Mission

Mission - ख़बरें

  • समय पर नहीं बचाया, तो पृथ्वी पर गिर जाएगा NASA का 22 साल पुराना टेलीस्कोप, अब शुरू होगा रेस्क्यू मिशन
    NASA अपने 22 साल पुराने Swift Observatory को बचाने के लिए 30 जून को Swift Boost मिशन लॉन्च करने जा रहा है। Space.com की रिपोर्ट के मुताबिक, सौर तूफानों की वजह से बढ़े वायुमंडलीय ड्रैग के कारण यह टेलीस्कोप धीरे-धीरे पृथ्वी की ओर गिर रहा है। मिशन के तहत Katalyst Space का Link स्पेसक्राफ्ट Swift तक पहुंचेगा और उसे पकड़कर ऊंची कक्षा में ले जाने की कोशिश करेगा। अगर मिशन सफल रहता है तो Swift कम से कम पांच साल और वैज्ञानिक रिसर्च कर सकेगा। यह अंतरिक्ष इतिहास का पहला ऐसा मिशन होगा, जिसमें किसी पुराने स्पेस टेलीस्कोप को दोबारा ऊंची कक्षा में पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।
  • 48 पैसे में बनवाओ वीडियो! लॉन्च हुआ भारत का अपना वीडियो AI मॉडल
    India AI Mission के तहत चुनी गई स्टार्टअप Avataar AI ने Varya नाम का नया Video Generation AI मॉडल लॉन्च किया है। कंपनी के मुताबिक यह मॉडल भारतीय संस्कृति, त्योहारों, खानपान और स्थानीय संदर्भ को बेहतर तरीके से समझने के लिए ट्रेन किया गया है। Varya, Alibaba के Wan 2.2 मॉडल पर आधारित है, लेकिन इसे Model Distillation तकनीक की मदद से तेज और किफायती बनाया गया है। कंपनी का दावा है कि यह 10 गुना तक तेजी से वीडियो बना सकता है। Avataar AI भविष्य में इसे AI Kosh के जरिए ओपन-वेट मॉडल के रूप में उपलब्ध कराने की योजना भी बना रही है।
  • अंतरिक्ष से एकसाथ आ रहे 100 फीट तक बड़े 5 एस्टरॉयड, नासा ने दी चेतावनी
    NASA ने 5 एस्टरॉयड के धरती के पास होकर गुजरने की चेतावनी जारी की है। किसी एस्टरॉयड के लिए अलर्ट तब जारी किया जाता है जब वह पृथ्वी के बहुत अधिक करीब से होकर गुजरने वाला हो। आज पृथ्वी की ओर आने वाले एस्टरॉयड्स में से एक एस्टरॉयड तो इतनी पास से गुजरने वाला है, जितना कि चंद्रमा हमारी धरती के करीब है।
  • SpaceX की एक और छलांग! अंतरिक्ष में पहुंचाए 24 नए Starlink सैटेलाइट
    SpaceX ने अंतरिक्ष में 24 नए सैटेलाइट छोड़कर एक और नई छलांग लगा दी है। अरबपति एलन मस्क की कंपनी SpaceX नासा के लिए कई मिशनों में काम कर रही है। कंपनी ने 19 मई को पृथ्वी की निचली कक्षा में 24 नए स्टारलिंक सैटेलाइट प्रक्षेपित कर दिए।
  • अंतरिक्ष से धरती का ऐसा नजारा पहले नहीं देखा होगा! NASA ने जारी कीं Artemis 2 मिशन की 12 हजार तस्वीरें
    NASA ने Artemis 2 मिशन की 12 हजार से ज्यादा तस्वीरें जारी की हैं। इन तस्वीरों को मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने Orion स्पेस कैप्सूल से कैप्चर किया था। फोटोज में अंतरिक्ष से दिखाई देने वाली धरती, चांद की सतह और उसके पीछे वाले हिस्से के शानदार दृश्य शामिल हैं। खास बात यह है कि ये पिछले 50 सालों में धरती की निचली कक्षा से बाहर गए इंसानों द्वारा ली गई पहली तस्वीरें हैं। Artemis 2 मिशन 1 अप्रैल को लॉन्च हुआ था और इसमें NASA व Canadian Space Agency के चार अंतरिक्ष यात्री शामिल थे। अब NASA ने इन तस्वीरों को ऑनलाइन सार्वजनिक कर दिया है।
  • लॉन्च सही, लेकिन सैटेलाइट पहुंचा कहीं और! जानें क्या हुआ Blue Origin के मिशन में
    Blue Origin के New Glenn रॉकेट की हालिया लॉन्चिंग फेल हो गई, जिससे सैटेलाइट सही ऑर्बिट में नहीं पहुंच पाया। कंपनी के मुताबिक, अपर स्टेज के एक इंजन ने पर्याप्त थ्रस्ट नहीं दिया, जिसके चलते मिशन प्रभावित हुआ। यह लॉन्च फ्लोरिडा से किया गया था और फर्स्ट स्टेज बूस्टर सफलतापूर्वक लैंड भी कर गया था। घटना के बाद रॉकेट की आगे की लॉन्चिंग फिलहाल रोक दी गई है और जांच जारी है। यह सैटेलाइट AST SpaceMobile के नेटवर्क का हिस्सा बनने वाला था, जो डायरेक्ट सैटेलाइट-टू-स्मार्टफोन कनेक्टिविटी पर काम कर रहा है।
  • जब चांद को कैमरे में किया कैद! NASA के Artemis II मिशन में Nikon कैमरा के साथ Apple का यह फोन भी था ...
    Artemis II मिशन की हाई रिजॉल्यूशन फोटो Nikon D5 सिस्टम द्वारा ली गई हैं। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने यहां iPhone 17 Pro Max का इस्तेमाल भी किया। दोनों ही कैमरा ने बेहतरीन फोटो कैप्चर कीं। ये फोटो अब निकॉन द्वारा रिलीज कर दी गई हैं जिन्हें डाउनलोड भी किया जा सकता है।
  • चांद के सफर से वापस लौट रहा है Artemis II, NASA ने दिखाईं ऐसी तस्वीरें जो पहले कभी नहीं देखीं
    NASA का Artemis II मिशन चांद के ऐतिहासिक फ्लाईबाय के बाद अब धरती की ओर लौट रहा है। इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद की सतह की कई नई तस्वीरें कैप्चर की हैं, जिनमें एक दुर्लभ सोलर इक्लिप्स भी शामिल है। NASA के मुताबिक, इन तस्वीरों से चांद के जियोलॉजिकल स्ट्रक्चर को समझने में मदद मिलेगी। मिशन के तहत क्रू ने हजारों इमेजेज और डेटा रिकॉर्ड किया है, जिसका अब विश्लेषण किया जा रहा है। यह मिशन भविष्य के चंद्र और मंगल मिशनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
  • Artemis II: चांद मिशन में क्या खाएंगे एस्ट्रोनॉट? फ्रिज नहीं, ताजा खाना नहीं... NASA ने बताया पूरा सिस्टम
    NASA के Artemis II मिशन में एस्ट्रोनॉट्स के लिए खास फूड सिस्टम तैयार किया गया है, जिसमें ताजा खाना शामिल नहीं है। Orion स्पेसक्राफ्ट में रेफ्रिजरेशन और रिसप्लाई की सुविधा न होने के कारण सभी फूड आइटम्स को पहले से शेल्फ-स्टेबल बनाया जाता है। इस सिस्टम में ready-to-eat, rehydratable और thermostabilized फूड शामिल होते हैं, जिन्हें माइक्रोग्रैविटी में आसानी से खाया जा सके। NASA के मुताबिक खाने को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वह सुरक्षित रहे, क्रम्स न बने और कम जगह घेरे। यह पूरा सिस्टम एस्ट्रोनॉट्स की सेहत और मिशन की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है।
  • चांद मिशन में भी Microsoft Outlook ने दिया धोखा! एस्ट्रोनॉट ने लाइव स्ट्रीम में मांगी मदद
    NASA के Artemis II मिशन के दौरान Orion स्पेसक्राफ्ट में एक सॉफ्टवेयर गड़बड़ी सामने आई, जब एक एस्ट्रोनॉट ने लाइवस्ट्रीम के दौरान Microsoft Outlook के काम न करने की शिकायत की। कमांडर Reid Wiseman ने बताया कि सिस्टम में Outlook के दो वर्जन चल रहे थे और दोनों ही काम नहीं कर रहे थे। Mission Control ने रिमोट एक्सेस के जरिए इस समस्या को जांचा और बाद में बताया कि Outlook को “offline” मोड में चलाया जा सकता है। यह घटना दिखाती है कि अंतरिक्ष मिशनों में भी रोजमर्रा के कमर्शियल सॉफ्टवेयर इस्तेमाल होते हैं और उनमें आम तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं।
  • Artemis II लॉन्च: 50 साल बाद इंसानों का 10 दिन का मून मिशन शुरू, यहां समझें पूरा प्लान
    NASA ने Artemis II मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है, जो 1972 के बाद पहली बार इंसानों को चांद के आसपास ले जाने वाला मिशन है। यह मिशन चांद पर लैंड नहीं करेगा, बल्कि Orion कैप्सूल “free-return trajectory” पर चांद के चारों ओर घूमकर वापस पृथ्वी पर आएगा। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य भविष्य के चांद मिशन्स के लिए जरूरी सिस्टम्स और टेक्नोलॉजी को टेस्ट करना है। मिशन करीब 10 दिनों तक चलेगा और इसमें क्रू स्पेसक्राफ्ट की परफॉर्मेंस, सेफ्टी और डीप स्पेस ऑपरेशन्स को जांचेगा।
  • Artemis II Launch: जानें NASA के SLS रॉकेट की ताकत, जिससे आज शुरू होगा नया Moon मिशन
    NASA का Artemis II मिशन लॉन्च के करीब है और इसे 1 अप्रैल 2026 (US टाइम) के लिए टारगेट किया गया है। यह मिशन 50 साल से ज्यादा समय बाद इंसानों को चंद्रमा के आसपास ले जाएगा। इसमें चार अंतरिक्ष यात्री Orion spacecraft के जरिए डीप स्पेस में जाएंगे। लॉन्च Kennedy Space Center से Space Launch System रॉकेट के साथ होगा। भारत में यह लॉन्च 2 अप्रैल को तड़के करीब 3:54 बजे (अनुमानित) देखा जा सकता है।
  • 53 साल बाद इंसान फिर चांद की ओर! NASA ने शुरू की उलटी गिनती, जानें क्या है Artemis II मिशन
    NASA ने Artemis II मिशन के लिए काउंटडाउन शुरू कर दिया है, जो करीब 53 साल बाद इंसानों को चांद की ओर ले जाएगा। यह मिशन Space Launch System रॉकेट के जरिए लॉन्च होगा और इसमें चार अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे। मिशन में चांद पर लैंडिंग नहीं होगी, बल्कि यह एक फ्लाईबाय मिशन होगा, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चांद की कक्षा में जाकर वापस लौटेंगे। इससे पहले Apollo प्रोग्राम के तहत 1972 में आखिरी बार इंसान चांद पर गया था।
  • NASA के चांद मिशन में एस्ट्रोनॉट्स के हाथ में होगा खास बैंड, जानें कैसे करेगा काम
    NASA का Artemis II मिशन 2 अप्रैल 2026 को लॉन्च होने वाला है, जो Apollo के बाद पहला crewed deep-space मिशन होगा। इस मिशन में चार astronauts चांद के आसपास यात्रा करेंगे। खास बात यह है कि इस बार “Archer” स्टडी के तहत astronauts रिस्टबैंड पहनेंगे, जो उनकी नींद, स्ट्रेस, मूवमेंट और टीमवर्क से जुड़ा डेटा रिकॉर्ड करेंगे। कंपनी के मुताबिक यह रिसर्च भविष्य के Moon और Mars मिशन के लिए अहम साबित हो सकती है, क्योंकि इससे डीप स्पेस में इंसानों के व्यवहार और हेल्थ पर पड़ने वाले असर को समझने में मदद मिलेगी।
  • धरती से टकराने से पहले रोके जाएंगे एस्टेरॉयड! जानिए क्या है Blue Origin का बड़ा मिशन
    Jeff Bezos की कंपनी Blue Origin ने NASA और Caltech के साथ मिलकर NEO Hunter मिशन पर काम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य पृथ्वी को एस्टेरॉयड जैसे खतरों से बचाना है। यह मिशन Blue Ring स्पेसक्राफ्ट प्लेटफॉर्म पर आधारित होगा, जो पहले एस्टेरॉयड का अध्ययन करेगा और जरूरत पड़ने पर उसकी दिशा बदलने की कोशिश करेगा। इसके लिए आयन बीम और टक्कर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। मिशन के दौरान छोटे सैटेलाइट्स डेटा इकट्ठा करेंगे और “Slamcam” इम्पैक्ट को रिकॉर्ड करेगा।

Mission - वीडियो

विज्ञापन

Follow Us
विज्ञापन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »