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  • Instagram में आपकी फोटो का हो सकता है गलत इस्तेमाल! Muse AI फीचर विवादों में, ऐसे करें इसे ऑफ
    Meta ने Muse नाम का नया AI इमेज जनरेशन फीचर पेश किया है, जो Instagram की पब्लिक फोटो के आधार पर AI इमेज बना सकता है। इसी फीचर को लेकर सोशल मीडिया पर प्राइवेसी संबंधी बहस शुरू हो गई है। आलोचकों का कहना है कि पब्लिक अकाउंट की तस्वीरों का इस्तेमाल AI जनरेशन में किया जा सकता है, जबकि Meta का कहना है कि Private Accounts और 18 साल से कम उम्र के यूजर्स इसमें शामिल नहीं हैं। अगर कोई यूजर इस फीचर का हिस्सा नहीं बनना चाहता, तो वह Instagram की सेटिंग्स में जाकर इसे बंद कर सकता है।
  • अब YouTube पर नहीं दिखेंगे Ads? इस ब्राउजर में फ्री मिल रहा है फीचर
    DuckDuckGo ने अपने ब्राउजर के लिए नया YouTube Ad Blocking फीचर पेश किया है। कंपनी के मुताबिक, यह फीचर वीडियो शुरू होने से पहले और प्लेबैक के दौरान दिखने वाले ज्यादातर YouTube Ads को ब्लॉक कर सकता है। फिलहाल यह फीचर iOS, Windows और Mac पर डिफॉल्ट रूप से उपलब्ध है, जबकि Android यूजर्स इसे Settings से ऑन कर सकते हैं। कंपनी का कहना है कि यह सिस्टम uBlock Origin की फिल्टर लिस्ट पर आधारित है। हालांकि, YouTube समय-समय पर अपने Ad सिस्टम में बदलाव करता है, इसलिए कुछ समय के लिए यह फीचर प्रभावित हो सकता है।
  • WhatsApp ने तोड़ी चुप्पी! Username फीचर पर उठे सवालों का एक-एक कर दिया जवाब
    WhatsApp ने अपने आने वाले Username फीचर को लेकर उठ रही प्राइवेसी और साइबर फ्रॉड की चिंताओं पर पहली बार विस्तार से सफाई दी है। X पर शेयर किए गए पोस्ट में कंपनी ने सात बड़े सवालों के जवाब दिए और कहा कि Username फीचर पूरी तरह ऑप्शनल होगा। कंपनी के मुताबिक, पब्लिक फिगर और सरकारी संस्थाओं के Username पहले से सुरक्षित रखे गए हैं, Username सर्च नहीं किया जा सकेगा और यूजर्स को Username Key जैसी अतिरिक्त सुरक्षा भी मिलेगी। WhatsApp का दावा है कि फीचर लॉन्च से पहले सभी जरूरी सेफ्टी उपाय लागू किए जा रहे हैं।
  • WhatsApp Username फीचर लॉन्च से पहले फंसा! सरकार को क्यों सता रही है बड़ी चिंता?
    WhatsApp इस साल के आखिर तक Username फीचर लॉन्च करने की तैयारी में है, लेकिन इससे पहले भारत सरकार इसके रोलआउट को लेकर कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार को चिंता है कि इस फीचर की मदद से फर्जी पहचान (Impersonation) और साइबर फ्रॉड के मामले बढ़ सकते हैं। अगर जरूरत पड़ी तो डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए नया कानून भी लाया जा सकता है। दूसरी ओर, एक्सपर्ट्स का कहना है कि Username फीचर से मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत कम होगी, लेकिन इससे Name Squatting और फर्जी अकाउंट्स का जोखिम भी बढ़ सकता है।
  • WhatsApp Username Booking: बिना नंबर के शुरू होगी चैट, ऐेसे रिजर्व होगा आपका यूजरनेम
    WhatsApp ने आधिकारिक तौर पर Username फीचर की घोषणा कर दी है। इस फीचर की मदद से यूजर्स पहली बार चैट करते समय अपना मोबाइल नंबर छिपाकर सिर्फ Username के जरिए संपर्क कर सकेंगे। कंपनी के मुताबिक, Username रिजर्वेशन अगले हफ्ते से शुरू होगा, जबकि फीचर इस साल सभी यूजर्स के लिए रोल आउट किया जाएगा। WhatsApp में कोई पब्लिक Username डायरेक्टरी नहीं होगी और लोग तभी संपर्क कर पाएंगे, जब उन्हें आपका सही Username पता होगा। कंपनी Username Generator और अतिरिक्त सुरक्षा के लिए Username Key फीचर पर भी काम कर रही है।
  • अब WhatsApp पर भेज सकेंगे सीक्रेट टेक्स्ट, पढ़ने के बाद खुद गायब होगा मैसेज!
    WhatsApp अपने प्लेटफॉर्म पर एक नए प्राइवेसी फीचर की तैयारी कर रहा है। WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी View-Once Text Messages फीचर पर काम कर रही है। इस फीचर की मदद से यूजर्स टेक्स्ट मैसेज को भी View Once मोड में भेज सकेंगे, जैसा कि फिलहाल फोटो, वीडियो और वॉइस नोट्स के साथ किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूजर्स Send बटन को लॉन्ग प्रेस करके "Send as view once" ऑप्शन चुन पाएंगे। इसके बाद रिसीवर मैसेज को सिर्फ एक बार ही देख सकेगा। यह फीचर अभी डेवलपमेंट स्टेज में है और फिलहाल किसी बीटा टेस्टर के लिए उपलब्ध नहीं है।
  • WhatsApp पर सिर्फ Chat Lock काफी नहीं! ऐसे Hide करे पूरी चैट
    WhatsApp ने अपने Chat Lock फीचर को और एडवांस बनाते हुए Secret Code फीचर पेश किया है। पहले Locked Chats फोल्डर चैट लिस्ट में दिखाई देता था, लेकिन अब यूजर्स इसे पूरी तरह छिपा सकते हैं। इसके लिए यूजर्स को पहले चैट लॉक करनी होगी, फिर Chat Lock Settings में जाकर Secret Code सेट करना होगा। इसके बाद “Hide Locked Chats” ऑप्शन ऑन करते ही पूरा फोल्डर गायब हो जाएगा। छिपी हुई चैट्स को देखने के लिए यूजर को WhatsApp के सर्च बार में अपना सीक्रेट कोड डालना होगा।
  • WhatsApp पर परेशान करते हैं ब्रांड्स के मैसेज? एक शब्द लिखते ही क्लीन हो जाएगा इनबॉक्स
    WhatsApp पर आजकल बैंक ऑफर्स, शॉपिंग डील्स और अलग-अलग कंपनियों के Promotional Messages लगातार आने लगे हैं। कई बार इन मैसेज की वजह से जरूरी चैट्स ढूंढना मुश्किल हो जाता है। हालांकि WhatsApp में ऐसे कई फीचर्स मौजूद हैं, जिनकी मदद से अनचाहे मार्केटिंग मैसेज रोके जा सकते हैं। यूजर्स बिजनेस चैट mute कर सकते हैं, unsubscribe ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं या परेशान करने वाले अकाउंट्स को block भी कर सकते हैं। इसके अलावा WhatsApp का “Block Unknown Account Messages” फीचर भी spam कंट्रोल करने में मदद करता है। यहां जानें WhatsApp पर Promotional Messages रोकने के आसान तरीके।
  • क्या आपका फोन आपकी बातें सुन रहा है? तुरंत बदल दें ये 5 सेटिंग्स
    आज के समय में स्मार्टफोन यूजर्स की प्राइवेसी सबसे बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। कई बार किसी प्रोडक्ट या जगह के बारे में बात करने के बाद उसी से जुड़े Ads सोशल मीडिया पर दिखने लगते हैं। इसकी बड़ी वजह माइक्रोफोन एक्सेस, लोकेशन ट्रैकिंग और पर्सनलाइज्ड विज्ञापन जैसी सेटिंग्स हो सकती हैं। यूजर्स Hey Google और Hey Siri जैसे फीचर्स बंद करके, माइक्रोफोन परमिशन चेक करके और ट्रैकिंग सेटिंग्स बदलकर अपनी प्राइवेसी बेहतर कर सकते हैं। इसके अलावा Android और iPhone दोनों में Ads ट्रैकिंग बंद करने और ऐप परमिशन सीमित करने के विकल्प भी मिलते हैं।
  • WhatsApp पर प्राइवेट चैट, कंपनी भी नहीं पढ़ेगी आपकी बातें! जानें क्या है Incognito Chat फीचर
    WhatsApp ने Meta AI के लिए नया “Incognito Chat” फीचर पेश किया है। कंपनी के मुताबिक यह फीचर Private Processing टेक्नोलॉजी पर आधारित है और इसमें होने वाली बातचीत पूरी तरह प्राइवेट रहेगी। WhatsApp का दावा है कि Meta भी इन चैट्स को नहीं पढ़ पाएगा। Incognito Chat में मैसेज सुरक्षित वातावरण में प्रोसेस होंगे और डिफॉल्ट रूप से गायब भी हो जाएंगे। कंपनी का कहना है कि यह फीचर उन यूजर्स के लिए उपयोगी होगा जो AI से हेल्थ, फाइनेंस या दूसरी निजी चीजों से जुड़े सवाल पूछते हैं। यह फीचर आने वाले महीनों में WhatsApp और Meta AI ऐप पर रोलआउट होगा।
  • आप Netflix देख रहे हैं, लेकिन Netflix भी आपको देख रहा है”: डिजिटल जासूसी के आरोप में घिरा प्लेटफॉर्म
    Netflix के खिलाफ अमेरिका के टेक्सास राज्य में केस दर्ज किया गया है। टेक्सास अटॉर्नी जनरल Ken Paxton ने आरोप लगाया है कि कंपनी यूजर्स और बच्चों का डेटा उनकी जानकारी के बिना इकट्ठा कर रही थी। शिकायत में कहा गया है कि Netflix यूजर्स की गतिविधियों को रिकॉर्ड कर रहा था और auto-play जैसे फीचर्स की मदद से लोगों को लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर बनाए रखता था। रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारियों ने कंपनी पर डेटा प्रोसेसिंग और टार्गेटेड एडवर्टाइजमेंट के लिए जानकारी इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। हालांकि Netflix ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है।
  • अब Aadhaar कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं! Google Wallet में आया बड़ा ID अपडेट
    Google ने Google Wallet में नया अपडेट जारी करते हुए Aadhaar Verifiable Credentials का सपोर्ट जोड़ दिया है। UIDAI के साथ पार्टनरशिप के तहत यूजर्स अब अपनी Aadhaar बेस्ड डिजिटल पहचान को सीधे डिवाइस में स्टोर कर सकते हैं। कंपनी के मुताबिक इससे बिना फिजिकल डॉक्युमेंट के तेज और आसान वेरिफिकेशन संभव होगा। इसके साथ selective disclosure जैसे प्राइवेसी फीचर्स भी दिए गए हैं, जिससे जरूरत के अनुसार ही जानकारी शेयर होगी। वहीं Google “ID pass” फीचर को भी बढ़ा रहा है, जिसमें पासपोर्ट डिटेल्स से डिजिटल ID बनाई जा सकती है। यह फीचर फिलहाल भारत समेत कुछ देशों में उपलब्ध है।
  • iPhone यूजर्स ध्यान दें! Apple ने फिक्स किया बड़ा बग, डिलीट नोटिफिकेशन भी हो रहे थे एक्सेस
    Apple ने iOS 26.4.2 अपडेट जारी किया है, जिसमें नोटिफिकेशन सिस्टम से जुड़ी एक बड़ी खामी को ठीक किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बग की वजह से डिलीट किए गए पुश नोटिफिकेशन्स डिवाइस में स्टोर रह सकते थे, जिन्हें एक्सेस किया जा सकता था। इस समस्या का इस्तेमाल कानून प्रवर्तन एजेंसियां भी कर सकती थीं। Apple ने इस अपडेट में इंप्रूव्ड डेटा रिडेक्शन फीचर जोड़ा है, जिससे डिलीट नोटिफिकेशन सही तरीके से हटेंगे। यह अपडेट iPhone 11 और इसके बाद के मॉडल्स के लिए उपलब्ध है।
  • Instagram का सुपर यूजर बनना है? ये 7 Settings बदलते ही बदल जाएगा पूरा एक्सपीरियंस
    Instagram में कई ऐसे hidden फीचर्स मौजूद हैं, जिनकी मदद से यूजर्स अपना एक्सपीरियंस बेहतर बना सकते हैं। Hidden Words, Intelligent content filters और algorithm reset जैसे ऑप्शन्स के जरिए स्पैम कमेंट्स और बेकार कंटेंट को रोका जा सकता है। इसके अलावा यूजर्स अपनी प्राइवेसी बढ़ाने के लिए online status, read receipts और ad preferences को भी कंट्रोल कर सकते हैं।
  • मोबाइल में Aadhaar ऐप पहले से इंस्टॉल करने का प्लान कैंसिल, सरकार ने वापस लिया प्रस्ताव!
    केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन में आधार ऐप को पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य बनाने की योजना को रद्द कर दिया है। UIDAI के मुताबिक, इस प्रस्ताव की समीक्षा आईटी मंत्रालय ने की और इसे लागू न करने का फैसला लिया गया। इस योजना के तहत हर स्मार्टफोन में आधार ऐप पहले से मौजूद होता, लेकिन मोबाइल कंपनियों ने लागत, सुरक्षा और ग्लोबल कम्पैटिबिलिटी को लेकर चिंता जताई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple और Samsung जैसी कंपनियों ने इसका विरोध किया था। अब यूजर्स को जरूरत पड़ने पर आधार ऐप खुद डाउनलोड करना होगा और यह अनिवार्य नहीं रहेगा।

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