ISRO की बड़ी कामयाबी, 100वें मिशन के लिए शुरू हुआ काउंटडाउन

यह भारतीय उपमहाद्वीप में यूजर्स को सटीक पोजिशन, वेलोसिटी और टाइमिंग उपलब्ध कराने के लिए नेविगेशन विद द इंडियन कॉन्स्टेलेशन (NavIC) सीरीज में दूसरा सैटेलाइट है

ISRO की बड़ी कामयाबी, 100वें मिशन के लिए शुरू हुआ काउंटडाउन
ख़ास बातें
  • यह NavIC सीरीज में दूसरा सैटेलाइट होगा
  • इस मिशन के लिए 27.30 घंटे का काउंटडाउन मंगलवार सुबह 2.30 पर शुरू हुआ है
  • NavIC में पांच सेकेंड जेनरेशन सैटेलाइट शामिल हैं
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पिछले कुछ वर्षों में अंतरिक्ष से जुड़े मिशंस में भारत ने काफी प्रगति की है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का 100वां मिशन मंगलवार को लॉन्च किया जाएगा। आंध्र प्रदेश के Sriharikota के स्पेसपोर्ट से नेविगेशन सैटेलाइट एक GSLVने रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा। 

यह हाल ही में कार्यभार संभालने वाले ISRO के चेयरमैन, V Narayanan का यह पहला मिशन भी है। स्वदेशी क्रायोजेनिक अपर स्टेज के साथ जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (GSLV) अपनी 17वीं फ्लाइट में नेविगेशन सैटेलाइट NVS-02 को 29 जनवरी को सुबह 6.23 पर ले जाएगा। यह भारतीय उपमहाद्वीप में यूजर्स को सटीक पोजिशन, वेलोसिटी और टाइमिंग उपलब्ध कराने के लिए नेविगेशन विद द इंडियन कॉन्स्टेलेशन (NavIC) सीरीज में दूसरा सैटेलाइट है। इस मिशन के लिए 27.30 घंटे का काउंटडाउन मंगलवार सुबह 2.30 पर शुरू हुआ है। 

NavIC में पांच सेकेंड जेनरेशन सैटेलाइट शामिल हैं। NVS-02 का डिजाइन और डिवेलपमेंट U R Satellite Centre ने किया है। इसका भार लगभग 2,250 किलोग्राम का है। इसके पास L1, L5 और S बैंड्स में नेविगेशन पेलोड हैं। पिछले सैटेलाइट NVS-01 की तरह इस पर C-बैंड में रेंजिंग पेलोड भी है। हाल ही में ISRO ने स्पेस डॉकिंग की क्षमता को हासिल करने में कामयाबी पाई थी। अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत यह क्षमता रखने वाला चौथा देश बन गया है। पिछले वर्ष के अंत में लॉन्च किए गए ISRO के SpaDeX मिशन के प्रमुख लक्ष्यों में स्पेस डॉकिंग प्रोसेस शामिल था। यह क्षमता भविष्य में ह्युमन और स्पेश मिशंस के लिए जरूरी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस बड़ी सफलता पर ISRO की टीम को बधाई दी थी। मोदी ने कहा था कि आने वाले वर्षों में देश के महत्वाकांक्षी स्पेस मिशंस के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। 

डॉकिंग में एक एक्टिव व्हीकल अपनी पावर के साथ उड़कर अपने टारगेट के साथ जुड़ता है। भारत की योजना अब अपना स्पेस स्टेशन बनाने की है। इस स्टेशन का नाम "भारत अंतरिक्ष स्टेशन" होगा। इसकी स्थापना 2035 तक की जा सकती है। ISRO की ओर से Gaganyaan मिशन को सफल बनाने के लिए तैयारी की जा रही है। इस मिशन के लिए ISRO ने ह्युमन रेटेड लॉन्च व्हीकल Mark-3 (HLVM3) की असेंबलिंग शुरू की है। देश के महत्वाकांक्षी गगनयान ह्युमन स्पेसफ्लाइट मिशन के तहत बिना क्रू वाले पहले मिशन की यह शुरुआत है। ISRO ने S200 सॉलिड रॉकेट मोटर के नोजल एंड सेगमेंट की स्टैकिंग के साथ असेंबलिंग शुरू की है। 


(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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