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Space - ख़बरें

  • मंगल से मिट्टी लाने की होड़! NASA को पछाड़ चीन 2031 तक ला सकता है सैम्पल
    China Tianwen-3 मिशन 2031 तक मंगल की सतह से पहला सैम्पल लेकर लौट सकता है। चीन का तियानवेन-3 मिशन 2028 में लॉन्च हो सकता है और यह तीन साल के भीतर मंगल से उसकी मिट्टी और पत्थरों के टुकड़े लेकर लौट सकता है।
  • ISRO ने अंतरिक्ष में भेजा सबसे एडवांस सैटेलाइट, 3600 किमी की ऊंचाई से देश पर रखेगा नजर
    ISRO प्रमुख डॉ वी नारायणन ने कहा कि मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि GSLV-F17 व्हीकल ने एडवांस्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-05 (जियो-इमेजिंग सैटेलाइट) को सफलतापूर्वक और सटीक तौर पर उसकी तय और जरूरी ऑर्बिट में पहुंचा दिया है। इसी बीच ISRO प्रमुख ने शुक्रवार को यह भी कहा कि इस कैलेंडर वर्ष में पहले बिना क्रू वाले गगनयान मिशन के लॉन्च के लिए जोरदार और व्यवस्थित तरीके से काम चल रहा है।
  • स्पेस में होगा भारत का अपना स्टेशन, जाने कब बनकर होगा तैयार, ISRO चेयरमैन का खुलासा
    भारत ने 64 साल पहले अपना स्पेस प्रोग्राम शुरू किया था और अब देश 50 से ज्यादा क्षेत्रों में आम नागरिकों को सर्विस दे रहा है। यह पृथ्वी की निगरानी से लेकर रिमोट सेंसिंग, टेलीकम्युनिकेशन, टेलीविजन प्रसारण, टेली-एजुकेशन, आपदा की चेतावनी और उससे बचाव समेत नागरिकों की सुरक्षा करना शामिल है। यह  नेविगेशन के साथ रियल-टाइम मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग प्रदान करता है। इसरो अब गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन और भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने समेत कई आगामी अंतरिक्ष कार्यक्रमों के बारे में काम कर रहा है।
  • SpaceX का 4000 किलोग्राम का रॉकेट चांद से टकराएगा! बनेगा 30 मीटर चौड़ा गड्ढा, इस दिन होगी टक्कर
    SpaceX के Falcon 9 रॉकेट का अपर स्टेज जल्द ही चांद से टकराने वाला है। यह टक्कर आने वाले दिनों में देखने को मिलेगी जिसे धरती से भी देखा जा सकेगा। SpaceX ने 15 जनवरी 2025 को दो लूनर लैंडर लॉन्च किए थे। इस दौरान रॉकेट का अपर स्टेज स्पेस में छूटा रह गया।
  • अपने स्नैक्स के लिए मशहूर Haldiram's का भारत के पहले स्पेसटेक यूनिकॉर्न से निकला रिश्ता, जानें कैसे
    भारत की स्पेसटेक कंपनी Skyroot Aerospace हाल ही में सफल ऑर्बिटल लॉन्च के बाद चर्चा में है। इसी बीच सामने आया है कि फूड ब्रांड Haldiram's ने 2022 के Series B फंडिंग राउंड में इस कंपनी में निवेश किया था। हालांकि निवेश की राशि सार्वजनिक नहीं की गई है। Skyroot Aerospace की स्थापना पूर्व ISRO वैज्ञानिकों ने की थी और कंपनी छोटे सैटेलाइट्स के कमर्शियल लॉन्च पर काम कर रही है। मौजूदा समय में इसकी वैल्यूएशन करीब 1.1 बिलियन डॉलर बताई जाती है। कंपनी में Haldiram's के अलावा लक्ष्मी निवास मित्तल की VC फर्म, BlackRock और GIC जैसे निवेशकों का भी समर्थन है।
  • ग्रहों की लिस्ट में जुड़ा एक नया नाम! बिना खोजे ही NASA को मिला Beta Pictoris d
    NASA के James Webb Space Telescope (JWST) ने Beta Pictoris स्टार सिस्टम में एक नए विशाल Exoplanet, Beta Pictoris d, की खोज की है। यह ग्रह पृथ्वी से करीब 63 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। वैज्ञानिक पहले से मौजूद एक दूसरे ग्रह का अध्ययन कर रहे थे, तभी उन्हें यह नया ग्रह मिला। इसकी पहचान पारंपरिक इमेजिंग की बजाय वातावरण में मौजूद Carbon Monoxide, Water Vapour और Methane जैसे रासायनिक संकेतों के जरिए की गई। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज भविष्य में दूसरे तारों के आसपास नए ग्रह खोजने के तरीके को बदल सकती है।
  • ISRO में गगनयान जैसे महत्वपूर्ण मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों के लिए मुश्किल होगा इस्तीफा देना
    पिछले कुछ महीनों में गगनयान जैसे महत्वपूर्ण मिशंस से जुड़े ISRO के 100 से अधिक वैज्ञानिकों के इस्तीफा देने या वॉलेंटरी रिटारमेंट लेने की रिपोर्ट है। डिपार्टमेंट ऑफ साइंस ने ISRO के बड़े सेंटर्स से महत्वपूर्ण मिशंस से जुड़े वैज्ञानिकों और इंजीनियर्स के इस्तीफे या वॉलेंटरी रिटारटमेंट के निवेदनों को नियमित तौर पर स्वीकार नहीं करने का निर्देश दिया है।
  • ISRO के टॉप मिशनों को झटका? 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने छोड़ी नौकरी, सरकार ने बदले नियम
    ISRO के महत्वपूर्ण मिशनों से वैज्ञानिकों के लगातार इस्तीफे सामने आने के बाद Department of Space ने नई गाइडलाइन जारी की है। TOI की रिपोर्ट के अनुसार, Gaganyaan और अन्य राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं से जुड़े वैज्ञानिकों के इस्तीफे या Voluntary Retirement अब पहले की तरह सामान्य प्रक्रिया में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, हाल के महीनों में 100 से ज्यादा वैज्ञानिक संगठन छोड़ चुके हैं। नए नियमों के तहत ऐसे सभी मामलों में अंतिम फैसला Department of Space करेगा, ताकि राष्ट्रीय अंतरिक्ष परियोजनाओं पर अचानक असर न पड़े।
  • Google Photos का स्टोरेज फुल हो गया? जरूरी फोटो डिलीट किए बिना ऐसे बनाएं जगह
    Google Photos का फ्री 15GB स्टोरेज भरने के बाद नई फोटो और वीडियो का बैकअप रुक सकता है। इसका असर Gmail और Google Drive पर भी पड़ता है, क्योंकि तीनों एक ही स्टोरेज शेयर करते हैं। हालांकि, स्टोरेज खाली करने के लिए जरूरी फोटो डिलीट करना जरूरी नहीं है। Google Photos के Manage Storage फीचर, Storage Saver मोड, गैरजरूरी Screenshots और बड़ी वीडियो फाइल्स को मैनेज करके काफी स्पेस बचाया जा सकता है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर Google One प्लान भी एक विकल्प हो सकता है।
  • भारत को बड़ी उपलब्धि, ISRO ने पूरे किए गगनयान के 3 टेस्ट, लैंडिग पर समुद्र में भी नहीं डूबेंगे अंतरिक्षयात्री
    ISRO ने पहले टेस्ट से यह सुनिश्चित किया है कि समुद्र पर उतरने के बाद क्रू मॉड्यूल सीधी स्थिति में रहेगा। आपको बता दें कि यह क्रू की सेफ्टी के लिए सबसे जरूरी बातों में से एक है। इसके लिए कोल्ड-गैस पर बेस्ड एक अपराइटिंग सिस्टम बनाया गया और उसका टेस्ट किया गया, जिससे इसका बात की पुष्टि हुई कि यह उतरने पर सीधा ही रहेगा।
  • iPhone Air 2 के डिस्प्ले, कैमरा, बैटरी में मिल सकते हैं बड़े अपग्रेड! लॉन्च से पहले खुलासा
    iPhone Air 2 में कंपनी कई बड़े अपग्रेड कर सकती है। फोन को लेकर हालिया लीक्स में पता चलता है कि इसमें दूसरा कैमरा जोड़ा जाएगा जो कि 48 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड लेंस हो सकता है। फोन स्लिम रहेगा और मोटाई 5.6mm हो सकती है। फोन टाइटेनियम एलॉय के साथ आने की संभावना जताई गई है। फोन Space Black, Cloud White और Light Gold के अलावा एक नए Lavender कलर में आ सकता है।
  • धरती पर गिरने वाला है नासा का टेलीस्कोप! तबाही को रोकने के लिए भेजेगी रेस्क्यू मिशन!
    नासा स्पेस में एक रेस्क्यू मिशन भेजने जा रही है। मिशन एक स्टार्टअप कंपनी कैटलिस्ट स्पेस टेक्नोलॉजी द्वारा पूरा किया जाएगा। नासा का स्पेस टेलीस्कोप स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी (Swift Observatory) धीरे-धीरे अपनी कक्षा से हटता हुआ नीचे की ओर आ रहा है। अगर इसे मदद न मिली तो यह टेलीस्कोप आखिरकार वायुमंडल में जलकर नष्ट हो जाएगा।
  • समय पर नहीं बचाया, तो पृथ्वी पर गिर जाएगा NASA का 22 साल पुराना टेलीस्कोप, अब शुरू होगा रेस्क्यू मिशन
    NASA अपने 22 साल पुराने Swift Observatory को बचाने के लिए 30 जून को Swift Boost मिशन लॉन्च करने जा रहा है। Space.com की रिपोर्ट के मुताबिक, सौर तूफानों की वजह से बढ़े वायुमंडलीय ड्रैग के कारण यह टेलीस्कोप धीरे-धीरे पृथ्वी की ओर गिर रहा है। मिशन के तहत Katalyst Space का Link स्पेसक्राफ्ट Swift तक पहुंचेगा और उसे पकड़कर ऊंची कक्षा में ले जाने की कोशिश करेगा। अगर मिशन सफल रहता है तो Swift कम से कम पांच साल और वैज्ञानिक रिसर्च कर सकेगा। यह अंतरिक्ष इतिहास का पहला ऐसा मिशन होगा, जिसमें किसी पुराने स्पेस टेलीस्कोप को दोबारा ऊंची कक्षा में पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।
  • हो जाओ तैयार! जून में निकलेगी ग्रहों की परेड, शुक्र को ढक लेगा चांद! दिखेंगे अद्भुत नजारे
    अंतरिक्ष उत्साहियों के लिए जून का महीना बहुत खास होने वाला है। इस महीने में कई खगोलीय घटनाएँ होने जा रही हैं। यहां चांद और शुक्र ग्रह का मिलन देखने को मिलेगा। इसके साथ ही ग्रहों की जुगलबंदी भी होगी। नासा ने इस महीने होने वाली अंतरिक्ष की घटनाओं की जानकारी दी है।
  • 6 मिनट 23 सेकंड तक गायब रहेगा सूरज, NASA ने बताया कहां दिखेगा सबसे सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण
    2 अगस्त 2027 को होने वाला पूर्ण सूर्यग्रहण 21वीं सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण माना जा रहा है। NASA के अनुसार इस दौरान चांद करीब 6 मिनट 23 सेकंड तक सूरज को पूरी तरह ढक लेगा, जिससे दिन में अंधेरा जैसा माहौल बन जाएगा। यह सूर्यग्रहण स्पेन, उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व के कई हिस्सों में दिखाई देगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि चंद्रमा के पृथ्वी के बेहद करीब होने की वजह से यह ग्रहण सामान्य से ज्यादा लंबा रहेगा।

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