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Nasa - ख़बरें

  • 160, 120 फीट बड़े एस्टरॉयड्स से पृथ्वी को खतरा आज!
    नासा ने आज 2 एस्टरॉयड के बारे में अलर्ट जारी किया है जो धरती के बेहद करीब आने वाले हैं। एस्टरॉयड 2025 YY8 धरती के करीब से गुजरने वाला है। यह 120 फीट का एस्टरॉयड है। Asteroid 2023 MX आज यानी 7 जनवरी, 2026 को पृथ्वी के करीब आने वाला है। यह एस्टरॉयड 160 फीट बड़ा है।
  • पृथ्वी से टकराएंगी 5 चट्टानें? नासा ने दिया एस्टरॉयड अलर्ट
    नासा ने 5 एस्टरॉयड्स के लिए अलर्ट जारी किया है। आज यानी 4 जनवरी को 5 एस्‍टरॉयड हमारे ग्रह के लिए आफत बनकर आ रहे हैं। पहला एस्टरॉयड 2025 YN7 है जो 58 फीट बड़ा है। यह 25.30 लाख किलोमीटर की दूरी से गुजरेगा। अगर आप यह सोच रहे हैं कि यह दूरी तो लाखों किलोमीटर की है और बहुत ज्यादा है तो ऐसा नहीं है। सौरमंडल की विशालता के आगे यह दूरी बहुत ही कम कही जाती है।
  • NASA की ऐतिहासिक खोज! ब्रह्मांड के पहले तारे हुए कैप्चर, 13 अरब साल पुराना रहस्य आया सामने
    NASA के James Webb Space Telescope (JWST) ने ब्रह्मांड की शुरुआत से जुड़े एक बड़े रहस्य की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं। हालिया स्टडी के मुताबिक, JWST ने LAP1-B नाम की एक दूरस्थ गैलेक्सी में ऐसे प्राचीन तारों के संकेत पाए हैं, जो बिग बैंग के तुरंत बाद बने हो सकते हैं। इन्हें Population III stars कहा जाता है और अब तक इन्हें कभी सीधे तौर पर नहीं देखा गया था। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन तारों से निकली बेहद तेज अल्ट्रावॉयलेट रोशनी और खास परिस्थितियां इस बात की ओर इशारा करती हैं कि ये ब्रह्मांड की पहली पीढ़ी के तारे हो सकते हैं।
  • अंतरिक्ष से पृथ्वी पर गिरेंगी 3 चट्टानें? नासा ने जारी किया एस्टरॉयड अलर्ट
    पृथ्वी की ओर आज 3 एस्टरॉयड आ रहे हैं जो इसके करीब से होकर गुजरने वाले हैं। ये आकार में काफी बड़े हैं जिसके लिए अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने अलर्ट जारी किया है। नासा के अनुसार, 150 फीट या उससे बड़े साइज का कोई खगोल पिंड जब धरती की ओर बढ़ता है तो वह अपने साथ संभावित खतरा लिए होता है।
  • शनि के चंद्रमा पर जीवन की बड़ी संभावना! इस खोज ने जगाई उम्मीद
    पृथ्वी के बाहर जीवन की खोज की जब बात आती है तो वैज्ञानिक सबसे पहले शनि ग्रह के चंद्रमा एन्सिलाडस (Enceladus) का नाम लेते हैं। यह बर्फीला चंद्रमा जीवन को पनाह देने के लिए सबसे काबिल सौर स्थानों में माना जाता है। अब इसी कड़ी में एक और नई खोज हुई है जो इस थ्योरी को और भी पुख्ता करती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि Enceladus की सतह के नीचे मौजूद सागर में जटिल कार्बनिक अणु मौजूद हैं। 
  • आज NASA ऑफिस में रहेगी हलचल! धरती की तरफ आ रहे हैं 3 बड़े एस्टेरॉयड
    NASA ने 23 दिसंबर 2025 को पृथ्वी के करीब से गुजरने वाले तीन एस्टेरॉयड्स को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन एस्टेरॉयड्स में एयरप्लेन और बिल्डिंग के आकार के खगोलीय पिंड शामिल हैं, जो तय सुरक्षित दूरी से धरती के पास से गुजरेंगे। नासा की Jet Propulsion Laboratory के मुताबिक, ये एस्टेरॉयड 75 लाख किलोमीटर के दायरे में आने के कारण ट्रैक किए जा रहे हैं। हालांकि, वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि फिलहाल किसी भी एस्टेरॉयड के पृथ्वी से टकराने की आशंका नहीं है।
  • हवाई जहाज जितना साइज, बिजली सी रफ्तार! पृथ्वी की ओर बढ़ रही हैं पांच चट्टानें
    NASA की Jet Propulsion Laboratory ने 19 और 20 दिसंबर 2025 को पृथ्वी के पास से गुजरने वाले एस्टेरॉयड्स को लेकर अलर्ट जारी किया है। नासा के मुताबिक, इन दो दिनों में कुल पांच एस्टेरॉयड धरती के नजदीक से गुजरेंगे, जिनमें कुछ का साइज एयरप्लेन के बराबर बताया गया है। हालांकि ये सभी एस्टरॉयड सुरक्षित दूरी से निकल जाएंगे और किसी तरह के टकराव की आशंका नहीं है।
  • नासा की चेतावनी! 4 एस्टरॉयड आज होंगे पृथ्वी के करीब, जानें कितना है खतरा
    नासा ने आज पृथ्वी के करीब आने वाले 4 एस्टरॉयड्स को लेकर अलर्ट जारी किया है। ये एस्टरॉयड धरती के करीब उस सीमा क्षेत्र में प्रवेश करने वाले हैं जिसमें इनका ज्यादा नजदीक आना खतरनाक हो सकता है। एस्टरॉयड चट्टानी टुकड़े होते हैं और सौरमंडल में अलग-अलग कक्षाओं में विचरण करते रहते हैं। ये छोटे ग्रहों के समान होते हैं जो किसी बड़े तारे के इर्द-गिर्द परिक्रमा करते रहते हैं।
  • एस्टरॉयड में चीनी! NASA की नई खोज ने चौंकाया
    Asteroid Bennu पर अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने ऐसे शर्करा (sugar) खोजे हैं जो जीवन के निर्माण के लिए आवश्यक होते हैं। एस्‍टरॉयड बेन्नु में बहुत सारे कार्बनिक अणु हैं, जिनमें जीवन के लिए जरूरी कई ‘बिल्डिंग ब्‍लॉक्‍स' शामिल हैं। 2023 में नासा का ओसिरिस-रेक्स (Osiris-Rex) अंतरिक्ष यान पृथ्वी के निकट मौजूद एस्टरॉयड बेन्नु से 122 ग्राम धूल और कंकड़ लेकर आया था। तभी से वैज्ञानिक इसे स्टडी कर रहे हैं। एस्टरॉयड पर कई सारे खनिज अणु पहले ही खोजे जा चुके हैं।
  • इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन ने बनाया रिकॉर्ड, एक साथ डॉक हुए 8 स्पेसक्राफ्ट
    ISS का इस्तेमाल माइक्रोगेविटी में वैज्ञानिक रिसर्च, टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग और मानव पर अंतरिक्ष के प्रवाहों की स्टडी करने के लिए होता है। इस वर्ष जून में भारतीय एस्ट्रोनॉट Shubhanshu Shukla ने Axiom-4 मिशन के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर पहुंचकर एक बड़ी सफलता हासिल की थी। भारत की योजना भी स्पेस स्टेशन बनाने की है।
  • भारत का 2028 में चंद्रयान-4 लॉन्च करने का टारगेट
    केंद्र सरकार ने चंद्रयान-4 मिशन के लिए स्वीकृति दे दी है। इस मिशन में चंद्रमा से सैम्प्ल को लाया जाएगा। यह देश का सबसे जटिल लूनर मिशन होगा। इससे पहले अमेरिका, चीन और रूस ने चंद्रमा से सैम्प्ल लाने की क्षमता को प्रदर्शित किया है। Chandrayaan-4 मिशन को 2028 में लॉन्च करने का टारगेट है। ISRO की योजना अगले तीन वर्षों में स्पेसक्राफ्ट के मैन्युफैक्चरिंग की अपनी कैपेसिटी को तिगुना करने की है।
  • गगनयान मिशन में हुई बड़ी प्रगति, ISRO ने किया क्रू मॉड्यूल के लिए पैराशूट टेस्ट
    ISRO ने यह टेस्ट उत्तर प्रदेश में झांसी की बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में किया है। इसमें भारतीय वायु सेना के IL-76 एयरक्राफ्ट से 2.5 किलोमीटर की ऊंचाई से लगभग 2.5 टन के क्रू मॉड्यूल को गिराया था। क्रू मॉड्यूल के नीचे उतरने पर पैराशूट सिस्टम बिना किसी मुश्किल के खुला जिससे इसकी वास्तविक मिशन के दौरान अत्यधिक मुश्किल स्थिति को संभालने में इसकी क्षमता साबित हो गई है।
  • ISRO की बड़ी कामयाबी, देश का सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट CMS-03 किया लॉन्च
    देश का सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट CMS-03 को रविवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया है। इस सैटेलाइट का भार लगभग 4,410 किलोग्राम का है। LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3) एक थ्री-स्टेज लॉन्च व्हीकल है। इस हेवी व्हीकल लॉन्च व्हीकल से ISRO को भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट्स को GTO में भेजने में आसानी हो गई है।
  • ISRO का मल्टी-बैंड कम्युनिकेशन सैटेलाइट इस सप्ताह होगा लॉन्च
    इस मल्टी-बैंड कम्युनिकेशन सैटेलाइट का डिजाइन भारत सहित ओशियानिक क्षेत्र में सर्विसेज उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया गया है। CMS-03 का भार लगभग 4,400 किलोग्राम का है। यह भारत से जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में लॉन्च किया जाने वाला सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट होगा। ISRO ने बताया कि LVM3 का पिछला मिशन Chandrayaan-3 था।
  • गगनयान मिशन जल्द होगा टेस्ट फ्लाइट के लिए तैयार, ISRO ने दी जानकारी
    इस मिशन में तीन एस्ट्रोनॉट्स के क्रू को 400 किलोमीटर के ऑर्बिट में तीन दिन के लिए भेजा जाएगा और इसके बाद उनकी समुद्र पर सुरक्षित वापसी होगी। भारत की योजना अंतरिक्ष में अपना स्टेशन बनाने की भी इस स्टेशन का नाम "भारत अंतरिक्ष स्टेशन" होगा। इसकी स्थापना 2035 तक हो सकती है। भारत की योजना अंतरिक्ष में अपना स्टेशन बनाने की भी है।

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