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मारूति सुजुकी की जल्द EV सेल्स बढ़ाने के बजाय इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की प्रायरिटी

देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री को लेकर मारूति किसी जल्दबाजी में नहीं है। कंपनी पहले इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने पर ध्यान दे रही है

मारूति सुजुकी की जल्द EV सेल्स बढ़ाने के बजाय इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की प्रायरिटी

देश के टॉप 100 शहरों में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए कंपनी कार्य कर रही है

ख़ास बातें
  • कंपनी ने e-Vitara के साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के सेगमेंट में एंट्री की है
  • इसे पूरी तरह EV इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म (eBorn SUV) पर बनाया गया है
  • इसमें एडवांस्ड सिस्टम ADAS लेवल 2 दिया है
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देश की सबसे बड़ी कार मेकर  Maruti Suzuki ने हाल ही में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार e-Vitara के साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) के सेगमेंट में एंट्री की है। मारूति को भले ही इसके राइवल्स की तुलना में इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करने में देरी हुई है लेकिन कंपनी का मानना है कि e-Vitara से इस सेगमेंट में वह तेजी से आगे बढ़ेगी। कंपनी के सीनियर एग्जिक्यूटिव ऑफिसर, (मार्केटिंग एंड सेल्स), Partho Banerjee ने Gadgets 360 के साथ बातचीत में कहा कि कस्टमर्स के लिए इस इलेक्ट्रिक कार का इंतजार करना  "फायदेमंद" होगा। 

उनका कहना था कि e-Vitara के एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है और यह विशेषतौर पर भारतीय कस्टमर्स के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल्स बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को सामने लाती है। बनर्जी ने बताया कि देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री को लेकर मारूति किसी जल्दबाजी में नहीं है। कंपनी पहले इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने पर ध्यान दे रही है। इसके बाद व्हीकल्स की ऑटोमैटिक तरीके से होगी। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री को सपोर्ट देने वाला एक विस्तृत इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है और इससे EV के मालिकों को बेहतर एक्सपीरिएंस की गारंटी होगी। प्रस्तुत हैं इस बातचीत के मुख्य अंशः 

प्रश्नः मारूति ने देश में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार e VITARA लॉन्च की है। कंपनी ने इसे पूरी तरह इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म पर बनाया है। इससे क्या अंतर होगा? 

यह मारूति सुजुकी के पोर्टफोलियो में पहला इलेक्ट्रिक व्हीकल है और यह पूरी तरह EV इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म (eBorn SUV) पर बनाया गया है। मार्केट में मौजूद बहुत से EV की बैटरी मौजूदा इंटरनल कम्बश्चन इंजन (ICE) प्लेटफॉर्म्स पर रेट्रोफिटेड होती है लेकिन इस व्हीकल्स का डिजाइन विशेषतौर पर इलेक्ट्रिक पावर के लिए बनाया गया है। यह ICE जैसे किसी अन्य टेक्नोलॉजी फॉर्मेट में उपलब्ध नहीं होगा। 

अगर आप e-Vitara के चेसिस को देखें तो इसका व्हीलबेस 2,700 mm का है। आप देखेंगे कि बहुत सी ऑटोमोबाइल कंपनियां रिक्लाइनिंग रियर सीट्स की पेशकश कर रही हैं लेकिन इतने बड़े व्हीलबेस के साथ आप वास्तव में रियर सीट को स्लाइड कर सकते हैं। बड़े व्हीलबेस का एक फायदा अधिक स्पेस का है। इस बड़े व्हीलबेस के साथ रियर सीट को फॉरवर्ड या बैकवर्ड एडजस्ट किया जा सकता है। इससे बैक में काफी स्पेस उपलब्ध होता है। यह काफी सुविधाजनक अनुभव देता है। पूरी तरह EV प्लेटफॉर्म का एक अन्य महत्वपूर्ण फायदा सेफ्टी पर फोकस है। इसकी बैटरी को एक स्टील या स्ट्रक्चरल केसिंग में रखा गया है। हमने विभिन्न स्थितियों में बैटरी की टेस्टिंग की है इसमें इम्पैक्ट टेस्ट, फायर टेस्ट और वॉटर टेस्ट शामिल हैं और इसने सभी टेस्ट को पास किया है। यह पूरी तरह EV प्लेटफॉर्म का लाभ है। 

प्रश्नः मारूति ने अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल e-Vitara में AI का कैसे जोड़ा है? इकोसिस्टम को कंपनी कैसे तैयार कर रही है?

कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक कार e-Vitara में हमने एडवांस्ड सिस्टम ADAS लेवल 2 दिया है। हमने इसमें वे फीचर्स दिए हैं जो AI के जरिए ड्राइविंग के एक्सपीरिएंस को बेहतर बनाते हैं। ADAS लेवल 2 से ड्राइविंग सेफ्टी और एफिशिएंसी में सुधार हो सकता है। हमारा मानना है कि एक प्रोडक्ट को लॉन्च करना पर्याप्त नहीं है, इससे एक पूरा इकोसिस्टम तैयार करना जरूरी है। हमारी इलेक्ट्रिक कारों के लिए ऐसा ही किया जा रहा है। हमारे कस्टमर्स के साथ कनेक्ट करने के लिए हमने 'e For Me' कैम्पेन लॉन्च किया है। इस कैम्पेन में दो प्रमुख स्ट्रैटेजी शामिल हैं। इस कैम्पैन का लक्ष्य इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम के साथ इंटीग्रेट करना है, जिसमें एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और विस्तृत चार्जिंग नेटवर्क शामिल है। 

प्रश्नः भारत में, इलेक्ट्रिक कारों को लोग सेकेंडरी व्हीकल्स के तौर पर देख रहे हैं। कस्टमर्स के इस नजरिए को आप कैसे बदल सकते हैं? 

हां, आप ठीक कह रहे हैं। भारत में लोग अभी इलेक्ट्रिक कारों को सेकेंडरी व्हीकल्स के तौर पर देख रहे हैं। हमारा लक्ष्य इस ट्रेंड को बदलने का है। इसके लिए, हम चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सहित पूरे इकोसिस्टम को तैयार कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, पिछले कैलेंडर वर्ष में EV की हिस्सेदारी 2.4 प्रतिशत की थी। इससे पिछले वर्ष में यह लगभग 2.3 प्रतिशत पर थी। बहुत सी ऑटोमोबाइल कंपनियों के इलेक्ट्रिक कारों को लॉन्च करने और प्राइसेज को घटाने के बावजूद इस हिस्सेदारी में अधिक बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसका मुख्य कारण मौजूदा सिस्टम है। शहरों के बीच और शहर में ट्रैवल के लिए दो अलग कारों की जरूरत होती है। इन दोनों ट्रैवल के लिए इलेक्ट्रिक कारें प्रैक्टिकल नहीं हैं। 

हम जो इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं उसका लक्ष्य इलेक्ट्रिक कारों को प्राइमरी व्हीकल बनाने का है। बहुत से इलेक्ट्रिक कार यूजर्स की लंबी यात्रा के दौरान चार्जिंग समाप्त होने जैसी आशंकाएं हैं। मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर के मद्देनजर यह सही है। हमारी पहली प्रायरिटी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने की है। हमारा 'e For Me' कैम्पेन ऐसा एक कदम है। इसके जरिए हमारा लक्ष्य देश भर में चार्जिंग के इकोसिस्टम के विस्तार का है। मारूति सुजुकी इलेक्ट्रिक इकोसिस्टम के जरिए, हम देश के टॉप 100 शहरों में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए कार्य कर रहे हैं। इन 100 शहरों को चुनने का कारण देश में इलेक्ट्रिक कारों की 97 प्रतिशत बिक्री इन शहरों में होना है। 

इसके अलावा, हम 1,000 शहरों में ऑफ्टर-सेल्स सर्विसेज और इमजरेंसी चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराने पर ध्यान दे रहे हैं। दूरदराज के क्षेत्रों में व्हीकल्स ले जाने वाले कस्टमर्स या रास्ते में सहायता की जरूरत के लिए, हम 300 सर्विस ऑन व्हील्स को शुरू कर रहे हैं, जो एक कॉल पर उपलब्ध होगी। हमारा लक्ष्य इलेक्ट्रिक कारों पर लोगों का विश्वास बढ़ाने का है। इसके बावजूद, अगर कोई EV कस्टमर लंबी यात्रा के दौरान चार्जिंग की समस्या का सामना करता है, तो हम एक लीजिंग मॉडल की भी पेशकश कर रहे हैं। हम EV कस्टमर्स को लीज पर व्हीकल्स उपलब्ध कराएंगे और अगर उन्हें लंबी यात्रा पर जाने की जरूरत है, तो उनके पास कंपनी से एक ICE व्हीकल लीज पर लेने का विकल्प होगा। इससे हम EV कस्टमर्स को विश्वास दे रहे हैं। भारतीय कस्टमर्स के लिए इलेक्ट्रिक कारों को प्राइमरी व्हीकल बनाने में भी इससे मदद मिलेगी। 

प्रश्नः अगले पांच से 10 वर्षों में देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर शिफ्ट में मारूति की आप क्या भूमिका देखते हैं?

हमारा अनुमान है कि 2030-31 तक इंडस्ट्री 60 लाख व्हीकल्स तक पहुंच जाएगी। इसमें EV की हिस्सेदारी लगभग 10 लाख यूनिट्स की होगी। मार्केट में तब तक EV व्हीकल्स और CNG विकल्पों के साथ हाइब्रिड कारें भी उपलब्ध होंगी। इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल और हाइड्रोजन से चलने वाले व्हीकल्स भी हो सकते हैं। इंडस्ट्री में अग्रणी होने के तौर पर, हमारा मानना है कि कस्टमर्स को ये सभी विकल्प उपलब्ध कराना जरूरी है। हमारा लक्ष्य टेक्नोलॉजीज की विविध रेंज उपलब्ध कराने का है जिससे हमारे कस्टमर्स की विभिन्न जरूरों और पसंद को पूरा किया जा सके। 

प्रश्नः मारूति की e-Vitara के लॉन्च के बाद भविष्य की क्या योजनाएं हैं? क्या हम इलेक्ट्रिक कारों के लिए स्पेशल EV स्टोर्स देख सकते हैं? 

हमने e-Vitara के साथ देश में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार लॉन्च की है। हमारी योजना 2030 तक पांच इलेक्ट्रिक कारें पेश करने की है। हम कस्टमर्स को ICE, इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड या सेमी-हाइब्रिड जैसी सभी टेक्नोलॉजीज की पेशकश करने में विश्वास रखते हैं। हमारा लक्ष्य एक छत के नीचे इन सभी टेक्नोलॉजीज को उपलब्ध कराने का है। इससे कस्टमर्स को यह चुनने का मौका मिलेगा कि वे क्या खरीदना चाहते हैं। 
 
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अंकित शर्मा

अंकित शर्मा Gadgets 360 में डिप्टी एडिटर है। यह एक दशक से टेक्नोलॉजी और ...और भी

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