IPL की शुरुआत के साथ DGGI ने विदेशी ऑनलाइन गेमिंग फर्मों पर कसा शिकंजा 

इस कार्रवाई में कई भारतीय नागरिकों का भी खुलासा हुआ है जो विदेश से ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स चला रहे थे

IPL की शुरुआत के साथ DGGI ने विदेशी ऑनलाइन गेमिंग फर्मों पर कसा शिकंजा 

इस बिजनेस से जुड़ी सभी फर्मों को GST के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत होती है

ख़ास बातें
  • यह कार्रवाई गैर कानूनी गेमिंग कारोबार से निपटने के लिए की जा रही है
  • DGGI ने अवैध गेमिंग प्लेटफॉर्म्स से जुड़े बैंक एकाउंट्स को फ्रीज किया है
  • ऑनलाइन मनी गेमिंग पर 28 प्रतिशत का टैक्स लगता है
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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत के साथ रूल्स का उल्लंघन करने वाली गेमिंग फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंस (DGGI) ने GST की चोरी से जुड़ी कई विदेशी ऑनलाइन गेमिंग फर्मों पर शिकंजा कसा है। 

यह कार्रवाई गैर कानूनी गेमिंग कारोबार से निपटने के लिए की जा रही है। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने बताया है कि DGGI ने गैर कानूनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स से जुड़े बैंक एकाउंट्स को निशाना बनाया है। इसमें लगभग 2,000 एकाउंट्स को अटैच करने के साथ ही लगभग चार करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं। इसके अलावा विदेशी गेमिंग वेसाइट्स के UPI IDs से लिंक्ड 392 बैंक एकाउंट्स को फ्रीज कर 122 करोड़ रुपये से अधिक अस्थायी तौर पर अटैच किए गए हैं। यह कार्रवाई इंडियन सायबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से की गई है। 

इस कार्रवाई में कई भारतीय नागरिकों का भी खुलासा हुआ है जो विदेश से ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स चला रहे थे। ये लोग इन प्लेटफॉर्म्स से जुड़े गैर कानूनी 166 एकाउंट्स का इस्तेमाल कर रहे थे। इन एकाउंट्स को ब्लॉक किया गया है। इस मामले में तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी भी हुई है। इसमें अन्य लोगों और नेटवर्क्स की जांच की जा रही है। ऑनलाइन मनी गेमिंग पर 28 प्रतिशत का टैक्स लगता है। इस बिजनेस से जुड़ी सभी फर्मों को GST के लिए रजिस्ट्रेशन कराने और रूल्स का पालन करने की जरूरत होती है। हालांकि, बहुत सी विदेशी गेमिंग फर्में इसका उल्लंघन कर रही थी और टैक्स चुकाने से बच रही थी। पिछले कुछ वर्षों में IPL के दौरान गैर कानूनी गेमिंग तेजी से बढ़ी है। 

ऐसा पता चला है कि DGGI ने ऑनलाइन गेमिंग, बेटिंग और गैंबलिंग से जुड़ी 700 से अधिक विदेशी फर्मों को निशाना बनाया है। इस कार्रवाई में 357 गैर कानूनी या कानून का पालन नहीं करने वाली विदेशी गेमिंग वेबसाइट्स को ब्लॉक किया गया है। इसके लिए मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के साथ DGGI मिलकर कार्य कर रहा है। इससे पहले इंडियन सायबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) और टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) ने विदेशी हैकर्स के कम से कम 17,000 वॉट्सऐप एकाउंट्स को ब्लॉक किया था। इसका लक्ष्य विदेशी क्रिमिनल नेटवर्क को नष्ट करना और देश की डिजिटल सुरक्षा को बढ़ाना है। 
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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