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Scams - ख़बरें

  • भारत में Telegram को लगा झटका, कोर्ट ने बैन हटाने से किया इनकार
    टेलीग्राम की दलील थी कि सरकार ने इस रोक के लिए पर्याप्त कारण नहीं बताए हैं। हालांकि, इस दलील को भी कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। NEET की 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा से पहले परीक्षा से जुड़ी लीक की गई सामग्री के सर्कुलेशन पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने इस मैसेजिंग ऐप पर यह अस्थायी रोक लगाई है।
  • Telegram में ऐसा क्या था, जो भारत में ऐप को करना पड़ा ब्लॉक? यहां जानें पूरा मामला
    भारत में Telegram पर लगाए गए अस्थायी बैन के पीछे ऐप का Edit Feature चर्चा में है। NTA के मुताबिक, कुछ लोग Telegram पर पुराने मैसेज को एडिट करके उसमें नई PDF फाइल जोड़ देते थे और बाद में दावा करते थे कि परीक्षा का पेपर पहले ही लीक हो गया था। एजेंसी का कहना है कि इस तरीके का इस्तेमाल फर्जी पेपर लीक स्कैम में किया गया। वहीं Telegram CEO Pavel Durov ने बैन की आलोचना करते हुए कहा कि कंपनी "edited" लेबल को और ज्यादा स्पष्ट बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि Telegram ने ऐसे कई चैनलों पर कार्रवाई की है।
  • सरकार दे रही फ्री Cyber Security Course, सिर्फ 2.5 घंटे में मिलेगा सर्टिफिकेट, ऐसे करें अप्लाई
    भारत सरकार के Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने फ्री ऑनलाइन Cyber Security Course शुरू किया है। यह कोर्स गृह मंत्रालय के तहत तैयार किया गया है और इसका मकसद लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके सिखाना है। कोर्स में फेक लिंक, स्कैम कॉल्स, डिजिटल पेमेंट सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल जैसे विषय शामिल हैं। इसे करीब 2.5 घंटे में पूरा किया जा सकता है और सफल प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।
  • क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ईरान को मिले अरबों डॉलर, अमेरिकी प्रतिबंधों को दिया चकमा
    ईरान के बड़े कारोबारी Babak Zanjani से जुड़े एक नेटवर्क ने क्रिप्टो एक्सचेंज Binance का इस्तेमाल IRGC को फंड भेजने के लिए किया है। इस मामले की जांच और कम्प्लायंस रिपोर्ट्स से पता चलता है कि Binance पर ईरान से जुड़े एक नेटवर्क के जरिए 2.5 अरब डॉलर से ज्यादा भेजे गए हैं। इसके अलावा बबाक जंजानी से जुड़े एक नेटवर्क ने पिछले दो वर्षों में लगभग 85 करोड़ डॉलर भेजे हैं।
  • एक क्लिक और बैंक अकाउंट खाली! जानें क्या है सिम-स्वैप और फिशिंग स्कैम, कैसे करें बचाव
    भारत में सिम-स्वैप और फिशिंग जैसे साइबर फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं। इन स्कैम्स में अपराधी लोगों की निजी जानकारी, ओटीपी और फर्जी वेबसाइट्स का इस्तेमाल करके बैंक अकाउंट तक पहुंच बना लेते हैं। सिम-स्वैप स्कैम में यूजर का मोबाइल नंबर अपराधी अपने कंट्रोल में ले लेता है, जबकि फिशिंग में फर्जी लिंक और नकली वेबसाइट के जरिए लॉगिन डिटेल्स चोरी की जाती हैं। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसे मामलों में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। यूजर्स को अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए और ऐप बेस्ड ऑथेंटिकेटर व सिम लॉक जैसे सेफ्टी फीचर्स का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • ईरान के छिपे हुए क्रिप्टो नेटवर्क्स को निशाना बना रहा अमेरिका
    ईरान से जुड़े क्रिप्टो एकाउंट्स में लाखों डॉलर को जब्त या ब्लॉक किया गया है। क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर डॉलर में चलने वाले इंटरनेशनल फाइनेंशियल सिस्टम को ईरान चकमा दे सकता है। अमेरिका और बहुत से पश्चिमों देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों से बचने का भी यह एक जरिया बन रहा है। कड़े प्रतिबंधों की अवधि के दौरान अरबों डॉलर की क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस का ईरान के साथ लिंक मिला है।
  • भारत ने होर्मुज से जहाजों के सुरक्षित रास्ते के लिए ईरान को क्रिप्टो में पेमेंट देने से किया इनकार
    पिछले सप्ताह दो भारतीय जहाजों पर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पार करने की कोशिश में ईरान के सुरक्षा बलों ने फायरिंग की थी। इसके बाद इन जहाजों को वापस लौटना पड़ा था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि पिछले सप्ताह हुई यह घटना क्रिप्टो स्कैम से जुड़ी है। इन रिपोर्ट्स में बताया गया था कि होर्मुज से निकलने के लिए स्कैमर्स ने जहाजों के मालिकों को क्रिप्टो में भुगतान करने को कहा था।
  • 81 साल के पिता ने बेटे को बचाया ‘डिजिटल अरेस्ट’ से, ऐन वक्त पर रोकी ₹12 लाख की ठगी
    पुणे के निगडी इलाके में एक 81 वर्षीय व्यक्ति ने अपने बेटे को 12 लाख रुपये की साइबर ठगी से बचा लिया। ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस अधिकारी बताकर “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाया और वीडियो कॉल के जरिए पैसे ट्रांसफर कराने की कोशिश की। इंजीनियर को शक होने पर उन्होंने अपने पिता को जानकारी दी, जिन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस के पहुंचते ही ठगों ने कॉल काट दी। इस घटना में साइबर अवेयरनेस सेशन और मोबाइल ऐप की जानकारी ने अहम भूमिका निभाई।
  • Bitcoin में जोरदार तेजी, 78,000 डॉलर से ज्यादा हुआ प्राइस
    इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंज Coinmarketcap पर बिटकॉइन का प्राइस लगभग 78,275 डॉलर पर था। Ethereum का प्राइस लगभग 2,392 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल का युद्ध शुरू होने के बाद से बिटकॉइन का प्राइस ज्यादातर 65,000 डॉलर से 75,000 डॉलर की रेंज में रहा है। हालांकि, पिछले सप्ताह इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी ने 78,344 डॉलर के साथ लगभग दो महीने का हाई छुआ था।
  • Bitcoin में 78,000 डॉलर तक पहुंचने के बाद गिरावट, होर्मुज संकट का पड़ा असर 
    मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin का प्राइस पिछले सप्ताह 78,000 डॉलर से अधिक के साथ लगभग 10 सप्ताह के हाई पर पहुंचा था। बिटकॉइन में इसके बाद गिरावट हुई है। ईरान के निकट होर्मुज के प्रमुख समुद्री मार्ग के दोबारा बंद होने से क्रूड ऑयल में तेजी आ सकती है। इससे क्रिप्टो और अन्य मार्केट्स में गिरावट होने की आशंका है।
  • पाकिस्तान ने हटाया क्रिप्टोकरेंसीज से बैन, नए कानून से क्रिप्टो सेगमेंट को मिला कानूनी दर्जा
    नए कानून के तहत, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने पाकिस्तान वर्चुअल एसेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (PVARA) का गठन किया है। यह अथॉरिटी देश में क्रिप्टोकरेंसीज सहित वर्चुअल एसेट्स से जुड़ी लाइसेंसिंग और निगरानी जैसी एक्टिविटीज के लिए जिम्मेदार होगी। इस कदम से क्रिप्टो और डिजिटल एसेट बिजनेस के लिए कानूनी ढांचा बनाया गया है।
  • सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने बढ़ाई बिटकॉइन्स की होल्डिंग, 1 अरब डॉलर में खरीदे 13,927 बिटकॉइन
    Strategy (पहले MicroStrategy) ने US Securities and Exchange Commission को एक फाइलिंग में बताया है कि उसने छह अप्रैल से 12 अप्रैल के बीच 13,927 बिटकॉइन लगभग एक अरब डॉलर में खरीदे हैं। यह खरीदारी 71,902 डॉलर प्रति बिटकॉइन के औसत प्राइस पर की गई है। इस एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर मेकर के पास कुल 7,90,897 बिटकॉइन हो गए हैं
  • WhatsApp Web से करोड़ों की ठगी, CEOs के नाम पर बड़ा साइबर स्कैम!
    हैदराबाद में साइबर ठगों ने एक नया और खतरनाक फ्रॉड तरीका अपनाया है, जिसमें बड़ी कंपनियों के CEO और CFO के नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, इस स्कैम की शुरुआत फिशिंग ईमेल से होती है, जिसमें दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही सिस्टम हैक हो जाता है। इसके बाद हैकर्स WhatsApp Web के जरिए अधिकारियों के अकाउंट से मैसेज भेजकर अकाउंटेंट्स को तुरंत पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं। चूंकि मैसेज असली अकाउंट से आते हैं, कर्मचारी उन्हें सही मान लेते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं।
  • Census 2027: जनगणना के नाम पर स्कैम का खतरा, यहां जानें 33 सवालों की पूरी लिस्ट
    Census 2027 को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं और पहले फेज में पूछे जाने वाले 33 सवालों की लिस्ट सामने आ गई है। इस चरण में घर, सुविधाओं और परिवार से जुड़ी बेसिक जानकारी ली जाएगी। साथ ही इस बार self-enumeration की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे लोग खुद ऑनलाइन जानकारी भर सकेंगे। हालांकि, जनगणना के दौरान फ्रॉड का खतरा भी बढ़ सकता है, जहां ठग फर्जी कॉल या लिंक के जरिए जानकारी निकालने की कोशिश करते हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग असली प्रक्रिया को समझें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि से सतर्क रहें।
  • आपके फोन में हो सकता है नकली WhatsApp ऐप! Meta ने यूजर्स को भेजा अलर्ट
    Meta ने WhatsApp के लिए नए स्कैम और फ्रॉड प्रोटेक्शन टूल्स पेश किए हैं, जिनमें डिवाइस लिंकिंग वॉर्निंग सिस्टम शामिल है। कंपनी ने एक फेक WhatsApp ऐप को लेकर भी अलर्ट जारी किया है, जिसका इस्तेमाल करीब 200 यूजर्स की जासूसी के लिए किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ऐप सोशल इंजीनियरिंग के जरिए यूजर्स को डाउनलोड कराया गया। Meta का कहना है कि WhatsApp की ऑफिशियल ऐप और एन्क्रिप्शन सुरक्षित हैं और यह किसी सिस्टम कमजोरी का मामला नहीं है। कंपनी यूजर्स को केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से ऐप डाउनलोड करने की सलाह दे रही है।

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