सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अश्लील कंटेंट पर सरकार ने दी कड़ी चेतावनी

केंद्र सरकार ने कहा है कि इस प्रकार के कंटेंट के खिलाफ कदम उठाने को लेकर लापरवाही की जा रही है। इससे पहले भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अश्लील कंटेंट पर लगाम लगाने की हिदायत दी जा चुकी है

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अश्लील कंटेंट पर सरकार ने दी कड़ी चेतावनी

सरकार ने सोशल मीडिया फर्मों को IT एक्ट और IT रूल्स का ध्यान रखने को कहा है

ख़ास बातें
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अश्लील, गैर कानूनी कंटेंट पर चेतावनी मिली है
  • ऐसे कंटेंट पर रोक लगाने में नाकाम रहने पर कानूनी कार्यवाही हो सकती है
  • इससे पहले भी सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज को इस प्रकार की चेतावनी दी गई थी
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केंद्र सरकार ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अश्लील, भद्दे और गैर  कानूनी कंटेंट को लेकर चेतावनी दी है। इसके साथ ही सरकार ने कहा है कि इस प्रकार के कंटेंट के खिलाफ कदम उठाने को लेकर लापरवाही की जा रही है। इससे पहले भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अश्लील कंटेंट पर लगाम लगाने की हिदायत दी जा चुकी है। 

मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड IT ने कहा है कि सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज सहित इंटरमीडियरीज को याद दिलाया जाता है कि IT एक्ट के सेक्शन 79 के तहत वे वैधानिक तौर पर बाध्य हैं। मिनिस्ट्री की ओर से जारी एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, मुख्यतौर पर सोशल मीडिया फर्में अगर इस तरह के कंटेंट के खिलाफ उपाय नहीं करती तो उन्हें कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इसमें इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स के लिए IT एक्ट के कम्प्लायंस को पूरा करने की समीक्षा करने की जरूरत को दोहराया गया है। ऐसा नहीं करने पर इन प्लेटफॉर्म्स को कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा। 

इस एडवाइजरी के अनुसार, IT एक्ट के सेक्शन 79 के तहत, सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज सहित इंटरमीडियरीज इसके लिए वैधानिक तौर पर बाध्य हैं कि उनके प्लेटफॉर्म्स पर थर्ड-पार्टी की ओर से अपलोड, पब्लिश, शेयर या ट्रांसमिट की जाने वाली इनफॉर्मेशन को लेकर जवाबदेही से छूट की एक शर्त के तौर पर वे ड्यू डिलिजेंस करें। इसमें बताया गया है कि IT एक्ट या IT रूल्स के प्रावधानों का पालन नहीं करने पर इंटरमीडियरीज, प्लेटफॉर्म्स और उनके यूजर्स के खिलाफ कानूनी मामला चलाया जा सकता है। 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के अश्लील, भद्दे और गैर कानूनी कंटेंट के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाने की वजह से मिनिस्ट्री ने यह एडवाइजरी जारी की है। मिनिस्ट्री ने कहा है कि यह पाया गया है कि अश्लील या गैर कानूनी माने जाने वाले कंटेंट की पहचान, रिपोर्टिंग और उसे हटाने को लेकर इंटरमीडियरीज को ड्यू डिलिजेंस की बाध्यता को पूरा करने में सुधार करने करने की जरूरत है। इसके साथ ही मिनिस्ट्री ने सोशल मीडिया फर्मों को IT एक्ट और IT रूल्स का ध्यान रखने को कहा है। इन रूल्स के तहत, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होता है कि उनके यूजर्स अश्लील, पोर्नोग्राफिक या गैर कानूनी कंटेंट को डिस्प्ले, होस्ट, अपलोड, पब्लिश, ट्रांसमिट या शेयर न करें। 
 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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