाल होने वाले हैश रेट में काफी कमी हुई है। इसका बड़ा कारण अमेरिकी क्रिप्टो माइनिंग फर्मों की जरूरत पूरी करने वाले माइनिंग पूल्स - FoundryUSA और Luxor के आउटपुट में गिरावट है। पिछले वीकेंड पर हैश रेट में 50 प्रतिशत से ज्यादा की कमी हुई है क्योंकि विंटर स्टॉर्म से पावर ग्रिड्स पर प्रेशर पड़ रहा है। अमेरिका के कई राज्यों में भारी बर्फबारी से पावर ग्रिड्स को भी नुकसान हुआ है। इससे इन राज्यों में लाखों लोगों को इलेक्ट्रिसिटी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। 

अमेरिका की कुछ बड़ी क्रिप्टो माइनिंग फर्मों ने टेक्सस में डिमांड रिस्पॉन्स प्रोग्राम में हिस्सा लिया है। इस प्रोग्राम में माइनर्स पहले से खरीदी गई इलेक्ट्रिसिटी को वापस ग्रिड को बेच सकते हैं। कुछ अन्य माइनिंग फर्मों को इलेक्ट्रिसिटी के अधिक प्राइसेज की वजह से अपनी मशीनों को बंद करना पड़ा है। इस बारे में माइनिंग सर्विसेज प्रोवाइडर Luxor Technology के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, Ethan Vera ने बताया, "बड़ी बिटकॉइन माइनिंग फर्में रेवेन्यू और इलेक्ट्रिसिटी के प्राइसेज और ग्रिड से जुड़े इंसेंटिव के बीच अपने प्रॉफिट को बढ़ाने के लिए अपनी मशीनों को एक सटीक स्पीड पर चला रहे हैं।" बिटकॉइन माइनिंग के लिए स्पेशलाइज्ड कंप्यूटर्स खरीदने और डेटा सेंटर बनाने में भारी इनवेस्टमेंट किया जाता है। 

कुछ अन्य देशों में बिटकॉइन माइनिंग करने वालों को अमेरिका में इस सेगमेंट में कमी होने का फायदा मिल सकता है। इन देशों में माइनर्स को कम कॉम्पिटिशन का सामना करना पड़ेगा और उनके पास ट्रांजैक्शन डेटा के ब्लॉक को प्रोसेस करने और रिवॉर्ड्स जीतने का बेहतर मौका होगा। 
 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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