क्रिप्टोकरेंसी की इंटरनेशनल माइनिंग में चौथा सबसे बड़ा देश बना ईरान

ईरान में लगभग 4.27 लाख माइनिंग डिवाइसेज को ऑपरेट किया जा रहा है। इससे एक दिन में 1,400 मेगावॉट से अधिक इलेक्ट्रिसिटी की खपत हो रही है

क्रिप्टोकरेंसी की इंटरनेशनल माइनिंग में चौथा सबसे बड़ा देश बना ईरान

इंटरनेशनल लेवल पर क्रिप्टो के इस्तेमाल में भारत का पहला स्थान है

ख़ास बातें
  • क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग में ईरान चौथा सबसे बड़ा देश बन गया है
  • ईरान में लगभग 4.27 लाख क्रिप्टो माइनिंग डिवाइसेज को ऑपरेट किया जा रहा है
  • इस सेगमेंट में स्कैम के मामले भी बढ़ रहे हैं
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पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टोकरेंसी का मार्केट तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही क्रिप्टो माइनिंग के सेगमेंट में भी बढ़ोतरी है। इंटरनेशनल लेवल पर क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग में ईरान चौथा सबसे बड़ा देश बन गया है। परमाणु कार्यक्रम की वजह से अमेरिका और कुछ अन्य देशों के प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान में क्रिप्टो मार्केट से लगभग 1.3 करोड़ लोग जुड़े हैं। 

एक मीडिया रिपोर्ट में तेहरान प्रॉविंस इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के CEO, Akbar Hasan Beklou के हवाले से बताया गया है कि देश में लगभग 4.27 लाख माइनिंग डिवाइसेज को ऑपरेट किया जा रहा है। इससे एक दिन में 1,400 मेगावॉट से अधिक इलेक्ट्रिसिटी की खपत हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी के कम प्राइसेज की वजह से अवैध माइनिंग करने वालों को फायदा हो रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए सरका ने गैर कानूनी क्रिप्टो माइनिंग के खिलाफ अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत तेहरान प्रांत में गैर कानूनी क्रिप्टो माइनिंग करने वाले 104 फार्म को पकड़ा गया है और 1,465 माइनिंग डिवाइसेज जब्त किए गए हैं। ये अवैध फार्म लगभग 3,360 किलोवॉट इलेक्ट्रिसिटी की खपत कर रहे थे। 

Beklou ने कहा कि दक्षिण पश्चिम तेहरान में पाकदश्त, फिरुजकुह, मलार्ड और काहिजाक जैसे क्षेत्र गैर कानूनी क्रिप्टो माइनिंग के गढ़ हैं। अवैध क्रिप्टो माइनिंग से इलेक्ट्रिसिटी की चोरी बढ़ी है। इसके लिए बिना अनुमति के क्रिप्टो माइनिंग करने वाले फार्म अंडरग्राउंड टनल खोदने और सब्सिडी वाली इंडस्ट्रियल पावर लाइंस का इस्तेमाल करने जैसे तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने बताया कि इस समस्या को रोकने के लिए पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की टीमें और कानून प्रवर्तन एजेंसियां मिलकर कार्य कर रही हैं। 

सबसे ज्यादा वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin की माइनिंग करने वालों की बड़ी संख्या है। हालांकि, इंटरनेशनल लेवल पर भारत को क्रिप्टो के इस्तेमाल के लिहाज से लगातार तीसरे वर्ष पहला स्थान हासिल मिला है। ब्लॉकचेन डेटा फर्म Chainalysis के इस वर्ष के ग्लोबल क्रिप्टो एडॉप्शन इंडेक्स में भारत का लगातार तीसरे वर्ष पहला स्थान है। इस रिपोर्ट में 151 देशों में क्रिप्टो के इस्तेमाल का विश्लेषण किया गया था। क्रिप्टो के इस्तेमाल में अमेरिका का दूसरा और पाकिस्तान का तीसरा रैंक है। इस रिपोर्ट में इन देशों को प्राप्त हुई ऑन-चेन वैल्यू, रिटेल ट्रांजैक्शंस, ट्रेडिंग वॉल्यूम और विभिन्न आमदनी समूहों में क्रिप्टो के इस्तेमाल जैसे तथ्यों के आधार पर रैंकिंग गई है। 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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