WinGo नाम के एक ऐप को लेकर साइबर पुलिस ने बड़ा साइबर फ्रॉड नेटवर्क बेनकाब किया है।
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WinGo ऐप से रोज भेजे जा रहे सैकड़ों SMS
गौतमबुद्ध नगर पुलिस आयुक्तालय ने ई-चालान सिस्टम से जुड़े एक गंभीर साइबर फ्रॉड का खुलासा करते हुए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। शुरुआती जांच में WinGo नाम के एक ऐप की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिसे पुलिस अब बड़े साइबर ठगी नेटवर्क से जोड़कर देख रही है। अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला सिर्फ एक ऐप तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए आम लोगों के मोबाइल नंबर और डिजिटल पहचान का दुरुपयोग किया जा रहा है।
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस की साइबर टीम ने बताया है कि यह ऐप कथित तौर पर “टेलीकॉम म्यूल ऐज ए सर्विस” मॉडल पर काम कर रहा है। साइबर क्राइम डीसीपी के अनुसार, ऐसे प्लेटफॉर्म अनजान यूजर्स के मोबाइल नंबर, SIM कार्ड और डिजिटल आइडेंटिटी का इस्तेमाल करके फ्रॉड को अंजाम देते हैं, ताकि असली साइबर क्रिमिनल खुद को गुमनाम रख सकें। उनके शब्दों में, “इस तरह के ऐप्स आम लोगों को आगे रखकर ठगी का नेटवर्क चलाते हैं, जिससे असली अपराधी कानून की पकड़ से दूर रहते हैं।”
जांच में सामने आया है कि WinGo ऐप यूजर्स को आसान और तेज कमाई का लालच देता है। शुरुआत में छोटे अमाउंट और तुरंत विड्रॉल की सुविधा देकर भरोसा बनाया जाता है। इसके बाद यूजर्स को SMS या मैसेज से जुड़े टास्क सौंपे जाते हैं। पुलिस का कहना है कि यह ऐप Google Play Store पर उपलब्ध नहीं है, जो इसकी वैधता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पुलिस के मुताबिक, ऐप इंस्टॉल होने के बाद यह रोजाना करीब 80 से 100 SMS यूजर के मोबाइल नंबर से भेजता है। कई मामलों में यूजर्स को यह तक नहीं पता होता कि मैसेज किस कंटेंट का है और किसे भेजा जा रहा है। जांच में सामने आया है कि इन मैसेजों का इस्तेमाल फर्जी लिंक, फिशिंग और अन्य साइबर ठगी से जुड़े कंटेंट भेजने में किया जाता है।
जांच के दौरान यह भी पता चला है कि इस ऐप को Telegram चैनलों के जरिए बड़े पैमाने पर प्रमोट किया जा रहा है। इन चैनलों में एक लाख से ज्यादा जुड़े यूजर्स होने का दावा किया जा रहा है, जिससे इस नेटवर्क के बड़े स्तर पर फैले होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का मानना है कि बड़ी संख्या में लोग अनजाने में इस फ्रॉड इकोसिस्टम का हिस्सा बन चुके हैं।
रिपोर्ट आगे बताती है कि साइबर अपराधी खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बना रहे हैं, जो एक्स्ट्रा इनकम की तलाश में रहते हैं। पुलिस ने आम लोगों को SMS बेस्ड कमाई वाले ऐप्स, मैसेज फॉरवर्डिंग टास्क, रेफरल स्कीम्स और गारंटीड रिटर्न का दावा करने वाले प्लेटफॉर्म्स से दूर रहने की सलाह दी है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और बदलते साइबर खतरों को लेकर जागरूक रहने की अपील की है।
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