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अगर फोन में नजर आता है ये निशान, तो फोन कर रहा आपकी जासूसी, ऐसे चलेगा पता, खुद कर पाएंगे बचाव

टेक्नोलॉजी के इस दौर में स्मार्टफोन हमेशा इंटरनेट से कनेक्ट रहते हैं और ऐसे में डिवाइस के हैक होने और निजी डाटा के चोरी होने का खतरा बना रहता है।

अगर फोन में नजर आता है ये निशान, तो फोन कर रहा आपकी जासूसी, ऐसे चलेगा पता, खुद कर पाएंगे बचाव

Photo Credit: Pexels/Sora Shimazaki

हैकर्स की नजर हमेशा फोन के डाटा पर रहती है।

ख़ास बातें
  • फोन की स्क्रीन पर नजर आने वाला ग्रीन डॉट एक प्राइवेसी इंडीकेटर है।
  • ग्रीन डॉट बताता है कि कोई ऐप आपका कैमरा या माइक्रोफोन उपयोग कर रहा है।
  • कई मैलवेयर, स्पाइवेयर या किसी ऐसे ऐप के संकेत को एक्टिव कर देते हैं।
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टेक्नोलॉजी के इस दौर में स्मार्टफोन हमेशा इंटरनेट से कनेक्ट रहते हैं और ऐसे में डिवाइस के हैक होने और निजी डाटा के चोरी होने का खतरा बना रहता है। कई बार हैकर्स आपके डिवाइस को हैक कर लेते हैं और उनमें मौजूदा ऐप्स को कंट्रोल करने लग जाते और कुछ मैलिशियज ऐप्स को डाउनलोड कर देते हैं। हालांकि, ऐसा होने पर फोन में कुछ अलग-अलग रंगों के इंडीकेटर्स एक्टिव नजर आ सकते हैं। आपको अगर अपने फोन में कोई इंडीकेटर नजर आता है तो आपको सावधान रहना चाहिए, क्योंकि ऐसा हो सकता है कि कोई ऐप आपको ट्रैक कर रहा है और आपको पता भी नहीं है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

ग्रीन डॉट एक प्राइवेसी इंडीकेटर है जो बताता है कि कोई ऐप आपकी लोकेशन, कैमरा या माइक्रोफोन का उपयोग कर रहा है। आमतौर पर यह मैप्स ऐप या फाइंड माय फोन, वीडियो कॉल या कोई भी ऐसा ऐप होता है जो कैमरा, एसिस्टेंट आदि को एक्टिव करता है। अगर कोई अनजान या अपरिचित ऐप अपने आप किसी भी इंडीकेटर को एक्टिव कर देता है तो यह मैलवेयर, स्पाइवेयर या किसी ऐसे ऐप का संकेत हो सकता है जो चुपके से आपके डाटा तक एक्सेस पा रहा है।

ऐसा होने पर क्या करें

अगर आपको अपने फोन में यह नजर आता है तो आप इस पर टैप कर सकते हैं, जिससे आपको पता चलेगा कि कौन सा ऐप इस समय आपके फोन का कौन सा प्राइवेसी-सेंसिटिव फीचर का उपयोग कर रहा है। अगर इससे आपको किसी ऐसे ऐप के बारे में  पता चलता है, जिसे आप पहचानते नहीं हैं तो आपको उस ऐप को तुरंत रिव्यू करते हुए हटा देना चाहिए।

अगर आपको अपने फोन में ऐसा कुछ नजर आ रहा है तो सबसे पहले आपको ऐप की परमिशन को जाकर रिव्यू करना है। खासतौर पर कैमरा, माइक या लोकेशन के लिए एक्सेस तभी देना है, जब वास्तव में जरूरत हो। अगर आपको कुछ असामान्य नजर आता है तो क्विक एक्सेस कैंसल करना चाहिए और संदिग्ध ऐप्स को चेक करना चाहिए।
 

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ये भी पढ़े: Privacy Indicators, How to, Tech Tips, Tech Guide, Phone Hack
साजन चौहान

साजन चौहान Gadgets 360 में सीनियर सब एडिटर हैं। उन्हें विभिन्न प्रमुख ...और भी

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