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Scams - ख़बरें

  • एक टच में डिजिटल अरेस्ट, स्कैम से बचाएगा 'Kill Switch', UPI और बैंक ऐप्स में मिलेगा इमरजेंसी बटन
    डिजिटल अरेस्ट स्कैम्स के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार एक बड़े तकनीकी समाधान पर काम कर रही है। गृह मंत्रालय की ओर से गठित हाई-लेवल कमेटी UPI और बैंकिंग ऐप्स में एक ‘किल स्विच’ फीचर जोड़ने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, यह इमरजेंसी बटन किसी संभावित ऑनलाइन ठगी के दौरान यूजर को तुरंत सभी बैंक ट्रांजैक्शन्स रोकने की सुविधा देगा। इस कदम का मकसद उन मामलों को रोकना है, जहां स्कैमर्स वीडियो कॉल और फर्जी पुलिस पहचान के जरिए लोगों से पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।
  • बिटकॉइन माइनिंग से इकोनॉमी को मजबूत करने की तैयारी कर रहा यह अफ्रीकी देश....
    इथोपिया के प्राइम मिनिस्टर Abiy Ahmed ने बताया है कि यह देश के फाइनेंशियल सेक्टर को डिवेलप करने की सरकार की कोशिश का हिस्सा है। बिटकॉइन की माइनिंग के लिए इथोपिया को एक इनवेस्टमेंट पार्टनर की तलाश है। Ethiopian Investment Holdings के जरिए बिटकॉइन की माइनिंग को शुरू किया जा सकता है। यह अफ्रीका का सबसे बड़ा सॉवरेन वेल्थ फंड है।
  • क्रिप्टोकरेंसीज के जरिए जम्मू और कश्मीर में आतंकवादियों को हो रही फंडिंग! सिक्योरिटी एजेंसियों की चेतावनी
    सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि जम्मू और कश्मीर में विदेशी फंड को पहुंचाने के लिए 'क्रिप्टो हवाला' नेटवर्क का कथित तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इस गैर कानूनी जरिए से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल जम्मू और कश्मीर में आतंकवादियों के लिए होने का शक है। क्रिप्टो हवाला नेटवर्क में रकम के सोर्स का पता लगाना मुश्किल होता है।
  • सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने खरीदे 13,600 से ज्यादा Bitcoin, 1.25 अरब डॉलर की वैल्यू
    एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने पांच जनवरी से 11 जनवरी के बीच 13,627 बिटकॉइन की खरीदारी की है। पिछले सप्ताह भी कंपनी ने बताया था कि उसने 1,286 बिटकॉइन लगभग 11.6 करोड़ डॉलर में खरीदे हैं। इसके बाद कंपनी के शेयर में भी तेजी आई है। Strategy के पास मौजूद बिटकॉइन्स की मौजूदा वैल्यू लगभग 62 अरब डॉलर की है।
  • क्रिप्टो को लेकर RBI की वॉर्निंग, वित्तीय स्थिरता के लिए हो सकता है बड़ा खतरा
    फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट में RBI ने कहा है कि स्टेबलकॉइन्स से जुड़ी कुछ कमजोरियों की वजह से वित्तीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। क्रिप्टो के इकोसिस्टम में स्टेबलकॉइन्स एक महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर उभरे हैं। RBI ने बताया कि विदेशी करेंसी में डिनॉमिनेशन वाले स्टेबलकॉइन्स का इस्तेमाल बढ़ने से वित्तीय नियंत्रण कमजोर हो सकता है।
  • क्रिप्टो एक्सचेंज Coinbase पर सायबर अटैक का आरोपी भारत से हुआ गिरफ्तार
    बड़े इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंजों में शामिल Coinbase ने बताया था कि हैकर्स ने अमेरिका के बाहर उसके कॉन्ट्रैक्टर्स और वर्कर्स को रिश्वत देकर कस्टमर्स के संवेदनशील डेटा को चुराया था। इस मामले में हैकर्स ने दो करोड़ डॉलर की फिरौती की भी मांग की थी। Coinbase ने बताया था कि सायबर अटैक से उसे 40 करोड़ डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है।
  • क्रिप्टो से सरकार को मिलने वाला TDS 41 प्रतिशत बढ़ा, महाराष्ट्र की सबसे अधिक हिस्सेदारी
    महाराष्ट्र में हेडक्वार्टर रखने वाले क्रिप्टो एक्सचेंजों से सबसे अधिक 293.40 करोड़ रुपये का TDS प्राप्त हुआ है। इसके बाद दूसरे स्थान पर कर्नाटक (133.94 करोड़ रुपये) और तीसरे स्थान पर गुजरात (28.63 करोड़ रुपये) है। राजधानी दिल्ली से यह टैक्स 28.33 करोड़ रुपये का है। TDS का यह डेटा उन लोकेशंस से जुड़ा है जहां क्रिप्टो एक्सचेंज मौजूद हैं। यह वास्तविक ट्रेड्स की लोकेशन पर बेस्ड नहीं है।
  • WhatsApp पर FREE 'क्रिसमस गिफ्ट'! मिले ऐसा मैसेज तो हो जाएं सावधान
    Christmas 2025 पर आपको जरा सावधान रहने की जरूरत है। आपकी खुशियों में हैकर्स ठगी की सेंध लगा सकते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक क्रिसमस 2025 पर एक दूसरे को बधाई संदेश भेजते और रिसीव करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। हैकर्स और साइबर ठग क्रिसमस के मौके पर गिफ्ट के रूप में झांसेदार लिंक आपको भेजकर आपके साथ धोखाधड़ी कर सकते हैं। मेलिशियस या फेक गिफ्ट लिंक (Fake Gift Link) लिंक भेजकर आपके अकाउंट को मिनटों में खाली किया जा सकता है।
  • Digtal Arrest Case: पुलिस इंस्पेक्टर बनकर 85 वर्ष के बुजुर्ग से ठगे 9 करोड़, इस तरह के स्कैम से सावधान!
    मुंबई से सामने आए एक चौंकाने वाले साइबर फ्रॉड मामले में 85 वर्षीय बुजुर्ग को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर करीब 9 करोड़ रुपये की ठगी की गई। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए। WhatsApp वीडियो कॉल, फर्जी कोर्ट और RBI दस्तावेजों के जरिए पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाया गया। डर के चलते बुजुर्ग ने अपनी सेविंग्स, म्यूचुअल फंड और FD तोड़कर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। बैंक कर्मचारी की सतर्कता से मामला उजागर हुआ।
  • क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाने वाले सावाधान! भारत में 26 फर्जी क्रिप्टो वेबसाइट्स का भंडाफोड़
    Enforcement Directorate ने देशभर में फैले एक बड़े क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट स्कैम का खुलासा करते हुए 26 फर्जी वेबसाइट्स को रेड-फ्लैग किया है। ED के मुताबिक, ये प्लेटफॉर्म्स खुद को वैध क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट साइट्स बताकर लोगों को हाई रिटर्न का लालच दे रहे थे। शुरुआती तौर पर छोटे मुनाफे दिखाकर निवेशकों का भरोसा जीता गया और बाद में अकाउंट फ्रीज व एक्स्ट्रा चार्ज के नाम पर ठगी की गई। एजेंसी का कहना है कि यह नेटवर्क सालों से एक्टिव था और इसमें करोड़ों रुपये के लेनदेन का शक है।
  • Bitcoin में आ सकती है तेजी, Citigroup ने दिया 1,43,000 डॉलर का टारगेट
    अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump की चीन पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा और भारी बिकवाली से इसका प्राइस 30 प्रतिशत से ज्यादा गिरा है। Citigroup ने दूसरी सबसे अधिक वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी Ethereum के लिए इसी अवधि में 4,304 डॉलर का पूर्वानुमान दिया है।
  • इंश्योरेंस से जुड़े स्कैम को रोकने के लिए TRAI ने लागू किया नया रूल
    इस रूल के तहत, इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) की ओर से रेगुलेटेड सभी एंटिटीज को सर्विस और ट्रांजैक्शन से जुड़ी कॉल्स के लिए '1600' सीरीज के नंबर्स का इस्तेमाल करना होगा। इसका उद्देश्य वैध सर्विस और ट्रांजैक्शंस से जुड़ी कॉल्स की पहचान करना है। लगभग 570 एंटिटीज ने नई नंबरिंग सीरीज का इस्तेमाल शुरू किया है।
  • Bitcoin में भारी गिरावट, 86,000 डॉलर से नीचे गया प्राइस
    अक्टूबर की शुरुआत में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद से यह लगभग 30 प्रतिशत गिरा है। इसका असर अन्य क्रिप्टोकरेंसीज पर भी पड़ा है। हाल ही में इंटरनेशनल बैंकिंग फर्म Standard Chartered ने बिटकॉइन के लिए प्राइस टारगेट को घटाया था। Standard Chartered ने इस वर्ष के अंत तक बिटकॉइन के लिए दो लाख डॉलर के पिछले पूर्वानुमान को आधा घटाकर एक लाख डॉलर किया गया है।
  • ट्रैवल कर रहे हैं तो संभल जाइए! फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइट के जरिए हुआ बड़ा स्कैम, जानें पूरा मामला
    Delhi Police की Crime Branch ने एक फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइट से जुड़े साइबर फ्रॉड मामले का खुलासा किया है। इस केस में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रतोष कुमार को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पॉपुलर होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का कस्टमर सपोर्ट बताकर लोगों को ठग रहा था। Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने OTP और UPI डिटेल्स हासिल कर एक अमेरिकी नागरिक से 57,186 रुपये की ठगी की। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले कई सालों से इस तरह के फ्रॉड को अंजाम दे रहा था और उसके मोबाइल नंबर कई साइबर शिकायतों से जुड़े पाए गए।
  • 1,000 करोड़ की ठगी और 111 फर्जी कंपनियां, कैसे CBI ने इस बड़े साइबर फ्रॉड का किया खुलासा, यहां जानें
    CBI ने देशभर में एक्टिव एक बड़े इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है, जो फर्जी लोन ऐप्स, नकली इनवेस्टमेंट स्कीम्स, झूठे जॉब ऑफर्स और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को ठग रहा था। जांच एजेंसी ने इस मामले में 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें चार विदेशी नागरिक और 58 कंपनियां शामिल हैं। CBI के मुताबिक, यह रैकेट Ponzi और MLM मॉडल पर काम कर रहा था। जांच में 111 शेल कंपनियों और 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के संदिग्ध ट्रांजैक्शन का भी खुलासा हुआ है।

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