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Scientist - ख़बरें

  • अपने स्नैक्स के लिए मशहूर Haldiram's का भारत के पहले स्पेसटेक यूनिकॉर्न से निकला रिश्ता, जानें कैसे
    भारत की स्पेसटेक कंपनी Skyroot Aerospace हाल ही में सफल ऑर्बिटल लॉन्च के बाद चर्चा में है। इसी बीच सामने आया है कि फूड ब्रांड Haldiram's ने 2022 के Series B फंडिंग राउंड में इस कंपनी में निवेश किया था। हालांकि निवेश की राशि सार्वजनिक नहीं की गई है। Skyroot Aerospace की स्थापना पूर्व ISRO वैज्ञानिकों ने की थी और कंपनी छोटे सैटेलाइट्स के कमर्शियल लॉन्च पर काम कर रही है। मौजूदा समय में इसकी वैल्यूएशन करीब 1.1 बिलियन डॉलर बताई जाती है। कंपनी में Haldiram's के अलावा लक्ष्मी निवास मित्तल की VC फर्म, BlackRock और GIC जैसे निवेशकों का भी समर्थन है।
  • ISRO में गगनयान जैसे महत्वपूर्ण मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों के लिए मुश्किल होगा इस्तीफा देना
    पिछले कुछ महीनों में गगनयान जैसे महत्वपूर्ण मिशंस से जुड़े ISRO के 100 से अधिक वैज्ञानिकों के इस्तीफा देने या वॉलेंटरी रिटारमेंट लेने की रिपोर्ट है। डिपार्टमेंट ऑफ साइंस ने ISRO के बड़े सेंटर्स से महत्वपूर्ण मिशंस से जुड़े वैज्ञानिकों और इंजीनियर्स के इस्तीफे या वॉलेंटरी रिटारटमेंट के निवेदनों को नियमित तौर पर स्वीकार नहीं करने का निर्देश दिया है।
  • ISRO के टॉप मिशनों को झटका? 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने छोड़ी नौकरी, सरकार ने बदले नियम
    ISRO के महत्वपूर्ण मिशनों से वैज्ञानिकों के लगातार इस्तीफे सामने आने के बाद Department of Space ने नई गाइडलाइन जारी की है। TOI की रिपोर्ट के अनुसार, Gaganyaan और अन्य राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं से जुड़े वैज्ञानिकों के इस्तीफे या Voluntary Retirement अब पहले की तरह सामान्य प्रक्रिया में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, हाल के महीनों में 100 से ज्यादा वैज्ञानिक संगठन छोड़ चुके हैं। नए नियमों के तहत ऐसे सभी मामलों में अंतिम फैसला Department of Space करेगा, ताकि राष्ट्रीय अंतरिक्ष परियोजनाओं पर अचानक असर न पड़े।
  • AI टैलेंट रखने वालों को Reliance Jio का खुला निमंत्रण, बिना किसी झंझट के मिलेगी जॉब!
    India AI Impact Summit 2026 के बीच Reliance Jio की AI डिवीजन ने टॉप टैलेंट की तलाश तेज कर दी है। Chief AI Scientist Gaurav Aggarwal ने समिट में मौजूद हाई स्किल्ड डेवलपर्स, जिन्हें उन्होंने “cracked engineers” कहा, को सीधे अप्रोच करने का निमंत्रण दिया है। उनके मुताबिक AI मॉडल, ऑप्टिमाइजेशन और प्लेटफॉर्म डेवलपमेंट पर काम कर रहे इंजीनियर्स को रिक्रूटमेंट टीम से फास्ट ट्रैक इंट्रो दिया जा सकता है। यह कदम Jio के AI इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े स्केल पर डिप्लॉयमेंट की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
  • झील में डूबी थी 5200 साल पुरानी नाव, जो मिला उसने सबको कर दिया हैरान!
    उत्तरी अमरीका में वैज्ञानिकों को पानी के नीचे प्राचीन लकड़ियों की नौकाएं मिली हैं। ये नौकाएं मेंडोटा झील की तलहटी में पड़ी थीं। 5200 साल पुरानी नाव डूबी मिली हैं। नाव इतनी पुरानी हैं जिसके आगे मिस्र के पिरामिड भी नए हैं। हैरान करने वाली बात यह थी कि इस नाव को ऐसी लकड़ी से बनाया गया था जो पानी को बहुत जल्दी सोखने लगती है। ऐसे में नाव कैसे तैरी होगी, इस बात ने वैज्ञानिकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
  • इस वर्ष का अंतिम सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को: भारत में दिखेगा या नहीं.... 
    सूर्य ग्रहण तब होता है जब धरती और सूर्य के बीच से चंद्रमा गुजरता है। इससे धरती तक सूर्य की रोशनी का पहुंचना आंशिक तौर पर या पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है। यह अलाइनमेंट के आधार पर पूर्ण, आंशिक या गोले के आकार का हो सकता है। आंशिक सूर्य ग्रहण में सूर्य का केवल एक हिस्सा चंद्रमा की ओर से धुंधला होता है। यह एक आकर्षक खगोलीय दृश्य बनाता है।
  • ISRO के NISAR सैटेलाइट का सफल लॉन्च, धरती की निगरानी में होगा मददगार
    इस सैटेलाइट को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के साथ मिलकर बनाया है।इस सैटेलाइट के ऑर्बिट में पहुंचने के बाद इसके डुअल-फ्रीक्वेंसी राडार एक दिन में धरती का 14 बार चक्कर लगाएंगे। इससे प्रत्येक 12 दिनों में धरती पर सभी जमीन और बर्फ की सतहों की स्कैनिंग की जाएगी। यह सैटेलाइट धरती की सतह पर 1 सेंटीमीटर जितने बदलाव को भी रिकॉर्ड कर सकेगा।
  • NASA के Perseverance रोवर ने बनाया मंगल ग्रह पर सबसे लंबी ड्राइव का रिकॉर्ड
    पिछले डेढ़ महीने से यह रोवर Jezero क्रेटर रिम की बाहरी ढलानों पर मौजूद Krokodillen पठार पर मिट्टी वाली चट्टानों की खोज कर रहा है। अगर चट्टानों के नमूनों में 'फिलोसिलिकेट्स' कहे जाने वाले मिनरल्स पाए जाते हैं तो इसका मतलब हो सकता है कि पहले इस ग्रह पर बड़ी मात्रा में पानी की मौजूदगी थी। NASA के Curiosity और Opportunity जैसे मंगल ग्रह पर अन्य रोवर्स की तुलना में इसकी स्पीड भी अधिक रही है।
  • भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला 14 जुलाई को शुरू करेंगे धरती पर वापसी की यात्रा
    इस मिशन के पायलट की जिम्मेदारी शुक्ला ने सभाली है, जबकि और मिशन कमांडर के तौर पर कमान Peggy Whitson के पास थी। अनडॉकिंग के कई घंटे बाद Axiom-4 मिशन का स्पलैशडाउन अमेरिका के कैलिफोर्निया में प्रशांत महासागर के तट के निकट होगा। Axiom-4 मिशन में 31 देशों की भागीदारी है इस मिशन को सुरक्षा के साथ ISS पर पहुंचाने के लिए NASA और Axiom Space ने कड़ी तैयारी की थी।
  • धरती के घूमने की रफ्तार जुलाई और अगस्त में 3 दिनों पर हो सकती है तेज
    वैज्ञानिकों का मानना है कि धरती के अपनी धुरी पर घूमने की रफ्तार पर ग्लेशियर्स का पिघलना भी असर डाल सकता है। धरती पर अल नीनो और ला नीना जैसी मौसम से जुड़ी स्थितियां भी एक कारण हो सकती हैं। इनसे धरती पर भार का वितरण बदलता है जिससे इसके घूमने की गति पर असर हो सकता है। इसके लिए चंद्रमा भी जिम्मेदार हो सकता है।
  • James Webb टेलीस्कोप की बड़ी खोज, यंग स्टार सिस्टम में मिला जमा हुआ पानी
    Science Alert में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, यह स्टार सिस्टम केवल 2.3 करोड़ वर्ष पुराना है, जो लगभग 4.6 अरब वर्ष पुराने सोलर सिस्टम की तुलना में काफी युवा है। यह स्टार सिस्टम अभी अपने शुरुआती दौर में है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के James Webb Telescope ने जमे हुए पानी के साथ ही पारदर्शी पानी वाली बर्फ को भी खोजा है।
  • पृथ्‍वी 24 घंटे में कैसे घूमती है? लद्दाख में भारतीय वैज्ञानिक ने शूट किया Video, देखें
    एक भारतीय खगोलशास्त्री दोर्जे अंगचुक (Dorje Angchuk) ने बेहतरीन टाइम-लैप्स वीडियो बनाया है। इसे लद्दाख में शूट किया गया है। वीडियो में वहां की एक साइंस लेबोरेटरी के सामने पृथ्‍वी को घूमते हुए दिखाया गया है। वीडियो अपने आप में यूनीक है और हमारे ग्रह की गति को लेकर अनूठा दृश्‍य पेश करता है। दोर्जे अंगचुक लद्दाख के हानले में स्थित ऑब्‍जर्वेट्री के इंजीनियर इन-चार्ज हैं।
  • पृथ्‍वी के पास मिला बृहस्‍पति ग्रह का ‘भाई’, जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप ने ली तस्‍वीर, जानें डिटेल
    Super Jupiter : आईआईटी कानपुर के रिसर्चर्स समेत इंटरनेशनल वैज्ञानिकों की टीम ने पृथ्वी से लगभग 12 प्रकाश वर्ष दूर ‘सुपर-जुपिटर’ एक्सोप्लैनेट का पता लगाया है।
  • What is RGB : अब चीनी वैज्ञानिकों ने खोजा ब्रह्मांड का सबसे बड़ा विस्‍फोट! जानें इसके बारे में
    Gama-Ray Brust : रिसर्चर्स ने 37MeV तक ऊर्जा वाली एक गामा-रे स्पेक्ट्रम लाइन को खोजा है। दावा है कि यह किसी भी खगोलीय पिंड से देखी गई अब तक की सबसे अधिक ऊर्जा है।
  • भारत का आधुनिक पुष्पक रॉकेट शुक्रवार को होगा लॉन्च
    भारत ने लगभग 15 वर्ष पहले स्पेस शटल का अपना वर्जन डिवेलप करने की योजना बनाई थी। इसके कुछ वर्ष बाद वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की एक टीम ने RLV बनाने का कार्य शुरू किया था

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