WhatsApp पर यूजर्स की बढ़ेगी प्राइवेसी, डेटा शेयर करने का मिलेगा ऑप्शन

वॉट्सऐप और Meta की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट Kapil Sibal ने कहा कि कंपनी ने डेटा शेयरिंग के तरीकों की जानकारी देने वाला एक शपथपत्र दाखिल किया है

WhatsApp पर यूजर्स की बढ़ेगी प्राइवेसी, डेटा शेयर करने का मिलेगा ऑप्शन

सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर वॉट्सऐप को याचिका को वापस लेने की अनुमति भी दी है

ख़ास बातें
  • अमेरिकी टेक कंपनी Meta के पास वॉट्सऐप का कंट्रोल है
  • पिछले वर्ष वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर CCI ने कड़ा आदेश दिया था
  • CCI के इस आदेश के खिलाफ Meta ने अपील की थी
विज्ञापन

इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म  WhatsApp पर यूजर्स की प्राइवेसी के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। वॉट्सऐप ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) के उस ऑर्डर का पालन करेगा जिसमें यूजर्स को Meta या इसकी अन्य कंपनियों के साथ डेटा शेयर करने का ऑप्शन देने के लिए कहा गया है। 

अमेरिकी टेक कंपनी Meta के पास वॉट्सऐप का कंट्रोल है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस Surya Kant की अगुवाई वाली बेंच ने वॉट्सऐप और Meta से इस इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप पर विज्ञापनों पर पांच वर्ष का बैन लगाने की याचिका पर भी जवाब मांगा है। CCI ने इस बैन का सुझाव दिया है। वॉट्सऐप ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) के उस ऑर्डर को चुनौती देने वाली अपना याचिका को भी वापस लेने का निवेदन किया है जिसमें डेटा शेयर करने के लिए यूजर से सहमति लेने पर CCI के निर्देश को लागू करने के लिए कहा गया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने वॉट्सऐप को डेटा शेयरिंग पर NCLAT के निर्देश के कम्प्लायंस की रिपोर्ट CCI को देने के लिए कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने इस मुद्दे पर याचिका को वापस लेने की अनुमति दी है। 

वॉट्सऐप और Meta की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट Kapil Sibal ने कहा कि कंपनी ने डेटा शेयरिंग के तरीकों की जानकारी देने वाला एक शपथपत्र दाखिल किया है। इसके साथ ही NCLAT के निर्देशों का समयसीमा के अंदर पालन करने की सहमति भी दी गई है। हाल ही में  इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने Meta को कड़ी चेतावनी दी थी। इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने व्यावसायिक उद्देश्य के लिए यूजर्स से जुड़े डेटा को शेयर करने की पॉलिसी की निंदा की थी। इस पर चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने कहा था, 'हमारे संविधान का अगर आप पालन नहीं कर सकते हैं, तो भारत से चले जाएं। हम नागरिकों की प्राइवेसी के साथ खिलवाड़ की अनुमति नहीं देंगे।' 

सुप्रीम कोर्ट ने वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर पूछा था कि क्या देश के करोड़ों निर्धन और अशिक्षित लोग इसे समझ सकते हैं? इस बेंच का कहना था, "एक निर्धन महिला या सड़क किनारे सामान बेचने वाला वेंडर या कोई व्यक्ति जो सिर्फ तमिल बोलता है.... क्या वे इसे समझ पाएंगे।? कई बार आपकी पॉलिसीज को समझने में हमें भी मुश्किल होती है।"  

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Tecno Spark Go 3 Pro में मिल सकती है 5,100mAh की बैटरी, भारत में लॉन्च की तैयारी
  2. 3000 साल से खोए मिस्र के प्राचीन शहर का मिला सबूत! बलुआ पत्थर के शिलालेख ने खोले कई राज़
  3. आपके फोन में कौन सा ऐप भर रहा ज्यादा स्टोरेज, ऐसे लगाएं पता और बढ़ाएं स्टोरेज
  4. Poco F9 Ultra में मिलेगा Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट
  5. पानी जैसा रोबोट, जो टुकड़ों में बंटकर फिर जुड़ जाता है! ऐसा कमाल देख चौंक जाएंगे आप
  6. Amazon और Flipkart ने बदला नियम: ऑर्डर कैंसल होने पर लगेगा जुर्माना, जानें कितना होगा असर?
  7. Lenovo लाई गेमिंग टैबलेट, 24GB रैम, 165Hz OLED पैनल, जानें कीमत और फीचर्स
  8. Oppo A7 Pro 5G में मिल सकती है 8,000mAh की बैटरी
  9. Lenovo ने लॉन्च किए LOQ Essential लैपटॉप, 60Wh की बैटरी, जानें कैसे हैं फीचर्स
  10. WhatsApp पर अनजान कॉल्स नहीं करेंगी परेशान? Passkeys से अकाउंट होगा सिक्योर, लॉन्च हुए 3 नए फीचर्स
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »