• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल लोकसभा में पारित, उल्लंघन पर 250 करोड़ रुपये की पेनल्टी 

डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल लोकसभा में पारित, उल्लंघन पर 250 करोड़ रुपये की पेनल्टी 

इस बिल को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों की ओर से लाए गए कुछ संशोधनों को ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया

डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल लोकसभा में पारित, उल्लंघन पर 250 करोड़ रुपये की पेनल्टी 

इस बिल में देश के नागरिकों की प्राइवेसी की सुरक्षा पर जोर दिया गया है

ख़ास बातें
  • लोकसभा में मणिपुर के मुद्दे पर हंगामे के बीच बिल को पारित कराया गया
  • इसमें डेटा का गलत इस्तेमाल करने पर रोक लगाने से जुड़े प्रावधान हैं
  • यह बिल विस्तृत सार्वजनिक विचार विमर्श के बाद लाया गया है
विज्ञापन
देश में पिछले कुछ वर्षों से व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को लेकर कड़ा कानून बनाने की मांग उठ रही थी। इसके लिए केंद्र सरकार ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल पेश किया था। यह बिल सोमवार को लोकसभा में पारित हो गया। इसमें विपक्षी दलों के सदस्यों की ओर से लाए गए कुछ संशोधनों को ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया। 

इस बिल में देश के नागरिकों की प्राइवेसी की सुरक्षा पर जोर दिया गया है। इसमें लोगों के डिजिटल डेटा के गलत इस्तेमाल या उसकी सुरक्षा में नाकामी होने एंटिटीज पर 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। सुप्रीम कोर्ट ने छह वर्ष पहले 'प्राइवेसी के अधिकार' को एक मूलभूत अधिकार घोषित किया था। इस बिल में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के लोगों के डेटा का गलत इस्तेमाल करने पर रोक लगाने से जुड़े प्रावधान हैं। लोकसभा में मणिपुर में हिंसा के मुद्दे पर विपक्षी दलों के हंगामे के बीच इस बिल को पारित कराया गया। 

केंद्रीय IT मिनिस्टर Ashwini Vaishnaw ने बिल को विचार और पारित करने के लिए पेश करते हुए कहा, "अगर विपक्ष इस बिल पर चर्चा करता तो अच्छा होता लेकिन कोई विपक्षी नेता या सदस्य नागरिकों के अधिकार को लेकर चिंतित नहीं है।" उन्होंने बताया कि यह बिल विस्तृत सार्वजनिक विचार विमर्श के बाद लाया गया है। उनका कहना था कि इसकी भाषा बहुत आसान है और इसे एक सामान्य व्यक्ति भी समझ सकता है। उन्होंने उन सिद्धांतों की जानकारी दी जिन पर यह बिल आधारित है। Ashwini ने कहा कि वैधता के सिद्धांत के अनुसार, किसी व्यक्ति के डेटा को मौजूदा कानूनों के आधार पर लेना चाहिए। उनका कहना था कि सीमित उद्देश्य के सिद्धांत के अनुसार, डेटा का इस्तेमाल उसी उद्देश्य के लिए होना चाहिए जिसके लिए इसे लिया गया है। 

न्यूनतम डेटा के सिद्धांत का जिक्र करते हुए Ashwini ने कहा कि जरूरत से अधिक डेटा नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने स्टोरेज की लिमिट के बारे में बताया कि डेटा को उतनी ही अवधि के लिए रखा जाना चाहिए जितनी जरूरत है। इस बिल में विवाद के निपटारे की प्रक्रिया के बारे में उन्होंने कहा कि अगर कोई एंटिटी गल्ती करती है तो उसे डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड के पास जाकर उस गल्ती को सुधारना और जुर्माने का भुगतान करना होगा। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. ₹65 हजार सस्ता मिल रहा iPhone 17 Pro, Croma पर आई जबरदस्त डील!
  2. AI की मदद से बनी दवा आपको रखेगी जवान! कंपनी ने किया क्लीनिकल ट्रायल
  3. ₹8 हजार सस्ता मिल रहा 64MP कैमरा वाला Vivo 5G फोन! आई जबरदस्त डील
  4. Zomato से खाना मंगवाना अब और महंगा, ₹30 तक लग रहा CoD चार्ज! जानें बचने का तरीका
  5. Vivo X Fold 6 के इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च की तैयारी, Geekbench पर हुई लिस्टिंग 
  6. Mission School Of Excellence: टेक्नोलॉजी ने गुजरात में स्कूलों को बनाया हाईटेक, 1.9 लाख स्मार्ट क्लासरूम से शिक्षा को नई ऊंचाई
  7. iPhone 18 Pro, Pro Max Pre-Order: ₹26,316 में खरीदें लेटेस्ट iPhone, मिलेगा ₹7000 कैशबैक, एक्सचेंज ऑफर भी!
  8. LG स्मार्ट TV करते हैं आपके घर की जासूसी? बवाल के बाद आया कंपनी का जवाब
  9. ISRO की चेतावनी! भारत में अक्टूबर-दिसंबर के बीच आ सकते हैं 3 बड़े तूफान
  10. Samsung Galaxy A08 4G बजट फोन चुपके से लॉन्च! 6,000mAh बैटरी, IP64 रेटिंग के साथ लिस्ट
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »