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  • UPI पेमेंट करते हुए मोबाइल नंबर नहीं होगा किसी के साथ शेयर, ये हैं आसान स्टेप्स
    अगर आप दिन में 10 या 20 बार या उससे भी ज्यादा बार UPI पेमेंट करते करते हैं तो उतनी ही बार किसी अंजान व्यक्ति के साथ अपना मोबाइल नंबर साझा करते हैं। ऐसे में संभावना रहती है कि आपके नंबर का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। अब अगर आप चाहते हैं कि आपका मोबाइल नंबर किसी अंजान व्यक्ति के साथ शेयर नहीं हो और सुरक्षा पूरी तरह से बरकरार रहे तो यह बिलकुल मुमकिन है। कुछ सरल स्टेप्स को फॉलो करके अपना मोबाइल नंबर अंजान लोगों के साथ साझा होने से रोक सकते हैं।
  • WhatsApp पर यूजर्स की बढ़ेगी प्राइवेसी, डेटा शेयर करने का मिलेगा ऑप्शन
    Meta और वॉट्सऐप की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट Kapil Sibal ने कहा कि कंपनी ने डेटा शेयरिंग के तरीकों की जानकारी देने वाला एक शपथपत्र दाखिल किया है। इसके साथ ही NCLAT के निर्देशों का समयसीमा के अंदर पालन करने की सहमति भी दी गई है। हाल ही में इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने Meta को कड़ी चेतावनी दी थी।
  • WhatsApp की प्राइवेसी पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट में कल होगी सुनवाई, CCI ने लगाई है 214 करोड़ रुपये की पेनल्टी
    कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी में कथित तौर पर गड़बड़ी की वजह से 213.14 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई थी। इसके खिलाफ वॉट्सऐप को ऑपरेट करने वाली अमेरिकी कंपनी Meta दाखिल की थी वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर कोर्ट ने पूछा था कि क्या देश के करोड़ों निर्धन और अशिक्षित लोग इसे समझ सकते हैं?
  • आपका डाटा हो रहा है Facebook और Instagram के साथ शेयर, जानें इसे कैसे रोकें
    सोशल मीडिया दिग्गज यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने और टार्गेट विज्ञापन प्रदान करने के लिए ऐसा करता है। एकत्रित की गई जानकारी में वेबसाइट, ऐप्स और ऑर्नेनाइजेशन फेसबुक या इंस्टाग्राम के साथ यूजर्स की एक्टिविटी के बारे में साझा करने वाली जानकारी शामिल होती है। इस जानकारी में किसी वेबसाइट पर जाना, ऐप खोलना, किसी आइटम को सर्च करना या प्रोडक्ट खरीदना शामिल हो सकता है।
  • 'नियम नहीं मान सकते तो भारत छोड़ें': WhatsApp प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट की Meta को फटकार
    WhatsApp की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने Meta पर कड़ा रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि भारत में यूजर्स की प्राइवेसी से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह मामला WhatsApp की 2021 प्राइवेसी पॉलिसी और Competition Commission of India द्वारा लगाए गए 213 करोड़ रुपये के जुर्माने से जुड़ा है। सरकार ने डेटा शेयरिंग को एक्सप्लॉइटेटिव बताया, जबकि Meta की ओर से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का हवाला दिया गया। अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आना बाकी है।
  • सुप्रीम कोर्ट की WhatsApp को चेतावनी, 'कानून नहीं मानना तो भारत से बाहर जाएं'
    यह याचिका कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) की ओर से लगाए गए 213 करोड़ रुपये के जुर्माने को कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल की ओर से बरकरार रखने के खिलाफ दायर की गई है। इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने व्यावसायिक उद्देश्य के लिए यूजर से जुड़े डेटा को शेयर करने की पॉलिसी की निंदा की है।
  • आपकी फोटो सेफ नहीं? App Store में खुलेआम मौजूद हैं AI से कपड़े ‘हटाने’ वाले ऐप्स!
    एक नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि Apple App Store और Google Play Store पर दर्जनों AI आधारित nudify ऐप्स उपलब्ध हैं, जो बिना सहमति के फोटो को न्यूड या कम कपड़ों वाली इमेज में बदल सकते हैं। Tech Transparency Project के मुताबिक, इन ऐप्स को सैकड़ों मिलियन बार डाउनलोड किया गया है और इनसे करोड़ों डॉलर की कमाई हुई है। यह तब है जब दोनों प्लेटफॉर्म्स की पॉलिसी इस तरह के यौन और अपमानजनक कंटेंट की अनुमति नहीं देती। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये ऐप्स प्राइवेसी और डिजिटल सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।
  • वॉयस असिस्टेंट बना जासूस? नहीं मानी गलती, लेकिन फिर भी 623 करोड़ का जुर्माना भरेगा Google
    Google ने अपने वॉयस असिस्टेंट से जुड़े एक प्राइवेसी मामले को निपटाने के लिए 68 मिलियन डॉलर का सेटलमेंट करने पर सहमति जताई है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, इस केस में आरोप लगाया गया था कि Google Assistant बिना यूजर्स की अनुमति के उनकी बातचीत रिकॉर्ड करता था और उस डेटा का इस्तेमाल विज्ञापनों सहित अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया। हालांकि, कंपनी ने सेटलमेंट में किसी भी तरह की गलती स्वीकार नहीं की है। यह मामला “false accepts” से जुड़ा था, जहां असिस्टेंट बिना वेक वर्ड के एक्टिव होने के आरोपों के घेरे में था।
  • अब छूटेंगे हैकर्स के पसीने! WhatsApp में आया हाई-सिक्योरिटी फीचर, एक क्लिक में लग जाएगा लॉकडाउन
    Meta ने WhatsApp यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाने के लिए Strict Account Settings नाम का नया फीचर पेश किया है। यह फीचर खास तौर पर उन यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है, जिन्हें उनके काम या पहचान की वजह से एडवांस साइबर अटैक्स का खतरा रहता है। फीचर ऑन करने पर WhatsApp की कई सेटिंग्स अपने आप सबसे सख्त लेवल पर लॉक हो जाती हैं, जिससे अनजान लोगों से आने वाले अटैचमेंट्स और कॉल्स ब्लॉक हो जाते हैं। यह फीचर Settings > Privacy > Advanced में मिलेगा और आने वाले हफ्तों में धीरे-धीरे रोलआउट किया जाएगा।
  • WhatsApp नहीं है सुरक्षित, Elon Musk ने उठाया प्राइवेसी पर सवाल
    WhatsApp पर एक इंटरनेशनल ग्रुप नेमुकदमा दायर किया, जिसमें कंपनी पर वॉट्सऐप चैट सर्विस की प्राइवेसी और सुरक्षा के बारे में झूठे दावे करने का आरोप लगाया गया है। मेटा के वॉट्सऐप की प्राइवेसी को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जिसमें अन्य कंपनियों के लोग भी मेटा के यूजर्स डाटा मैनेजमेंट पर सवाल खड़े कर रहे हैं। एलोन मस्क और जोहो के फाइंडर श्रीधर वेम्बू ने X पर कई पोस्ट में मेटा को निशाना बनाया है।
  • WhatsApp का iOS यूजर्स को तोहफा! Status शेयरिंग का बदलेगा अंदाज
    iOS यूजर्स को WhatsApp में नया फीचर मिलने वाला है। यूजर्स के पास अब विकल्प होगा कि उनका स्टेटस वे किन यूजर्स को दिखाना चाहते हैं। यानी स्टेटस को डिलीट करने की जरूरत अब नहीं पड़ेगी क्योंकि अब आप चाहेंगे तभी आपका स्टेटस सभी को दिखाई पड़ेगा। आप इसमें कस्टम सिलेक्शन कर सकेंगे जिसमें चुनिंदा यूजर्स को भी शामिल करने का विकल्प होगा। यह फीचर तब और भी काम का होता है जब आप मल्टीपल स्टेटस अपडेट्स शेयर करते हैं और ये स्टेटस अलग-अलग ऑडियंस के लिए होते हैं।
  • AI से की गई बातें कंपनी सुन रही है? मार्केट में आया नया प्राइवेट चैटबॉट, फ्री में करें यूज
    Signal के फाउंडर Moxie Marlinspike ने Confer नाम का एक नया AI चैटबॉट पेश किया है, जिसे प्राइवेसी-फर्स्ट सर्विस के तौर पर डिजाइन किया गया है। आम AI चैटबॉट्स की तरह इसमें की गई बातचीत सर्वर पर readable नहीं होती। Confer में चैट रिक्वेस्ट्स लोकली एन्क्रिप्ट होती हैं और cryptographic keys यूजर के डिवाइस पर ही रहती हैं। सर्वर साइड पर Trusted Execution Environment का इस्तेमाल किया गया है, जिससे AI प्रोसेस आइसोलेटेड हार्डवेयर एनवायरनमेंट में रन होता है। Marlinspike ने AI कंपनियों पर यूजर डेटा को स्टोर, मॉनेटाइज और विज्ञापनों के लिए इस्तेमाल करने की चिंता भी जताई है।
  • अगर फोन में नजर आता है ये निशान, तो फोन कर रहा आपकी जासूसी, ऐसे चलेगा पता, खुद कर पाएंगे बचाव
    कई बार हैकर्स आपके डिवाइस को हैक कर लेते हैं और उनमें मौजूदा ऐप्स को कंट्रोल करने लग जाते और कुछ मैलिशियज ऐप्स को डाउनलोड कर देते हैं। हालांकि, ऐसा होने पर फोन में कुछ अलग-अलग रंगों के इंडीकेटर्स एक्टिव नजर आ सकते हैं। आपको अगर अपने फोन में कोई इंडीकेटर नजर आता है तो आपको सावधान रहना चाहिए, क्योंकि ऐसा हो सकता है कि कोई ऐप आपको ट्रैक कर रहा है
  • बच्चों का WhatsApp अब माता-पिता के कंट्रोल में? नया फीचर बदल सकता है सब कुछ
    WhatsApp बच्चों और युवाओं की ऑनलाइन सेफ्टी को बेहतर बनाने के लिए पैरेंटल कंट्रोल फीचर पर काम कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें सेकेंडरी अकाउंट का कॉन्सेप्ट होगा, जो पैरेंट या गार्जियन के अकाउंट से लिंक रहेगा। पैरेंट कुछ प्राइवेसी सेटिंग्स और कॉन्टैक्ट कंट्रोल कर पाएंगे, लेकिन मैसेज और कॉल कंटेंट पूरी तरह प्राइवेट रहेगा। डिफॉल्ट तौर पर यह अकाउंट सिर्फ कॉन्टैक्ट्स से बातचीत की अनुमति देगा। फिलहाल फीचर बीटा स्टेज में है और इसके रोलआउट की टाइमलाइन सामने नहीं आई है।
  • सरकार मांग रही है मोबाइल का सोर्स कोड? Apple-Samsung ने जताई नाराजगी
    भारत सरकार स्मार्टफोन सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए नए नियमों पर विचार कर रही है, जिसके तहत Apple और Samsung जैसी कंपनियों से मोबाइल सॉफ्टवेयर का सोर्स कोड एक्सेस मांगा जा सकता है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार करीब 83 नए सिक्योरिटी स्टैंडर्ड लागू करने की तैयारी में है। इनमें बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट की जानकारी पहले देने और कुछ सिस्टम लेवल बदलाव भी शामिल हैं। टेक कंपनियों का कहना है कि ऐसा करने से उनकी प्रॉप्रायटरी टेक्नोलॉजी और यूजर प्राइवेसी को खतरा हो सकता है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर सरकार और कंपनियों के बीच बातचीत जारी है।

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