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Scams - ख़बरें

  • क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बढ़ी RBI की चिंता, बैन लगाने पर जोर
    RBI का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसीज को रेगुलेटेड फाइनेंशियल सिस्टम के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। देश में बैंकों को क्रिप्टोकरेंसीज में डील करने से रोकने वाला कोई रूल नहीं है लेकिन RBI की ओर से दी गई चेतावनियों की वजह से अधिकतर बैंकों ने इस सेगमेंट से दूरी बनाई हुई है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी क्रिप्टोकरेंसीज में ट्रेडिंग को लेकर आशंका जताई है।
  • Digital Arrest में ₹4 हजार करोड़ से ज्यादा गंवा चुके हैं भारतीय, आप भी भूलकर न करें ये गलतियां
    भारत में Digital Arrest Scam तेजी से बढ़ता साइबर अपराध बन गया है। सरकार के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, 2022 से मई 2026 के बीच इस तरह की ठगी से जुड़े 2.97 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए और लोगों को 4,057.7 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ठग खुद को पुलिस, CBI, ED या दूसरी सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल पर डराते हैं और उनसे पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं। साइबर क्राइम एजेंसियां साफ कर चुकी हैं कि भारत में Digital Arrest जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। ऐसे में किसी भी संदिग्ध कॉल पर सतर्क रहना जरूरी है।
  • अब WhatsApp खुद बताएगा नंबर भरोसेमंद है या नहीं, आ रहा नया फीचर
    WhatsApp जल्द ही Android और iPhone यूजर्स के लिए नया सिक्योरिटी फीचर रोलआउट कर सकता है। WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, अब किसी अनजान नंबर के साथ चैट शुरू करने से पहले यूजर्स को एक वार्निंग स्क्रीन दिखाई जाएगी। इसमें नंबर से जुड़ी जानकारी जैसे उसका रजिस्ट्रेशन देश, कॉन्टैक्ट स्टेटस और कॉमन ग्रुप्स की जानकारी मिल सकती है। इसका मकसद यूजर्स को संभावित स्कैम और फर्जी मैसेज से बचाना है। WhatsApp का यह फीचर यूजर्स को चैट शुरू करने से पहले अतिरिक्त जानकारी देकर बेहतर फैसला लेने में मदद कर सकता है।
  • WhatsApp पर आ रही इस फाइल से रहें सावधान, हैक हो सकता है आपका PC
    WhatsApp यूजर्स को निशाना बनाने वाला एक नया मालवेयर कैंपेन सामने आया है। एक साइबर सिक्योरिटी कंपनी के रिसर्चर्स ने खुलासा किया है कि अटैकर्स WhatsApp Desktop और WhatsApp Web यूजर्स को मालिशियस फाइल्स भेजकर उनके सिस्टम तक एक्सेस हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। यह कैंपेन कई देशों में देखा गया है, जिनमें मलेशिया, ब्राजील, सिंगापुर, ताइवान और वियतनाम शामिल हैं।Kaspersky ग्लोबल रिसर्च एंड एनालेसिस टीम (GReAT) ने जून 2026 में इस कैंपेन का खुलासा किया। रिसर्च के अनुसार, अटैकर पहले से हैक किए गए WhatsApp अकाउंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन अकाउंट्स से उनके कॉन्टैक्ट्स को मालिशियस VBScript फाइल्स भेजी जाती हैं। चूंकि मैसेज किसी जान-पहचान वाले व्यक्ति के अकाउंट से आता है, इसलिए रिसीवर के फाइल खोलने की संभावना बढ़ जाती है।
  • GTA 6 गेम के चक्कर में खाली हो जाएगा आपका बैंक अकाउंट! फैल रहे हैं नकली इमेल
    GTA 6 की रिलीज से पहले गेमर्स को निशाना बनाकर नए ऑनलाइन स्कैम सामने आए हैं। Cybersecurity कंपनी NordVPN के मुताबिक, कई फर्जी वेबसाइट्स और ईमेल्स GTA 6 Beta Access और Early Access देने का दावा कर रहे हैं। इन स्कैम्स के जरिए साइबर अपराधी यूजर्स की पर्सनल जानकारी, गेमिंग अकाउंट्स और बैंकिंग डिटेल्स चुरा सकते हैं। कुछ मामलों में फर्जी डाउनलोड फाइल्स में मालवेयर भी पाया गया है, जो हमलावरों को डिवाइस तक रिमोट एक्सेस दे सकता है। फिलहाल Rockstar Games ने किसी भी आधिकारिक GTA 6 Beta Program की घोषणा नहीं की है।
  • क्रिप्टो फर्मों पर ED के छापे, 2,500 करोड़ रुपये के गैर कानूनी मनी ट्रांसफर का है आरोप
    देश में यूजर्स को रुपये को USDT जैसे स्टेबलकॉइन्स सहित क्रिप्टोकरेंसीज में कन्वर्ट करने और क्रिप्टोकरेंसीज को रुपये में कन्वर्ट करने की सर्विस ये फर्में उपलब्ध करा रही थी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से जरूरी अनुमतियां हासिल किए बिना ये फर्में विदेश में ट्रांजैक्शंस को प्रोसेस कर रही थी। ED का आरोप है कि इन फर्मों ने RBI की ओर से अनिवार्य नियमों का पालन नहीं किया है।
  • भारत में Telegram को लगा झटका, कोर्ट ने बैन हटाने से किया इनकार
    टेलीग्राम की दलील थी कि सरकार ने इस रोक के लिए पर्याप्त कारण नहीं बताए हैं। हालांकि, इस दलील को भी कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। NEET की 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा से पहले परीक्षा से जुड़ी लीक की गई सामग्री के सर्कुलेशन पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने इस मैसेजिंग ऐप पर यह अस्थायी रोक लगाई है।
  • Telegram में ऐसा क्या था, जो भारत में ऐप को करना पड़ा ब्लॉक? यहां जानें पूरा मामला
    भारत में Telegram पर लगाए गए अस्थायी बैन के पीछे ऐप का Edit Feature चर्चा में है। NTA के मुताबिक, कुछ लोग Telegram पर पुराने मैसेज को एडिट करके उसमें नई PDF फाइल जोड़ देते थे और बाद में दावा करते थे कि परीक्षा का पेपर पहले ही लीक हो गया था। एजेंसी का कहना है कि इस तरीके का इस्तेमाल फर्जी पेपर लीक स्कैम में किया गया। वहीं Telegram CEO Pavel Durov ने बैन की आलोचना करते हुए कहा कि कंपनी "edited" लेबल को और ज्यादा स्पष्ट बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि Telegram ने ऐसे कई चैनलों पर कार्रवाई की है।
  • सरकार दे रही फ्री Cyber Security Course, सिर्फ 2.5 घंटे में मिलेगा सर्टिफिकेट, ऐसे करें अप्लाई
    भारत सरकार के Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने फ्री ऑनलाइन Cyber Security Course शुरू किया है। यह कोर्स गृह मंत्रालय के तहत तैयार किया गया है और इसका मकसद लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके सिखाना है। कोर्स में फेक लिंक, स्कैम कॉल्स, डिजिटल पेमेंट सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल जैसे विषय शामिल हैं। इसे करीब 2.5 घंटे में पूरा किया जा सकता है और सफल प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।
  • क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ईरान को मिले अरबों डॉलर, अमेरिकी प्रतिबंधों को दिया चकमा
    ईरान के बड़े कारोबारी Babak Zanjani से जुड़े एक नेटवर्क ने क्रिप्टो एक्सचेंज Binance का इस्तेमाल IRGC को फंड भेजने के लिए किया है। इस मामले की जांच और कम्प्लायंस रिपोर्ट्स से पता चलता है कि Binance पर ईरान से जुड़े एक नेटवर्क के जरिए 2.5 अरब डॉलर से ज्यादा भेजे गए हैं। इसके अलावा बबाक जंजानी से जुड़े एक नेटवर्क ने पिछले दो वर्षों में लगभग 85 करोड़ डॉलर भेजे हैं।
  • एक क्लिक और बैंक अकाउंट खाली! जानें क्या है सिम-स्वैप और फिशिंग स्कैम, कैसे करें बचाव
    भारत में सिम-स्वैप और फिशिंग जैसे साइबर फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं। इन स्कैम्स में अपराधी लोगों की निजी जानकारी, ओटीपी और फर्जी वेबसाइट्स का इस्तेमाल करके बैंक अकाउंट तक पहुंच बना लेते हैं। सिम-स्वैप स्कैम में यूजर का मोबाइल नंबर अपराधी अपने कंट्रोल में ले लेता है, जबकि फिशिंग में फर्जी लिंक और नकली वेबसाइट के जरिए लॉगिन डिटेल्स चोरी की जाती हैं। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसे मामलों में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। यूजर्स को अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए और ऐप बेस्ड ऑथेंटिकेटर व सिम लॉक जैसे सेफ्टी फीचर्स का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • ईरान के छिपे हुए क्रिप्टो नेटवर्क्स को निशाना बना रहा अमेरिका
    ईरान से जुड़े क्रिप्टो एकाउंट्स में लाखों डॉलर को जब्त या ब्लॉक किया गया है। क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर डॉलर में चलने वाले इंटरनेशनल फाइनेंशियल सिस्टम को ईरान चकमा दे सकता है। अमेरिका और बहुत से पश्चिमों देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों से बचने का भी यह एक जरिया बन रहा है। कड़े प्रतिबंधों की अवधि के दौरान अरबों डॉलर की क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस का ईरान के साथ लिंक मिला है।
  • भारत ने होर्मुज से जहाजों के सुरक्षित रास्ते के लिए ईरान को क्रिप्टो में पेमेंट देने से किया इनकार
    पिछले सप्ताह दो भारतीय जहाजों पर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पार करने की कोशिश में ईरान के सुरक्षा बलों ने फायरिंग की थी। इसके बाद इन जहाजों को वापस लौटना पड़ा था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि पिछले सप्ताह हुई यह घटना क्रिप्टो स्कैम से जुड़ी है। इन रिपोर्ट्स में बताया गया था कि होर्मुज से निकलने के लिए स्कैमर्स ने जहाजों के मालिकों को क्रिप्टो में भुगतान करने को कहा था।
  • 81 साल के पिता ने बेटे को बचाया ‘डिजिटल अरेस्ट’ से, ऐन वक्त पर रोकी ₹12 लाख की ठगी
    पुणे के निगडी इलाके में एक 81 वर्षीय व्यक्ति ने अपने बेटे को 12 लाख रुपये की साइबर ठगी से बचा लिया। ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस अधिकारी बताकर “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाया और वीडियो कॉल के जरिए पैसे ट्रांसफर कराने की कोशिश की। इंजीनियर को शक होने पर उन्होंने अपने पिता को जानकारी दी, जिन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस के पहुंचते ही ठगों ने कॉल काट दी। इस घटना में साइबर अवेयरनेस सेशन और मोबाइल ऐप की जानकारी ने अहम भूमिका निभाई।
  • Bitcoin में जोरदार तेजी, 78,000 डॉलर से ज्यादा हुआ प्राइस
    इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंज Coinmarketcap पर बिटकॉइन का प्राइस लगभग 78,275 डॉलर पर था। Ethereum का प्राइस लगभग 2,392 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल का युद्ध शुरू होने के बाद से बिटकॉइन का प्राइस ज्यादातर 65,000 डॉलर से 75,000 डॉलर की रेंज में रहा है। हालांकि, पिछले सप्ताह इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी ने 78,344 डॉलर के साथ लगभग दो महीने का हाई छुआ था।

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