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Nasa - ख़बरें

  • सूरज की आग से धूमकेतु हो गया राख! नासा ने दिखाईं गजब तस्वीरें
    नासा ने हाल ही में एक अद्भुत घटना को कैमरे में कैद कर लिया जब एक धूमकेतु सूरज के पास जाते-जाते उसकी आग से जलकर धुंआ हो गया! नासा ने इस धूमकेतु की फोटो शेयर की है जब यह सूरज की दिशा में आगे बढ़ता जा रहा है। करीब पहुंचने पर यह सूरज की तपिश को सहन नहीं कर सका और नष्ट हो गया।
  • Asteroid Alert: 54 फीट तक बड़े 2 एस्टरॉयड का आज पृथ्वी की तरफ निशाना
    NASA के मुताबिक, दो बड़े एस्टरॉयड आज पृथ्वी से महज कुछ लाख किलोमीटर की दूरी से होकर गुजरने वाले हैं। इनमें से एक एस्टरॉयड को 2026 HJ नाम दिया गया है। इसका साइज 10 फीट बताया गया है। अगर कोई बड़ा एस्टरॉयड धरती से टकरा जाता है तो यह पृथ्वी को तबाह भी कर सकता है।
  • जब चांद को कैमरे में किया कैद! NASA के Artemis II मिशन में Nikon कैमरा के साथ Apple का यह फोन भी था ...
    Artemis II मिशन की हाई रिजॉल्यूशन फोटो Nikon D5 सिस्टम द्वारा ली गई हैं। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने यहां iPhone 17 Pro Max का इस्तेमाल भी किया। दोनों ही कैमरा ने बेहतरीन फोटो कैप्चर कीं। ये फोटो अब निकॉन द्वारा रिलीज कर दी गई हैं जिन्हें डाउनलोड भी किया जा सकता है।
  • 28 हजार किलोमीटर प्रति घंटा स्पीड से आ रहा 100 फीट का एस्टरॉयड!
    NASA ने आज धरती की ओर आने वाले 100 फीट के लगभग साइज वाले एस्टरॉयड का अलर्ट जारी किया है। इसका नाम Asteroid 2026 FE7 है। यह चट्टान कुछ ही घंटों में धरती के करीब आने वाली है। यह एस्टरॉयड लगभग 100 फीट चौड़ा है। नासा ने इसके आकार की तुलना एक बड़ी बिल्डिंग से की है।
  • Pluto को फिर मिलेगा ग्रह का दर्जा? 10 साल की बच्ची की अपील ने मचाई हलचल
    एक 10 साल की बच्ची द्वारा NASA को लिखा गया खत सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने Pluto को फिर से ग्रह बनाने की अपील की है। बच्ची ने अपने लेटर में Pluto से जुड़े कई फैक्ट्स भी बताए और इसे दोबारा Planet बनाने की मांग की। इस पर NASA के एडमिन Jared Isaacman ने जवाब देते हुए कहा कि वे इस पर विचार कर रहे हैं। इस घटना के बाद Pluto को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।
  • चांद के सफर से वापस लौट रहा है Artemis II, NASA ने दिखाईं ऐसी तस्वीरें जो पहले कभी नहीं देखीं
    NASA का Artemis II मिशन चांद के ऐतिहासिक फ्लाईबाय के बाद अब धरती की ओर लौट रहा है। इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद की सतह की कई नई तस्वीरें कैप्चर की हैं, जिनमें एक दुर्लभ सोलर इक्लिप्स भी शामिल है। NASA के मुताबिक, इन तस्वीरों से चांद के जियोलॉजिकल स्ट्रक्चर को समझने में मदद मिलेगी। मिशन के तहत क्रू ने हजारों इमेजेज और डेटा रिकॉर्ड किया है, जिसका अब विश्लेषण किया जा रहा है। यह मिशन भविष्य के चंद्र और मंगल मिशनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
  • Artemis II: चांद मिशन में क्या खाएंगे एस्ट्रोनॉट? फ्रिज नहीं, ताजा खाना नहीं... NASA ने बताया पूरा सिस्टम
    NASA के Artemis II मिशन में एस्ट्रोनॉट्स के लिए खास फूड सिस्टम तैयार किया गया है, जिसमें ताजा खाना शामिल नहीं है। Orion स्पेसक्राफ्ट में रेफ्रिजरेशन और रिसप्लाई की सुविधा न होने के कारण सभी फूड आइटम्स को पहले से शेल्फ-स्टेबल बनाया जाता है। इस सिस्टम में ready-to-eat, rehydratable और thermostabilized फूड शामिल होते हैं, जिन्हें माइक्रोग्रैविटी में आसानी से खाया जा सके। NASA के मुताबिक खाने को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वह सुरक्षित रहे, क्रम्स न बने और कम जगह घेरे। यह पूरा सिस्टम एस्ट्रोनॉट्स की सेहत और मिशन की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है।
  • चांद मिशन में भी Microsoft Outlook ने दिया धोखा! एस्ट्रोनॉट ने लाइव स्ट्रीम में मांगी मदद
    NASA के Artemis II मिशन के दौरान Orion स्पेसक्राफ्ट में एक सॉफ्टवेयर गड़बड़ी सामने आई, जब एक एस्ट्रोनॉट ने लाइवस्ट्रीम के दौरान Microsoft Outlook के काम न करने की शिकायत की। कमांडर Reid Wiseman ने बताया कि सिस्टम में Outlook के दो वर्जन चल रहे थे और दोनों ही काम नहीं कर रहे थे। Mission Control ने रिमोट एक्सेस के जरिए इस समस्या को जांचा और बाद में बताया कि Outlook को “offline” मोड में चलाया जा सकता है। यह घटना दिखाती है कि अंतरिक्ष मिशनों में भी रोजमर्रा के कमर्शियल सॉफ्टवेयर इस्तेमाल होते हैं और उनमें आम तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं।
  • Artemis II लॉन्च: 50 साल बाद इंसानों का 10 दिन का मून मिशन शुरू, यहां समझें पूरा प्लान
    NASA ने Artemis II मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है, जो 1972 के बाद पहली बार इंसानों को चांद के आसपास ले जाने वाला मिशन है। यह मिशन चांद पर लैंड नहीं करेगा, बल्कि Orion कैप्सूल “free-return trajectory” पर चांद के चारों ओर घूमकर वापस पृथ्वी पर आएगा। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य भविष्य के चांद मिशन्स के लिए जरूरी सिस्टम्स और टेक्नोलॉजी को टेस्ट करना है। मिशन करीब 10 दिनों तक चलेगा और इसमें क्रू स्पेसक्राफ्ट की परफॉर्मेंस, सेफ्टी और डीप स्पेस ऑपरेशन्स को जांचेगा।
  • Artemis II Launch: जानें NASA के SLS रॉकेट की ताकत, जिससे आज शुरू होगा नया Moon मिशन
    NASA का Artemis II मिशन लॉन्च के करीब है और इसे 1 अप्रैल 2026 (US टाइम) के लिए टारगेट किया गया है। यह मिशन 50 साल से ज्यादा समय बाद इंसानों को चंद्रमा के आसपास ले जाएगा। इसमें चार अंतरिक्ष यात्री Orion spacecraft के जरिए डीप स्पेस में जाएंगे। लॉन्च Kennedy Space Center से Space Launch System रॉकेट के साथ होगा। भारत में यह लॉन्च 2 अप्रैल को तड़के करीब 3:54 बजे (अनुमानित) देखा जा सकता है।
  • 53 साल बाद इंसान फिर चांद की ओर! NASA ने शुरू की उलटी गिनती, जानें क्या है Artemis II मिशन
    NASA ने Artemis II मिशन के लिए काउंटडाउन शुरू कर दिया है, जो करीब 53 साल बाद इंसानों को चांद की ओर ले जाएगा। यह मिशन Space Launch System रॉकेट के जरिए लॉन्च होगा और इसमें चार अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे। मिशन में चांद पर लैंडिंग नहीं होगी, बल्कि यह एक फ्लाईबाय मिशन होगा, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चांद की कक्षा में जाकर वापस लौटेंगे। इससे पहले Apollo प्रोग्राम के तहत 1972 में आखिरी बार इंसान चांद पर गया था।
  • 'एलियन' जैसा बर्ताव कर रहे धूमकेतु का नासा ने लगाया पता! जानें मामला
    अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की नजर एक हैरान करने वाली घटना पर पड़ी है। NASA ने एक धूमकेतु या, कॉमेट (comet) की दिशा बदलते देखी है। यह धूमकेतु बृहस्पति परिवार का बताया गया है जिसकी दिशा पलट गई है। ऐसा पहली बार देखा गया है।
  • NASA के चांद मिशन में एस्ट्रोनॉट्स के हाथ में होगा खास बैंड, जानें कैसे करेगा काम
    NASA का Artemis II मिशन 2 अप्रैल 2026 को लॉन्च होने वाला है, जो Apollo के बाद पहला crewed deep-space मिशन होगा। इस मिशन में चार astronauts चांद के आसपास यात्रा करेंगे। खास बात यह है कि इस बार “Archer” स्टडी के तहत astronauts रिस्टबैंड पहनेंगे, जो उनकी नींद, स्ट्रेस, मूवमेंट और टीमवर्क से जुड़ा डेटा रिकॉर्ड करेंगे। कंपनी के मुताबिक यह रिसर्च भविष्य के Moon और Mars मिशन के लिए अहम साबित हो सकती है, क्योंकि इससे डीप स्पेस में इंसानों के व्यवहार और हेल्थ पर पड़ने वाले असर को समझने में मदद मिलेगी।
  • धरती से टकराने से पहले रोके जाएंगे एस्टेरॉयड! जानिए क्या है Blue Origin का बड़ा मिशन
    Jeff Bezos की कंपनी Blue Origin ने NASA और Caltech के साथ मिलकर NEO Hunter मिशन पर काम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य पृथ्वी को एस्टेरॉयड जैसे खतरों से बचाना है। यह मिशन Blue Ring स्पेसक्राफ्ट प्लेटफॉर्म पर आधारित होगा, जो पहले एस्टेरॉयड का अध्ययन करेगा और जरूरत पड़ने पर उसकी दिशा बदलने की कोशिश करेगा। इसके लिए आयन बीम और टक्कर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। मिशन के दौरान छोटे सैटेलाइट्स डेटा इकट्ठा करेंगे और “Slamcam” इम्पैक्ट को रिकॉर्ड करेगा।
  • NASA की मंगल पर बड़ी खोज, मिला 400 करोड़ साल पुराना पानी का सबूत!
    NASA के पर्सेवरेंस रोवर ने मंगल पर एक डेल्टा का पता लगाया है जो 400 करोड़ साल पुराना बताया जा रहा है। यह डेटा मंगल पर जीवन के बारे में अहम खुलासा करता दिखता है। इससे पता चलता है कि सैकड़ों करोड़ साल पहले मंगल पर कभी पानी बहता था। अगर ऐसा है तो जाहिर तौर पर वहां रहने लायक वातावरण भी रहा होगा। नई खोज मंगल पर जीवन की नई संभावनाओं को तलाश में अहम योगदान कर सकती है।

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