वैज्ञानिकों ने सूर्य को नापा, पहले से छोटा निकला! जानें पूरा मामला

नई फाइंडिंग्‍स को अभी रिव्‍यू किया जाना बाकी है। ये निष्‍कर्ष सूर्य के प्‍लाज्‍मा के अंदर पैदा होने वालीं ध्‍वनि तरंगों पर बेस्‍ड हैं।

वैज्ञानिकों ने सूर्य को नापा, पहले से छोटा निकला! जानें पूरा मामला

टोक्यो यूनि‍वर्सिटी के साइंटिस्‍ट मसाओ तकाता और कैंब्रिज के डगलस गफ ने यह निष्‍कर्ष दिया है।

ख़ास बातें
  • दो वैज्ञानिकों ने किया दावा
  • सूर्य के रेडियस को पहले से कम बताया
  • इस निष्‍कर्ष को अभी रिव्‍यू किया जाना बाकी
विज्ञापन
हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा तारा है सूर्य। तमाम ग्रह इसके चारों ओर चक्‍कर लगाते हैं। हालांकि सूर्य को लेकर मिली एक नई जानकारी ब्रह्मांड के बारे में वैज्ञानिकों की सोच को बदल सकती है। एक रिपोर्ट के अनुसार, दो एस्‍ट्रोनॉमर्स को इस बात के सबूत मिले हैं कि हमारे सूर्य की त्रिज्या (radius) पिछले विश्लेषणों की तुलना में कुछ फीसदी पतली है। नई फाइंडिंग्‍स को अभी रिव्‍यू किया जाना बाकी है। ये निष्‍कर्ष सूर्य के प्‍लाज्‍मा के अंदर पैदा होने वालीं ध्‍वनि तरंगों पर बेस्‍ड हैं। इन्‍हें प्रेशर या पी-मोड के रूप में जाना जाता है। ये निष्‍कर्ष arXiv पेपर में पब्लिश हुए हैं। 

टोक्यो यूनि‍वर्सिटी के साइंटिस्‍ट मसाओ तकाता और कैंब्रिज के डगलस गफ ने बताया कि सूर्य के अंदर लाखों साउंड वेव्‍स पैदा होती हैं। इनमें पी-वेव्‍स, जी-मोड और एफ-मोड शामिल हैं। आमतौर पर एफ-मोड के जरिए सूर्य की भूकंपीय त्रिज्या (seismic radius) को मापा जाता है। हालांकि वैज्ञानिक इन पर बहुत भरोसा नहीं करते। उनके बजाए पी-मोड सूर्य की प्‍लाज्‍मा में ज्‍यादा लंबा सफर तय करते हैं। 

रिसर्च पेपर में कहा गया है कि ‘एफ मोड' फ्रीक्‍वेंसी ने विश्‍लेषण से सूर्य की रेडियस के नया माप मिला है, जोकि ऑप्टिकल माप से कुछ सौ फीसदी कम है। दोनों वैज्ञानिकों का यह भी तर्क है कि सूर्य के रेडियस को मापने के लिए पी-मोड का इस्‍तेमाल किया जाना चाहिए। 

सूर्य से जुड़ी अन्‍य खबरों की बात करें, तो हमारे सौर मंडल के सबसे बड़े तारे ‘सूर्य' को स्‍टडी करने के निकले 
‘इसरो' (ISRO) के आदित्‍य एल-1 (Aditya L-1) स्‍पेसक्राफ्ट ने हाल ही में वहां एक ‘महा-विस्‍फोट' को महसूस किया है। आदित्‍य एल-1 ने सोलर फ्लेयर्स की पहली हाई एनर्जी एक्स-रे झलक देखी है। बीते दिनों एक पोस्‍ट में इसरो ने बताया कि ‘आदित्य एल1' स्‍पेसक्राफ्ट में लगे ‘हाई एनर्जी एल1 ऑर्बिटिंग एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर' (HEL1OS) ने सोलर फ्लेयर को रिकॉर्ड किया है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Call of Duty: Modern Warfare 4 का इंतजार खत्म! जानें रिलीज डेट, स्टोरी और सपोर्टेड डिवाइस
  2. दिल्ली में फिर हुआ AC ब्लास्ट, ओवरहीटिंग बन सकती है जानलेवा; जानें कारण और सेफ्टी टिप्स
  3. RBI ला सकता है प्लास्टिक के नोट? जानें क्या होते हैं पॉलीमर नोट और कैसे काम करती है यह टेक्नोलॉजी
  4. 10,000mAh बैटरी के साथ Honor Win Turbo हुआ लॉन्च, 16GB रैम, 50MP कैमरा, जानें कीमत
  5. Aadhaar में ऑनलाइन कैसे बदले एड्रेस, नहीं पड़ेगी सेंटर में जाने की जरूरत
  6. Tata Tiago EV 2026 vs पुराना मॉडल: कीमत घटी, रेंज बदली, जानें दोनों में कितना अंतर
  7. Honor X80 में होगी 10000mAh से भी बड़ी बैटरी! जून में हो सकता है लॉन्च
  8. Acer Predator Atlas 8 लॉन्च, 8 इंच डिस्प्ले के साथ गजब के फीचर्स, गेमिंग में आएगा अलग ही मजा
  9. 5000 रुपये सस्ता मिल रहा Samsung का 50MP कैमरा, 5000mAh बैटरी वाला स्मार्टफोन
  10. 621 लीटर क्षमता वाला रेफ्रिजिरेटर Xiaomi ने किया लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »