Court

Court - ख़बरें

  • क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX के फाउंडर्स के खिलाफ फ्रॉड का मामला हुआ खारिज, नहीं मिला कोई सबूत
    इस मामले में शिकायतकर्ता और जांचकर्ताओं दोनों ने पुष्टि की है कि यह फ्रॉड फाउंडर्स के तौर पर खुद को दिखाने वाले अन्य व्यक्तियों ने किया था। यह मामला इन आरोपों से शुरू हुआ था कि एक इनवेस्टर को CoinDCX से गलत तरीके से जुड़ी एक जाली स्कीम के जरिए ठगा गया था। यह फ्रॉड एक जाली प्लेटफॉर्म के जरिए किया गया था।
  • सरकार ने ब्लॉक की 300 बेटिंग और गैंबलिंग वेबसाइट्स
    यह अभियान रियल मनी कार्ड और कैसिनो गेमिंग ऐप्स के साथ ही सट्टा और मटका नेटवर्क्स से जुड़े प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ चलाया गया है। इस वर्ष की शुरुआत में सरकार ने 242 गैर कानूनी गैंबलिंग और बेटिंग वेबसाइट्स को ब्लॉक किया था। इससे पहले गेमिंग की आड़ में सट्टे को चलाने वाली बहुत सी वेबसाइट्स को भी बंद किया गया था।
  • WhatsApp पर यूजर्स की बढ़ेगी प्राइवेसी, डेटा शेयर करने का मिलेगा ऑप्शन
    Meta और वॉट्सऐप की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट Kapil Sibal ने कहा कि कंपनी ने डेटा शेयरिंग के तरीकों की जानकारी देने वाला एक शपथपत्र दाखिल किया है। इसके साथ ही NCLAT के निर्देशों का समयसीमा के अंदर पालन करने की सहमति भी दी गई है। हाल ही में इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने Meta को कड़ी चेतावनी दी थी।
  • WhatsApp की प्राइवेसी पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट में कल होगी सुनवाई, CCI ने लगाई है 214 करोड़ रुपये की पेनल्टी
    कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी में कथित तौर पर गड़बड़ी की वजह से 213.14 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई थी। इसके खिलाफ वॉट्सऐप को ऑपरेट करने वाली अमेरिकी कंपनी Meta दाखिल की थी वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर कोर्ट ने पूछा था कि क्या देश के करोड़ों निर्धन और अशिक्षित लोग इसे समझ सकते हैं?
  • 'नियम नहीं मान सकते तो भारत छोड़ें': WhatsApp प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट की Meta को फटकार
    WhatsApp की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने Meta पर कड़ा रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि भारत में यूजर्स की प्राइवेसी से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह मामला WhatsApp की 2021 प्राइवेसी पॉलिसी और Competition Commission of India द्वारा लगाए गए 213 करोड़ रुपये के जुर्माने से जुड़ा है। सरकार ने डेटा शेयरिंग को एक्सप्लॉइटेटिव बताया, जबकि Meta की ओर से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का हवाला दिया गया। अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आना बाकी है।
  • सुप्रीम कोर्ट की WhatsApp को चेतावनी, 'कानून नहीं मानना तो भारत से बाहर जाएं'
    यह याचिका कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) की ओर से लगाए गए 213 करोड़ रुपये के जुर्माने को कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल की ओर से बरकरार रखने के खिलाफ दायर की गई है। इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने व्यावसायिक उद्देश्य के लिए यूजर से जुड़े डेटा को शेयर करने की पॉलिसी की निंदा की है।
  • भारतीय SIM कार्ड और WhatsApp से की पाकिस्तान के लिए जासूसी, लंबे समय के लिए हुई जेल
    विशाखापत्तनम की NIA विशेष अदालत ने पाकिस्तान-प्रेरित जासूसी साजिश से जुड़े एक आरोपी को दोषी करार देते हुए 5 साल 6 महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने भारतीय SIM कार्ड और OTP का गलत इस्तेमाल कर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों को WhatsApp नंबर ऑपरेट करने में मदद की। इन नंबरों के जरिए भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े लोगों से संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई। NIA ने इसे देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है।
  • सरकार ने ब्लॉक की 242 गैर कानूनी गैंबलिंग और बेटिंग वेबसाइट्स
    पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर बैन लगाया था। इस बैन के खिलाफ कुछ ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों ने सरकार को कोर्ट में खींचा था। इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बताया था कि अनरेगुलेटेड ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के आतंकवादियों को फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग से लिंक हैं।
  • बिटकॉइन स्कैमः 150 करोड़ रुपये के Bitcoin मामले में राज कुंद्रा की बढ़ी मुश्किल
    ED ने चार्जशीट में आरोप लगाया था कि कुंद्रा को Gain Bitcoin पॉन्जी स्कीम के मास्टरमाइंड और प्रमोटर अमित भारद्वाज से यूक्रेन में बिटकॉइन माइनिंग फार्म लगाने के लिए 285 बिटकॉइन मिले थे। हालांकि, यह डील पूरी नहीं हो सकी थी लेकिन कुंद्रा का 285 बिटकॉइन पर कब्जा है। इन बिटकॉइन की मौजूदा वैल्यू 150 करोड़ रुपये से अधिक की है।
  • ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स का आतंकवादियों को फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग से लिंक, सरकार ने दी सुप्रीम कोर्ट को जानकारी
    सरकार ने बताया है कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स की सेलेब्रिटीज और इंफ्लुएंसर्स के जरिए आक्रामक तरीके से मार्केटिंग की गई है। इससे ऑनलाइन गेमिंग की पहुंच और असर बढ़ा है। इस समस्या से निपटने के लिए प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट को लागू किया गया है। हाल ही में एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट ( ED) ने कुछ ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के लगभग 523 करोड़ रुपये को फ्रीज किया है।
  • ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर ED ने कसा शिकंजा, 520 करोड़ रुपये से ज्यादा हुए फ्रीज
    केंद्र सरकार की ओर से अगस्त में रियल मनी गेमिंग पर बैन लगाने के बावजूद WinZo के पास कस्टमर्स/गेमर्स से जुड़े 43 करोड़ रुपये पड़े हैं। ED ने बताया है कि WinZO Games के पास कथित तौर पर अपराध से मिली लगभग 505 करोड़ रुपये की रकम को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत फ्रीज किया गया है। WinZO के कस्टमर्स को एल्गोरिद्म्स के साथ खिलाया जाता था।
  • TCS को लगा झटका, ट्रेड सीक्रेट से जुड़े मामले में देना होगा 19 करोड़ डॉलर से ज्यादा का हर्जाना
    पिछले वर्ष अमेरिका के एक डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने TCS को ट्रेड सीक्रेट्स के गलत इस्तेमाल के लिए दोषी पाया था। इसके लिए कंपनी को 19.4 करोड़ डॉलर का हर्जाना चुकाने का ऑर्डर दिया गया था। TCS ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया है कि यूनाइडेड स्टेट्स कोर्ट ऑफ अपील्स ने इस मामले में एक प्रतिकूल फैसला दिया है और हर्जाने पर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के आदेश की पुष्टि की है।
  • ऑनलाइन गेमिंग पर बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब
    इस बैन के खिलाफ दायर एक याचिका में कहा गया था कि यह कानून स्किल की ऑनलाइन गेम्स खेलने के वैध बिजनेस को 'अपराध' बनाता है। इससे विभिन्न गेमिंग फर्मों को बंद करना होगा। इस याचिका में इस बैन को रमी और पोकर जैसी स्किल की गेम्स पर लागू करने को लेकर असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बैन को एक बड़ा फैसला बताया था।
  • ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन के बाद Zupee ने की 30 प्रतिशत वर्कर्स की छंटनी
    इस सेगमेंट में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली Zupee ने अपने 30 प्रतिशत स्टाफ की छंटनी की है। Zupee ने बताया है कि वह अपने बिजनेस में बदलाव करेगी और उसकी योजना संस्कृति से जुड़ी गेम्स और शॉर्ट वीडियो कंटेंट को पेश करने की है। हालांकि, Zupee ने छंटनी के दायरे में आए वर्कर्स के लिए रिलीफ पैकेज भी देने की जानकारी दी है। इसमें वर्कर्स को नोटिस पीरियड के अलावा वित्तीय सहायता देना शामिल है।
  • ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन के खिलाफ याचिकाओं की सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
    ये याचिकाएं दिल्ली, मध्य प्रदेश और कर्नाटक के हाई कोर्ट में दाखिल की गई थी। जस्टिस J B Pardiwala और K V Viswanathan की बेंच ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन लगाने वाले नए कानून के खिलाफ हाई कोर्ट्स में लंबित सभी याचिकाओं की सुनवाई केवल सुप्रीम कोर्ट की ओर से की जाएगी। इस बार में किसी याचिका पर हाई कोर्ट सुनवाई नहीं करेंगे।

विज्ञापन

Follow Us
विज्ञापन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »