Pine Labs ने भारत में P3P नाम का नया पेमेंट प्रोटोकॉल लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि इससे AI एजेंट्स तय लिमिट्स के अंदर अपने आप UPI ट्रांजैक्शन कर सकेंगे।
Photo Credit: Unsplash/ David Dvoracek
Pine Labs का नया P3P प्रोटोकॉल AI आधारित पेमेंट्स को सपोर्ट करेगा
भारत में UPI आधारित डिजिटल पेमेंट्स का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है, लेकिन AI एजेंट्स के जरिए होने वाली ऑटोमैटिक खरीदारी के लिए मौजूदा सिस्टम पूरी तरह अनुकूल नहीं माना जाता। इसी चुनौती को देखते हुए फिनटेक कंपनी Pine Labs ने एक नया पेमेंट प्रोटोकॉल लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि यह सिस्टम AI एजेंट्स को तय लिमिट्स के अंदर अपने आप ट्रांजैक्शन पूरा करने की सुविधा देगा, जबकि यूजर्स के पास पेमेंट पर पूरा कंट्रोल बना रहेगा।
Pine Labs ने गुरुवार को भारत में Pine Labs Payment Protocol (P3P) लॉन्च करने की घोषणा की। कंपनी के मुताबिक मौजूदा UPI इंफ्रास्ट्रक्चर मुख्य रूप से इंसानों द्वारा शुरू किए गए ट्रांजैक्शन्स के लिए बनाया गया है, जहां हर भुगतान के लिए MPIN या अन्य ऑथेंटिकेशन की जरूरत होती है। हालांकि AI आधारित Agentic Commerce के बढ़ते इस्तेमाल के साथ यह प्रोसेस एक बाधा बन सकती है, क्योंकि ऐसे AI सिस्टम खुद प्रोडक्ट्स खोजने, कीमतों की तुलना करने और खरीदारी पूरी करने में सक्षम होते हैं।
कंपनी का कहना है कि P3P, UPI की मौजूदा Mandate-based आर्किटेक्चर का विस्तार करता है। यह One Time Mandates (OTM), Reserve Pay और Single Block Multiple Debit (SBMD) जैसे मौजूदा फ्रेमवर्क्स पर आधारित है। शुरुआत में यूजर को एक बार अनुमति देनी होगी, जिसके बाद AI एजेंट तय की गई सीमा के भीतर अपने आप ट्रांजैक्शन कर सकेगा। इसके लिए हर बार अलग से ऑथेंटिकेशन की जरूरत नहीं होगी।
Pine Labs ने इस प्रोटोकॉल को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए Grantex के साथ साझेदारी की है। कंपनी का कहना है कि Grantex यूजर्स और AI एजेंट्स की आइडेंटिटी वैरिफाई करने, खर्च की लिमिट तय करने, जरूरी नियमों का पालन सुनिश्चित करने और हर ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड रखने जैसे काम संभालेगा। इसके अलावा P3P में HTTP 402 स्टैंडर्ड का भी इस्तेमाल किया गया है, जो AI सिस्टम्स के बीच पेमेंट से जुड़ी जानकारी को समझने और प्रोसेस करने में मदद करता है। आसान शब्दों में कहें तो यह AI एजेंट्स के लिए पेमेंट प्रोसेस को ज्यादा ऑर्गेनाइज और सेफ बनाने का काम करेगा।
Pine Labs का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI आधारित खरीदारी और ऑटोमैटिक पेमेंट्स का बाजार तेजी से बढ़ेगा। कंपनी ने एक इंडस्ट्री रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 2033 तक ग्लोबल Agentic Commerce मार्केट 65.47 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। कंपनी के अनुसार भारत में UPI का बड़ा नेटवर्क और डिजिटल पेमेंट्स का मजबूत एक्सेस इस क्षेत्र के डेवलपमेंट में अहम भूमिका निभा सकती है।
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