Online Fraud

Online Fraud - ख़बरें

  • AI स्कैम गैंग्स की हिट लिस्ट में भारत दूसरे नंबर पर, Meta की इस रिपोर्ट में सामने आया पूरा फ्रॉड गेम
    Meta की 2026 Adversarial Threat Report में बताया गया है कि ऑनलाइन स्कैम अब पहले से ज्यादा एडवांस हो चुके हैं और इनमें AI का बड़ा रोल है। स्कैमर्स अब फेक प्रोफाइल, डीपफेक और नेचुरल बातचीत के जरिए लोगों को आसानी से झांसा दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ये ठगी अब एक पूरी इंडस्ट्री की तरह काम कर रही है, जिसमें अलग-अलग स्टेज पर प्लानिंग की जाती है। साउथईस्ट एशिया से ऑपरेट होने वाले बड़े स्कैम नेटवर्क्स भारत समेत कई देशों को टारगेट कर रहे हैं। इसके अलावा फेक रेंटल और फेक फ्यूनरल जैसे नए स्कैम भी सामने आए हैं।
  • Fake Traffic Challan Scam: 500 रुपये बचाने गए और गंवा दिए लाखों, ऐसे बचें इस नए साइबर स्कैम से
    देश में फेक ट्रैफिक चालान स्कैम तेजी से फैल रहा है, जिसमें साइबर ठग नकली मैसेज भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल के मामलों में पुणे के एक दुकानदार से करीब 2.76 लाख रुपये और दिल्ली के एक व्यक्ति से 2.49 लाख रुपये की ठगी हुई। इन मैसेज में चालान भरने के नाम पर लिंक दिया जाता है, जिस पर क्लिक करने से यूजर की बैंकिंग जानकारी चोरी हो जाती है। पुलिस के मुताबिक कई मामलों में रिमोट एक्सेस के जरिए फोन का कंट्रोल भी ले लिया जाता है। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।
  • UPI यूजर्स के लिए नया खतरा, ‘Digital Lutera’ से अकाउंट हाईजैक का दावा
    साइबर सिक्योरिटी फर्म CloudSEK की एक रिपोर्ट में “Digital Lutera” नाम के नए Android टूलकिट का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक यह टूलकिट Android सिस्टम में छिपकर काम करता है और UPI से जुड़े सिक्योरिटी सिस्टम को बायपास करने की कोशिश कर सकता है। इसमें LSPosed फ्रेमवर्क का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे बिना ऐप को बदले उसके व्यवहार को प्रभावित किया जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तकनीक के जरिए SIM बाइंडिंग प्रक्रिया में हस्तक्षेप, SMS डेटा इंटरसेप्ट और पहचान स्पूफिंग जैसी गतिविधियां संभव हो सकती हैं।
  • Google पर डॉक्टर का नंबर खोजने से उड़ गए 18 लाख! साइबर फ्रॉड का नया तरीका
    उत्तर प्रदेश के अनुपशहर में साइबर ठगों ने एक बीमार व्यक्ति और उसकी पत्नी से करीब 18.61 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने डॉक्टर का नंबर खोजने के लिए Google पर सर्च किया था, जिसके बाद ठगों ने खुद को डॉक्टर से जुड़ा बताकर ‘Doctor Appointment’ नाम का ऐप डाउनलोड कराया। जांच के मुताबिक, ऐप को दी गई परमिशन के जरिए आरोपियों ने मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया और बैंक खातों से कई ट्रांजेक्शन कर पैसे निकाल लिए। पीड़ित को इस धोखाधड़ी का पता कई दिनों बाद चला।
  • मन की बात में PM मोदी ने बैंकिंग और सेफ्टी की दीं टिप्स, केवाईसी और ओटीपी साझा करने तक, जानें सबकुछ
    पीएम मोदी ने बैंक अकाउंट और वेलफेयर सर्विस के बीच बढ़ते संबंध पर जोर देते हुए कहा कि “हम सभी जानते हैं कि आजकल पेंशन, सब्सिडी, इंश्योरेंस, यूपीआई और सब कुछ बैंक अकाउंट से लिंक है। समय पर केवाईसी कराने से अकाउंट सुरक्षित होता है और बेहतरतरीके से काम करता रहता है, क्योंकि अधिकतर फाइनेंशियल सर्विस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर हो रही हैं।
  • क्या है किल स्विच फीचर?, भारत सरकार लाने का कर रही विचार, ऑनलाइन स्कैम से करेगा तुरंत बचाव
    गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा डिजिटल अरेस्ट के खतरे की जांच के लिए गठित एक हाई लेवल कमेटी किल स्विच लाने पर विचार कर रही है, जो डिजिटल स्कैम होने की संभावना पर यूजर्स को अपने अकाउंट से सभी वित्तीय ट्रांजेक्शन को तुरंत ब्लॉक करने की अनुमति देगा। ऑनलाइन स्कैम के मामले तेजी के साथ बढ़ते जा रहे हैं और लोगों को रोजाना लाखों से करोड़ों रुपये तक का चूना लग रहा है।
  • एक टच में डिजिटल अरेस्ट, स्कैम से बचाएगा 'Kill Switch', UPI और बैंक ऐप्स में मिलेगा इमरजेंसी बटन
    डिजिटल अरेस्ट स्कैम्स के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार एक बड़े तकनीकी समाधान पर काम कर रही है। गृह मंत्रालय की ओर से गठित हाई-लेवल कमेटी UPI और बैंकिंग ऐप्स में एक ‘किल स्विच’ फीचर जोड़ने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, यह इमरजेंसी बटन किसी संभावित ऑनलाइन ठगी के दौरान यूजर को तुरंत सभी बैंक ट्रांजैक्शन्स रोकने की सुविधा देगा। इस कदम का मकसद उन मामलों को रोकना है, जहां स्कैमर्स वीडियो कॉल और फर्जी पुलिस पहचान के जरिए लोगों से पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।
  • UPI के यूजर्स की संख्या हो सकती है दोगुनीः RBI
    UPI को ऑपरेट करने वाली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के प्रमोटर्स में RBI शामिल है। भारत में कुल डिजिटल ट्रांजैक्शंस में UPI की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत स अधिक की है। दुनिया में भारत डिजिटल तरीके से सबसे तेज पेमेंट्स करने वाला देश है। विदेश में भी कुछ देशों में इस पेमेंट सर्विस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • Digtal Arrest Case: पुलिस इंस्पेक्टर बनकर 85 वर्ष के बुजुर्ग से ठगे 9 करोड़, इस तरह के स्कैम से सावधान!
    मुंबई से सामने आए एक चौंकाने वाले साइबर फ्रॉड मामले में 85 वर्षीय बुजुर्ग को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर करीब 9 करोड़ रुपये की ठगी की गई। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए। WhatsApp वीडियो कॉल, फर्जी कोर्ट और RBI दस्तावेजों के जरिए पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाया गया। डर के चलते बुजुर्ग ने अपनी सेविंग्स, म्यूचुअल फंड और FD तोड़कर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। बैंक कर्मचारी की सतर्कता से मामला उजागर हुआ।
  • ट्रैवल कर रहे हैं तो संभल जाइए! फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइट के जरिए हुआ बड़ा स्कैम, जानें पूरा मामला
    Delhi Police की Crime Branch ने एक फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइट से जुड़े साइबर फ्रॉड मामले का खुलासा किया है। इस केस में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रतोष कुमार को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पॉपुलर होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का कस्टमर सपोर्ट बताकर लोगों को ठग रहा था। Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने OTP और UPI डिटेल्स हासिल कर एक अमेरिकी नागरिक से 57,186 रुपये की ठगी की। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले कई सालों से इस तरह के फ्रॉड को अंजाम दे रहा था और उसके मोबाइल नंबर कई साइबर शिकायतों से जुड़े पाए गए।
  • 1,000 करोड़ की ठगी और 111 फर्जी कंपनियां, कैसे CBI ने इस बड़े साइबर फ्रॉड का किया खुलासा, यहां जानें
    CBI ने देशभर में एक्टिव एक बड़े इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है, जो फर्जी लोन ऐप्स, नकली इनवेस्टमेंट स्कीम्स, झूठे जॉब ऑफर्स और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को ठग रहा था। जांच एजेंसी ने इस मामले में 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें चार विदेशी नागरिक और 58 कंपनियां शामिल हैं। CBI के मुताबिक, यह रैकेट Ponzi और MLM मॉडल पर काम कर रहा था। जांच में 111 शेल कंपनियों और 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के संदिग्ध ट्रांजैक्शन का भी खुलासा हुआ है।
  • कौन सी UPI आईडी और सोशल मीडिया अकाउंट है फ्रॉड, ये सरकारी वेबसाइट देगी जानकारी
    आप ऑनलाइन फ्रॉड, निजी जानकारी की चोरी और ऑनलाइन होने वाले वित्तीय क्राइम की घटनाओं से बचाव कर सकते हैं। आप अपने फोन या लैपटॉप पर किसी अंजान नंबर पर पेमेंट करने से पहले यह चेक कर सकते हैं कि कोई यूपीआई नंबर फ्रॉड है या नहीं। इसके अलावा किसी का सोशल मीडिया अकाउंट फ्रॉड है या नहीं इसकी भी जानकारी पा सकते हैं।
  • क्या है WhatsApp लव स्कैम, प्रीति से मिलने के बहाने लूटे 32 लाख रुपये
    बेंगलुरु में होरामावु के रहने वाले 63 वर्षीय व्यक्ति के साथ वॉट्सऐप पर एक डेटिंग स्कैम हुआ, जिसमें उसे 32 लाख रुपये गंवाने पड़े। स्कैम एक महीने से भी ज्यादा समय तक चला, जिसके बाद जाकर उस व्यक्ति को एहसास हुआ कि फ्रॉड हो रहा है। 5 सितंबर से 18 अक्टूबर के बीच हुई इस घटना की जानकारी 23 अक्टूबर को पूर्वी बेंगलुरु अपराध पुलिस को दी गई।
  • 18.3 करोड़ पासवर्ड लीक! क्या आपका Gmail अकाउंट सुरक्षित है? ऐसे करें चुटकी में चेक
    ऑस्ट्रेलियाई साइबर सिक्योरिटी शोधकर्ता ट्रॉय हंट की ओर से खुलासा किया गया है कि लाखों ईमेल यूजर्स के डेटा पर खतरा मंडरा रहा है। ट्रॉय की वेबसाइट Have I Been Pwned के अनुसार, लगभग 3.5 TB चुराया गया डेटा ऑनलाइन सर्कुलेट हो रहा है और इसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • फाइनेंशियल फ्रॉड की चेतावनी देने के लिए ऑनलाइन पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगा RBI
    RBI ने कहा कि यह देश के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने और फिनटेक इकोसिस्टम की सुरक्षा और विश्वसनीयता को बढ़ाने के प्रयास का हिस्सा है। RBI एक पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म को तैयार कर रहा है जिससे फ्रॉड वाली ट्रांजैक्शंस की रियल टाइम में पहचान कर उन्हें रोका जा सकेगा। केंद्र सरकार की योजना RBI की गारंटी वाली एक डिजिटल करेंसी को लॉन्च करने की है।

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