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  • UPI से गलत जगह भेज दिया पैसा? तुरंत करें ये काम, वरना वापस मिलना मुश्किल
    UPI के जरिए गलत अकाउंट में पैसे ट्रांसफर हो जाना एक आम समस्या बनती जा रही है, लेकिन सही समय पर कदम उठाकर पैसे वापस पाए जा सकते हैं। ऐसे मामलों में सबसे पहले रिसीवर से संपर्क करने की कोशिश करनी चाहिए। अगर जवाब न मिले, तो UPI ऐप या बैंक में शिकायत दर्ज करनी होती है। इसके अलावा NPCI और बैंकिंग ओम्बड्समैन के जरिए भी मदद ली जा सकती है। हालांकि UPI ट्रांजैक्शन तुरंत होते हैं और रिवर्सल आसान नहीं होता, इसलिए जल्दी एक्शन लेना जरूरी है। सही प्रक्रिया अपनाकर पैसे रिकवर करने की संभावना बढ़ाई जा सकती है।
  • हर UPI यूजर को पता होनी चाहिए ये 7 सिक्योरिटी टिप्स, नहीं तो एक गलती पड़ेगी भारी!
    UPI पेमेंट आज के समय में सबसे आसान और तेज तरीका बन चुका है, लेकिन इसके साथ फ्रॉड का खतरा भी बढ़ा है। कई यूजर्स छोटी-छोटी गलतियों के कारण अपने पैसे गंवा देते हैं। ऐसे में UPI ऐप में मौजूद कुछ जरूरी सेटिंग्स को ऑन रखना बेहद जरूरी है, जैसे App Lock, ट्रांजैक्शन अलर्ट और डेली लिमिट सेट करना। इसके अलावा अनजान रिक्वेस्ट और फर्जी ऐप्स से बचना भी जरूरी है। सही सावधानी और सेटिंग्स के जरिए आप अपने अकाउंट को सुरक्षित रख सकते हैं और फ्रॉड के रिस्क को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
  • Elon Musk ला रहे हैं X Money सुपर ऐप! GPay, Apple Pay, Amazon Pay के लिए खतरे की घंटी?
    Elon Musk X प्लेटफॉर्म को 'सुपर ऐप' बनाने की दिशा में X Money नाम की नई पेमेंट और बैंकिंग सर्विस लाने की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फीचर में peer-to-peer ट्रांसफर, डेबिट कार्ड और AI बेस्ड खर्च ट्रैकिंग जैसे ऑप्शन मिल सकते हैं। इसका मकसद यूजर्स को एक ही ऐप में फाइनेंशियल सर्विसेज देना बताया जा रहा है। हालांकि लॉन्च से पहले रेगुलेटरी अप्रूवल और लाइसेंसिंग जैसी चुनौतियां सामने हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि X खुद को बैंकिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर कितना स्थापित कर पाता है।
  • KitKat का ये रैपर ब्लॉक करता है सिग्नल! इसमें फोन डालो और ऑफलाइन हो जाओ
    KitKat ने Ogilvy Colombia के साथ मिलकर “Break Mode” नाम का नया पैकेजिंग कॉन्सेप्ट पेश किया है, जो यूजर्स को डिजिटल ब्रेक लेने में मदद करता है। कंपनी के मुताबिक यह पैकेजिंग Faraday Cage की तरह काम करती है, जिसमें फोन रखने पर कॉल, इंटरनेट, Bluetooth और GPS जैसे सभी सिग्नल ब्लॉक हो जाते हैं। इसमें मेटैलिक लेयर्स और स्पेशल डिजाइन का इस्तेमाल किया गया है, जिससे पूरी तरह नेटवर्क कट जाता है। इस पहल का मकसद यूजर्स को नोटिफिकेशन से दूर रखकर रियल ब्रेक का अनुभव देना है। साथ ही इसे रिसायक्लिंग और सस्टेनेबिलिटी को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
  • अब Aadhaar कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं! Google Wallet में आया बड़ा ID अपडेट
    Google ने Google Wallet में नया अपडेट जारी करते हुए Aadhaar Verifiable Credentials का सपोर्ट जोड़ दिया है। UIDAI के साथ पार्टनरशिप के तहत यूजर्स अब अपनी Aadhaar बेस्ड डिजिटल पहचान को सीधे डिवाइस में स्टोर कर सकते हैं। कंपनी के मुताबिक इससे बिना फिजिकल डॉक्युमेंट के तेज और आसान वेरिफिकेशन संभव होगा। इसके साथ selective disclosure जैसे प्राइवेसी फीचर्स भी दिए गए हैं, जिससे जरूरत के अनुसार ही जानकारी शेयर होगी। वहीं Google “ID pass” फीचर को भी बढ़ा रहा है, जिसमें पासपोर्ट डिटेल्स से डिजिटल ID बनाई जा सकती है। यह फीचर फिलहाल भारत समेत कुछ देशों में उपलब्ध है।
  • Facebook-Instagram पर बच्चे AI से क्या बात कर रहे हैं? अब आप रख सकेंगे नजर, Meta लाया नया फीचर
    Meta ने Facebook, Instagram और Messenger पर नया parental control फीचर पेश किया है, जिससे माता-पिता अपने बच्चों के AI इस्तेमाल को मॉनिटर कर सकते हैं। “Insights” टैब के जरिए parents पिछले 7 दिनों में पूछे गए सवालों के टॉपिक्स देख सकते हैं, हालांकि पूरी चैट नहीं दिखाई जाती। कंपनी के मुताबिक, यह फीचर teens के लिए AI अनुभव को सुरक्षित और उम्र के अनुसार बेहतर बनाने के लिए लाया गया है। फिलहाल यह फीचर कुछ देशों में उपलब्ध है और जल्द ही अन्य मार्केट्स में भी रोलआउट किया जाएगा।
  • Samsung फोन रखते हैं तो ट्रैवल प्लानिंग हुई आसान! Samsung Wallet में आया Trips फीचर
    Samsung ने अपने Wallet ऐप में “Trips” फीचर पेश किया है, जो यूजर्स को ट्रैवल से जुड़े डॉक्युमेंट्स और बुकिंग्स को एक ही जगह पर मैनेज करने में मदद करता है। यह फीचर फ्लाइट टिकट, होटल बुकिंग, ट्रेन टिकट और अन्य डिटेल्स को ऑटोमैटिकली टाइमलाइन में ग्रुप करता है। यूजर्स मैन्युअली आइटम्स जोड़ सकते हैं और नोट्स भी सेव कर सकते हैं। Samsung के मुताबिक, यह फीचर Knox सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म से सुरक्षित है। इसे अप्रैल 2026 से कुछ देशों में Samsung Galaxy डिवाइसेज पर रोलआउट किया जाएगा।
  • 81 साल के पिता ने बेटे को बचाया ‘डिजिटल अरेस्ट’ से, ऐन वक्त पर रोकी ₹12 लाख की ठगी
    पुणे के निगडी इलाके में एक 81 वर्षीय व्यक्ति ने अपने बेटे को 12 लाख रुपये की साइबर ठगी से बचा लिया। ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस अधिकारी बताकर “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाया और वीडियो कॉल के जरिए पैसे ट्रांसफर कराने की कोशिश की। इंजीनियर को शक होने पर उन्होंने अपने पिता को जानकारी दी, जिन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस के पहुंचते ही ठगों ने कॉल काट दी। इस घटना में साइबर अवेयरनेस सेशन और मोबाइल ऐप की जानकारी ने अहम भूमिका निभाई।
  • गेमर्स के लिए बड़ा अपडेट, सरकार ने लागू किए नए नियम - जानें कौन से गेम चलेंगे, कौन से होंगे बंद
    केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर के लिए नए नियम लागू किए हैं, जो 1 मई 2026 से प्रभावी होंगे। इन नियमों के तहत Online Gaming Authority of India का गठन किया गया है, जो इस सेक्टर की निगरानी करेगा। सरकार ने “regulation-light” अप्रोच अपनाई है, जिससे ज्यादातर सोशल गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं होगा। हालांकि, मनी गेम्स पर सख्ती रहेगी और ई-स्पोर्ट्स के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। इसके अलावा यूजर्स की सुरक्षा के लिए age verification, parental controls और grievance सिस्टम जैसे फीचर्स जरूरी किए गए हैं।
  • ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट का बना वर्ल्ड रिकॉर्ड, 45 दिनों से ऑनलाइन कनेक्टिविटी से दूर 
    इंटरनेशनल लेवल पर इंटरनेट की स्थिति की निगरानी करने वाले NetBlocks ने बताया है कि ईरान में इंटरनेट शटडाउन ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इसके साथ ही NetBlocks ने चेतावनी दी है कि लंबी अवधि तक डिजिटल तौर पर अलग-थलग पड़ने के बड़े मानवीय और आर्थिक परिणाम हो सकते हैं। अमेरिका और इजरायल की ओर से हमले शुरू करने के बाद ईरान में इंटरनेट पर पाबंदियों को लागू कर दिया गया था।
  • मार्क जुकरबर्ग खुद को बदल रहे हैं AI में? Meta में CEO का डिजिटल अवतार संभालेगा कमान!
    Meta एक फोटोरियलिस्टिक AI-पावर्ड डिजिटल CEO पर काम कर रही है, जिसे Mark Zuckerberg के आधार पर तैयार किया जा रहा है। यह AI कर्मचारियों से बातचीत कर सकेगा और इंटरनल कामकाज में मदद करेगा। यह प्रोजेक्ट कंपनी की AI-फर्स्ट रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत Meta ऑटोमेशन और AI सिस्टम्स को तेजी से बढ़ा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश भी कर रही है।
  • Paytm का बड़ा अपडेट, बिना कार्ड ATM से पैसे निकालें और बिना PIN करें पेमेंट!
    Paytm ने अपने ऐप में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फीचर पेश किया है, जिससे अब यूजर्स फिंगरप्रिंट या Face ID के जरिए UPI पेमेंट कर सकते हैं। इसके साथ ही कंपनी ने कार्डलेस ATM कैश विदड्रॉल की सुविधा भी शुरू की है, जिसमें QR कोड स्कैन करके बिना कार्ड पैसे निकाले जा सकते हैं। NPCI गाइडलाइन्स के मुताबिक, बायोमेट्रिक पेमेंट की प्रति ट्रांजैक्शन लिमिट 5,000 रुपये है। कंपनी के अनुसार, यह फीचर यूजर्स को ज्यादा सुरक्षित और आसान पेमेंट एक्सपीरियंस देने के लिए लाया गया है।
  • Census 2027: जनगणना के नाम पर स्कैम का खतरा, यहां जानें 33 सवालों की पूरी लिस्ट
    Census 2027 को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं और पहले फेज में पूछे जाने वाले 33 सवालों की लिस्ट सामने आ गई है। इस चरण में घर, सुविधाओं और परिवार से जुड़ी बेसिक जानकारी ली जाएगी। साथ ही इस बार self-enumeration की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे लोग खुद ऑनलाइन जानकारी भर सकेंगे। हालांकि, जनगणना के दौरान फ्रॉड का खतरा भी बढ़ सकता है, जहां ठग फर्जी कॉल या लिंक के जरिए जानकारी निकालने की कोशिश करते हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग असली प्रक्रिया को समझें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि से सतर्क रहें।
  • India Census 2027: शुरू हो रही जनगणना, ऑनलाइन फॉर्म से लेकर जरूरी तारीखों तक, यहां समझें सबकुछ
    भारत की Census 2027 पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें self-enumeration का नया फीचर जोड़ा गया है। इसके जरिए नागरिक खुद ऑनलाइन अपनी फैमिली और पर्सनल डिटेल्स भर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया तेज और सटीक बनती है। यह सुविधा अप्रैल 2026 से Phase I के तहत अलग-अलग राज्यों में शुरू होगी। जनगणना दो चरणों में होगी, जिसमें पहले घर और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी और दूसरे चरण में व्यक्ति से जुड़ी डिटेल्स ली जाएंगी। सरकार के मुताबिक सभी डेटा सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड रहेगा।
  • OTP का जमाना गया? बैंक और टेलीकॉम ला रहे हैं नया साइलेंट सिस्टम, फ्रॉड पर लगेगा ब्रेक!
    भारत में बैंक और टेलीकॉम कंपनियां OTP आधारित ऑथेंटिकेशन को बदलने की दिशा में काम कर रही हैं। नए “silent authentication” सिस्टम में यूजर के बिना किसी एक्शन के बैकग्राउंड में SIM और मोबाइल नंबर का मिलान किया जाएगा। अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो ट्रांजैक्शन को तुरंत ब्लॉक किया जा सकता है। यह तकनीक खास तौर पर SIM क्लोनिंग और eSIM स्वैप जैसे फ्रॉड को रोकने के लिए लाई जा रही है। RBI के 2FA नियमों के तहत बैंक अब फेस ऑथेंटिकेशन, ऐप टोकन और बायोमेट्रिक जैसे सुरक्षित विकल्प भी अपना रहे हैं।

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