• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • 125 सालों का रिकॉर्ड टूटा! पृथ्वी के इस हिस्से में तेजी से पिघल रही बर्फ, आ रही तबाही?

125 सालों का रिकॉर्ड टूटा! पृथ्वी के इस हिस्से में तेजी से पिघल रही बर्फ, आ रही तबाही?

पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है। इससे समुद्री किनारों का दायरा बढ़ने लगा है।

125 सालों का रिकॉर्ड टूटा! पृथ्वी के इस हिस्से में तेजी से पिघल रही बर्फ, आ रही तबाही?

Photo Credit: iStock

आर्कटिक की बर्फ तेजी से पिघल रही है और इसे लेकर आई रिपोर्ट ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है।

ख़ास बातें
  • पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है।
  • पृथ्वी की जलवायु में भयावह रुझानों के संकेत मिल रहे।
  • 125 सालों में आर्कटिक की हवा ने रिकॉर्ड तापमान को छू लिया है।
विज्ञापन

दुनिया के सबसे ठंडे महाद्वीप के लिए एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। आर्कटिक पृथ्वी का बर्फीला महाद्वीप है जिसकी बर्फ अब तेजी से पिघल रही है। रिपोर्ट चिंता पैदा करती है कि पिछले एक दशक में इसकी बर्फ पिघलने की स्पीड तेजी से बढ़ी है। रिपोर्ट को 2025 Arctic Report Card के नाम से प्रकाशित किया गया है। इसमें कहा गया है कि अभूतपूर्व वायु तापमान, बर्फ की परत में तेजी से आ रही कमी, और समुद्री बर्फ के सिकुड़ने से जन-जीवन के लिए आने वाले समय में बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं। 

आर्कटिक की बर्फ तेजी से पिघल रही है और इसे लेकर आई रिपोर्ट ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है। इससे समुद्री किनारों का दायरा बढ़ने लगा है। साथ ही महासागर, भूदृश्य, शहरी क्षेत्र और वन्य क्षेत्रों की सीमाएं भी नए नक्शे बना रही हैं। आर्कटिक का क्षेत्र अब वैश्विक औसत से दोगुने से भी अधिक तेजी से गर्म हो रहा है। इसके कारण पृथ्वी की जलवायु में और भी भयावह रुझानों के संकेत वैज्ञानिकों को नजर आ रहे हैं। 

125 सालों में आर्कटिक की हवा ने रिकॉर्ड तापमान को छू लिया है। भयंकर तूफानों और बर्फ के तेजी से पिघलने से क्षेत्र का स्वरूप बदलता जा रहा है। Space.com की रिपोर्ट के अनुसार, आर्कटिक रिपोर्ट कार्ड को NOAA और अंतर्राष्ट्रीय शोधकर्ताओं ने तैयार किया है। जिसके अनुसार, 2024-2025 के जल वर्ष में आर्कटिक क्षेत्र में पिछले 125 वर्षों में सबसे अधिक वायु तापमान दर्ज किया गया। यहां की शरद ऋतु, शीत ऋतु और ग्रीष्म ऋतुएँ अब तक की सबसे गर्म ऋतुएं रहीं। 

गर्म होती हवा ने यहां की बर्फ को तेजी से पिघलाया है। कहा गया है कि गर्म होती हवा ने आर्कटिक में पानी के बहाव को तेज कर दिया है। यहां पर रिकॉर्ड बारिश हो रही है, भयंकर तूफान आ रहे हैं, और नदियों में बदलाव के साथ-साथ बर्फ के पैटर्न भी बदले हैं। हैरत की बात यह है कि 1960 के बाद से अब तक बर्फ की चादर में हुआ यह बदलाव 50 प्रतिशत से ज्यादा पहुंच चुका है। 

सर्दियों में होने वाली अधिकतम बर्फ की मात्रा में भारी कमी आई है। वहीं गर्मियों में रहने वाली बर्फ 1980 के दशक के बाद से अबतक आधी रह गई है। पुरानी बर्फ ओझल हो चुकी है, ग्लेशियर पिघल रहे हैं, सागर अपने किनारे फैला रहे हैं जिससे जोखिम बहुत बढ़ चुका है। पर्माफ्रॉस्ट के पिघलने से लौह-समृद्ध मिट्टी 200 से अधिक नदियों में मिल जाती है जिससे वे नारंगी और अम्लीय हो जाती हैं। यह वैश्विक आर्कटिक में एक और खतरनाक नए चरण की ओर इशारा करती है।
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra जल्द हो सकता है भारत में लॉन्च, BIS पर हुई लिस्टिंग
  2. Ather Energy के इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के लिए पेश हुआ वॉयस कमांड फीचर
  3. TCS में 3 वर्षों में वर्कर्स के बराबर हो सकती है AI एजेंट्स की संख्या
  4. Oppo Reno 16 जल्द होगा भारत में लॉन्च, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  5. Instagram यूजर्स सावधान! 20 हजार से ज्यादा अकाउंट हुए हैक, Meta ने मानी गलती
  6. OnePlus की भारत में अफोर्डेबल स्मार्टफोन्स की सीरीज लॉन्च करने की तैयारी
  7. आ गया E85 फ्यूल, अगर E20 वाहनों में डाला तो क्या होगा? आपके सभी सवालों के जवाब
  8. Honor X80 Pro Max में मिल सकती है 11,000mAh की पावरफुल बैटरी
  9. iOS 27 कैसे डाउनलोड करें? सपोर्टेड iPhones, फीचर्स और पूरी डिटेल यहां जानें
  10. Bitcoin को ETF में फंडिंग बढ़ने और Strategy के बड़े इनवेस्टमेंट से मिला सपोर्ट, प्राइस 63,000 डॉलर से ज्यादा
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »