YouTube से वीडियो हटवाने में टॉप पर भारत

पिछले वर्ष अक्टूबर से दिसंबर की अवधि में हटाए गए वीडियोज में से 51.15 प्रतिशत के शून्य व्यू, 26.43 प्रतिशत के 0-10 व्यूज और लगभग 1.25 प्रतिशत के 10,000 से अधिक व्यूज थे

YouTube से वीडियो हटवाने में टॉप पर भारत

हाल ही मेंFacebook और YouTube को डीपफेक्स को लेकर केंद्र सरकार ने चेतावनी दी थी

ख़ास बातें
  • अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी Google का यूट्यूब पर कंट्रोल है
  • हटाए गए वीडियोज में से 96 प्रतिशत के लिए ऑटोमेटेड फ्लैगिंग हुई थी
  • इनमें से 39.4 प्रतिशत वीडियोज को खतरनाक या हानिकारक पाया गया था
विज्ञापन
दुनिया भर में लोकप्रिय वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस YouTube से वीडियो को हटवाने वाली लिस्ट में भारत का पहला स्थान है। यूट्यूब ने पिछले वर्ष अक्टूबर से दिसंबर की अवधि के लिए अपनी कम्युनिटी गाइडलाइंस एन्फोर्समेंट रिपोर्ट में बताया है कि इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर सिंगापुर है। 

दुनिया भर में यूट्यूब से इस अवधि में 90,12,232 वीडियोज को हटाया गया। इनमें से 22,54,902 वीडियोज भारत में हटाए गए। इसके बाद सिंगापुर (12,43,871 वीडियोज) और अमेरिका (7,88,354 वीडियोज) था। अमेरिकी कंपनी Google के कंट्रोल वाली यूट्यूब के डेटा के अनुसार, इन वीडियोज में से 96 प्रतिशत के लिए ऑटोमेटेड फ्लैगिंग के जरिए चेतावनी दी गई थी जिसका मतलब है कि इन्हें एक मशीन ने डिटेक्ट किया था। इनमें से लगभग तीन लाख वीडियोज के लिए यूजर्स की ओर से आपत्ति जताई गई थी। इसके अलावा संगठनों की ओर से लगभग 52,000 वीडियोज की रिपोर्ट दी गई। सरकारी एजेंसियों ने केवल चार वीडियोज को हटाने का निर्देश दिया था। 

यूट्यूब ने बताया कि हटाए गए वीडियोज में से 51.15 प्रतिशत के शून्य व्यू, 26.43 प्रतिशत के 0-10 व्यूज और लगभग 1.25 प्रतिशत के 10,000 से अधिक व्यूज थे। इन वीडियोज को हटाने के कारणों की भी जानकारी दी गई है। इनमें से 39.4 प्रतिशत वीडियोज को खतरनाक या हानिकारक पाया गया था, 32.4 प्रतिशत वीडियोज को बच्चों की सुरक्षा को लेकर आशंकाओं के कारण हटाया गया और लगभग 7.5 प्रतिशत वीडियोज हिंसक या अश्लील पाए गए थे। वीडियोज को हटाने के अन्य कारणों में नग्नता या सेक्सुअल कंटेंट, उत्पीड़न, हिंसा को बढ़ावना देना और कट्टरवाद थे। 

वीडियोज को हटाने की प्रक्रिया के बारे में यूट्यूब ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया है, "आपत्ति वाले वीडियोज के रिव्यू और हमारी कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को हटाने के लिए यूट्यूब दुनिया भर में अपनी टीमों पर निर्भर करती है।" हाल ही में Facebook और YouTube को डीपफेक्स को लेकर केंद्र सरकार ने चेतावनी दी थी। फेसबुक और यूट्यूब सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यह बताया गया था कि देश के कानून के तहत डीपफेक्स और ऐसे कंटेंट पोस्ट करने पर प्रतिबंध है जो अश्लीलता या गलत जानकारी फैलाता है। एक मीटिंग में इन कंपनियों को यह चेतावनी दी गई थी। इस बारे में चंद्रशेखर ने कहा था कि बहुत सी सोशल मीडिया कंपनियों ने पिछले वर्ष लागू किए गए रूल्स के बावजूद अपने यूजर्स के लिए नियम और शर्तें अपडेट नहीं की है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Technology, YouTube, Video, Google, Market, Facebook, Policy, Demand, Government, Warning, Data
आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. ईरान में इंटरनेट पहुंचाने के लिए अमेरिका से फंड का इंतजार
  2. Oppo Find N6 में होगी 16GB रैम, Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिप, 80W चार्जिंग! लॉन्च से पहले खुलासा
  3. Gmail के ये 4 एडवांस फीचर आपको बना देंगे सुपर स्मार्ट!
  4. IND vs PAK T20 Live Streaming: T20 वर्ल्डकप में भारत-पाकिस्तान का क्रिकेट महामुकाबला, यहां देखें फ्री!
  5. New Aadhaar Card: आधार कार्ड डिजाइन बदलेगा! फोटो, क्यूआर कोड के साथ मिल सकता है बिल्कुल नया रूप
  6. 700 फीट की चट्टान धरती से टकराएगी? नासा ने जारी किया एस्टरॉयड अलर्ट
  7. 10100mAh बैटरी वाला सस्ता टैबलेट Honor Pad X8b लॉन्च, 11 इंच 90Hz डिस्प्ले, जानें कीमत
  8. 10 हजार रुपये से ज्यादा सस्ता मिल रहा Samsung का 50MP तीन कैमरा, 5000mAh बैटरी वाला फोन!
  9. Poco C81 Pro में मिल सकता है 6.9 इंच LCD डिस्प्ले, NBTC पर हुई लिस्टिंग
  10. Android 17 आ गया! Beta 1 का रोलआउट शुरू, इन स्मार्टफोन्स को मिलेगा पहला अपडेट, ऐसे करें इंस्टॉल
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »