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Law - ख़बरें

  • क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX के फाउंडर्स के खिलाफ फ्रॉड का मामला हुआ खारिज, नहीं मिला कोई सबूत
    इस मामले में शिकायतकर्ता और जांचकर्ताओं दोनों ने पुष्टि की है कि यह फ्रॉड फाउंडर्स के तौर पर खुद को दिखाने वाले अन्य व्यक्तियों ने किया था। यह मामला इन आरोपों से शुरू हुआ था कि एक इनवेस्टर को CoinDCX से गलत तरीके से जुड़ी एक जाली स्कीम के जरिए ठगा गया था। यह फ्रॉड एक जाली प्लेटफॉर्म के जरिए किया गया था।
  • IPL की शुरुआत से पहले विदेशी गैर कानूनी गेमिंग ऐप्स का फैला नेटवर्क
    पिछले वर्ष 1 अक्टूबर से प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट को लागू किया गया था। इसके बाद Dream11 और MPL जैसी बहुत सी ऑनलाइन गेमिंग फर्मों को अपना बिजनेस समेटना पड़ा था। ऑनलाइन गेमिंग पर बैन लगने के बाद गैर कानूनी फैंटेसी और बेटिंग ऐप्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। IPL पर सट्टा लगाने वालों को विदेश से ऑपरेट होने वाली गैर कानूनी फैंटेसी और बेटिंग ऐप्स के जरिए दांव लगाने का मौका मिल रहा है।
  • सरकार ने ब्लॉक की 300 बेटिंग और गैंबलिंग वेबसाइट्स
    यह अभियान रियल मनी कार्ड और कैसिनो गेमिंग ऐप्स के साथ ही सट्टा और मटका नेटवर्क्स से जुड़े प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ चलाया गया है। इस वर्ष की शुरुआत में सरकार ने 242 गैर कानूनी गैंबलिंग और बेटिंग वेबसाइट्स को ब्लॉक किया था। इससे पहले गेमिंग की आड़ में सट्टे को चलाने वाली बहुत सी वेबसाइट्स को भी बंद किया गया था।
  • WhatsApp की प्राइवेसी पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट में कल होगी सुनवाई, CCI ने लगाई है 214 करोड़ रुपये की पेनल्टी
    कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी में कथित तौर पर गड़बड़ी की वजह से 213.14 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई थी। इसके खिलाफ वॉट्सऐप को ऑपरेट करने वाली अमेरिकी कंपनी Meta दाखिल की थी वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर कोर्ट ने पूछा था कि क्या देश के करोड़ों निर्धन और अशिक्षित लोग इसे समझ सकते हैं?
  • गेमिंग फर्म Winzo पर ED ने कसा शिकंजा, अटैच किए 470 करोड़ रुपये
    Winzo ने अपने ऐप पर वास्तविक प्लेयर्स और बॉट्स के बीच खेले गए मैचों से मिले 'रेक कमीशन' के तौर पर अपराध की रकम हासिल की थी। ED ने बताया, "BOTs के इस्तेमाल और फंड के विड्रॉल पर रोक लगाकर यूजर्स को अधिक मैच खेलने के लिए उकसाया जाता था।" इस तरीके से Winzo को पिछले कुछ वर्षों में अपराध से जुड़ी लगभग 3,522 करोड़ रुपये की रकम मिली थी
  • इंटरनेशनल टेक कंपनियों को करना होगा भारत के संविधान का पालन, सरकार ने दी हिदायत 
    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समिट में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर Ashwini Vaishnaw ने कहा कि Google के YouTube, Meta, माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X और Netflix जैसे बड़े टेक प्लेटफॉर्म्स को देश के संविधान के दायरे के अंदर ऑपरेट करना होगा। सोशल मीडिया पर आयु से जुड़ी लिमिट्स लगाने पर भी सरकार विचार कर रही है।
  • AI से कंटेंट बनाने वाले सावधान! डीपफेक और AI वीडियो पर भारत सरकार की लगाम, यहां पढ़ें नए नियम
    सरकार ने Information Technology Rules में संशोधन कर AI-जनरेटेड कंटेंट को औपचारिक रूप से रेगुलेट किया है। 20 फरवरी से लागू होने वाले IT Rules 2026 के तहत “synthetically generated information” की परिभाषा तय की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अब AI से बने कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना होगा और यूजर्स से इसकी घोषणा भी लेनी होगी। टेकेडाउन और शिकायत निपटान की समयसीमा को काफी कम कर दिया गया है, जिसमें कुछ मामलों में कंटेंट हटाने का समय 2 घंटे तक सीमित किया गया है।
  • बच्चों की ऑनलाइन सेफ्टी के लिए सोशल मीडिया बैन? इस देश ने किया एलान
    स्पेन में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सरकार ने बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए यह प्रस्ताव सामने रखा है, लेकिन फिलहाल इसे कानून के तौर पर लागू नहीं किया गया है। प्रस्ताव के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को सख्त एज-वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस कदम को बच्चों की मानसिक सेहत और डिजिटल सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
  • सुप्रीम कोर्ट की WhatsApp को चेतावनी, 'कानून नहीं मानना तो भारत से बाहर जाएं'
    यह याचिका कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) की ओर से लगाए गए 213 करोड़ रुपये के जुर्माने को कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल की ओर से बरकरार रखने के खिलाफ दायर की गई है। इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने व्यावसायिक उद्देश्य के लिए यूजर से जुड़े डेटा को शेयर करने की पॉलिसी की निंदा की है।
  • Apple ने कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया के खिलाफ हाई कोर्ट से लगाई गुहार
    कंपनी ने कहा है कि उसे आशंका है कि अगर CCI ने पेनल्टी लगाने के लिए उसके इंटरनेशनल टर्नओवर का इस्तेमाल किया तो उसे 38 अरब डॉलर तक का जुर्माना चुकाना पड़ सकता है। देश के एक कोर्ट में कंपनी ने 2024 के पेनल्टी से जुड़े रूल्स को चुनौती दी है। इस मामले की सुनवाई चल रही है। CCI ने इसके बावजूद पिछले वर्ष वर्ष के अंत में कंपनी से फाइनेंशियल रिकॉर्ड मांगा था।
  • सरकार ने ब्लॉक की 242 गैर कानूनी गैंबलिंग और बेटिंग वेबसाइट्स
    पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर बैन लगाया था। इस बैन के खिलाफ कुछ ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों ने सरकार को कोर्ट में खींचा था। इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बताया था कि अनरेगुलेटेड ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के आतंकवादियों को फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग से लिंक हैं।
  • ऑनलाइन गेमिंग पर बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब
    इस बैन के खिलाफ दायर एक याचिका में कहा गया था कि यह कानून स्किल की ऑनलाइन गेम्स खेलने के वैध बिजनेस को 'अपराध' बनाता है। इससे विभिन्न गेमिंग फर्मों को बंद करना होगा। इस याचिका में इस बैन को रमी और पोकर जैसी स्किल की गेम्स पर लागू करने को लेकर असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बैन को एक बड़ा फैसला बताया था।
  • ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन के बाद Zupee ने की 30 प्रतिशत वर्कर्स की छंटनी
    इस सेगमेंट में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली Zupee ने अपने 30 प्रतिशत स्टाफ की छंटनी की है। Zupee ने बताया है कि वह अपने बिजनेस में बदलाव करेगी और उसकी योजना संस्कृति से जुड़ी गेम्स और शॉर्ट वीडियो कंटेंट को पेश करने की है। हालांकि, Zupee ने छंटनी के दायरे में आए वर्कर्स के लिए रिलीफ पैकेज भी देने की जानकारी दी है। इसमें वर्कर्स को नोटिस पीरियड के अलावा वित्तीय सहायता देना शामिल है।
  • चीन की टेक्नोलॉजी के सहारे पाकिस्तान में डिजिटल जासूसी का खेल, 40 लाख लोगों के फोन टैप!
    Amnesty International की रिपोर्ट “Shadows of Control” ने पाकिस्तान की जासूसी व्यवस्था को उजागर कर दिया है। चीन की Geedge Networks और कई अन्य विदेशी कंपनियों की मदद से बने Web Monitoring System (WMS 2.0) और Lawful Intercept Management System (LIMS) लाखों नागरिकों की निजी बातचीत और इंटरनेट एक्सेस को कंट्रोल करते हैं। इस सर्वेलांस ने पाकिस्तान में अभिव्यक्ति की आजादी और डिजिटल प्राइवेसी को गंभीर खतरे में डाल दिया है।
  • टीम इंडिया की टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए बिड नहीं दे सकेंगी क्रिप्टो, रियल मनी गेमिंग फर्में, BCCI ने दी जानकारी
    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मंगलवार को बताया है कि टीम इंडिया के लीड स्पॉन्सरशिप राइट्स के लिए क्रिप्टो और रियल मनी गेमिंग से जुड़ी कंपनियों को बिड करने की अनुमति नहीं होगी।पिछले महीने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल को संसद में पारित किया गया था। इस कानून के लागू होने के बाद देश में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर रोक लग जाएगी।

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