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Study - ख़बरें

  • NASA के चांद मिशन में एस्ट्रोनॉट्स के हाथ में होगा खास बैंड, जानें कैसे करेगा काम
    NASA का Artemis II मिशन 2 अप्रैल 2026 को लॉन्च होने वाला है, जो Apollo के बाद पहला crewed deep-space मिशन होगा। इस मिशन में चार astronauts चांद के आसपास यात्रा करेंगे। खास बात यह है कि इस बार “Archer” स्टडी के तहत astronauts रिस्टबैंड पहनेंगे, जो उनकी नींद, स्ट्रेस, मूवमेंट और टीमवर्क से जुड़ा डेटा रिकॉर्ड करेंगे। कंपनी के मुताबिक यह रिसर्च भविष्य के Moon और Mars मिशन के लिए अहम साबित हो सकती है, क्योंकि इससे डीप स्पेस में इंसानों के व्यवहार और हेल्थ पर पड़ने वाले असर को समझने में मदद मिलेगी।
  • चांद से टकराने वाला है विशाल एस्टेरॉयड? NASA की नई रिपोर्ट ने साफ किया पूरा मामला
    NASA के James Webb Space Telescope ने एस्टेरॉयड 2024 YR4 को लेकर नई ऑब्जर्वेशन की हैं, जिनसे वैज्ञानिकों ने इसकी कक्षा को पहले से ज्यादा सटीक तरीके से मापा है। पहले आशंका जताई जा रही थी कि यह एस्टेरॉयड 2032 में चांद से टकरा सकता है, लेकिन अब नई गणनाओं के बाद यह संभावना लगभग खत्म हो गई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह एस्टेरॉयड बेहद धुंधला है और मौजूदा समय में इसे ट्रैक करना आसान नहीं है। Webb Telescope की संवेदनशीलता की वजह से वैज्ञानिक इसकी स्थिति को बेहतर तरीके से माप पाए, जिससे भविष्य में इसकी सटीक स्थिति का अनुमान लगाना संभव हुआ।
  • AI कर रहा है 'भेजा फ्राई'? ज्यादा AI टूल्स का यूज आपके लिए खतरा! नई स्टडी में दावा
    वर्कप्लेस पर AI टूल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और कई कर्मचारी एक साथ कई AI सिस्टम का यूज कर रहे हैं। हालांकि एक नई स्टडी में सामने आया है कि लगातार इन टूल्स को मॉनिटर और मैनेज करना मानसिक थकान पैदा कर सकता है, जिसे “AI Brain Fry” कहा गया है। Harvard Business Review में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक कुछ कर्मचारियों को ध्यान लगाने में कठिनाई, निर्णय लेने में देरी और सिरदर्द जैसी समस्याएं महसूस हुईं। स्टडी यह भी बताती है कि जिन कर्मचारियों पर AI टूल्स की निगरानी का दबाव ज्यादा होता है, उनमें निर्णय थकान और गलतियों की संभावना भी बढ़ सकती है।
  • 17 साल तक चल सकता है Xiaomi का नया स्टडी लैम्प! 12700 ल्यूमेन की रोशनी, AI फीचर्स भी, जानें कीमत
    Xiaomi ने नया डेस्क लैम्प लॉन्च किया है। यह Mijia Vertical Study Lamp 2 के नाम से मार्केट में पेश किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह कोई साधारण स्टडी लैम्प नहीं है बल्कि एक स्मार्ट डिवाइस है जिसे आप कई तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें 12700 ल्यूमेन की ब्राइटनेस दी गई है।
  • ब्रह्मांड का सबसे पुराना पता अब मिला, NASA के टेलीस्कोप ने बदली यूनिवर्स की समझ
    NASA ने बताया है कि James Webb Space Telescope ने अब तक की सबसे दूर स्थित गैलेक्सी MoM-z14 को देखा है। यह गैलेक्सी बिग बैंग के सिर्फ 280 मिलियन साल बाद मौजूद थी और इसकी रोशनी को धरती तक पहुंचने में करीब 13.5 अरब साल लगे हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह खोज ब्रह्मांड के शुरुआती दौर यानी कॉस्मिक डॉन को समझने में मदद करती है। MoM-z14 उम्मीद से ज्यादा चमकदार और विकसित पाई गई है, जिसने शुरुआती ब्रह्मांड को लेकर बनी कई थ्योरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
  • धरती में कहां से आया था पानी? अब चांद की मिट्टी से निकली बिल्कुल नई कहानी
    NASA की एक नई स्टडी ने धरती पर पानी की उत्पत्ति को लेकर अहम जानकारी दी है। अपोलो मिशनों के दौरान चांद से लाए गए सैंपल्स के विश्लेषण में वैज्ञानिकों को संकेत मिले हैं कि उल्कापिंडों ने धरती पर सिर्फ सीमित मात्रा में पानी पहुंचाया था। रिसर्च के मुताबिक, पृथ्वी का अधिकांश पानी उसके बनने के शुरुआती दौर में मौजूद मटेरियल से ही आया था। इस स्टडी में ट्रिपल ऑक्सीजन आइसोटोप्स का इस्तेमाल किया गया, जिससे अरबों साल पुराने इम्पैक्ट्स का रिकॉर्ड समझना संभव हुआ है।
  • आप कितने साल जीएंगे, बताएंगे आपके दांत!
    आपके दांत आपके जीवन की लम्बाई तय कर सकते हैं। जापान में ओसाका यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 75 साल से ऊपर के 1 लाख 90 हजार लोगों पर रिसर्च की और कई चौंकाने वाले नतीजे पाए। रिसर्च के दौरान इन लोगों के दांतों के स्वास्थ्य का गहराई से अध्य्यन किया गया। प्रत्येक दांत को इन्होंने 'स्वस्थ', 'भरा गया दांत', 'गला हुआ दांत', या 'खो चुका दांत' में वर्गीकृत किया। शोधकर्ताओं ने पाया कि केवल दांतों की संख्या नहीं बल्कि उनका स्वास्थ्य भी यह तय करता है कि कोई व्यक्ति कितना लंबा जीने वाला है।
  • AI अभी भी खा सकता है इतने लोगों की नौकरी! हेल्थ, फाइनेंस पर सबसे ज्यादा असर के आसार
    पहले के मुकाबले अब अनेकों ऐसे क्षेत्र हैं जहां इंसानों की जगह AI से काम चलाया जा रहा है। मैसाच्यूट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की नई रिपोर्ट कई लोगों के मन में चिंता पैदा कर सकती है। MIT ने रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिका में 12% जॉब्स AI के हवाले होने वाली हैं। कई सेक्टर्स को यह प्रभावित करने वाला है जिनमें सबसे ज्यादा खतरा फाइनेंस, हेल्थकेयर और प्रोफेशनल सर्विसेज दे रहे लोगों की नौकरियों को है।
  • 10 लाख ChatGPT यूजर्स ने की आत्महत्या जैसी बातें, ChatGPT की इस रिपोर्ट ने डरा डाला!
    AI चैटबॉट ChatGPT को लेकर OpenAI की एक नई रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। कंपनी के मुताबिक, दुनिया भर में लाखों लोग ChatGPT से सिर्फ काम या पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि मानसिक या इमोशनल हेल्थ से जुड़ी बातें करने के लिए भी बात कर रहे हैं। इस रिपोर्ट में सामने आया है कि हर हफ्ते करीब 0.07% यूजर्स मेंटल इमर्जेंसी (जैसे डिप्रेशन, सायकोसिस या आत्महत्या के विचार) दिखाते हैं। OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने बताया कि प्लेटफॉर्म के 800 मिलियन (80 करोड़) वीकली यूजर्स हैं, यानी यह संख्या लाखों में है।
  • कंपनियों का सीक्रेट राइटर निकला AI: 4 में से 1 प्रेस रिलीज अब इंसान नहीं, मशीन लिख रही है!
    AI अब सिर्फ चैटबॉट या कंटेंट टूल नहीं रहा, बल्कि धीरे-धीरे कॉर्पोरेट दुनिया का "ghost writer" बनता जा रहा है। Cell Press के Patterns जर्नल में पब्लिश एक नई स्टडी में खुलासा हुआ है कि कई कंपनियां अपनी प्रेस रिलीज और जॉब पोस्ट्स AI की मदद से लिख रही हैं। लगभग हर चार में से एक प्रेस रिलीज अब मशीन-जनरेटिड हो सकती है। यानी वो टेक्स्ट जो किसी PR एजेंसी या कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन टीम के नाम से पब्लिश होता है, दरअसल AI टूल से आया होता है।
  • AI से कौन सी नौकरी जाएगी? Microsoft की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा!
    Microsoft की लेटेस्ट रिसर्च से ये साफ होता जा रहा है कि AI, खासतौर पर Copilot जैसे चैटबॉट्स, अब सिर्फ रिसर्च या टूल नहीं रहे, बल्कि ये असल कामकाजी दुनिया को भी बदलने की दिशा में बढ़ रहे हैं। कंपनी ने अपनी Bing Copilot चैटबॉट सर्विस पर हुए 2 लाख से ज्यादा अनोनिमाइज्ड इंटरैक्शन को स्टडी किया, जिससे यह समझने की कोशिश की गई कि किन जॉब्स में AI सबसे ज्यादा असर डाल सकता है। इस स्टडी का नाम "Working with AI: Measuring the Occupational Implications of Generative AI" है और यह फिलहाल प्री-प्रिंट फॉर्म में उपलब्ध है।
  • James Webb टेलीस्कोप की बड़ी खोज, यंग स्टार सिस्टम में मिला जमा हुआ पानी
    Science Alert में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, यह स्टार सिस्टम केवल 2.3 करोड़ वर्ष पुराना है, जो लगभग 4.6 अरब वर्ष पुराने सोलर सिस्टम की तुलना में काफी युवा है। यह स्टार सिस्टम अभी अपने शुरुआती दौर में है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के James Webb Telescope ने जमे हुए पानी के साथ ही पारदर्शी पानी वाली बर्फ को भी खोजा है।
  • पाकिस्तानी हैकर्स का भारतीय डिफेंस वेबसाइट्स पर अटैक, कई साइट्स को हैक करने का दावा!
    आज, 5 मई 2025 को, पाकिस्तानी हैकिंग ग्रुप 'Pakistan Cyber Force' ने दावा किया है कि उन्होंने भारतीय डिफेंस वेबसाइट्स को हैक कर लिया है। इनमें Military Engineer Services (MES) और Manohar Parrikar Institute of Defence Studies and Analysis (MP-IDSA) शामिल हैं। हैकर्स ने 10GB से ज्यादा डेटा एक्सेस करने का दावा किया है, जिसमें 1,600 से अधिक यूजर्स की लॉगिन डिटेल्स और पर्सनल इंफॉर्मेशन शामिल हो सकती है। हालांकि, MP-IDSA ने इन दावों को खारिज किया है।
  • 2.4 अरब साल पहले 'हरे रंग' की थी हमारी पृथ्वी!
    इंसानों ने अभी तक पृथ्वी को नीले रंग में ही देखा है। नई स्टडी कहती है कि अतीत में एक ऐसा भी समय था जब पृथ्वी के महासागर हरे रंग में चमकते थे! Nature जर्नल में इस स्टडी को प्रकाशित किया गया है। जिसमें बताया गया है कि लगभग 2.4 अरब साल पहले, आर्कियन काल (Archaean era) में पृथ्वी के महासागर हरे रंग में नहाए नजर आते थे।
  • सिर्फ 3 दिनों के लिए फोन छोड़ने से बदल सकता है दिमाग, स्टडी में हुआ खुलासा
    एक स्टडी में पता चला है कि सिर्फ तीन दिनों के लिए अपना स्मार्टफोन छोड़ने से आपके दिमाग की एक्टिविटी पर काफी असर पड़ सकता है। जर्मनी में हीडलबर्ग यूनिवर्सिटी और कोलोन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा की गई रिसर्च में 18 से 30 वर्ष की आयु के 25 युवाओं को शामिल किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को 72 घंटे तक अपने फोन के उपयोग को सीमित करने के लिए कहा गया।

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