नासा ने आज एक बड़े एस्टरॉयड के लिए अलर्ट जारी किया है। यह चट्टान कुछ ही घंटों में धरती के करीब आने वाली है। इसका नाम एस्टरॉयड 2025 YU15 है जो कि 410 फीट चौड़ा है। नासा ने इसके आकार की तुलना एक बड़ी बिल्डिंग से की है। एस्टरॉयड को 2025 में खोजा गया था। यह 21 फरवरी को पृथ्वी के करीब से गुजरने वाला है। जब यह धरती के सबसे करीबी बिंदु पर होगा तो धरती और एस्टरॉयड के बीच की दूरी सिर्फ 58.9 लाख किलोमीटर होगी।
इस हफ्ते अंतरिक्ष में ग्रहों की परेड का अद्भुत नजारा देखने को मिलने वाला है। यह परेड फरवरी के अंतिम दिनों में सबसे ज्यादा साफ तरीके से देखी जा सकेगी। नासा के अनुसार, 28 फरवरी को आसमान में 6 ग्रह एकसाथ नजर आएंगे। बुध, शुक्र, नेपच्यून, शनि, यूरेनस और बृहस्पति एक लाइन में खड़े दिखाई देंगे।
अंतरिक्ष एजेंसी NASA की ओर से आज 700 फीट के एस्टरॉयड के पृथ्वी की ओर आने का अलर्ट जारी किया गया है। नासा की जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी की ओर से आज Asteroid 2026 BX4 को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। JPL के अनुसार यह दैत्याकार चट्टानी टुकड़ा आज पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है। जब यह अपने ऑर्बिट में घूमते हुए धरती के सबसे करीबी बिंदु पर पहुंच जाएगा तो इसकी दूरी 29.40 लाख किलोमीटर रह जाएगी।
2000 फीट बड़ा एस्टरॉयड आज पृथ्वी के करीब आने वाला है जिसे लेकर नासा ने अलर्ट जारी किया है। इसका नाम एस्टरॉयड 2001 FD58 है। एस्टरॉयड नियर अर्थ ऑब्जेक्ट भी कहे जाते हैं, यानी ऐसे खगोलीय पिंड जो पृथ्वी के आसपास मौजूद हैं और कभी न कभी ये धरती से टकरा भी सकते हैं। यह भी एक नियर अर्थ ऑब्जेक्ट है जिसका नम्बर 162882 है।
Crew-12 मिशन को NASA ने एक दिन के लिए टाल दिया है। यह मिशन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए केप केनेवरेल स्पेस फोर्स स्टेशन, फ्लोरिडा से रवाना होगा। मंगलवार की सुबह मिशन टीम ने इसके लिए वैदर रिव्यू पूरा किया। क्रू-12 के उड़ान मार्ग पर खराब मौसम का पूर्वानुमान किया गया है। जिसके कारण गुरुवार, 12 फरवरी को प्रक्षेपण को रद्द कर दिया गया है।
NASA ने बताया है कि James Webb Space Telescope ने अब तक की सबसे दूर स्थित गैलेक्सी MoM-z14 को देखा है। यह गैलेक्सी बिग बैंग के सिर्फ 280 मिलियन साल बाद मौजूद थी और इसकी रोशनी को धरती तक पहुंचने में करीब 13.5 अरब साल लगे हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह खोज ब्रह्मांड के शुरुआती दौर यानी कॉस्मिक डॉन को समझने में मदद करती है। MoM-z14 उम्मीद से ज्यादा चमकदार और विकसित पाई गई है, जिसने शुरुआती ब्रह्मांड को लेकर बनी कई थ्योरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एस्टरॉयड का खतरा एक बार फिर से पृथ्वी की ओर आ रहा है। ये खगोलीय पिंड लगातार अंतरिक्ष में परिक्रमा करते रहते हैं और ग्रहों के करीब से होकर गुजरते हैं। लेकिन किसी एस्टरॉयड के लिए अलर्ट तब जारी किया जाता है जब वह पृथ्वी के बहुत अधिक करीब से होकर गुजरने वाला हो। NASA ने 5 एस्टरॉयड के धरती के पास होकर गुजरने की चेतावनी जारी की है।
NASA एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइजैकमान ने खुलासा किया है कि क्रू-12 और आर्टेमिस II के एस्ट्रोनॉट को iPhone और अन्य एडवांस स्मार्टफोन को अंतरिक्ष में और उससे आगे ले जाने की अनुमति दी जाएगी। NASA के एस्ट्रोनॉट लंबे समय से स्पेस स्टेशन से शानदार फोटो लेते रहे हैं, लेकिन हाथ में स्मार्टफोन होने से वीडियो बनाने की सुविधा भी मिल जाएगी। यह खास तौर पर तब उपयोगी होगा जब एस्ट्रोनॉट कोई प्रयोग कर रहे हों या विंडो से बाहर देख रहे होंगे और उस दौरान कोई खास या अनोखी घटना घटित हो।
पृथ्वी के करीब आज एक बड़ा चट्टानी टुकड़ा पहुंच रहा है। NASA की JPL ने एक हवाई जहाज जितने बड़े एस्टरॉयड के लिए अलर्ट जारी किया है। इसका नाम एस्टरॉयड 2026 CC है जो कि 100 फीट चौड़ा है। जब यह धरती के सबसे करीबी बिंदु पर होगा तो धरती और एस्टरॉयड के बीच की दूरी सिर्फ 6.10 लाख किलोमीटर होगी।
Artemis II मिशन को नासा ने मार्च तक के लिए टाल दिया है। चांद पर खोज का यह महत्वपूर्ण मिशन पहले 8 फरवरी को लॉन्च होने वाला था। नासा ने बताया कि उसने वेट ड्रेस रिहर्सल किया है। Space.com के अनुसार, यह ऐसा टेस्ट होता है जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा के चारों ओर एक अभूतपूर्व पथ पर छोड़ देने के लिए विशाल रॉकेट सिस्टम का परीक्षण किया जाता है। नासा ने कहा कि ठंडे मौसम के कारण परीक्षण के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।
जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी (JPL) की ओर से आज 4 एस्टरॉयड्स के लिए अलर्ट जारी किया गया है। ये एस्टरॉयड धरती के करीब आने वाले हैं। ये 100 फीट तक बड़े हैं। इस साइज का कोई एस्टरॉयड अगर पृथ्वी से टकरा जाता है तो भारी तबाही ला सकता है।
NASA की एक नई स्टडी ने धरती पर पानी की उत्पत्ति को लेकर अहम जानकारी दी है। अपोलो मिशनों के दौरान चांद से लाए गए सैंपल्स के विश्लेषण में वैज्ञानिकों को संकेत मिले हैं कि उल्कापिंडों ने धरती पर सिर्फ सीमित मात्रा में पानी पहुंचाया था। रिसर्च के मुताबिक, पृथ्वी का अधिकांश पानी उसके बनने के शुरुआती दौर में मौजूद मटेरियल से ही आया था। इस स्टडी में ट्रिपल ऑक्सीजन आइसोटोप्स का इस्तेमाल किया गया, जिससे अरबों साल पुराने इम्पैक्ट्स का रिकॉर्ड समझना संभव हुआ है।
अंतरिक्ष एजेंसी NASA एस्टरॉयड्स लगातार ट्रैक करती है क्योंकि कई बार ये पृथ्वी के बहुत नजदीक से गुजरते हैं। नासा ने आज फिर से 2 बड़े एस्ट्रॉयड के पृथ्वी के करीब आने का अलर्ट जारी किया है। इनमें से एक एस्टरॉयड किसी घर के जितना बड़ा बताया गया है जबकि दूसरा एस्टरॉयड हवाई जहाज जितना बड़ा बताया गया है।
नासा की जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी ने कुछ ही घंटे में पृथ्वी के नजदीक आने वाले एक एस्टरॉयड के लिए अलर्ट जारी किया है। इसका नाम 2026 BG2 एस्टरॉयड है। Asteroid 2026 BG2 के बारे में JPL ने बताया है कि यह 74 फीट बड़ा है। यानि कि करीबन 100 फीट का ये चट्टानी टुकड़ा अब धरती की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
NASA अपने Artemis प्रोग्राम के तहत Artemis II मिशन लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, जो इंसानों को अब तक की सबसे दूर की मानव अंतरिक्ष यात्रा पर ले जाएगा। इस मिशन में चार एस्ट्रोनॉट्स चांद के चारों ओर 10 दिन की यात्रा करेंगे। NASA ने इस मिशन के साथ आम लोगों को भी जोड़ते हुए “Send Your Name with Artemis” पहल शुरू की है। 21 जनवरी तक नाम रजिस्टर करने पर यूजर्स को डिजिटल बोर्डिंग पास मिलेगा और उनका नाम Orion स्पेसक्राफ्ट के जरिए चांद तक जाएगा।