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Mission - ख़बरें

  • 2600 फीट बड़े एस्टरॉयड की NASA ने बदल दी दिशा!
    NASA का DART यानी डबल एस्टरॉयड री-डायरेक्शन टेस्ट स्पेसक्राफ्ट एक ऐसा स्पेसक्राफ्ट है जो ग्रह की रक्षा का परीक्षण करने के लिए बनाया गया है। यह नियोजित तरीके से एस्टरॉयड से टकराया जाता है और उसकी दिशा बदली जाती है। सितंबर 2022 में इसकी टक्कर Dimorphos से कराई गई थी।
  • AI के जरिए अब चौबीसों घंटे मिलेगी वीजा हेल्प, BLS ने मशीनों में जोड़ा Voicebot
    BLS International ने Spain–Ireland वीजा मिशन के लिए AI पावर्ड VoiceBot लॉन्च किया है। कंपनी के मुताबिक यह सिस्टम 24x7 काम करेगा और वीजा से जुड़े सवालों के रियल टाइम जवाब देगा। VoiceBot 15 से ज्यादा भाषाओं को सपोर्ट करता है और डॉक्युमेंटेशन से लेकर कांसुलर सर्विस तक जानकारी देने में सक्षम है। यह Azure ML आधारित मशीन लर्निंग प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है और मौजूदा सिस्टम से API के जरिए इंटीग्रेट किया गया है। कंपनी इसे आगे ग्लोबल स्तर पर रोलआउट करने की योजना बना रही है।
  • सिकुड़ रही है चंद्रमा की धरती! NASA के Artemis मिशन में पड़ेगी खटाई? वैज्ञानिकों ने क्या कहा, जानें
    चंद्रमा की सतह में तेज हलचल पाई गई है और यहां पर भूकंपों की जबरदस्त संभावना है, जो भविष्य के चंद मिशनों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि चंद्रमा पर टेक्टॉनिक प्लेटों की गतिविधि अनुमान से कहीं अधिक है और जितना सोचा गया था, उससे कहीं अधिक बड़े पैमाने पर फैली हुई है।
  • 24 घंटे में 2.5 लाख AI Pledge, भारत ने बनाया Guinness वर्ल्ड रिकॉर्ड
    भारत ने AI को लेकर एक बड़ा वैश्विक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। AI Impact Summit 2026 के दौरान देश ने 24 घंटे में 2,50,946 AI Responsibility Pledge हासिल कर Guinness World Records का खिताब जीता। यह कैंपेन 16 से 17 फरवरी के बीच चलाया गया था। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस उपलब्धि की घोषणा की। सरकार के मुताबिक, अभियान का मकसद नागरिकों को डेटा प्राइवेसी, ट्रांसपेरेंसी और जिम्मेदार AI उपयोग के लिए प्रेरित करना था।
  • NASA ने टाला SpaceX Crew-12 मिशन! अब इस इस दिन होगा लॉन्च
    Crew-12 मिशन को NASA ने एक दिन के लिए टाल दिया है। यह मिशन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए केप केनेवरेल स्पेस फोर्स स्टेशन, फ्लोरिडा से रवाना होगा। मंगलवार की सुबह मिशन टीम ने इसके लिए वैदर रिव्यू पूरा किया। क्रू-12 के उड़ान मार्ग पर खराब मौसम का पूर्वानुमान किया गया है। जिसके कारण गुरुवार, 12 फरवरी को प्रक्षेपण को रद्द कर दिया गया है।
  • NASA के ऐतिहासिक Artemis II मिशन लॉन्च में होगी देरी! बताई वजह
    Artemis II मिशन को नासा ने मार्च तक के लिए टाल दिया है। चांद पर खोज का यह महत्वपूर्ण मिशन पहले 8 फरवरी को लॉन्च होने वाला था। नासा ने बताया कि उसने वेट ड्रेस रिहर्सल किया है। Space.com के अनुसार, यह ऐसा टेस्ट होता है जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा के चारों ओर एक अभूतपूर्व पथ पर छोड़ देने के लिए विशाल रॉकेट सिस्टम का परीक्षण किया जाता है। नासा ने कहा कि ठंडे मौसम के कारण परीक्षण के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।
  • धरती में कहां से आया था पानी? अब चांद की मिट्टी से निकली बिल्कुल नई कहानी
    NASA की एक नई स्टडी ने धरती पर पानी की उत्पत्ति को लेकर अहम जानकारी दी है। अपोलो मिशनों के दौरान चांद से लाए गए सैंपल्स के विश्लेषण में वैज्ञानिकों को संकेत मिले हैं कि उल्कापिंडों ने धरती पर सिर्फ सीमित मात्रा में पानी पहुंचाया था। रिसर्च के मुताबिक, पृथ्वी का अधिकांश पानी उसके बनने के शुरुआती दौर में मौजूद मटेरियल से ही आया था। इस स्टडी में ट्रिपल ऑक्सीजन आइसोटोप्स का इस्तेमाल किया गया, जिससे अरबों साल पुराने इम्पैक्ट्स का रिकॉर्ड समझना संभव हुआ है।
  • चांद पर भेजें अपना नाम, NASA दे रहा है Free मौका, यहां जानें रजिस्टर करने का तरीका
    NASA अपने Artemis प्रोग्राम के तहत Artemis II मिशन लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, जो इंसानों को अब तक की सबसे दूर की मानव अंतरिक्ष यात्रा पर ले जाएगा। इस मिशन में चार एस्ट्रोनॉट्स चांद के चारों ओर 10 दिन की यात्रा करेंगे। NASA ने इस मिशन के साथ आम लोगों को भी जोड़ते हुए “Send Your Name with Artemis” पहल शुरू की है। 21 जनवरी तक नाम रजिस्टर करने पर यूजर्स को डिजिटल बोर्डिंग पास मिलेगा और उनका नाम Orion स्पेसक्राफ्ट के जरिए चांद तक जाएगा।
  • 2026 का पहला ISRO मिशन फेल! PSLV-C62 के साथ कहां, कब और कैसे हुई गड़बड़? यहां पढ़ें पूरी कहानी
    ISRO ने 12 जनवरी 2026 को साल का पहला स्पेस मिशन PSLV-C62 लॉन्च किया था, लेकिन यह मिशन सफल नहीं हो सका। लॉन्च के शुरुआती मिनटों में सब कुछ सामान्य रहा, हालांकि तीसरे स्टेज के अंत में रॉकेट में अस्थिरता आ गई। इसके चलते रॉकेट जरूरी ऑर्बिटल स्पीड और दिशा हासिल नहीं कर पाया और सैटेलाइट्स पृथ्वी की ओर लौट गए। PSLV-C62 में EOS-N1 समेत कई पेलोड्स शामिल थे। ISRO ने फेल्योर के कारणों की जांच के लिए टीम गठित कर दी है।
  • रास्ते से भटका ISRO का रॉकेट! 16 सैटेलाइट लेकर गया है PSLV, जानें क्या हुआ तीसरे स्टेज में
    ISRO के Polar Satellite Launch Vehicle के 64वें मिशन PSLV-C62 में लॉन्च के कुछ मिनट बाद तकनीकी अनियमितता दर्ज की गई है। श्रीहरिकोटा से सुबह 10:18 बजे लॉन्च हुए इस मिशन में रॉकेट के पहले और दूसरे स्टेज ने सामान्य प्रदर्शन किया, लेकिन तीसरे स्टेज में ट्रेजेक्टरी में झुकाव देखा गया। ISRO चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन के मुताबिक, डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। यह मिशन 2025 में हुई PSLV की विफल उड़ान के बाद एक अहम वापसी माना जा रहा था।
  • ISRO बना ग्लोबल हीरो! 'बाहुबली' रॉकेट से स्पेस में पहुंचाई सबसे भारी विदेशी सैटेलाइट, सेट किया रिकॉर्ड
    ISRO के हेवी-लिफ्ट रॉकेट LVM3-M6 ने श्रीहरिकोटा से सफल उड़ान भरते हुए अमेरिका के BlueBird-6 कम्युनिकेशन सैटेलाइट को ऑर्बिट में स्थापित किया है। यह अब तक किसी भारतीय लॉन्च व्हीकल द्वारा ले जाया गया सबसे भारी पेलोड है। यह मिशन आम स्मार्टफोन्स तक सीधे स्पेस से ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने के लक्ष्य से जुड़ा है। करीब 15 मिनट की उड़ान के बाद सैटेलाइट 520 किलोमीटर की ऊंचाई पर अपने तय ऑर्बिट में पहुंचा। यह भारत की कमर्शियल स्पेस लॉन्च क्षमता को ग्लोबल लेवल पर मजबूत करता है।
  • भारत सरकार ने फ्री YUVA AI For All कोर्स किया शुरू, जानें कैसे करें
    Yuva AI for All कोर्स पूरे भारत के लोगों खासतौर पर युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बेसिक जानकारी प्राप्त करने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस सेल्फ पेस्ड 4.5 घंटे के कोर्स में भारत के वास्तविक जीवन के उदाहरण शामिल किए गए हैं। इसके जरिए सीखने को आसान बनाने के साथ-साथ ज्यादा आकर्षक भी बनाना है।
  • भारत का 2028 में चंद्रयान-4 लॉन्च करने का टारगेट
    केंद्र सरकार ने चंद्रयान-4 मिशन के लिए स्वीकृति दे दी है। इस मिशन में चंद्रमा से सैम्प्ल को लाया जाएगा। यह देश का सबसे जटिल लूनर मिशन होगा। इससे पहले अमेरिका, चीन और रूस ने चंद्रमा से सैम्प्ल लाने की क्षमता को प्रदर्शित किया है। Chandrayaan-4 मिशन को 2028 में लॉन्च करने का टारगेट है। ISRO की योजना अगले तीन वर्षों में स्पेसक्राफ्ट के मैन्युफैक्चरिंग की अपनी कैपेसिटी को तिगुना करने की है।
  • गगनयान मिशन में हुई बड़ी प्रगति, ISRO ने किया क्रू मॉड्यूल के लिए पैराशूट टेस्ट
    ISRO ने यह टेस्ट उत्तर प्रदेश में झांसी की बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में किया है। इसमें भारतीय वायु सेना के IL-76 एयरक्राफ्ट से 2.5 किलोमीटर की ऊंचाई से लगभग 2.5 टन के क्रू मॉड्यूल को गिराया था। क्रू मॉड्यूल के नीचे उतरने पर पैराशूट सिस्टम बिना किसी मुश्किल के खुला जिससे इसकी वास्तविक मिशन के दौरान अत्यधिक मुश्किल स्थिति को संभालने में इसकी क्षमता साबित हो गई है।
  • ISRO का Gaganyaan मिशन 90% पूरा हुआ, जानें स्पेस में कब जाएंगे भारतीय अंतरिक्ष यात्री?
    भारत अब अपने सबसे बड़े स्पेस ड्रीम के बेहद करीब पहुंच चुका है। ISRO (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन) ने कंफर्म किया है कि देश का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन Gaganyaan अब लगभग 90% पूरा हो चुका है। ISRO के पूर्व चेयरमैन डॉ. के. सिवन ने बताया कि एजेंसी अब मिशन के अंतिम चरणों पर काम कर रही है और लक्ष्य है कि इसे 2027 तक लॉन्च किया जाए। इससे पहले ISRO तीन अनक्रूड (बिना इंसान वाले) टेस्ट फ्लाइट्स पूरी करेगा, ताकि सिस्टम की सुरक्षा और तैयारी को परखा जा सके। इस मिशन के सफल होने पर भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल होगा जिन्होंने अपने दम पर इंसानों को अंतरिक्ष में भेजा है।

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