ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन के बाद Zupee ने की 30 प्रतिशत वर्कर्स की छंटनी

पिछले महीने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल को संसद में पारित किया गया था। इस कानून के लागू होने के बाद देश में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर रोक लग गई है

ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन के बाद Zupee ने की 30 प्रतिशत वर्कर्स की छंटनी

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बैन को एक बड़ा फैसला बताया था

ख़ास बातें
  • इस बैन से ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी कंपनियों को बड़ा झटका लगा है
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए कानून को एक बड़ा फैसला बताया था
  • सुप्रीम कोर्ट में इस बैन के खिलाफ याचिकाओं की सुनवाई की जाएगी
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हाल ही में देश में ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर बैन लगाया गया है। इस बैन से ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी कंपनियों को बड़ा झटका लगा है। इस सेगमेंट में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली Zupee ने अपने 30 प्रतिशत स्टाफ की छंटनी की है। Zupee ने बताया है कि वह अपने बिजनेस में बदलाव करेगी और उसकी योजना संस्कृति से जुड़ी गेम्स और शॉर्ट वीडियो कंटेंट को पेश करने की है। 

पिछले महीने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल को संसद में पारित किया गया था। इस कानून के लागू होने के बाद देश में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर रोक लग गई है। इस कानून में ऑनलाइन मनी गेमिंग के दोषी पाए जाने पर 3 वर्ष तक की कैद या एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। एक मीडिया रिपोर्ट में Zupee के हवाले से बताया गया है कि नए कानून का पालन करने के लिए कंपनी को अपने स्टाफ में कमी करने की जरूरत थी। हालांकि,  Zupee ने छंटनी के दायरे में आए वर्कर्स के लिए रिलीफ पैकेज भी देने की जानकारी दी है। इसमें वर्कर्स को नोटिस पीरियड के अलावा वित्तीय सहायता देना शामिल है। 

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर बैन को एक बड़ा फैसला बताया था। ऑनलाइन मनी गेमिंग के कारण कर्ज और आत्महत्या के मामलों का हवाला देते हुए मोदी ने कहा था कि ऑनलाइन गेमिंग एक्ट एक बड़ा फैसला है। मोदी का कहना था, "ऑनलाइन गेम्स से हमारे छात्रों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में लोग इससे कर्ज में फंस रहे हैं और कुछ लोगों ने आत्महत्या भी की है।" उन्होंने कहा था कि ऑनलाइन गेम्स से जुड़ी वित्तीय मुश्किलों की वजह से कई परिवार तबाह हुए हैं। 

ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन के खिलाफ इस सेगमेंट की कुछ कंपनियों ने याचिकाएं दाखिल की हैं। इन सभी याचिकाओं की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की जाएगी। इस सप्ताह की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने कुछ हाई कोर्ट्स में इस कानून के खिलाफ दायर की गई याचिकाओं को एक साथ मिलाकर उसके पास ट्रांसफर करने के केंद्र सरकार की अपील को स्वीकृति दी थी। ये याचिकाएं दिल्ली, मध्य प्रदेश और कर्नाटक के हाई कोर्ट में दाखिल की गई थी। 
 

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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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